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दो बेटों को खोने के बाद पिता की मार्मिक अपील—‘बेवजह बाढ़ के पानी में नहाने न जाएं, जो मेरे साथ हुआ वो किसी और के साथ न हो’ खगड़िया परबत्ता दो बेटों को खोने के बाद पिता की मार्मिक अपील—‘बेवजह बाढ़ के पानी में नहाने न जाएं, जो मेरे साथ हुआ वो किसी और के साथ न हो’
GAUTAM KUMAR
दो बेटों को खोने के बाद पिता की मार्मिक अपील—‘बेवजह बाढ़ के पानी में नहाने न जाएं, जो मेरे साथ हुआ वो किसी और के साथ न हो’ खगड़िया परबत्ता दो बेटों को खोने के बाद पिता की मार्मिक अपील—‘बेवजह बाढ़ के पानी में नहाने न जाएं, जो मेरे साथ हुआ वो किसी और के साथ न हो’
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- भागलपुर नगर निगम में विकास राशि को लेकर बवाल! भेदभाव और मनमानी के खिलाफ पार्षदों का धरना, प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल* *भागलपुर नगर निगम में विकास राशि को लेकर बवाल! भेदभाव और मनमानी के खिलाफ पार्षदों का धरना, प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल* लोकेशन भागलपूर सुल्तानगंज बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम भागलपुर नगर निगम में विकास राशि के आवंटन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वार्डों के बीच विकास राशि के आवंटन में कथित असमानता, भेदभाव और मनमानी के खिलाफ आज नगर निगम परिसर में जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। वार्ड संख्या-2 की पार्षद सोनी देवी और वार्ड संख्या-25 के पार्षद गोविंद बनर्जी के नेतृत्व में आयोजित इस धरना प्रदर्शन के जरिए नगर निगम प्रशासन और महापौर की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने विकास योजनाओं में सभी वार्डों के साथ समान व्यवहार करने की मांग उठाई भागलपुर नगर निगम में विकास कार्यों को लेकर एक बार फिर असंतोष सामने आया है नगर निगम परिसर में वार्ड पार्षदों की ओर से धरना प्रदर्शन किया गया धरने का मुख्य मुद्दा नगर निगम प्रशासन और महापौर द्वारा वार्डों के बीच विकास राशि के आवंटन में कथित भेदभाव बताया गया है।धरना प्रदर्शन के लिए लगाए गए बैनर में स्पष्ट रूप से विकास राशि के आवंटन में अत्यधिक भेदभाव, मनमानी और तानाशाही रवैये के खिलाफ आवाज बुलंद करने की बात कही गई है बैनर पर वार्ड संख्या-2 की पार्षद सोनी देवी और वार्ड संख्या-25 के पार्षद गोविंद बनर्जी के नाम प्रमुखता से दर्ज हैं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर निगम के सभी वार्डों का विकास समान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए लेकिन विकास राशि के आवंटन को लेकर जिस तरह की असमानता की शिकायतें सामने आ रही हैं, उससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि विकास योजनाओं का लाभ किसी खास वार्ड तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शहर के प्रत्येक क्षेत्र को उसकी जरूरत के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए।धरने के माध्यम से पार्षदों ने विकास राशि के आवंटन में पारदर्शिता लाने, सभी वार्डों के साथ समान व्यवहार करने और कथित मनमानी पर रोक लगाने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी अपने-अपने वार्डों की जनता की समस्याओं को नगर निगम तक पहुंचाना है ऐसे में यदि विकास कार्यों के लिए राशि के आवंटन में भेदभाव होता है, तो इसका सीधा असर आम लोगों की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ सकता है4
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज | खगड़िया परबत्ता में दर्दनाक हादसा, दो सगे भाइयों की डूबने से मौत भरसो पंचायत के बंधकट्टा के समीप स्नान करने के दौरान गहरे पानी में डूबे दो सगे भाई। स्थानीय गोताखोरों और आपदा मित्रों ने दोनों को बाहर निकाला। परबत्ता अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित किया। मृतकों की पहचान तेलिया बथान निवासी गोविंद कुमार और जय जय कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है। ब्रेकिंग न्यूज | खगड़िया परबत्ता में दर्दनाक हादसा, दो सगे भाइयों की डूबने से मौत भरसो पंचायत के बंधकट्टा के समीप स्नान करने के दौरान गहरे पानी में डूबे दो सगे भाई। स्थानीय गोताखोरों और आपदा मित्रों ने दोनों को बाहर निकाला। परबत्ता अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित किया। मृतकों की पहचान तेलिया बथान निवासी गोविंद कुमार और जय जय कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है।2
- जमालपुर डाकघर के समीप सड़क किनारे बेसुध मिले बुजुर्ग,पत्रकार की पहल पर अस्पताल में भर्ती। गोगरी (खगड़िया)। जमालपुर डाकघर के समीप सोमवार की सुबह से देर रात तक एक बुजुर्ग व्यक्ति सड़क किनारे बेसुध अवस्था में पड़े रहे। काफी देर तक किसी राहगीर या स्थानीय लोगों का ध्यान उनकी ओर नहीं गया। देर रात करीब 9 बजे पिंडार प्रिंट मीडिया के पत्रकार मोहम्मद इमरान की नजर सड़क किनारे पड़े बुजुर्ग पर पड़ी। उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए तत्काल गोगरी थानाध्यक्ष अजय शंकर सिंह को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष ने एएसआई रोहित गुप्ता को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा। पुलिस बल के सहयोग से पत्रकार मोहम्मद इमरान ने बुजुर्ग व्यक्ति को इलाज के लिए गोगरी अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सा प्रभारी डॉ. चंद्रप्रकाश ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में नाम-पता पूछे जाने पर बुजुर्ग कुछ स्पष्ट बताने की स्थिति में नहीं थे। काफी प्रयास के बाद उन्होंने अपना नाम शाहिद मियां बताया। हालांकि, वे अपना पता और परिजनों के संबंध में जानकारी देने में असमर्थ रहे। चिकित्सकों के अनुसार उनकी मानसिक स्थिति फिलहाल ठीक नहीं है। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे तक डॉ. विजय कुमार चौधरी की देखरेख में उनका इलाज जारी था। गोगरी थानाध्यक्ष अजय शंकर सिंह ने बताया कि बुजुर्ग का फिलहाल अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। पुलिस उनके घर और परिजनों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। पत्रकार मोहम्मद इमरान की इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।1
- खगड़िया जिले के मानसी में निकली 351 कलशों की भव्य शोभा यात्रा मानसी में निकली 351 कलशों की भव्य शोभा यात्रा खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड अंतर्गत मानसी बाजार स्थित राम-जानकी ठाकुरबाड़ी परिसर में गणेश महोत्सव को लेकर रविवार को भव्य 351 कलश शोभा यात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा में 351 कन्याओं एवं महिलाओं ने सिर पर कलश धारण किया। डीजे की धुन और आकर्षक झांकियों के साथ निकली शोभा यात्रा ने पूरे मानसी नगर पंचायत क्षेत्र का भ्रमण किया। शोभा यात्रा में शामिल श्रद्धालु धार्मिक जयकारे लगाते हुए मटिहानी गंधक घाट पहुंचे। वहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में पवित्र जल भरा गया। इसके बाद श्रद्धालु पुनः शोभा यात्रा के रूप में राम-जानकी ठाकुरबाड़ी परिसर स्थित पूजा स्थल पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ कलश स्थापित किया गया। इस दौरान गणेश महोत्सव मेला समिति के अध्यक्ष धर्मवीर कुमार सिंह, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। नगर पंचायत के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि आयुष कुमार उर्फ गोलू वार्ड पार्षद अमृतराज समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, श्रद्धालु एवं ग्रामीण शोभा यात्रा में शामिल हुए। शोभा यात्रा को लेकर पूरे मानसी बाजार में उत्साह का माहौल रहा। समिति के सदस्यों ने बताया कि गणेश महोत्सव के दौरान कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।1
- बाढ़ विस्थापितों के लिए पहली बार बना टेंट सिटी, डीएम ने किया निरीक्षण मुंगेर। जिले में गंगा के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच विस्थापित परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष पहल की है। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर के निर्देश पर समाहरणालय के सामने स्थित के.सी. सुरेंद्र बाबू पार्क में पहली बार बाढ़ विस्थापितों के लिए टेंट सिटी राहत शिविर बनाया गया है। सोमवार को जिलाधिकारी ने स्वयं राहत शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विस्थापित परिवारों के बीच सूखा राशन तथा बच्चों के बीच बिस्किट सहित अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध आवासन, भोजन, स्वास्थ्य, पेयजल और स्वच्छता जैसी सुविधाओं का भी जायजा लिया। मौके पर एडीएम आपदा संजय कुमार सिन्हा, प्रभारी आपदा पदाधिकारी कमल किशोर, सदर एसडीओ कुमार अभिषेक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। जाफरनगर, कुतलुपुर सहित विभिन्न दियारा क्षेत्रों से विस्थापित होकर आने वाले लोगों के लिए बनाए गए शिविर में आवासन, भोजन और स्वास्थ्य समेत अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। डीएम ने कहा कि प्रत्येक वर्ष बाढ़ के बाद दियारा क्षेत्रों के लोग समाहरणालय के सामने खुले स्थानों में प्लास्टिक और अस्थायी तंबुओं में रहने को मजबूर होते थे। बारिश और धूप के कारण उन्हें काफी परेशानी होती थी। इसी को देखते हुए इस वर्ष पहली बार व्यवस्थित टेंट सिटी राहत शिविर बनाया गया है। शिविर में निबंधन काउंटर, राहत सामग्री वितरण केंद्र, चिकित्सा शिविर, महिला एवं पुरुषों के लिए 50 बेड का विश्राम स्थल तथा आईसीडीएस एवं आंगनबाड़ी की व्यवस्था की गई है। बच्चों की देखभाल के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। सामुदायिक रसोई के माध्यम से विस्थापित परिवारों को दो वक्त गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में रह रहे लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं अन्य सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए। शिविर में मिल रही सुविधाओं पर विस्थापित ग्रामीणों ने संतोष जताते हुए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। अगर चाहें तो इसे �150, 200 या 250 शब्दों की अखबार शैली में भी कर सकता हूं।1
- बिहार पिछड़ा क्यों रह गया? यूपी की 10 साल की तरक्की का खौफनाक सच! 🔥1
- अडानी को दान करने वाली बिहार सरकार के पास वित्तरहित शिक्षकों के नियमित वेतनमान के लिए पैसा क्यों नहीं? वित्तरहित शिक्षकों के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का छलावा? नई वेतनमान = (आंतरिक स्रोत + अनुदान राशि)/12 MLC चुनाव से ठीक पहले नई वेतनमान की घोषणा या चुनावी पुलाव? पीरपैंती पावर प्लांट के नाम पर 1050 एकड़ जमीन अडानी को दान करने वाली बिहार सरकार के पास वित्तरहित शिक्षकों के नियमित वेतनमान के लिए पैसा क्यों नहीं? दिलीप जायसवाल ने रोजगार के लिए कोठे पर जाने की बात बिहार के महिलाओं को क्यों कहा? : राकेश गोप, जन सुराज1
- भागलपुर नगर निगम में विकास राशि को लेकर बवाल! भेदभाव और मनमानी के खिलाफ पार्षदों का धरना, प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल* *भागलपुर नगर निगम में विकास राशि को लेकर बवाल! भेदभाव और मनमानी के खिलाफ पार्षदों का धरना, प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल* लोकेशन भागलपूर सुल्तानगंज बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम भागलपुर नगर निगम में विकास राशि के आवंटन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वार्डों के बीच विकास राशि के आवंटन में कथित असमानता, भेदभाव और मनमानी के खिलाफ आज नगर निगम परिसर में जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। वार्ड संख्या-2 की पार्षद सोनी देवी और वार्ड संख्या-25 के पार्षद गोविंद बनर्जी के नेतृत्व में आयोजित इस धरना प्रदर्शन के जरिए नगर निगम प्रशासन और महापौर की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने विकास योजनाओं में सभी वार्डों के साथ समान व्यवहार करने की मांग उठाई भागलपुर नगर निगम में विकास कार्यों को लेकर एक बार फिर असंतोष सामने आया है नगर निगम परिसर में वार्ड पार्षदों की ओर से धरना प्रदर्शन किया गया धरने का मुख्य मुद्दा नगर निगम प्रशासन और महापौर द्वारा वार्डों के बीच विकास राशि के आवंटन में कथित भेदभाव बताया गया है।धरना प्रदर्शन के लिए लगाए गए बैनर में स्पष्ट रूप से विकास राशि के आवंटन में अत्यधिक भेदभाव, मनमानी और तानाशाही रवैये के खिलाफ आवाज बुलंद करने की बात कही गई है बैनर पर वार्ड संख्या-2 की पार्षद सोनी देवी और वार्ड संख्या-25 के पार्षद गोविंद बनर्जी के नाम प्रमुखता से दर्ज हैं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर निगम के सभी वार्डों का विकास समान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए लेकिन विकास राशि के आवंटन को लेकर जिस तरह की असमानता की शिकायतें सामने आ रही हैं, उससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि विकास योजनाओं का लाभ किसी खास वार्ड तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शहर के प्रत्येक क्षेत्र को उसकी जरूरत के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए।धरने के माध्यम से पार्षदों ने विकास राशि के आवंटन में पारदर्शिता लाने, सभी वार्डों के साथ समान व्यवहार करने और कथित मनमानी पर रोक लगाने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी अपने-अपने वार्डों की जनता की समस्याओं को नगर निगम तक पहुंचाना है ऐसे में यदि विकास कार्यों के लिए राशि के आवंटन में भेदभाव होता है, तो इसका सीधा असर आम लोगों की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ सकता है4