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जय माता दी🙏🌺 कालरात्रि जगदंबे तेरा है एक भरोसा है तेरे जैसा दुनिया में कोई नहीं मां

2 days ago
user_Usha devi
Usha devi
पीरपैंती, भागलपुर, बिहार•
2 days ago

जय माता दी🙏🌺 कालरात्रि जगदंबे तेरा है एक भरोसा है तेरे जैसा दुनिया में कोई नहीं मां

More news from बिहार and nearby areas
  • दुर्गा अष्टमी आज का दिन मां शीतल माता का पूजा होता है Gate per Dholak Bajata hai पूजा तैयारी हो जाता है
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    दुर्गा अष्टमी आज का दिन मां  शीतल माता का पूजा होता है Gate per Dholak Bajata hai  पूजा तैयारी हो जाता है
    user_Usha devi
    Usha devi
    पीरपैंती, भागलपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • कटिहार में रामनवमी के मौके पर चप्पा चप्पा भगवामय, जय श्री राम के जयघोष से गुंजा कटिहार, मर्यादा पुरसोत्तम राम की भव्य शोभा यात्रा में क्या आम क्या खास हर कोई हुआ शामिल, सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ामत, देखिये रामनवमी की शोभा यात्रा की जबरदस्त वीडियो।
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    कटिहार में रामनवमी के मौके पर चप्पा चप्पा भगवामय, जय श्री राम के जयघोष से गुंजा कटिहार, मर्यादा पुरसोत्तम राम की भव्य शोभा यात्रा में क्या आम क्या खास हर कोई हुआ शामिल, सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ामत, देखिये रामनवमी की शोभा यात्रा की जबरदस्त वीडियो।
    user_Asadur Rahman
    Asadur Rahman
    कटिहार, कटिहार, बिहार•
    27 min ago
  • बिहार के समस्तीपुर जिला के रहने वाले आदित्य प्रकाश अमन साइंस में 481 अंक लाकर प्रथम स्थान हासिल किया कलाकार ने आदित्य प्रकाश अमन को लेकर एक लोकगीत प्रस्तुत किया जो सभी लोगों का दिल छू लिए
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    बिहार के समस्तीपुर जिला के रहने वाले आदित्य प्रकाश अमन साइंस में 481 अंक लाकर प्रथम स्थान हासिल किया कलाकार ने आदित्य प्रकाश अमन को लेकर एक लोकगीत प्रस्तुत किया जो सभी लोगों का दिल छू लिए
    user_Nibraj alam
    Nibraj alam
    Social Media Manager Kahalgaon, Bhagalpur•
    2 hrs ago
  • G.Classes के छात्र-छात्राओं ने लहराया परचम,कई बच्चे फर्स्ट डिवीजन से किया पास।
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    G.Classes के छात्र-छात्राओं ने लहराया परचम,कई बच्चे फर्स्ट डिवीजन से किया पास।
    user_Raju Ranjan
    Raju Ranjan
    Media Consultant कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
    13 hrs ago
  •   +7  सम्राट अशोक (शासनकाल: 273-232 ईसा पूर्व) मौर्य वंश के तीसरे और सबसे महान चक्रवर्ती सम्राट थे, जिन्होंने अखंड भारत (अफगानिस्तान से बांग्लादेश तक) पर शासन किया। कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के नरसंहार से द्रवित होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और "धम्म" (अहिंसा, प्रेम) का प्रचार किया। उन्हें उनके शिलालेखों, स्तूपों (सांची) और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए जाना जाता है।  विकिपीडिया +4 सम्राट अशोक के बारे में मुख्य तथ्य: विशाल साम्राज्य: अशोक का साम्राज्य उत्तर में हिन्दुकुश, दक्षिण में मैसूर, पूर्व में बंगाल और पश्चिम में अफगानिस्तान तक फैला था। कलिंग युद्ध और हृदय परिवर्तन: कलिंग युद्ध के बाद हिंसा से दूर होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया और अहिंसा की नीति अपनाई। बौद्ध धर्म का प्रसार: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था। प्रशासन और जनकल्याण: उन्होंने सड़कों, अस्पतालों, विश्राम गृहों का निर्माण करवाया। उनके शिलालेख (शिलालेख, स्तंभ लेख) प्रशासन और 'धम्म' के प्रचार के मुख्य साधन थे। प्रतीक चिन्ह: भारत का राष्ट्रीय प्रतीक, 'अशोक चक्र' और चार शेर वाला स्तंभ, सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से ही लिया गया है। लोकप्रिय नाम: उन्हें 'देवानाम्प्रिय' (देवताओं के प्रिय) और 'प्रियदर्शी' (देखने में सुंदर) के नाम से भी जाना जाता है।  विकिपीडिया +6 सम्राट अशोक का शासनकाल शांति, समृद्धि और मानवतावादी दृष्टिकोण के लिए इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
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सम्राट अशोक (शासनकाल: 273-232 ईसा पूर्व) मौर्य वंश के तीसरे और सबसे महान चक्रवर्ती सम्राट थे, जिन्होंने अखंड भारत (अफगानिस्तान से बांग्लादेश तक) पर शासन किया। कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के नरसंहार से द्रवित होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और "धम्म" (अहिंसा, प्रेम) का प्रचार किया। उन्हें उनके शिलालेखों, स्तूपों (सांची) और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए जाना जाता है। 
विकिपीडिया +4
सम्राट अशोक के बारे में मुख्य तथ्य:
विशाल साम्राज्य: अशोक का साम्राज्य उत्तर में हिन्दुकुश, दक्षिण में मैसूर, पूर्व में बंगाल और पश्चिम में अफगानिस्तान तक फैला था।
कलिंग युद्ध और हृदय परिवर्तन: कलिंग युद्ध के बाद हिंसा से दूर होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया और अहिंसा की नीति अपनाई।
बौद्ध धर्म का प्रसार: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था।
प्रशासन और जनकल्याण: उन्होंने सड़कों, अस्पतालों, विश्राम गृहों का निर्माण करवाया। उनके शिलालेख (शिलालेख, स्तंभ लेख) प्रशासन और 'धम्म' के प्रचार के मुख्य साधन थे।
प्रतीक चिन्ह: भारत का राष्ट्रीय प्रतीक, 'अशोक चक्र' और चार शेर वाला स्तंभ, सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से ही लिया गया है।
लोकप्रिय नाम: उन्हें 'देवानाम्प्रिय' (देवताओं के प्रिय) और 'प्रियदर्शी' (देखने में सुंदर) के नाम से भी जाना जाता है। 
विकिपीडिया +6
सम्राट अशोक का शासनकाल शांति, समृद्धि और मानवतावादी दृष्टिकोण के लिए इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
    user_बासुकी  नाथ साह  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकसभा पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार
    बासुकी नाथ साह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकसभा पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार
    Railway services कटिहार, कटिहार, बिहार•
    21 hrs ago
  • Post by Md Mukhatar
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    Post by Md Mukhatar
    user_Md Mukhatar
    Md Mukhatar
    Actor ठाकुरगंगटी, गोड्डा, झारखंड•
    22 hrs ago
  • चलो आगे देखते हैं क्या होता है 👀😱
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    चलो आगे देखते हैं क्या होता है 👀😱
    user_Topesh Kumar
    Topesh Kumar
    मंद्रो, साहेबगंज, झारखंड•
    23 hrs ago
  • बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कटिहार से एक बड़ा राजनीतिक बयान सामने आया है, जिसने मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाओं को और हवा दे दी है। पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अहमद अशफाक करीम ने निशांत कुमार को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वे लगातार जनता के बीच जाकर काम कर रहे हैं और जमीन से जुड़कर अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर इस बात का जिक्र किया कि ईद के मौके पर भी निशांत कुमार अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से मिलने पहुंचे, जो उनकी सक्रियता और सामाजिक जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार अपने पिता नीतीश कुमार की तरह इंजीनियर हैं और उन्हीं की कार्यशैली को आगे बढ़ाने की क्षमता रखते हैं। उनका मानना है कि भविष्य में पार्टी या सरकार में जो भी जिम्मेदारी निशांत कुमार को मिलेगी, वे उसे बखूबी निभाने में सक्षम हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वे बिहार की राजनीति से दूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार में रहकर विकास कार्यों और संगठन दोनों को संभालते रहेंगे, साथ ही निशांत कुमार को भी मार्गदर्शन देंगे। इस बयान के बाद बिहार की सियासत में कयासों का दौर तेज हो गया है और यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या आने वाले समय में निशांत कुमार राज्य की राजनीति में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
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    बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कटिहार से एक बड़ा राजनीतिक बयान सामने आया है, जिसने मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाओं को और हवा दे दी है।
पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अहमद अशफाक करीम ने निशांत कुमार को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वे लगातार जनता के बीच जाकर काम कर रहे हैं और जमीन से जुड़कर अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर इस बात का जिक्र किया कि ईद के मौके पर भी निशांत कुमार अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से मिलने पहुंचे, जो उनकी सक्रियता और सामाजिक जुड़ाव को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि निशांत कुमार अपने पिता नीतीश कुमार की तरह इंजीनियर हैं और उन्हीं की कार्यशैली को आगे बढ़ाने की क्षमता रखते हैं। उनका मानना है कि भविष्य में पार्टी या सरकार में जो भी जिम्मेदारी निशांत कुमार को मिलेगी, वे उसे बखूबी निभाने में सक्षम हैं।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वे बिहार की राजनीति से दूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार में रहकर विकास कार्यों और संगठन दोनों को संभालते रहेंगे, साथ ही निशांत कुमार को भी मार्गदर्शन देंगे।
इस बयान के बाद बिहार की सियासत में कयासों का दौर तेज हो गया है और यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या आने वाले समय में निशांत कुमार राज्य की राजनीति में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
    user_Asadur Rahman
    Asadur Rahman
    कटिहार, कटिहार, बिहार•
    8 hrs ago
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