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susma vlogs मैं झारखंडी भोजी और सोनभद्र जिला के दूधी के चेरो समाज के अध्याछ दोनों को पलामू जिला के डूबी खाद के मेले में हुई मुलाकात l
Ramashankar sharma
susma vlogs मैं झारखंडी भोजी और सोनभद्र जिला के दूधी के चेरो समाज के अध्याछ दोनों को पलामू जिला के डूबी खाद के मेले में हुई मुलाकात l
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- Post by Sunil singh1
- Post by Sontiriya Drishti News1
- बलरामपुर में अवैध अफीम की खेती का मामला: 3.67 एकड़ में उगाई गई फसल नष्ट बलरामपुर (छत्तीसगढ़): जिले के थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत तिरुपुर के आश्रित गांव में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार लगभग 3.67 एकड़ भूमि पर अफीम की खेती की जा रही थी। प्रशासन को सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरी फसल को उखाड़कर नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस जमीन के मालिकों से झारखंड के एक व्यक्ति द्वारा लिखित समझौता लेकर अफीम की खेती कराई जा रही थी। बताया जा रहा है कि अफीम के डोडों से एक-दो बार रस (लेटेक्स) भी निकाला जा चुका था, और फसल पूरी तरह पकने की कगार पर थी। इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती लंबे समय से चल रही थी, लेकिन जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की निगरानी के दौरान यह कैसे नजर से बची रही, यह जांच का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धान खरीदी शुरू होने से पहले प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों द्वारा इलाके का निरीक्षण किया गया था, फिर भी इस फसल का पता नहीं चल सका। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में समय-समय पर इस तरह की अवैध अफीम की खेती के मामले सामने आना यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं बड़े स्तर पर संरक्षण या लापरवाही हो सकती है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। मंगलवार तड़के से ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर डटे रहे और फसल को उखाड़कर नष्ट करने की कार्रवाई की गई। वहीं नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और अफीम की खेती का निरीक्षण किया। अब बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती आखिर जिला और पुलिस प्रशासन की नजर से कैसे बची रही। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।1
- बलरामपुर जिले के जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने उजागर हुआ है जो 482 आंगनबाड़ी हमारे जिला में नहीं है जिसके कारण कहीं किराए के भवन में तो कहीं महुआ पेड़ के नीचे आंगनबाड़ी लग रहा है लेकिन जिले के जिला प्रतिनिधि जिला प्रशासन घर लापरवाह देखत अनदेखा कर रहे हैं1
- सभी वीडियो बनाने वाली शोखिन नहीं होती है , कुछ जीवन से संघर्ष की राह खोजते हैं l1