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खरगोन जिले में बड़वाह पुलिस ने जंगलों में चल रही अवैध शराब भट्टियों पर छापामार दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस दल ने मौके पर लगभग 6 लाख रुपये मूल्य का करीब 6000 लीटर महुआ लहान, जो 30 ड्रमों में भरा था, और शराब बनाने की अन्य सामग्री को नष्ट कर दिया। बड़वाह क्षेत्र के रावत पलासिया, मठ पलासिया और टिटवा पलासिया के जंगली इलाकों में नाले किनारे संचालित इन अवैध कच्ची शराब की भट्टियों को पुलिस ने ध्वस्त कर दिया। पुलिस को देखते ही सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। यह पूरी कार्यवाही एसपी रविन्द्र वर्मा के निर्देशों पर बड़वाह टीआई बलराम सिह राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा की गई।
Praveen pal
खरगोन जिले में बड़वाह पुलिस ने जंगलों में चल रही अवैध शराब भट्टियों पर छापामार दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस दल ने मौके पर लगभग 6 लाख रुपये मूल्य का करीब 6000 लीटर महुआ लहान, जो 30 ड्रमों में भरा था, और शराब बनाने की अन्य सामग्री को नष्ट कर दिया। बड़वाह क्षेत्र के रावत पलासिया, मठ पलासिया और टिटवा पलासिया के जंगली इलाकों में नाले किनारे संचालित इन अवैध कच्ची शराब की भट्टियों को पुलिस ने ध्वस्त कर दिया। पुलिस को देखते ही सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। यह पूरी कार्यवाही एसपी रविन्द्र वर्मा के निर्देशों पर बड़वाह टीआई बलराम सिह राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा की गई।
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- बड़वानी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत, जिले के एनएचएम कर्मचारी शहर के पुराने कलेक्टर कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में कर्मचारियों ने आठ सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें नियमितीकरण, एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा, वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता और वेतन विसंगतियों का निराकरण शामिल है। कर्मचारियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई अमल नहीं हुआ है। प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत, कर्मचारियों ने पहले काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया था और उसके बाद अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे थे। अब 2 जून से जिले के कर्मचारी ऑनलाइन और ऑफलाइन विभागीय कार्यों का बहिष्कार करते हुए पुराने कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का तर्क है कि स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का संचालन एनएचएम कर्मियों के सहयोग से होता है, लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। संघ के अनुसार, 8 जून को प्रदेशभर के हजारों संविदा कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। कर्मचारियों ने कहा है कि यदि सरकार समय रहते सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।2
- शहडोल में लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए ब्यौहारी तहसील के एक बाबू को ₹75,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह खुलासा रिश्वतखोरी के एक और मामले के तौर पर सामने आया है, जहाँ तहसील कर्मचारी ने एसडीएम के नाम पर इस रिश्वत की मांग की थी।1
- बुरहानपुर जिले में तेज हवा, आंधी और बारिश के कारण केले की फसल तबाह होने पर, जिला कांग्रेस कमेटी ने 4 जून, गुरुवार को शाहपुर में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया है। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य केले की फसल के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने की मांग करना है। कांग्रेस नेता अजय रघुवंशी ने सभी किसानों से इस धरना प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है ताकि फसल बीमा योजना लागू करने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया जा सके।1
- बुरहानपुर जिले में किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने, उनके कर्ज माफ करने, बिजली बिल माफ करने और फसल बीमा योजना लागू करने की मांगों को लेकर कांग्रेस ने 4 जून को किसान आंदोलन की घोषणा की है। जिले में कांग्रेस किसानों के हितों के लिए इस आंदोलन का आयोजन करेगी।1
- इंदौर जिले के बडगांव गांव निवासी हिराशीग ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके पिता छगनलाल के नाम पर आवंटित प्रधानमंत्री आवास अभी तक उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है। हिराशीग ने स्पष्ट किया है कि यह उनकी मुख्य शिकायत है।1
- बड़वानी में शासकीय कन्या अजा महाविद्यालय छात्रावास क्रमांक 1 और 2 की 50 से अधिक छात्राएं वार्डन पर राशन में कटौती, दुर्व्यवहार और मूलभूत सुविधाओं की कमी के गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। हालांकि, उन्हें वहां से निराशा ही हाथ लगी, क्योंकि करीब दो घंटे इंतजार के बाद एक अधिकारी ने केवल उनका ज्ञापन लिया और समाधान का आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज दिया, जिसके बाद छात्राएं पैदल ही छात्रावास लौट गईं। छात्राओं ने अपनी कई समस्याओं का खुलासा किया। छात्रा जागृति सोलंकी ने बताया कि छात्रावास में पानी की गंभीर किल्लत है; ट्यूबवेल केवल 30 मिनट चलता है और कभी-कभी वह भी बंद रहता है, जिससे पीने का पानी नहीं बचता और गर्मी में 100 से अधिक छात्राओं के लिए यह बड़ी समस्या है। वार्डन ने पानी के बर्तन (रांझण) लाने का आश्वासन दिया था, जो गर्मी बीतने के बाद भी पूरा नहीं हुआ। छात्राओं का यह भी आरोप है कि पिछले पांच साल से उन्हें नए गद्दे और चादर नहीं मिले हैं, जबकि तीन साल पहले कंप्यूटर आने के बावजूद वाईफाई का रिचार्ज आज तक नहीं कराया गया। नए पंखे लगाने का सहायक आयुक्त का आश्वासन भी पूरा नहीं हुआ। इसके अतिरिक्त, आधी से अधिक छात्राओं को छह-सात महीने से छात्रवृत्ति और 10वीं की राशि भी नहीं मिली है। छात्राओं के अनुसार, पहले उन्हें 12 किलो गेहूं और 2 किलो चावल मिलता था, जो अब घटाकर 6-7 किलो गेहूं और 1 किलो चावल कर दिया गया है। जब वार्डन वंदना चौहान से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि "राशन लाने का किराया कौन देगा?" छात्राओं का यह भी आरोप है कि वार्डन आधा राशन खुद रख लेती हैं। छात्रा चांदनी सोलंकी ने वार्डन पर अभद्र व्यवहार का भी आरोप लगाया और बताया कि लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक किताबों की जगह अनुपयोगी पुस्तकें रखी हुई हैं। इन गंभीर आरोपों के बीच छात्राओं ने वार्डन को उनके पद से हटाने की मांग की है। वहीं, वार्डन वंदना चौहान ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि बजट की कमी के कारण दिक्कतें आ रही हैं और उन्हें आवश्यक बजट नहीं मिल रहा है। वार्डन के अनुसार, पिछले तीन दिनों से पानी की किल्लत है, लेकिन बाकी समय सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।1
- एएनटी ऑल इंडिया न्यूज़ नेटवर्क के अनुसार, हाल ही में हुए पुल हादसों और शेड गिरने की घटनाओं ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हमीरपुर से लखनऊ तक हुई इन दुर्घटनाओं के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि विकास परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है या फिर भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है। इस नेटवर्क ने पूछा है कि क्या यह सुरक्षा मानकों की अनदेखी है या लापरवाही, जिसके कारण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता अब जांच के घेरे में है।1
- बुरहानपुर कलेक्टर हर्ष सिंह ने बसाड़ स्थित नगर निगम की जलावर्धन योजना के तहत ताप्ती नदी पर बने संयंत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को ताप्ती नदी के जल स्तर की लगातार निगरानी करने और शहर में सुचारू जलप्रदाय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- महू पुलिस ने 29 मई 2026 को बंडा बस्ती में हुए गोवंश वध के मुख्य आरोपी इमरान खटखट को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी इमरान खटखट, जिसकी उम्र 38 वर्ष है और जिस पर ₹5000 का इनाम घोषित था, को महू पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस को 2 जून 2026 को सूचना मिली थी कि थाना महू के अपराध क्रमांक 252/2026 में मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4, 5, 9 व आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)बी का मुख्य आरोपी इमरान खटखट चोरल डैम के पास देखा गया है। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर रेड डाली। पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने की कोशिश की और अंधेरे का फायदा उठाकर एक पुलिया से नीचे कूद गया। हालांकि, पुलिस टीम ने लगातार पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम इमरान, पिता अनवर खटखट, उम्र 38 वर्ष, जाति मुसलमान और निवासी बंडा बस्ती महू बताया। कूदने के कारण उसके पैरों में चोटें आई थीं। घायल आरोपी का मेडिकल परीक्षण करवाने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।1