बाढ़ के बाद नुकसान का होगा पूरा हिसाब! भागलपुर में प्रभारी मंत्री नितेश मिश्रा की बड़ी बैठक, बोले—पीड़ितों को गाइडलाइन के मुताबिक मिलेगा हक* *बाढ़ के बाद नुकसान का होगा पूरा हिसाब! भागलपुर में प्रभारी मंत्री नितेश मिश्रा की बड़ी बैठक, बोले—पीड़ितों को गाइडलाइन के मुताबिक मिलेगा हक* लोकेशन भागलपूर सुल्तानगंज बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम भागलपुर बिहार सरकार के नगर विकास मंत्री सह भागलपुर जिला प्रभारी मंत्री नितेश मिश्रा ने सोमवार को भागलपुर के समीक्षा भवन में जिले में बाढ़ और आपदा की स्थिति को लेकर विशेष समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, संबंधित विभागों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की जमीनी समस्याओं और बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरतों को लेकर सुझाव लिए गए।बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य को आगे बढ़ा रहा है। जिस क्षेत्र में जिस तरह की जरूरत है, वहां उसी के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि राहत व्यवस्था को और बेहतर बनाना भी है।मंत्री नितेश मिश्रा ने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य है कि आपदा से प्रभावित लोगों की तकलीफ को किस तरह कम किया जाए। जिला प्रशासन सेवाभाव के साथ लगातार काम कर रहा है और प्रभावित इलाकों में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर राहत पहुंचाई जा रही है।उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा राहत के मामले में भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड और गाइडलाइन का राज्य सरकार भी पालन कर रही है। गाइडलाइन के तहत जो भी सहायता पीड़ितों को मिलनी है, वह उन्हें निश्चित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी सरकार की प्राथमिकता है कि आपदा की इस घड़ी में कोई भी पात्र प्रभावित व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे प्रभारी मंत्री ने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद नुकसान का वास्तविक आकलन करने के लिए एक विशेष टीम गठित की जाएगी टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर घर, फसल, सड़क, सार्वजनिक संपत्ति सहित हुए नुकसान का जायजा लेगी। इसके बाद निर्धारित नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि अभी सबसे महत्वपूर्ण चुनौती प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और उन्हें जरूरी राहत उपलब्ध कराना है। पानी कम होने के बाद नुकसान का पूरा आकलन कर क्षति के आधार पर सहायता और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं प्रभारी मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त सुझावों और स्थानीय जरूरतों को गंभीरता से लेते हुए राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जाए। अब नजर पानी उतरने के बाद होने वाले नुकसान के आकलन पर है—क्योंकि सरकार का दावा है कि जिसका जितना नुकसान हुआ है, नियमों के तहत उसे उतनी ही सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी बाइट --नीतीश मिश्रा प्रभारी मंत्री भागलपुर
बाढ़ के बाद नुकसान का होगा पूरा हिसाब! भागलपुर में प्रभारी मंत्री नितेश मिश्रा की बड़ी बैठक, बोले—पीड़ितों को गाइडलाइन के मुताबिक मिलेगा हक* *बाढ़ के बाद नुकसान का होगा पूरा हिसाब! भागलपुर में प्रभारी मंत्री नितेश मिश्रा की बड़ी बैठक, बोले—पीड़ितों को गाइडलाइन के मुताबिक मिलेगा हक* लोकेशन भागलपूर सुल्तानगंज बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम भागलपुर बिहार सरकार के नगर विकास मंत्री सह भागलपुर जिला प्रभारी मंत्री नितेश मिश्रा ने सोमवार को भागलपुर के समीक्षा भवन में जिले में बाढ़ और आपदा की स्थिति को लेकर विशेष समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, संबंधित विभागों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की जमीनी समस्याओं और बाढ़ प्रभावित लोगों की
जरूरतों को लेकर सुझाव लिए गए।बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य को आगे बढ़ा रहा है। जिस क्षेत्र में जिस तरह की जरूरत है, वहां उसी के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि राहत व्यवस्था को और बेहतर बनाना भी है।मंत्री नितेश मिश्रा ने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य है कि आपदा से प्रभावित लोगों की तकलीफ को किस तरह कम किया जाए। जिला प्रशासन सेवाभाव के साथ लगातार काम कर रहा है और प्रभावित इलाकों में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर राहत पहुंचाई जा रही
है।उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा राहत के मामले में भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड और गाइडलाइन का राज्य सरकार भी पालन कर रही है। गाइडलाइन के तहत जो भी सहायता पीड़ितों को मिलनी है, वह उन्हें निश्चित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी सरकार की प्राथमिकता है कि आपदा की इस घड़ी में कोई भी पात्र प्रभावित व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे प्रभारी मंत्री ने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद नुकसान का वास्तविक आकलन करने के लिए एक विशेष टीम गठित की जाएगी टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर घर, फसल, सड़क, सार्वजनिक संपत्ति सहित हुए नुकसान का जायजा लेगी। इसके बाद निर्धारित नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि अभी
सबसे महत्वपूर्ण चुनौती प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और उन्हें जरूरी राहत उपलब्ध कराना है। पानी कम होने के बाद नुकसान का पूरा आकलन कर क्षति के आधार पर सहायता और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं प्रभारी मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त सुझावों और स्थानीय जरूरतों को गंभीरता से लेते हुए राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जाए। अब नजर पानी उतरने के बाद होने वाले नुकसान के आकलन पर है—क्योंकि सरकार का दावा है कि जिसका जितना नुकसान हुआ है, नियमों के तहत उसे उतनी ही सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी बाइट --नीतीश मिश्रा प्रभारी मंत्री भागलपुर
- बाढ़ के बाद नुकसान का होगा पूरा हिसाब! भागलपुर में प्रभारी मंत्री नितेश मिश्रा की बड़ी बैठक, बोले—पीड़ितों को गाइडलाइन के मुताबिक मिलेगा हक* *बाढ़ के बाद नुकसान का होगा पूरा हिसाब! भागलपुर में प्रभारी मंत्री नितेश मिश्रा की बड़ी बैठक, बोले—पीड़ितों को गाइडलाइन के मुताबिक मिलेगा हक* लोकेशन भागलपूर सुल्तानगंज बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम भागलपुर बिहार सरकार के नगर विकास मंत्री सह भागलपुर जिला प्रभारी मंत्री नितेश मिश्रा ने सोमवार को भागलपुर के समीक्षा भवन में जिले में बाढ़ और आपदा की स्थिति को लेकर विशेष समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, संबंधित विभागों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की जमीनी समस्याओं और बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरतों को लेकर सुझाव लिए गए।बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य को आगे बढ़ा रहा है। जिस क्षेत्र में जिस तरह की जरूरत है, वहां उसी के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि राहत व्यवस्था को और बेहतर बनाना भी है।मंत्री नितेश मिश्रा ने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य है कि आपदा से प्रभावित लोगों की तकलीफ को किस तरह कम किया जाए। जिला प्रशासन सेवाभाव के साथ लगातार काम कर रहा है और प्रभावित इलाकों में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर राहत पहुंचाई जा रही है।उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा राहत के मामले में भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड और गाइडलाइन का राज्य सरकार भी पालन कर रही है। गाइडलाइन के तहत जो भी सहायता पीड़ितों को मिलनी है, वह उन्हें निश्चित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी सरकार की प्राथमिकता है कि आपदा की इस घड़ी में कोई भी पात्र प्रभावित व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे प्रभारी मंत्री ने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद नुकसान का वास्तविक आकलन करने के लिए एक विशेष टीम गठित की जाएगी टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर घर, फसल, सड़क, सार्वजनिक संपत्ति सहित हुए नुकसान का जायजा लेगी। इसके बाद निर्धारित नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि अभी सबसे महत्वपूर्ण चुनौती प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और उन्हें जरूरी राहत उपलब्ध कराना है। पानी कम होने के बाद नुकसान का पूरा आकलन कर क्षति के आधार पर सहायता और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं प्रभारी मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त सुझावों और स्थानीय जरूरतों को गंभीरता से लेते हुए राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जाए। अब नजर पानी उतरने के बाद होने वाले नुकसान के आकलन पर है—क्योंकि सरकार का दावा है कि जिसका जितना नुकसान हुआ है, नियमों के तहत उसे उतनी ही सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी बाइट --नीतीश मिश्रा प्रभारी मंत्री भागलपुर4
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज | खगड़िया परबत्ता में दर्दनाक हादसा, दो सगे भाइयों की डूबने से मौत भरसो पंचायत के बंधकट्टा के समीप स्नान करने के दौरान गहरे पानी में डूबे दो सगे भाई। स्थानीय गोताखोरों और आपदा मित्रों ने दोनों को बाहर निकाला। परबत्ता अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित किया। मृतकों की पहचान तेलिया बथान निवासी गोविंद कुमार और जय जय कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है। ब्रेकिंग न्यूज | खगड़िया परबत्ता में दर्दनाक हादसा, दो सगे भाइयों की डूबने से मौत भरसो पंचायत के बंधकट्टा के समीप स्नान करने के दौरान गहरे पानी में डूबे दो सगे भाई। स्थानीय गोताखोरों और आपदा मित्रों ने दोनों को बाहर निकाला। परबत्ता अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित किया। मृतकों की पहचान तेलिया बथान निवासी गोविंद कुमार और जय जय कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है।2
- बाढ़ विस्थापितों के लिए पहली बार बना टेंट सिटी, डीएम ने किया निरीक्षण मुंगेर। जिले में गंगा के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच विस्थापित परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष पहल की है। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर के निर्देश पर समाहरणालय के सामने स्थित के.सी. सुरेंद्र बाबू पार्क में पहली बार बाढ़ विस्थापितों के लिए टेंट सिटी राहत शिविर बनाया गया है। सोमवार को जिलाधिकारी ने स्वयं राहत शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विस्थापित परिवारों के बीच सूखा राशन तथा बच्चों के बीच बिस्किट सहित अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध आवासन, भोजन, स्वास्थ्य, पेयजल और स्वच्छता जैसी सुविधाओं का भी जायजा लिया। मौके पर एडीएम आपदा संजय कुमार सिन्हा, प्रभारी आपदा पदाधिकारी कमल किशोर, सदर एसडीओ कुमार अभिषेक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। जाफरनगर, कुतलुपुर सहित विभिन्न दियारा क्षेत्रों से विस्थापित होकर आने वाले लोगों के लिए बनाए गए शिविर में आवासन, भोजन और स्वास्थ्य समेत अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। डीएम ने कहा कि प्रत्येक वर्ष बाढ़ के बाद दियारा क्षेत्रों के लोग समाहरणालय के सामने खुले स्थानों में प्लास्टिक और अस्थायी तंबुओं में रहने को मजबूर होते थे। बारिश और धूप के कारण उन्हें काफी परेशानी होती थी। इसी को देखते हुए इस वर्ष पहली बार व्यवस्थित टेंट सिटी राहत शिविर बनाया गया है। शिविर में निबंधन काउंटर, राहत सामग्री वितरण केंद्र, चिकित्सा शिविर, महिला एवं पुरुषों के लिए 50 बेड का विश्राम स्थल तथा आईसीडीएस एवं आंगनबाड़ी की व्यवस्था की गई है। बच्चों की देखभाल के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। सामुदायिक रसोई के माध्यम से विस्थापित परिवारों को दो वक्त गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में रह रहे लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं अन्य सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए। शिविर में मिल रही सुविधाओं पर विस्थापित ग्रामीणों ने संतोष जताते हुए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। अगर चाहें तो इसे �150, 200 या 250 शब्दों की अखबार शैली में भी कर सकता हूं।1
- बिहार पिछड़ा क्यों रह गया? यूपी की 10 साल की तरक्की का खौफनाक सच! 🔥1
- मानसी पुलिस ने एक लग्जरी गाड़ी से भारी संख्या में किया अवैध शराब बरामद खगड़िया जिला में इन दोनों शराबबंदी की काफी धज्जियां उड़ाई जा रही है जिसको लेकर मंगलवार की सुबह में एक लग्जरी गाड़ी में गुप्त सूचना के आधार पर मानसी पुलिस ने मानसी थाना क्षेत्र और एकनियां थाना क्षेत्र के बीच से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद किया है जिसको लेकर पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी हुई है2
- गोगरी पंचायत में पशु चारा लाने के लिए गए किशोर की बाढ़ के पानी में डूबने से हुई मौत,परिजनों में मचा कोहराम। गोगरी प्रखंड अंतर्गत गोगरी पंचायत में मंगलवार की दोपहर एक बजे पशुचारा लाने गए एक 15 वर्षीय किशोर की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान गोगरी पंचायत के शोभन राय टोला निवासी अशोक पासवान के पुत्र श्याम कुमार के रूप में हुई है। किशोर पशु के लिए चारा लाने के लिए गया था। चारा रखकर उस जगह वह नहाने लगा। जहां बाढ़ के गहरी पानी में जाने से वह डूब गया। स्थानीय लोगों की द्वारा हल्ला करने पर स्थानीय लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। परिजन के द्वारा प्रशासन पर आरोप लगाया गया कि अगर समय रहते गोताखोर आ जाता तो मेरी बच्चे की जान बच जाता। गोगरी अंचल अधिकारी आमिर हुसैन ने मंगलवार की दोपहर डेढ़ बजे कहा कि गोताखोर को हमने जानकारी दिया। गोताखोर परबत्ता में था। इसे आने में समय लगा। लेकिन फिर भी समय पर गोताखोर पहुंचा। तब तक स्थानीय लोगों की मदद से बच्चे को पानी से बाहर निकाल लिया गया। इधर पुलिस ने शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।1
- राष्ट्रीय हिंदी दिवस पर खगड़िया जिलाधिकारी श्री विक्रम विरकर ने कहा कि हिंदी के विकास के लिए अपनी स्थानीय बोलियों के प्रति प्रेम और सम्मान आवश्यक है। उन्होंने मैथिली, मगही एवं अंगिका का उदाहरण देते हुए कहा कि “बोलियां नदियों की तरह हैं और भाषा सागर की तरह; जब तक बोलियां समृद्ध नहीं होंगी, भाषा भी समृद्ध नहीं हो सकती।” अपनी बोली से जुड़ाव हमारी पहचान है।1
- बाढ़ के बाद नुकसान का होगा पूरा हिसाब! भागलपुर में प्रभारी मंत्री नितेश मिश्रा की बड़ी बैठक, बोले—पीड़ितों को गाइडलाइन के मुताबिक मिलेगा हक* *बाढ़ के बाद नुकसान का होगा पूरा हिसाब! भागलपुर में प्रभारी मंत्री नितेश मिश्रा की बड़ी बैठक, बोले—पीड़ितों को गाइडलाइन के मुताबिक मिलेगा हक* लोकेशन भागलपूर सुल्तानगंज बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम भागलपुर बिहार सरकार के नगर विकास मंत्री सह भागलपुर जिला प्रभारी मंत्री नितेश मिश्रा ने सोमवार को भागलपुर के समीक्षा भवन में जिले में बाढ़ और आपदा की स्थिति को लेकर विशेष समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, संबंधित विभागों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की जमीनी समस्याओं और बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरतों को लेकर सुझाव लिए गए।बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य को आगे बढ़ा रहा है। जिस क्षेत्र में जिस तरह की जरूरत है, वहां उसी के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि राहत व्यवस्था को और बेहतर बनाना भी है।मंत्री नितेश मिश्रा ने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य है कि आपदा से प्रभावित लोगों की तकलीफ को किस तरह कम किया जाए। जिला प्रशासन सेवाभाव के साथ लगातार काम कर रहा है और प्रभावित इलाकों में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर राहत पहुंचाई जा रही है।उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा राहत के मामले में भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड और गाइडलाइन का राज्य सरकार भी पालन कर रही है। गाइडलाइन के तहत जो भी सहायता पीड़ितों को मिलनी है, वह उन्हें निश्चित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी सरकार की प्राथमिकता है कि आपदा की इस घड़ी में कोई भी पात्र प्रभावित व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे प्रभारी मंत्री ने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद नुकसान का वास्तविक आकलन करने के लिए एक विशेष टीम गठित की जाएगी टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर घर, फसल, सड़क, सार्वजनिक संपत्ति सहित हुए नुकसान का जायजा लेगी। इसके बाद निर्धारित नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि अभी सबसे महत्वपूर्ण चुनौती प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और उन्हें जरूरी राहत उपलब्ध कराना है। पानी कम होने के बाद नुकसान का पूरा आकलन कर क्षति के आधार पर सहायता और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं प्रभारी मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त सुझावों और स्थानीय जरूरतों को गंभीरता से लेते हुए राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जाए। अब नजर पानी उतरने के बाद होने वाले नुकसान के आकलन पर है—क्योंकि सरकार का दावा है कि जिसका जितना नुकसान हुआ है, नियमों के तहत उसे उतनी ही सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी बाइट --नीतीश मिश्रा प्रभारी मंत्री भागलपुर4