उत्तराखंड के युवक ने बना दी हवा में उड़ने वाली कार! 🚨🚗✈️ अब सड़क पर नहीं… हवा में सफर होगा! उत्तराखंड के युवक ने बना दी हवा में उड़ने वाली कार! 🚨🚗✈️ अब सड़क पर नहीं… हवा में सफर होगा! 😱 उत्तराखंड के अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर और Hapida Sky Private Limited के फाउंडर-CEO रवि टम्टा ने अपनी बनाई ‘फ्लाइंग कार’ का अल्मोड़ा आर्मी हेलीपैड पर सफल परीक्षण किया है। 📍 परीक्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। रवि टम्टा का दावा है कि यह भारत का पहला पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल है। इसके जरिए करीब 40 मिनट का सफर सिर्फ 12 मिनट में पूरा किया जा सकता है। यानी जिस रास्ते पर घंटों ट्रैफिक में फंसना पड़ता है… वहीं अब हवा में उड़कर पहुंचने का सपना सच होने की ओर है! 🚀 हालांकि, इसके व्यावसायिक इस्तेमाल और आधिकारिक मंजूरी से जुड़े नियमों की जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
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- नगर निगम गयाजी के महापौर विरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान एवं नगर आयुक्त डॉoगगन कुमार के द्वारा सफाईकर्मियों, चालकों के बीच अंगवस्त्र एवं रैनकोट का वितरण स्टेशन रोड स्थित नगर निगम स्टोर के प्रांगण में किया गया।1
- मगध रेंज के आईजी के निर्देश पर कोंच प्रखंड के आंती थाना परिसर में 'लोक संवाद गोष्ठी' का आयोजन किया गया। मगध रेंज के आईजी के निर्देश पर कोंच प्रखंड के आंती थाना परिसर में 'लोक संवाद गोष्ठी' का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को कम करना और जन-समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट त्वरित समाधान करना है।📌 मुख्य बिंदु और उद्देश्य:सीधा संवाद: आम जनता सीधे पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी सामूहिक और प्रशासनिक समस्याएं रख सकती है।त्वरित समाधान: शिकायतों को सुनकर मौके पर ही उनका निपटारा करने का प्रयास किया जाता है।नियमित आयोजन: यह कार्यक्रम हर महीने के पहले शनिवार को आयोजित किया जाता है।जवाबदेही: आईजी के सख्त निर्देशानुसार, थानों में आने वाले हर आवेदन की रिसीविंग देना अनिवार्य है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।1
- गया जिले में अवैध नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड एवं पैथोलैब के विरुद्ध चलेगा विशेष अभियान* *अवैध संस्थानों को तत्काल सील कर FIR दर्ज कराने का निर्देश*1
- विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी विषय पर एक दिवसीय पंच सम्मेलन का आयोजन l दिनांक :- 08.08.2026 आज दिनांक 08 अगस्त 2026 को जिला परिषद अध्यक्ष महोदया नयना कुमारी की अध्यक्षता में प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी हरिदास सेमिनरी गया में "विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी" विषय पर एक दिवसीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद अध्यक्ष महोदया नयना कुमारी, निदेशक nep,dpo द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था से संबंधित एक वीडियो का प्रदर्शन किया गया, जिसके उपरांत विषय पर विस्तृत परिचर्चा आयोजित हुई। अपने संबोधन में जिला परिषद अध्यक्ष महोदया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समय-समय पर अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं।वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम लागू होने के साथ ही ग्रामीण परिवारों को पहली बार रोजगार प्राप्त करने का कानूनी अधिकार मिला। उन्होंने कहा कि बीते लगभग 20 वर्षों में मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन तथा आधारभूत संरचना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने एवं उनकी आजीविका को संबल प्रदान करने में यह योजना अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई। डायरेक्टर nep ने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजना का उद्देश्य एक ओर ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना है, वहीं दूसरी ओर उनके श्रम के माध्यम से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सिंचाई सुविधाओं का विकास, तालाब एवं पोखरों का जीर्णोद्धार, पौधारोपण, खेल मैदान, विद्यालयों की आधारभूत संरचनाओं सहित टिकाऊ एवं जनोपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इन्हीं उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था लागू की गई है। Dpo ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था पूर्व की योजनाओं का पूर्णतः प्रतिस्थापन नहीं है, बल्कि उनके सफल एवं प्रभावी प्रावधानों को आगे बढ़ाते हुए आवश्यक सुधार किए गए हैं। कृषि कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए 60 दिनों का "लीव पीरियड" निर्धारित किया गया है तथा रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण श्रमिकों को अधिक रोजगार उपलब्ध होगा तथा कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित रहेगी। डायरेक्टर nep ने बताया कि अब योजनाओं के लिए संसाधनों का आवंटन राज्यों की वास्तविक आवश्यकता एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे अधिक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ मिल सकेगा। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं के साथ अभिसरण (कन्वर्जेंस) को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, पंचायती राज, शिक्षा विभाग एवं अन्य योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में चारदीवारी, छात्र एवं छात्राओं के लिए पृथक शौचालय, रसोई शेड, अतिरिक्त कक्षों की मरम्मत एवं अनुरक्षण, ग्रामीण हाट-बाजार का विकास, पंचायत स्तर पर जल निकासी व्यवस्था, मुक्तिधाम, तालाब एवं पोखरों का विकास, पौधारोपण, जल संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल एवं जीआईएस आधारित योजना निर्माण के माध्यम से विकास कार्यों की बेहतर योजना बनाकर उनका पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला परिषद अध्यक्ष महोदया ने सभी मुखिया, पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से आह्वान किया कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें। *कार्यक्रम में सभी माननीय जिला परिषद सदस्य, सभी पंचायत समिति सदस्य एवं सभी मुखिया उपस्थित रहें.*1
- गया जी: एक PDS डीलर के वर्षों से सरकारी गोदाम में कार्यरत रहने के आरोपों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने से जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। 📌1
- विधायक की पहल पर 24 घंटे के अंदर बदला ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों ने जताया आभार विधायक की पहल पर 24 घंटे के अंदर बदला ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों ने जताया आभार वजीरगंज प्रखंड के सहिया गांव स्थित पश्चिम बघार में पिछले कई दिनों से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े बिजली ट्रांसफार्मर को विधायक वीरेंद्र सिंह की पहल पर तत्काल बदल दिया गया। बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए करीब चार घंटे के अंदर खराब ट्रांसफार्मर को हटाकर नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया। ट्रांसफार्मर बदलने के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल होने से ग्रामीणों और किसानों ने राहत की सांस ली।बताया जाता है कि पश्चिम बघार में लगे ट्रांसफार्मर से बड़ी संख्या में घरों के साथ-साथ किसानों के सिंचाई मोटर भी जुड़े हुए हैं। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण ग्रामीणों को बिजली और पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। वहीं, खेती-बारी के महत्वपूर्ण समय में सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने से दर्जनों किसान परेशान थे।ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए सहिया गांव के समाजसेवी एवं भाजपा पश्चिमी मंडल अध्यक्ष विकास सिंह ने मामले की जानकारी वजीरगंज विधायक वीरेंद्र सिंह को दी। विधायक ने तत्काल बिजली विभाग के अधिकारियों से बात कर खराब ट्रांसफार्मर को बदलने का निर्देश दिया। इसके बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और कुछ ही घंटों में नया ट्रांसफार्मर लगा दिया।बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद ग्रामीणों ने विधायक वीरेंद्र सिंह की त्वरित पहल की सराहना करते हुए उनका आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि समय पर ट्रांसफार्मर बदलने से घरेलू बिजली के साथ किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी सुचारू हो गई है।ग्रामीणों ने विधायक वीरेंद्र सिंह, विकास सिंह तथा बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार जताया। इस दौरान राकेश सिंह, मनोज सिंह, नन्हक सिंह, सोनू सिंह, चंदन सिंह,ढूल्लू सिंह एवं अर्जुन कुमार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र की बिजली, पानी और अन्य बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए भविष्य में भी इसी तरह त्वरित पहल की उम्मीद है।1
- हिसुआ प्रखंड सभागार में आंगनबाड़ी सेविकाओं की समीक्षा बैठक संपन्न* *हिसुआ प्रखंड सभागार में आंगनबाड़ी सेविकाओं की समीक्षा बैठक संपन्न* *हिसुआ, नवादा:* प्रखंड सभागार भवन हिसुआ में शनिवार को सीडीपीओ पदाधिकारी शशि कुमारी की अध्यक्षता में प्रखंड की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से पोषण अभियान, *फर्स्ट 1000 दिवस* कार्यक्रम और *आभा (ABHA) आईडी* निर्माण को लेकर विशेष चर्चा की गई। सीडीपीओ शशि कुमारी ने कहा कि सभी सेविकाएं अपने-अपने पोषक क्षेत्र में 0 से 6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं का शत-प्रतिशत आभा आईडी बनाना सुनिश्चित करें। आभा आईडी से स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से जोड़ने में आसानी होगी। उन्होंने पोषण ट्रैकर पर प्रतिदिन की गतिविधि, बच्चों का वजन, लंबाई, उपस्थिति और गृह भ्रमण की एंट्री ससमय करने का सख्त निर्देश दिया। पोषण के संबंध में फर्स्ट 1000 दिवस के तहत गर्भधारण से लेकर दो वर्ष तक के बच्चों के समुचित देखभाल, स्तनपान और ऊपरी आहार पर विशेष जोर देने को कहा। इसके अलावा कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने, टीकाकरण में सहयोग करने और केंद्रों को नियमित समय पर खोलने का निर्देश दिया गया। बैठक में सभी पर्यवेक्षिका एवं बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित थीं।1
- उत्तराखंड के युवक ने बना दी हवा में उड़ने वाली कार! 🚨🚗✈️ अब सड़क पर नहीं… हवा में सफर होगा! उत्तराखंड के युवक ने बना दी हवा में उड़ने वाली कार! 🚨🚗✈️ अब सड़क पर नहीं… हवा में सफर होगा! 😱 उत्तराखंड के अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर और Hapida Sky Private Limited के फाउंडर-CEO रवि टम्टा ने अपनी बनाई ‘फ्लाइंग कार’ का अल्मोड़ा आर्मी हेलीपैड पर सफल परीक्षण किया है। 📍 परीक्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। रवि टम्टा का दावा है कि यह भारत का पहला पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल है। इसके जरिए करीब 40 मिनट का सफर सिर्फ 12 मिनट में पूरा किया जा सकता है। यानी जिस रास्ते पर घंटों ट्रैफिक में फंसना पड़ता है… वहीं अब हवा में उड़कर पहुंचने का सपना सच होने की ओर है! 🚀 हालांकि, इसके व्यावसायिक इस्तेमाल और आधिकारिक मंजूरी से जुड़े नियमों की जानकारी सामने आना अभी बाकी है।1