बागे नदी में मौत के गड्ढे खनन माफिया की बेखौफी बांदा अतर्रा तहसील — बागे नदी के "तेरा ब खंड" में अवैध खनन का गंभीर मामला सामने आया है। समाजसेवी राहुल त्रिपाठी (राहुल बाबा) ने आरोप लगाया है कि खनन माफिया पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से नदी के बीचों-बीच और किनारों पर 25 से 30 फीट तक गहरे जानलेवा गड्ढे खोद चुके हैं। उनका कहना है कि ये गड्ढे कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। नदी में पानी भरने के बाद इनकी गहराई का अंदाज़ा लगाना मुश्किल होगा, जिससे मवेशियों और ग्रामीणों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। समाजसेवी राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि तेरा ब खदान क्षेत्र में अंधाधुंध खनन से नदी की प्राकृतिक जलधारा प्रभावित हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल मशीनी खनन पर रोक लगाकर गड्ढों को नहीं भरा गया, तो वे जनआंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की कथित मिलीभगत से खनन माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं और शिकायतों के बावजूद अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते। अब स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इन खनन माफियाओं को संरक्षण किसका प्राप्त है।
बागे नदी में मौत के गड्ढे खनन माफिया की बेखौफी बांदा अतर्रा तहसील — बागे नदी के "तेरा ब खंड" में अवैध खनन का गंभीर मामला सामने आया है। समाजसेवी राहुल त्रिपाठी (राहुल बाबा) ने आरोप लगाया है कि खनन माफिया पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से नदी के बीचों-बीच और किनारों पर 25 से 30 फीट तक गहरे जानलेवा गड्ढे खोद चुके हैं। उनका कहना है कि ये गड्ढे कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। नदी में पानी भरने के बाद इनकी गहराई का अंदाज़ा लगाना मुश्किल होगा, जिससे मवेशियों और ग्रामीणों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। समाजसेवी राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि तेरा ब खदान क्षेत्र में अंधाधुंध खनन से नदी की प्राकृतिक जलधारा प्रभावित हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल मशीनी खनन पर रोक लगाकर गड्ढों को नहीं भरा गया, तो वे जनआंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की कथित मिलीभगत से खनन माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं और शिकायतों के बावजूद अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते। अब स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इन खनन माफियाओं को संरक्षण किसका प्राप्त है।
- बांदा अतर्रा तहसील — बागे नदी के "तेरा ब खंड" में अवैध खनन का गंभीर मामला सामने आया है। समाजसेवी राहुल त्रिपाठी (राहुल बाबा) ने आरोप लगाया है कि खनन माफिया पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से नदी के बीचों-बीच और किनारों पर 25 से 30 फीट तक गहरे जानलेवा गड्ढे खोद चुके हैं। उनका कहना है कि ये गड्ढे कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। नदी में पानी भरने के बाद इनकी गहराई का अंदाज़ा लगाना मुश्किल होगा, जिससे मवेशियों और ग्रामीणों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। समाजसेवी राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि तेरा ब खदान क्षेत्र में अंधाधुंध खनन से नदी की प्राकृतिक जलधारा प्रभावित हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल मशीनी खनन पर रोक लगाकर गड्ढों को नहीं भरा गया, तो वे जनआंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की कथित मिलीभगत से खनन माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं और शिकायतों के बावजूद अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते। अब स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इन खनन माफियाओं को संरक्षण किसका प्राप्त है।1
- बांदा जिले के अतर्रा थाना क्षेत्र की बागे नदी में एन जी टी नियमों को ताक में रख कर किया जा रहा है अवैध खनन, पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग के द्वारा नहीं की जा रही कार्यवाही।1
- बांदा जनपद के बबेरू ब्लॉक सभागार का है, जहां आज गुरुवार की दोपहर 12:00 से 2:00 बजे तक ब्लॉक सभागार में बबेरू ब्लाक प्रमुख रमाकांत पटेल की मौजूदगी एवं खंड विकास अधिकारी गरिमा अग्रवाल की अध्यक्षता में क्षेत्र पंचायत सदस्यों की त्रैमासिक बैठक संपन्न की गई, जिसमें हुए विकास कार्यों की समीक्षा की गई और नए एजेंडे विकास कार्यों के शामिल किए गए, जिसमें ग्रामों से संबंधित जल जीवन मिशन की छाई रही समस्याएं इस दौरान स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी, शिक्षा विभाग, एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिला पंचायत सदस्य इंद्रजीत यादव सांसद प्रतिनिधि विधायक प्रतिनिधि एवं ग्राम प्रधान रामविशुन श्रीवास, गिरजाकांत तिवारी, हिमांचल यादव, कमल कुमार वर्मा, कमलेश वर्मा, सविता देवी, सुनीता देवी, अकबर हुसैन, मुलायम सिंह यादव,गया प्रसाद ,गयादीन, गीता देवी, सुबिया देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य ओमनाथ गुप्ता, सचिव सत्येंद्र सिंह, अजय सिंह, सचिन सिंह, अर्जुन सिंह, शिवलाल, सहित अन्य सचिव व क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम प्रधान मौजूद रहे।1
- खबर बांदा से है— बढ़ती बंदियों की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बांदा मंडल कारागार में अब चार नई हाई सिक्योरिटी बैरकों का निर्माण कराया जा रहा है। योगी सरकार की पहल पर बन रहीं ये बैरकें आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी। प्रत्येक बैरक की क्षमता 30 बंदियों की होगी। कुल चार बैरकों के निर्माण पर लगभग 4 करोड़ 43 लाख रुपये की लागत आ रही है। निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड यानी UPRNSS द्वारा कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य लगभग 20 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है और अक्टूबर 2026 तक इसे पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दो मंजिला दो भवनों में चार बैरकें बनाई जा रही हैं। साथ ही सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए 85 मीटर लंबी नई सर्किल वॉल का भी निर्माण किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इन बैरकों के तैयार होने से जेल में बंदियों का बढ़ता दबाव कम होगा और संवेदनशील अपराधियों को अलग एवं सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जा सकेगा।1
- चित्रकूट : राजापुर में वृद्ध महिला की दुकान में तोड़फोड़ ➡मुस्लिम युवक पर लगा अभद्रता का आरोप ➡सराय तलैया स्थित वारिश मोबाइल शॉप का मामला #ChitrakootIncident #ShopVandalism @chitrakootpol1
- Post by Sangeeta Anuragi1
- बांदा बबेरू ब्लाक सभागार में क्षेत्र पंचायत की त्रैमासिक बैठक संपन्न हुई बैठक में जल जीवन मिशन की समस्याओं स्वास्थ्य शिक्षा और आंगनवाड़ी विभाग की समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की सक्रियता उपस्थिति रही1
- ग्राम दुरेडी मे हो रहा भव्य कथा का आयोजन श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन ग्राम दुरेडी जनपद बांदा में 13 फरवरी 2026 से चल रहा है आज 19 फरवरी को भागवत कथा का समापन तथा सुदामा चरित्र की कथा हुई जिससे ग्राम के सभी लोगों ने श्रवण किया कल 20 फरवरी को भव्य भंडारा का आयोजन किया जाना सुनिश्चित हुआ है इस शुभ अवसर पर हमारे बांदा जनपद के समाजसेवी भाजपा नेता श्याममोहन धुरिया कथा के अंतिम दिन उपस्थित रहे उन्होंने कथा व्यास पर विराजमान आचार्य यगेश मिश्रा जी को अंगवस्त्र देकर सम्मान किया आचार्य द्वारा भी समाजसेवी श्याममोहन धुरिया को व्यास गद्दी से आशीर्वाद दिया तथा सम्मानित किया और यह भी कहा कि ज्यादा कर धार्मिक सभी कामों में हमेशा उनकी उपस्थिति रहती है तन मन धन से हमेशा अच्छे अच्छे कार्य में रुचि लेना और धार्मिक कार्यों में पहुंचकर सम्मिलित होना यह बहुत ही बड़ा कार्य है जो इस समय सब कोई नहीं कर पाता इस शुभ अवसर पर संजय मिश्रा विक्की रोहित द्विवेदी1