एनटीपीसी ऊंचाहार के गेट पर अवैध वसूली के सवाल को लेकर 13 अप्रैल से प्रस्तावित धरने को रोकने के लिए पुलिस द्वारा नेताओं को धमकाये का आरोप रिपोर्ट- सागर तिवारी रायबरेली:टआल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस ( ऐक्टू) प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही ने एनटीपीसी ऊंचाहार रायबरेली के गेट पर अवैध वसूली के सवाल को लेकर 13 अप्रैल से प्रस्तावित धरने को रोकने के लिए पुलिस द्वारा नेताओं को धमकाये जाने की कार्यवाही की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह साबित करता है कि यह लूट सिर्फ एनटीपीसी प्रंबधन और ठेकेदार गठजोड़ द्वारा ही नहीं की जा रही है बल्कि इस लूट में पूरा जिला प्रशासन शामिल है*। ज्ञातव्य है कि सी ओ ऊंचाहार और कोतवाली प्रभारी ,चौकी इंचार्ज एनटीपीसी ने आज वार्ता के बहाने ऐक्टू नेता कमला कांत पाण्डेय ,राम संजीवन, पवन मिश्रा को कोतवाली परिसर में बुलाकर आंदोलन करने पर दस मुकदमे लगाकर जेल भेजने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि ऐक्टू एक वर्ष से अधिक समय से इस अवैध और अपराधिक वसूली के विरुद्ध निगरानी कमेटी बनाने और वसूली पर रोक की गारंटी करने की मांग कर रहा है, किंतु 2 हजार करोड़ रु से अधिक की डरा धमकाकर की जाने वार्षिक वसूली रोकने के बजाए उसके विरुद्ध आवाज उठाने वालों पर फर्जी मुकदमा लिखकर जेल भेजने की धमकी देने वाले कानून के कथित रक्षक पुलिस अधिकारी न सिर्फ इस लूट को बेखौफ जारी रखने का रास्ता साफ कर रहे हैं, बल्कि अपनी संलिप्तता को भी उजागर कर रहे हैं। कामरेड विद्रोही ने कहा कि ऊंचाहार पुलिस की बहादुरी के बड़े बड़े कारनामें जगजाहिर हैं। ऊंचाहार जिले का सर्वाधिक दलित, महिला उत्पीड़न और अन्य अपराधों वाला इलाका है, वहां अपना बल कौशल दिखाने में फिसड्डी पुलिस अधिकारी मेहनतकशों की जेब काटने वाले ताकतवरों के खिलाफ आवाज उठाने वालों को धमका रहे हैं। उसी ऊंचाहार थाने में मजदूरों की अवैध वसूली की दर्जनों शिकायतें पड़ी हैं , पर उन्हें दर्ज तक नहीं किया गया बल्कि ठेकेदारों से माल मत्ता लेकर उन शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। उन्होंने अंत में कहा कि ऐक्टू पहले से ही कहता रहा है कि यह सिर्फ ठेकदारों का काम नहीं है, यह ठेकेदार ,एनटीपीसी प्रबंधन , पुलिस प्रशासन और अन्य बड़े ताकतवरों के गठजोड़ के जरिए बेखौफ रिवाज की तरह अपराध किया जा रहा है। किसानों के पुआल जलाने पर प्रदूषण फैलाने का मुकदमा दर्ज कराने वाला लोक प्रशासन लाखों लोगों का जीवन नर्क बना देने वाला एनटीपीसी द्वारा पैदा किया जा रहा वायु प्रदूषण नहीं दिखता । एनटीपीसी की चिमनियां मौत उगल रही हैं, वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के आवश्यक उपाय करने के बजाय लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐश पॉन्ड्स का रख रखाव करने के बजाय स्थानीय आबादी उसके भयावह दुष्प्रभाव झेलने के लिए अभिशप्त है। पूरे इलाके के किसानों , मजदूरों ने इसी लिए कुर्बानी की थी कि चंद लुटेरे आकर उनको मौत का उपहार देंगे और उनके बच्चों की पसीने से अर्जित थाली की रोटी छीन लेंगे। ऐक्टू अध्यक्ष ने अंत में कहा कि हम हर दमन का सामना कर इस अवैध लूट ,श्रमिको के उत्पीड़न तथा स्थानीय जनता के साफ हवा के अधिकार के संघर्ष को जीत तक चलाएंगे।
एनटीपीसी ऊंचाहार के गेट पर अवैध वसूली के सवाल को लेकर 13 अप्रैल से प्रस्तावित धरने को रोकने के लिए पुलिस द्वारा नेताओं को धमकाये का आरोप रिपोर्ट- सागर तिवारी रायबरेली:टआल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस ( ऐक्टू) प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही ने एनटीपीसी ऊंचाहार रायबरेली के गेट पर अवैध वसूली के सवाल को लेकर 13 अप्रैल से प्रस्तावित धरने को रोकने के लिए पुलिस द्वारा नेताओं को धमकाये जाने की कार्यवाही की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह साबित करता है कि यह लूट सिर्फ एनटीपीसी प्रंबधन और ठेकेदार गठजोड़ द्वारा ही नहीं की जा रही है बल्कि इस लूट में पूरा जिला प्रशासन शामिल है*। ज्ञातव्य है कि सी ओ ऊंचाहार और कोतवाली प्रभारी ,चौकी इंचार्ज एनटीपीसी ने आज वार्ता के बहाने ऐक्टू नेता कमला कांत पाण्डेय ,राम संजीवन, पवन मिश्रा को कोतवाली परिसर में बुलाकर आंदोलन करने पर दस मुकदमे लगाकर जेल भेजने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि ऐक्टू एक वर्ष से अधिक समय से इस अवैध और अपराधिक वसूली के विरुद्ध निगरानी कमेटी बनाने और वसूली पर रोक की गारंटी करने की मांग कर रहा है, किंतु 2 हजार करोड़ रु से अधिक की डरा धमकाकर की जाने वार्षिक वसूली रोकने के बजाए उसके विरुद्ध आवाज उठाने वालों पर फर्जी मुकदमा लिखकर जेल भेजने की धमकी देने वाले कानून के कथित रक्षक पुलिस अधिकारी न सिर्फ इस लूट को बेखौफ जारी रखने का रास्ता साफ कर रहे हैं, बल्कि अपनी संलिप्तता को भी उजागर कर रहे हैं। कामरेड विद्रोही ने कहा कि ऊंचाहार पुलिस की बहादुरी के बड़े बड़े कारनामें जगजाहिर हैं। ऊंचाहार जिले का सर्वाधिक दलित, महिला उत्पीड़न और अन्य अपराधों वाला इलाका है, वहां अपना बल कौशल दिखाने में फिसड्डी पुलिस अधिकारी मेहनतकशों की जेब काटने वाले ताकतवरों के खिलाफ आवाज उठाने वालों को धमका रहे हैं। उसी ऊंचाहार थाने में मजदूरों की अवैध वसूली की दर्जनों शिकायतें पड़ी हैं , पर उन्हें दर्ज तक नहीं किया गया बल्कि ठेकेदारों से माल मत्ता लेकर उन शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। उन्होंने अंत में कहा कि ऐक्टू पहले से ही कहता रहा है कि यह सिर्फ ठेकदारों का काम नहीं है, यह ठेकेदार ,एनटीपीसी प्रबंधन , पुलिस प्रशासन और अन्य बड़े ताकतवरों के गठजोड़ के जरिए बेखौफ रिवाज की तरह अपराध किया जा रहा है। किसानों के पुआल जलाने पर प्रदूषण फैलाने का मुकदमा दर्ज कराने वाला लोक प्रशासन लाखों लोगों का जीवन नर्क बना देने वाला एनटीपीसी द्वारा पैदा किया जा रहा वायु प्रदूषण नहीं दिखता । एनटीपीसी की चिमनियां मौत उगल रही हैं, वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के आवश्यक उपाय करने के बजाय लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐश पॉन्ड्स का रख रखाव करने के बजाय स्थानीय आबादी उसके भयावह दुष्प्रभाव झेलने के लिए अभिशप्त है। पूरे इलाके के किसानों , मजदूरों ने इसी लिए कुर्बानी की थी कि चंद लुटेरे आकर उनको मौत का उपहार देंगे और उनके बच्चों की पसीने से अर्जित थाली की रोटी छीन लेंगे। ऐक्टू अध्यक्ष ने अंत में कहा कि हम हर दमन का सामना कर इस अवैध लूट ,श्रमिको के उत्पीड़न तथा स्थानीय जनता के साफ हवा के अधिकार के संघर्ष को जीत तक चलाएंगे।
- रायबरेली:टआल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस ( ऐक्टू) प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही ने एनटीपीसी ऊंचाहार रायबरेली के गेट पर अवैध वसूली के सवाल को लेकर 13 अप्रैल से प्रस्तावित धरने को रोकने के लिए पुलिस द्वारा नेताओं को धमकाये जाने की कार्यवाही की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह साबित करता है कि यह लूट सिर्फ एनटीपीसी प्रंबधन और ठेकेदार गठजोड़ द्वारा ही नहीं की जा रही है बल्कि इस लूट में पूरा जिला प्रशासन शामिल है*। ज्ञातव्य है कि सी ओ ऊंचाहार और कोतवाली प्रभारी ,चौकी इंचार्ज एनटीपीसी ने आज वार्ता के बहाने ऐक्टू नेता कमला कांत पाण्डेय ,राम संजीवन, पवन मिश्रा को कोतवाली परिसर में बुलाकर आंदोलन करने पर दस मुकदमे लगाकर जेल भेजने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि ऐक्टू एक वर्ष से अधिक समय से इस अवैध और अपराधिक वसूली के विरुद्ध निगरानी कमेटी बनाने और वसूली पर रोक की गारंटी करने की मांग कर रहा है, किंतु 2 हजार करोड़ रु से अधिक की डरा धमकाकर की जाने वार्षिक वसूली रोकने के बजाए उसके विरुद्ध आवाज उठाने वालों पर फर्जी मुकदमा लिखकर जेल भेजने की धमकी देने वाले कानून के कथित रक्षक पुलिस अधिकारी न सिर्फ इस लूट को बेखौफ जारी रखने का रास्ता साफ कर रहे हैं, बल्कि अपनी संलिप्तता को भी उजागर कर रहे हैं। कामरेड विद्रोही ने कहा कि ऊंचाहार पुलिस की बहादुरी के बड़े बड़े कारनामें जगजाहिर हैं। ऊंचाहार जिले का सर्वाधिक दलित, महिला उत्पीड़न और अन्य अपराधों वाला इलाका है, वहां अपना बल कौशल दिखाने में फिसड्डी पुलिस अधिकारी मेहनतकशों की जेब काटने वाले ताकतवरों के खिलाफ आवाज उठाने वालों को धमका रहे हैं। उसी ऊंचाहार थाने में मजदूरों की अवैध वसूली की दर्जनों शिकायतें पड़ी हैं , पर उन्हें दर्ज तक नहीं किया गया बल्कि ठेकेदारों से माल मत्ता लेकर उन शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। उन्होंने अंत में कहा कि ऐक्टू पहले से ही कहता रहा है कि यह सिर्फ ठेकदारों का काम नहीं है, यह ठेकेदार ,एनटीपीसी प्रबंधन , पुलिस प्रशासन और अन्य बड़े ताकतवरों के गठजोड़ के जरिए बेखौफ रिवाज की तरह अपराध किया जा रहा है। किसानों के पुआल जलाने पर प्रदूषण फैलाने का मुकदमा दर्ज कराने वाला लोक प्रशासन लाखों लोगों का जीवन नर्क बना देने वाला एनटीपीसी द्वारा पैदा किया जा रहा वायु प्रदूषण नहीं दिखता । एनटीपीसी की चिमनियां मौत उगल रही हैं, वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के आवश्यक उपाय करने के बजाय लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐश पॉन्ड्स का रख रखाव करने के बजाय स्थानीय आबादी उसके भयावह दुष्प्रभाव झेलने के लिए अभिशप्त है। पूरे इलाके के किसानों , मजदूरों ने इसी लिए कुर्बानी की थी कि चंद लुटेरे आकर उनको मौत का उपहार देंगे और उनके बच्चों की पसीने से अर्जित थाली की रोटी छीन लेंगे। ऐक्टू अध्यक्ष ने अंत में कहा कि हम हर दमन का सामना कर इस अवैध लूट ,श्रमिको के उत्पीड़न तथा स्थानीय जनता के साफ हवा के अधिकार के संघर्ष को जीत तक चलाएंगे।1
- पुलिस पर शिकायत दर्ज न करने का आरोप 13 अप्रैल 2026 को गेट नंबर 1 पर विशाल प्रदर्शन की तैयारी रायबरेली के ऊंचाहार में एनटीपीसी में कार्यरत मजदूरों की मजदूरी में डाका डाल रहे ठेकेदारों और कम्पनी को लेकर व मजदूर यूनियन की अन्य मांगों को लेकर 13 अप्रैल 2026 को एनटीपीसी गेट नंबर 1 पर विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। जिसको लेकर मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने बकायदा पर्चा छपवा कर क्षेत्र व एनटीपीसी में कार्यरत मजदूरों को बटवाया गया है, आरोप लगाया गया है, कि अधिकांश ठेका कंपनियों द्वारा मजदूरों से उनकी मजदूरी का आधा हिस्सा जबरन वापस करा लिया जाता है ,पैसे को वापस कराने के लिए गेट पास जमा करा लेने से लेकर जान माल का नुक्सान पहुंचाने की धमकी से डर और दहसत पैदा कर अवैध वसूली की जाती है, आरोप लगाया गया है, कि अनेक मजदूरों का गेटपास जमा करा लिया गया है,और उनकी सेवाएं बिना किसी विधिक प्राक्रिया के समाप्त कर दी गई, है , वहीं एनटीपीसी प्रबंधन इसे ठेकेदारों से जुड़ा मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ता आ रहा है। और अवैध वसूली एक रिवाज की तरह लगातार वर्षों से जारी है ,कई मजदूरों ने अपनी मजदूरी पाने के लिए पुलिस से भी कई बार शिकायत दर्ज कराई लेकिन मजदूरों की शिकायत नहीं लिखी गई, जिसको लेकर मजदूर यूनियन लम्बे समय से एनटीपीसी प्रबंधन स्थानीय व जिला प्रशासन से शान्ति पूर्ण ढंग से अपने आक्रोश को व्यक्त कर इस लूट को रोकने व जबरन वसूली करने वाली कंपनियों को एजंसियों को काली सूची में डालने की मांग की जा रही है किन्तु आवाज उठाने वाले मजदूरों को लगातार किया जा रहा है। जिसको लेकर दिनांक 13 अप्रैल 2026 को एनटीपीसी गेट नंबर 1 पर विशाल प्रदर्शन की तैयारी में है। मजदूर राम सजीवन कमला कांत पांडेय पुष्पेन्द्र सिंह आशीष पांडेय3
- जगतपुर, रायबरेली। थाना क्षेत्र के कूड गाँव के पास शनिवार की शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खेतों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी ने गेहूं के खेत में भीषण आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के खेतों को अपनी चपेट में लेने लगी। आग का गुबार उठता देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और लोग बाल्टी, ड्रम व अन्य साधनों से आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत और सामूहिक प्रयास से काफी देर बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक गाँव के बृजेश मिश्रा और उदयराज चौहान की लगभग 5 बीघे गेहूं की तैयार फसल जलकर पूरी तरह राख हो चुकी थी। घटना से पीड़ित किसानों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ितों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है और बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि खेतों के ऊपर से गुजर रही जर्जर बिजली लाइनों की जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- खागा (फतेहपुर) नगर के डाकखाना स्थित मंगलम गार्डन में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'श्री हरि कथा ज्ञान यज्ञ' का भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन उमड़े श्रद्धालुओं के जनसैलाब ने भक्ति की अविरल धारा में गोता लगाया। ईश्वर की भक्ति ही जीवन का आधार: साध्वी अर्चना भारती दिव्य गुरु सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री भक्ति अर्चना भारती जी ने प्रवचनों के माध्यम से भक्ति और सेवा के गूढ़ रहस्यों को साझा किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि, "ईश्वर की भक्ति ही मानव जीवन का वास्तविक आधार है। निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही मनुष्य के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है।" साध्वी जी के भजनों और आध्यात्मिक विचारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। *विशाल भंडारे में उमड़ी भीड़* कथा की पूर्णाहूति के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें नगर और आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम की व्यवस्था और भक्तों के उत्साह ने इसे एक उत्सव का रूप दे दिया। *इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति* इस अवसर पर मुख्य यजमान अभिषेक भार्गव के साथ ही प्रमुख रूप से पप्पू द्विवेदी अविनाश द्विवेदी रामबाबू त्रिपाठी, प्रवीण पांडेय, अजय त्रिपाठी . सूर्य भान त्रिपाठी, अनुराग द्विवेदी छत्रपाल मौर्य, आशीष द्विवेदी शिवगंज द्विवेदी प्रवीण, ज्ञानेंद्र प्रजापति, एडवोकेट अतुल सिंह सहित भारी संख्या में भक्तगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।3
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- Post by KEN2
- ऊंचाहार , रायबरेली । जमीन संबंधी विवाद के मामले में एक व्यक्ति ने पूरे गांव का आवागमन रोक दिया । राजस्व टीम के रोक के बावजूद उसने पुलिस से सेटिंग की और रविवार अवकाश का फायदा उठाकर आम रास्ते में गेट लगा दिया । मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव पूरे पुरई मजरे कोटरा बहादुर गंज का है । यहां के रहने वाले राम आसरे का कहना है कि गांव के पास उनकी तथा गांव के अन्य लोगों की जमीन है । खेत को आने जाने के लिए एक आम रास्ता आबादी की भूमि से होकर जाता है । इस रास्ते पर गांव के एक व्यक्ति की नजर थी । उसने रास्ते पर कुछ दिन पूर्व निर्माण की कोशिश की तो मामले की शिकायत राजस्व अधिकारियों से की गई । जिसके बाद नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक और लेखपाल की टीम मौके पर पहुंची और रास्ते में हो रहे निर्माण को रोक दिया , साथ ही हिदायत दी कि इस मार्ग पर कोई भी निर्माण नहीं किया जाएगा । इसके बाद उसने रविवार होने का फायदा उठाया और पुलिस की मिलीभगत से रास्ते को बंद करके गेट लगा दिया है । परेशान ग्रामीण पुलिस से मदद की गुहार लगाते रहे , किंतु उनकी एक भी नहीं सुनी गई है । इस बीच गांव का रास्ता रोक दिया गया है । उधर कोतवाल अजय कुमार राय का कहना है कि मामला राजस्व विभाग से संबंधित है, इसका निराकरण राजस्व टीम के साथ ही किया जाएगा ।1