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टोंक के वार्ड नंबर 17 स्थित शंकरपुरा चौराहा पर पिछले 20 दिनों से कचरा गाड़ी नहीं आ रही है। कचरा वाहन के नहीं आने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से सड़क पर कचरे के ढेर लग गए हैं। स्थानीय निवासी इस स्थिति से खासे परेशान हैं और नियमित सफाई सेवा बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
Mahendra Prajapati
टोंक के वार्ड नंबर 17 स्थित शंकरपुरा चौराहा पर पिछले 20 दिनों से कचरा गाड़ी नहीं आ रही है। कचरा वाहन के नहीं आने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से सड़क पर कचरे के ढेर लग गए हैं। स्थानीय निवासी इस स्थिति से खासे परेशान हैं और नियमित सफाई सेवा बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
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- टोंक के वार्ड नंबर 17 स्थित शंकरपुरा चौराहा पर पिछले 20 दिनों से कचरा गाड़ी नहीं आ रही है। कचरा वाहन के नहीं आने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से सड़क पर कचरे के ढेर लग गए हैं। स्थानीय निवासी इस स्थिति से खासे परेशान हैं और नियमित सफाई सेवा बहाल करने की मांग कर रहे हैं।2
- जयपुर में नर्सिंग कर्मचारी एकजुट हो गए हैं और अब वे अपने आगामी आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। अपनी मांगों और अधिकारों के लिए नर्सिंग स्टाफ द्वारा दिखाई जा रही यह एकजुटता एक बड़े संघर्ष का संकेत दे रही है।1
- सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) पाइपलाइंस, कोटा की ओर से स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत एक विशाल स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। हेड पाइपलाइन सेंट्रल रोहित तिवारी और लोकेशन इंचार्ज महेश विटेकर के नेतृत्व में बीपीसीएल की टीम ने मलारना स्टेशन क्षेत्र में कई जन-कल्याणकारी पहल कीं। इस अभियान के दौरान राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मलारना स्टेशन और देवनारायण आवासीय राजकीय विद्यालय में स्वच्छता प्रतिज्ञा, प्रभात फेरी और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही, बीपीसीएल की ओर से विद्यालयों को 1000 लीटर की डस्टबिन और आरओ वाटर कूलर भेंट किए गए। इसके अलावा, पुलिस चौकी मलारना स्टेशन के जवानों, भाड़ोती जीएसएस के कर्मचारियों और दैनिक भास्कर की टीम को स्टील की पानी की बोतलें देकर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर 'ऊर्जा के साथ ज़िम्मेदारी' के मूलमंत्र को दोहराते हुए बीपीसीएल ने नागरिकों से अपने आसपास सफाई रखने और 'स्वच्छ भारत, सशक्त भारत' के सपने को साकार करने में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मलारना स्टेशन की प्रधानाध्यापक भारती गुप्ता, देवनारायण बालिका आवासीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक रमाकांत शर्मा, मकसूदनपुरा सरपंच पति मोरसिंह गुर्जर, देवनारायण संघर्ष समिति के सचिव लोकेंद्र छावडी सहित बीपीसीएल के कई कर्मचारी और विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।4
- सवाई माधोपुर में हाउसिंग बोर्ड रोड बस स्टैंड से श्याम वाटिका पुलिया तक बनाई गई नई सड़क गंभीर खामियों और ठेकेदारों की लापरवाही का केंद्र बन गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह सड़क स्काउट की दीवार के सहारे बनाई गई है, लेकिन इसके निर्माण में तय शेड्यूल और नियमों का पूरी तरह उल्लंघन किया गया है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज 15 दिन पहले हुआ आधा सड़क निर्माण अभी से कई जगहों पर तड़कने लगा है। इस निर्माण कार्य के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही बिजली के पोल को लेकर बरती गई है। सड़क के बीचों-बीच आ रहे विद्युत पोलों को किनारे शिफ्ट करने की जहमत तक नहीं उठाई गई, जिससे अब ये पोल किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं। स्थानीय निवासी मुकेश सैनी, कमलेश गुप्ता, अभिनव महावर और कैलाश सिसोदिया ने ठेकेदारों की इस कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए चेताया है कि यह स्थिति भविष्य में कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। नाराज कॉलोनी वासियों ने मांग की है कि नियमों को दरकिनार कर किए गए इस काम को सुधारा जाए और इन विद्युत पोलों को तुरंत सड़क के किनारे शिफ्ट किया जाए।1
- सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन का मामला सामने आया है। उदेई मोड़ से सालोदा मोड़ की तरफ जा रही एक मोटरसाइकिल पर निर्धारित संख्या से अधिक लोग सवार देखे गए। इस दृश्य ने स्थानीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो के जरिए लोगों का आक्रोश सामने आया है, जिसमें यह पूछा जा रहा है कि इतने बड़े शहर में यातायात विभाग या संबंधित अधिकारियों ने इन बाइक सवारों को कहीं क्यों नहीं रोका? यह घटना यातायात नियमों के प्रति बढ़ती लापरवाही और प्रशासन की कथित अनदेखी को दर्शाती है।2
- दौसा जिले के लालसोट में जच्चा खाना और सुलभ कॉम्प्लेक्स के पास कचरे के ढेर में एक नंदी महाराज भोजन की तलाश करते नजर आए। स्थानीय लोगों ने चिंता जाहिर की है कि इस कचरे में सिरिंज और इंजेक्शन जैसे हानिकारक मेडिकल कचरे भी मौजूद हैं, जिससे गौवंश के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए नागरिकों ने नगर परिषद और जिला अस्पताल प्रशासन से कचरे को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने और उसका उचित निस्तारण करने की सख्त मांग की है।1
- जयपुर के सांगानेर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद एक उपभोक्ता को 86,000 रुपये का भारी-भरकम बिजली बिल थमा दिया गया है। इस गलत बिल के कारण उपभोक्ता पिछले तीन महीनों से बिजली विभाग के अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है। अपनी समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता ने शिविर का भी रुख किया, लेकिन वहां भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। अब तक इस मामले में बिजली विभाग की ओर से कोई राहत नहीं मिली है।1
- राजस्थान के सिरोही जिले के आबूरोड में 40 गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार किट का वितरण किया गया है। इन महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ये किट प्रदान किए गए।1