बाढ़ विस्थापितों के लिए पहली बार बना टेंट सिटी, डीएम ने किया निरीक्षण मुंगेर। जिले में गंगा के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच विस्थापित परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष पहल की है। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर के निर्देश पर समाहरणालय के सामने स्थित के.सी. सुरेंद्र बाबू पार्क में पहली बार बाढ़ विस्थापितों के लिए टेंट सिटी राहत शिविर बनाया गया है। सोमवार को जिलाधिकारी ने स्वयं राहत शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विस्थापित परिवारों के बीच सूखा राशन तथा बच्चों के बीच बिस्किट सहित अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध आवासन, भोजन, स्वास्थ्य, पेयजल और स्वच्छता जैसी सुविधाओं का भी जायजा लिया। मौके पर एडीएम आपदा संजय कुमार सिन्हा, प्रभारी आपदा पदाधिकारी कमल किशोर, सदर एसडीओ कुमार अभिषेक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। जाफरनगर, कुतलुपुर सहित विभिन्न दियारा क्षेत्रों से विस्थापित होकर आने वाले लोगों के लिए बनाए गए शिविर में आवासन, भोजन और स्वास्थ्य समेत अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। डीएम ने कहा कि प्रत्येक वर्ष बाढ़ के बाद दियारा क्षेत्रों के लोग समाहरणालय के सामने खुले स्थानों में प्लास्टिक और अस्थायी तंबुओं में रहने को मजबूर होते थे। बारिश और धूप के कारण उन्हें काफी परेशानी होती थी। इसी को देखते हुए इस वर्ष पहली बार व्यवस्थित टेंट सिटी राहत शिविर बनाया गया है। शिविर में निबंधन काउंटर, राहत सामग्री वितरण केंद्र, चिकित्सा शिविर, महिला एवं पुरुषों के लिए 50 बेड का विश्राम स्थल तथा आईसीडीएस एवं आंगनबाड़ी की व्यवस्था की गई है। बच्चों की देखभाल के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। सामुदायिक रसोई के माध्यम से विस्थापित परिवारों को दो वक्त गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में रह रहे लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं अन्य सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए। शिविर में मिल रही सुविधाओं पर विस्थापित ग्रामीणों ने संतोष जताते हुए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। अगर चाहें तो इसे �150, 200 या 250 शब्दों की अखबार शैली में भी कर सकता हूं।
बाढ़ विस्थापितों के लिए पहली बार बना टेंट सिटी, डीएम ने किया निरीक्षण मुंगेर। जिले में गंगा के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच विस्थापित परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष पहल की है। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर के निर्देश पर समाहरणालय के सामने स्थित के.सी. सुरेंद्र बाबू पार्क में पहली बार बाढ़ विस्थापितों के लिए टेंट सिटी राहत शिविर बनाया गया है। सोमवार को जिलाधिकारी ने स्वयं राहत शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विस्थापित परिवारों के बीच सूखा राशन तथा बच्चों के बीच बिस्किट सहित अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध आवासन, भोजन, स्वास्थ्य, पेयजल और स्वच्छता जैसी सुविधाओं का भी जायजा लिया। मौके पर एडीएम आपदा संजय कुमार सिन्हा, प्रभारी आपदा पदाधिकारी कमल किशोर, सदर एसडीओ कुमार अभिषेक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। जाफरनगर, कुतलुपुर सहित विभिन्न दियारा क्षेत्रों से विस्थापित होकर आने वाले लोगों के लिए बनाए गए शिविर में आवासन, भोजन और स्वास्थ्य समेत अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। डीएम ने कहा कि प्रत्येक वर्ष बाढ़ के बाद दियारा क्षेत्रों के लोग समाहरणालय के सामने खुले स्थानों में प्लास्टिक और अस्थायी तंबुओं में रहने को मजबूर होते थे। बारिश और धूप के कारण उन्हें काफी परेशानी होती थी। इसी को देखते हुए इस वर्ष पहली बार व्यवस्थित टेंट सिटी राहत शिविर बनाया गया है। शिविर में निबंधन काउंटर, राहत सामग्री वितरण केंद्र, चिकित्सा शिविर, महिला एवं पुरुषों के लिए 50 बेड का विश्राम स्थल तथा आईसीडीएस एवं आंगनबाड़ी की व्यवस्था की गई है। बच्चों की देखभाल के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। सामुदायिक रसोई के माध्यम से विस्थापित परिवारों को दो वक्त गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में रह रहे लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं अन्य सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए। शिविर में मिल रही सुविधाओं पर विस्थापित ग्रामीणों ने संतोष जताते हुए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। अगर चाहें तो इसे �150, 200 या 250 शब्दों की अखबार शैली में भी कर सकता हूं।
- भागलपुर नगर निगम में विकास राशि को लेकर बवाल! भेदभाव और मनमानी के खिलाफ पार्षदों का धरना, प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल* *भागलपुर नगर निगम में विकास राशि को लेकर बवाल! भेदभाव और मनमानी के खिलाफ पार्षदों का धरना, प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल* लोकेशन भागलपूर सुल्तानगंज बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम भागलपुर नगर निगम में विकास राशि के आवंटन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वार्डों के बीच विकास राशि के आवंटन में कथित असमानता, भेदभाव और मनमानी के खिलाफ आज नगर निगम परिसर में जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। वार्ड संख्या-2 की पार्षद सोनी देवी और वार्ड संख्या-25 के पार्षद गोविंद बनर्जी के नेतृत्व में आयोजित इस धरना प्रदर्शन के जरिए नगर निगम प्रशासन और महापौर की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने विकास योजनाओं में सभी वार्डों के साथ समान व्यवहार करने की मांग उठाई भागलपुर नगर निगम में विकास कार्यों को लेकर एक बार फिर असंतोष सामने आया है नगर निगम परिसर में वार्ड पार्षदों की ओर से धरना प्रदर्शन किया गया धरने का मुख्य मुद्दा नगर निगम प्रशासन और महापौर द्वारा वार्डों के बीच विकास राशि के आवंटन में कथित भेदभाव बताया गया है।धरना प्रदर्शन के लिए लगाए गए बैनर में स्पष्ट रूप से विकास राशि के आवंटन में अत्यधिक भेदभाव, मनमानी और तानाशाही रवैये के खिलाफ आवाज बुलंद करने की बात कही गई है बैनर पर वार्ड संख्या-2 की पार्षद सोनी देवी और वार्ड संख्या-25 के पार्षद गोविंद बनर्जी के नाम प्रमुखता से दर्ज हैं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर निगम के सभी वार्डों का विकास समान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए लेकिन विकास राशि के आवंटन को लेकर जिस तरह की असमानता की शिकायतें सामने आ रही हैं, उससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि विकास योजनाओं का लाभ किसी खास वार्ड तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शहर के प्रत्येक क्षेत्र को उसकी जरूरत के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए।धरने के माध्यम से पार्षदों ने विकास राशि के आवंटन में पारदर्शिता लाने, सभी वार्डों के साथ समान व्यवहार करने और कथित मनमानी पर रोक लगाने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी अपने-अपने वार्डों की जनता की समस्याओं को नगर निगम तक पहुंचाना है ऐसे में यदि विकास कार्यों के लिए राशि के आवंटन में भेदभाव होता है, तो इसका सीधा असर आम लोगों की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ सकता है4
- दो बेटों को खोने के बाद पिता की मार्मिक अपील—‘बेवजह बाढ़ के पानी में नहाने न जाएं, जो मेरे साथ हुआ वो किसी और के साथ न हो’ खगड़िया परबत्ता दो बेटों को खोने के बाद पिता की मार्मिक अपील—‘बेवजह बाढ़ के पानी में नहाने न जाएं, जो मेरे साथ हुआ वो किसी और के साथ न हो’1
- 🚨 खनन टीम पर हमला! बांका में बालू माफियाओं ने बरसाए पत्थर-डंडे 🚨 📍 बांका से बड़ी खबर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची जिला खनन विभाग की टीम पर लकड़ीकोला क्षेत्र में बालू माफियाओं ने हमला कर दिया। बताया गया कि जब्त किए गए दो ट्रैक्टरों को थाना लाया जा रहा था, तभी करीब 30-40 लोगों ने खनन टीम और पुलिस पदाधिकारियों पर पत्थर-डंडों से हमला कर दिया। 😱 🚔 हमले में बांका थाना की पुलिस वाहन के शीशे टूट गए, जबकि खनन टीम के वाहनों और मौके पर मौजूद JCB को भी क्षतिग्रस्त किया गया। आरोप है कि JCB चालक का मोबाइल भी लेकर हमलावर फरार हो गए। ⚖️ मामले में 28 नामजद बालू माफियाओं समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं, राजस्व क्षति के लिए 4.24 लाख रुपये का दंड भी लगाया गया है। 🔴 अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी है। 📲 ऐसी ही हर बड़ी और ताजा खबर के लिए Banka Today News Digital को फॉलो करें।1
- अडानी को दान करने वाली बिहार सरकार के पास वित्तरहित शिक्षकों के नियमित वेतनमान के लिए पैसा क्यों नहीं? वित्तरहित शिक्षकों के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का छलावा? नई वेतनमान = (आंतरिक स्रोत + अनुदान राशि)/12 MLC चुनाव से ठीक पहले नई वेतनमान की घोषणा या चुनावी पुलाव? पीरपैंती पावर प्लांट के नाम पर 1050 एकड़ जमीन अडानी को दान करने वाली बिहार सरकार के पास वित्तरहित शिक्षकों के नियमित वेतनमान के लिए पैसा क्यों नहीं? दिलीप जायसवाल ने रोजगार के लिए कोठे पर जाने की बात बिहार के महिलाओं को क्यों कहा? : राकेश गोप, जन सुराज1
- गोगरी प्रखंड अंतर्गत मीरगंज में ढाई सौ बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच सुखा राशन का किया गया वितरण। मीरगंज में 250 बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित आपदा की घड़ी में सेवा ही सबसे बड़ा धर्म : नागेंद्र सिंह त्यागी गोगरी (खगड़िया)। गोगरी प्रखंड के मीरगंज गांव में रविवार को युवा शक्ति नेता कविरंजन कुमार यादव के मीरगंजमें सौजन्य से करीब 250 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच सूखा राशन सहित राहत सामग्री का वितरण किया गया। इस दौरान युवा शक्ति के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि आपदा की घड़ी में पीड़ित मानवता की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है। समाज के सक्षम लोगों और सामाजिक संगठनों को मतभेदों से ऊपर उठकर जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ से गरीब परिवारों के सामने भोजन और दैनिक जरूरतों का संकट उत्पन्न हो गया है। तत्काल राहत के साथ बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी गंभीर पहल जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, दवाएं और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। रामपुर के मुखिया कृष्णानंद यादव ने कहा कि बाढ़ से गरीब एवं कमजोर परिवार सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। ऐसे समय में सूखा राशन बड़ी राहत है। उन्होंने कविरंजन कुमार यादव की पहल की सराहना की। समाजसेवी-सह-आरटीआई कार्यकर्ता अभय कुमार गुड्डू ने कहा कि राहत वितरण सामाजिक जिम्मेदारी का परिचायक है। उन्होंने बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाने की मांग की। मौके पर युवा शक्ति के कोषाध्यक्ष नीरज कुमार यादव, पमपम यादव, रवि यादव, राजा कुमार, मनीष कुमार, आनंद कुमार सहित अन्य मौजूद थे।1
- महिला से मारपीट के बाद देशी कट्टा के साथ युवक गिरफ्तार, महिला ने भी कराया केस—दो लोग नामजद।1
- चिराग को कमजोर करने की साजिश, न झुकेंगे न टूटेंगे : मिथिलेश सिंह तारापुर स्थित लोजपा (रामविलास) के प्रधान कार्यालय में रविवार को राष्ट्रीय महासचिव मिथिलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चिराग पासवान को बदनाम और कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं, लेकिन चिराग न झुकेंगे और न टूटेंगे। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय रामविलास पासवान ने दलित एकता को मजबूत किया था। आज जातीय विवाद पैदा कर समाज को बांटने का प्रयास किया जा रहा है। मिथिलेश सिंह ने जीतन राम मांझी और उनके परिवार के सदस्यों की ओर से चिराग पासवान व अरुण भारती को लेकर की जा रही बयानबाजी पर आपत्ति जताते हुए व्यक्तिगत टिप्पणी से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोजपा का विजन ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ है और पार्टी इसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने नए प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक को शुभकामना दी। मौके पर चंद्रशेखर चौधरी, प्रमोद पासवान, रोहित सिंह, जयराम मंडल, जीवन सिंह और विशाल आनंद सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।1
- 5 फीट पानी में सेना की तैयारी, बाढ़ भी नहीं तोड़ पाई युवाओं का हौसला* *5 फीट पानी में सेना की तैयारी, बाढ़ भी नहीं तोड़ पाई युवाओं का हौसला* लोकेशन भागलपूर सुल्तानगंज बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम भागलपुर का निचला और दियारा इलाका इन दिनों पूरी तरह बाढ़ की चपेट में है। कई इलाके टापू में तब्दील हो चुके हैं। बाढ़ के पानी से आम जनजीवन प्रभावित है लेकिन सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं का जुनून कम नहीं हुआ है जिस मैदान में युवा सुबह-शाम दौड़ लगाकर सेना में भर्ती की तैयारी करते थे आज उसी मैदान में 4 से 5 फीट तक बाढ़ का पानी जमा है मैदान पूरी तरह जलमग्न है इसके बावजूद युवा इसी पानी के बीच अपनी शारीरिक तैयारी करते नजर आ रहे हैं इन युवाओं को सेना में भर्ती की तैयारी के लिए पैरा कमांडो से सेवानिवृत्त रणजीत सोलंकी प्रशिक्षण दे रहे हैं बाढ़ के कारण मैदान में पानी भर जाने के बावजूद रणजीत सोलंकी युवाओं का अभ्यास जारी रखे हुए हैं और उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में भी फिटनेस बनाए रखने के लिए तैयार कर रहे हैं युवाओं का कहना है कि आने वाले दिनों में सेना की परीक्षा है। ऐसे में तैयारी रोकना संभव नहीं है सेना में जाने का सपना है और इस सपने को पूरा करने के लिए वे हर मुश्किल का सामना करने को तैयार हैं बाढ़ ने इन युवाओं से उनका मैदान जरूर छीन लिया लेकिन उनका हौसला नहीं छीन पाई 5 फीट पानी के बीच जारी इनकी तैयारी और पैरा कमांडो से रिटायर प्रशिक्षक की ट्रेनिंग यह दिखाती है कि देश की सेवा करने का जुनून मुश्किल हालात में भी कम नहीं होता बाइट -- अभिमन्यु कुमार सिंह छात्र बाइट -- रंजीत सोलंकी ट्रेनर4
- 🚨 बांका में तीज की धूम! भाजपा नेत्री रीमा सिंह ने माताओं-बहनों को दी खास शुभकामनाएं 🌺🙏 बांका में आज हरितालिका तीज का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर भाजपा नेत्री रीमा सिंह ने बांका सहित पूरे बिहार की माताओं एवं बहनों को हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं दीं। 🌸 उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से सभी सुहागिन महिलाओं के अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन तथा परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। 🙏🔱 वहीं गणेश चतुर्थी के अवसर पर उन्होंने बिहारवासियों को शुभकामनाएं देते हुए विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश से सभी के जीवन से विघ्न-बाधाएं दूर करने और सुख-समृद्धि प्रदान करने की प्रार्थना की। 🐘🙏 📍 बांका टुडे न्यूज़ डिजिटल 📰 बांका की आवाज आपके साथ1