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जयपुर के सांगानेर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद एक उपभोक्ता को 86,000 रुपये का भारी-भरकम बिजली बिल थमा दिया गया है। इस गलत बिल के कारण उपभोक्ता पिछले तीन महीनों से बिजली विभाग के अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है। अपनी समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता ने शिविर का भी रुख किया, लेकिन वहां भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। अब तक इस मामले में बिजली विभाग की ओर से कोई राहत नहीं मिली है।
Rakesh Kumar Swami
जयपुर के सांगानेर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद एक उपभोक्ता को 86,000 रुपये का भारी-भरकम बिजली बिल थमा दिया गया है। इस गलत बिल के कारण उपभोक्ता पिछले तीन महीनों से बिजली विभाग के अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है। अपनी समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता ने शिविर का भी रुख किया, लेकिन वहां भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। अब तक इस मामले में बिजली विभाग की ओर से कोई राहत नहीं मिली है।
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- जयपुर के सांगानेर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद एक उपभोक्ता को 86,000 रुपये का भारी-भरकम बिजली बिल थमा दिया गया है। इस गलत बिल के कारण उपभोक्ता पिछले तीन महीनों से बिजली विभाग के अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है। अपनी समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता ने शिविर का भी रुख किया, लेकिन वहां भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। अब तक इस मामले में बिजली विभाग की ओर से कोई राहत नहीं मिली है।1
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- शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता वकील द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार से भारी हंगामा मच गया। कार्यवाही के बीच वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के खिलाफ अपशब्द कहे और गुस्से में फाइल भी फेंक दी। हालांकि, घटना के समय सीजेआई कोर्ट रूम में मौजूद नहीं थे। यह पूरा घटनाक्रम जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने हुआ। अदालत के आदेश पर सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वकील को कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया। घटना के बाद कुछ देर तक अदालत में सन्नाटा छाया रहा, जिसके बाद दिल्ली पुलिस वकील को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।1
- ग्वालियर में एक अधिवक्ता को सड़क पर बिना ड्राइवर खड़ी 'डायल 112' (Dial 112) वाहन के संबंध में सवाल पूछना महंगा पड़ गया। अधिवक्ता द्वारा गाड़ी के बारे में सवाल उठाए जाने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अधिवक्ता ने विश्वविद्यालय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि कानून की जानकारी रखने वाले अधिवक्ता स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या होगा। पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- हिंडौन सिटी के महुआ वाले फाटक के बंद हो जाने से वर्धमान नगर के निवासियों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंडरपास का निर्माण न होने के कारण उन्हें आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्धमान नगर के निवासियों ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए न केवल रेलवे प्रशासन से गुहार लगाई है, बल्कि राजस्थान सरकार के समक्ष भी अपनी बात रखी है। निवासियों ने जिला कलेक्टर को भी इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वे अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए किसके पास जाएं।1
- दौसा जिले के भांडारेज मोड़ के पास आरटीओ, मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा स्लीपर बसों की औचक चेकिंग की गई। यह कार्रवाई एक जज के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें बसों के मानकों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारी जगदीश अमरावत ने इस अभियान के पीछे का कारण स्पष्ट करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले स्लीपर बस में हुई एक दुर्घटना के बाद यह कदम उठाया गया है। हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन सभी स्लीपर बसों की नियम अनुसार जांच कर रहा है। इस दौरान जो भी बसें निर्धारित मानकों के विपरीत पाई जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।1
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