Shuru
Apke Nagar Ki App…
भागवत कथा...सियासी हलके में खलबली-दोनों डिप्टी सीएम का आगमन-कथा को न जोड़े राजनीति से भागवत कथा...सियासी हलके में खलबली - दोनों डिप्टी सीएम का आगमन - कथा को न जोड़े राजनीति से... अवधेश द्विवेदी Ambedkarnagar_news
ABN News Plus
भागवत कथा...सियासी हलके में खलबली-दोनों डिप्टी सीएम का आगमन-कथा को न जोड़े राजनीति से भागवत कथा...सियासी हलके में खलबली - दोनों डिप्टी सीएम का आगमन - कथा को न जोड़े राजनीति से... अवधेश द्विवेदी Ambedkarnagar_news
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- भागवत कथा...सियासी हलके में खलबली - दोनों डिप्टी सीएम का आगमन - कथा को न जोड़े राजनीति से... अवधेश द्विवेदी Ambedkarnagar_news1
- Post by Deepak.kumar1
- करोड़ो अरबो रुपये का हों गया रात्रि की आड़ मे खनन भ्रष्ट खनन अधिकारी की कृपा से जिलाधिकारी के भी संज्ञान में है मामला फिर भी नहीं रुक रहा थम रहा अवैध खनन नियमों और मानकों को ताक पर रखकर कराया जा रहा अवैध खनन वायरल वीडियो बयान कर रही सारी हकीकत खोल रही सारी पोल #suyash #suyashkumarmishra #suyashmishra #suyashkumar #viral #video #reels #india #UttarPradesh #AmbedkarNagar #akbarpur #YogiAdityanath #MYogiAdityanath #pmo #PMOIndia #अकबरपुर #khanan #mafiya1
- *बसखारी बाजार में प्रकाश डायग्नोस्टिक सेंटर पर निरीक्षण करने पहुंचे एसडीम शशि शेखर* *जिले में लगातार चल रहा अस्पतालों पर चेकिंग अभियान* *बसखारी थाना अध्यक्ष सुनील कुमार पांडे, मौजूद* अंबेडकर नगर जिले के बसखारी थाना क्षेत्र में स्थित है प्रकाश डायग्नोस्टिक सेंटर,, *ब्यूरो रिपोर्ट वैभव सिंह* ✍️1
- अम्बेडकरनगरAIMIM नेता के काफिले में सरेआम स्टंटबाजी, जान जोखिम में डाल वायरल हुआ वीडियो AIMIM के प्रदेश सचिव मुराद अली के काफिले में शामिल गाड़ियों पर युवकों की खतरनाक स्टंटबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। हाइवे पर फर्राटा भरती चार पहिया गाड़ियों के गेट से बाहर लटककर युवक मौत को दावत देते नजर आए। चलती गाड़ियों की छत और दरवाजों पर खड़े होकर खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाई गईं। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो 15 फरवरी का है और बसखारी थाना क्षेत्र का है। हालांकि मुराद अली ने सफाई देते हुए वीडियो को पुराना बताया है। सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में सरेआम सड़क पर यह स्टंटबाजी होती रही? क्या कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में जाएगा? पुलिस जांच की बात कह रही है, लेकिन वायरल वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- जनपद मुख्यालय में कचरा प्रबंधन फेल: आबादी के बीच सड़ता कूड़ा, बढ़ता संक्रमण का खतरा अंबेडकरनगर। जनपद मुख्यालय के मुख्य कस्बे में कचरा संग्रहण की मौजूदा व्यवस्था स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। नगर पालिका द्वारा घर-घर से एकत्रित कचरे को मुख्य बाजार और घनी आबादी वाले इलाकों में अस्थायी रूप से डंप किया जा रहा है। सुबह से लेकर कचरा उठने तक सड़ते कूड़े से उठने वाली तेज दुर्गंध के कारण आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों का जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कचरे के ढेर के पास से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। विशेषकर बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इस समस्या से अधिक परेशान हैं। बाजार क्षेत्र में बदबू के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है, जिससे व्यापार पर असर पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार खुले में पड़े गीले कचरे से मक्खी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है। इससे डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सड़ते कचरे से निकलने वाली जहरीली गैसें और बैक्टीरिया श्वसन संबंधी समस्याओं को भी जन्म दे सकते हैं। नगर पालिका की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत नियमित सफाई अभियान चलाने और लोगों से कचरा अलग-अलग देने की अपील की जा रही है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कचरा उठाने वाली गाड़ियां अक्सर देर से पहुंचती हैं और कई बार कचरे को ढककर नहीं ले जाया जाता, जिससे रास्ते में भी गंदगी फैलती रहती है। पालिका प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मुख्य आबादी से दूर एक स्थायी ट्रांसफर प्वाइंट विकसित किया जाएगा, जिससे कचरा सीधे वहां ले जाया जा सके और बीच बाजार में डंपिंग की आवश्यकता न पड़े। फिलहाल, स्थानीय निवासी और व्यापारी त्वरित और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक कचरा संग्रहण और निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं की जाएगी, तब तक स्वच्छता अभियान का वास्तविक लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पाएगा।1
- जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने तहसील टांडा का किया औचक निरीक्षण अम्बेडकर नगर नगर जनपद की टांडा तहसील इन दिनों प्रशासनिक सक्रियता, पारदर्शिता और समयबद्ध निस्तारण को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला द्वारा किए गए विस्तृत निरीक्षण और समीक्षा बैठक के दौरान यह तथ्य सामने आया कि तहसीलदार कोर्ट में पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित एक भी मामला शेष नहीं है, जो अपने आप में एक बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि मानी जा रही है। शासन की मंशा के अनुरूप पुराने और जटिल मामलों की विशेष समीक्षा अभियान चलाकर की गई, जिसमें तहसीलदार की निर्णायक भूमिका सबसे अहम रही। तहसीलदार ने न केवल लंबित प्रकरणों की श्रेणीवार सूची तैयार कराई, बल्कि संबंधित राजस्व कर्मियों, लेखपालों और कानूनगो के साथ नियमित बैठकें कर व्यक्तिगत स्तर पर प्रगति की समीक्षा की, जिससे वर्षों से अटके मामलों का त्वरित समाधान संभव हो सका।निरीक्षण के दौरान एसडीएम कोर्ट से जुड़े कुछ मामले लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सभी प्रकरणों के निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी को जवाबदेह बनाते हुए समयबद्ध न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। इस सख्ती का सकारात्मक प्रभाव तहसील प्रशासन पर साफ दिखाई दे रहा है। उप जिलाधिकारी टांडा एवं तहसीलदार टांडा की सक्रिय कार्यशैली, कार्यालय में पारदर्शी व्यवस्था, फरियादियों की नियमित सुनवाई और फील्ड स्तर पर सतत निगरानी ने टांडा तहसील को सुशासन का मॉडल बना दिया है। आम नागरिकों में भी यह विश्वास मजबूत हुआ है कि उनकी शिकायतें अब वर्षों तक फाइलों में धूल नहीं खाएंगी, बल्कि तय समयसीमा में समाधान प्राप्त करेंगी।1
- Post by Deepak.kumar1