बड़वानी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत, जिले के एनएचएम कर्मचारी शहर के पुराने कलेक्टर कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में कर्मचारियों ने आठ सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें नियमितीकरण, एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा, वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता और वेतन विसंगतियों का निराकरण शामिल है। कर्मचारियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई अमल नहीं हुआ है। प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत, कर्मचारियों ने पहले काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया था और उसके बाद अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे थे। अब 2 जून से जिले के कर्मचारी ऑनलाइन और ऑफलाइन विभागीय कार्यों का बहिष्कार करते हुए पुराने कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का तर्क है कि स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का संचालन एनएचएम कर्मियों के सहयोग से होता है, लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। संघ के अनुसार, 8 जून को प्रदेशभर के हजारों संविदा कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। कर्मचारियों ने कहा है कि यदि सरकार समय रहते सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
बड़वानी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत, जिले के एनएचएम कर्मचारी शहर के पुराने कलेक्टर कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में कर्मचारियों ने आठ सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें नियमितीकरण, एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा, वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता और वेतन विसंगतियों का निराकरण शामिल है। कर्मचारियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई अमल नहीं हुआ है। प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत, कर्मचारियों ने पहले काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज
कराया था और उसके बाद अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे थे। अब 2 जून से जिले के कर्मचारी ऑनलाइन और ऑफलाइन विभागीय कार्यों का बहिष्कार करते हुए पुराने कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का तर्क है कि स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का संचालन एनएचएम कर्मियों के सहयोग से होता है, लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। संघ के अनुसार, 8 जून को प्रदेशभर के हजारों संविदा कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। कर्मचारियों ने कहा है कि यदि सरकार समय रहते सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
- बड़वानी में बुधवार को मध्यप्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका संघ (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) की जिला इकाई ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग रखी, जिसे कलेक्टर की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार को सौंपा गया। संघ की जिलाध्यक्ष ग्यारसी यादव ने इस दौरान बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं दशकों से शासन की जन्म पंजीयन, पोषण अभियान, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, लाड़ली बहना योजना, मतदाता पुनरीक्षण, जनगणना, ग्राम सभाओं सहित अन्य शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक जमीनी स्तर पर संचालित कर रही हैं। इसके बावजूद, उन्हें आज तक न्यूनतम सुविधाएं और सम्मानजनक मानदेय उपलब्ध नहीं हो पाया है। उन्होंने यह भी बताया कि विभागीय कार्यों के अतिरिक्त बीएलओ कार्य, फायलेरिया एवं मलेरिया सर्वे, मच्छरदानी वितरण, शौचालय सर्वे, विभिन्न एनजीओ कार्यक्रमों में सहयोग और अन्य प्रशासनिक गतिविधियां भी लगातार उनसे कराई जाती हैं, जिससे उनके मूल विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं और उन्हें प्रताड़ना तथा मानदेय कटौती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संघ की उपाध्यक्ष आरती शारदे ने अपने बयान में कहा कि लगातार बढ़ते कार्यभार और बेहद कम मानदेय के कारण कार्यकर्ता गंभीर आर्थिक और मानसिक तनाव से गुजर रही हैं। वहीं, संघ की एक अन्य उपाध्यक्ष संतोषी मालवीया ने आरोप लगाया कि कई बार अतिरिक्त कार्यों में सहयोग न करने पर उन्हें पद से हटाने की चेतावनी भी दी जाती है, जिससे कर्मचारियों में व्यापक असंतोष पनप रहा है। संघ ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन पहले से ही जारी है, जिसमें काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन और अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। वर्तमान में कई स्थानों पर ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का बहिष्कार भी किया जा रहा है। ज्ञापन के माध्यम से शासन से यह मांग की गई है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जाए, ताकि कर्मचारियों में बढ़ता आक्रोश शांत हो सके और जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन बाधित न हो। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं निकाला गया तो उनके आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।1
- लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बुधवार शाम कालीबावड़ी में मौसम ने अचानक करवट ली। शाम करीब 5 बजे से 5:20 बजे तक हुई तेज बारिश से इलाके में ठंडक फैल गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। हालांकि, इस बारिश का सबसे ज्यादा असर साप्ताहिक हाट बाजार पर देखने को मिला। तेज हवा के साथ हुई बारिश ने बाजार में अफरा-तफरी मचा दी, जिससे कई दुकानदारों के तंबू उड़ गए। हरी सब्जी विक्रेताओं सहित अन्य व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, और कई दुकानदार अपने सामान तथा तंबू बचाने की कोशिश में खुद भीगते नजर आए। वहीं, दूसरी ओर यह बारिश किसानों के लिए बेहद राहत भरी साबित हुई है। जिन किसानों ने गर्मी के कपास की बुवाई कर दी है, उनके लिए यह बारिश काफी फायदेमंद मानी जा रही है। जून महीने में लगातार दूसरी बार हुई इस बारिश से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं।4
- विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर, पानसेमल नगर में साइकिल प्रेमियों ने एक साइकिल रैली का आयोजन किया, जिसके माध्यम से उन्होंने जागरूकता का संदेश दिया। इस रैली को नगर परिषद अध्यक्ष ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।1
- धार जिले के धर्मपुरी में अचानक मानसून की दस्तक के कारण हाट व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।1
- बड़वानी जिले के सेंधवा में पिछले पाँच दिनों से जलापूर्ति ठप होने के कारण नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका कार्यालय में मटके फोड़कर अपना प्रदर्शन किया, जिससे स्थानीय प्रशासन के प्रति आक्रोश व्यक्त किया गया।1
- आलीराजपुर जिले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने लंबित मानदेय के भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और अपने अधिकारों को लेकर 3 जून 2026 को एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) के बैनर तले प्रातः 11:00 बजे दाहोद नाका (समाधि स्थल), आलीराजपुर से एक विशाल रैली निकाली गई, जिसने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। संघ की जिला अध्यक्ष कमला रावत ने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि दिसंबर 2024 से कई कार्यकर्ताओं का मानदेय अटका हुआ है। जिले की लगभग 800 मिनी से पूर्ण आंगनवाड़ी में पदोन्नत कार्यकर्ताओं को दिसंबर 2024 का ₹5250 का मानदेय आज तक नहीं मिला है। इसके अतिरिक्त, नई भर्ती में नियुक्त कई सहायिकाओं को पिछले 8 से 9 महीनों से मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है, और कई कार्यकर्ताओं का पूर्व में रोका गया मानदेय भी लंबित है। संघ ने चेतावनी दी है कि समस्त लंबित राशि का एकमुश्त भुगतान तत्काल किया जाए। संघ की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मंजुला लोहार ने बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण अभियान, टीकाकरण, चुनावी सर्वे और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अग्रिम पंक्ति में होती हैं, फिर भी उन्हें शासन स्तर पर उनका वाजिब हक और सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल पा रहा है। संघ का कहना है कि यह लड़ाई केवल मानदेय की नहीं, बल्कि सम्मान और हक की है। उनकी प्रमुख मांगों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन, ग्रेच्युटी और स्वास्थ्य बीमा का लाभ, ऑनलाइन व पोषण ट्रैकर कार्य के लिए मोबाइल व इंटरनेट भत्ता, अतिरिक्त कार्यों के लिए अलग से पारिश्रमिक, और सभी केंद्रों पर स्वयं के भवन, बिजली, पानी व शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं। जिला स्तर पर दिसंबर 2024 के बकाया ₹5250 के तत्काल भुगतान, नई सहायिकाओं और कार्यकर्ताओं के रोके गए मानदेय का एकमुश्त भुगतान, और हर महीने तय समय पर मानदेय जारी करने की व्यवस्था की मांग की गई है। रैली के दौरान, नायब तहसीलदार महमूद खान को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस आंदोलन को सफल बनाने में भारतीय मजदूर संघ के जिलामंत्री धनसिंह कनेश, जिला अध्यक्ष कमला रावत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मंजुला लोहार, सचिव रंजीता कनेश, जिला उपाध्यक्ष कमलबाई मेडा, सरोज चौहान, संगीता डुडवे और प्रीति चौहान सहित संघ के सभी पदाधिकारी सक्रिय रूप से जुटे रहे।1
- उदयगढ़ पुलिस ने एक अंतर-जिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके परिणामस्वरूप दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनकी निशानदेही पर पांच चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। यह कार्रवाई 2 जून 2026 को की गई। दरअसल, थाना उदयगढ़ क्षेत्र में पिछले कुछ समय से अज्ञात बदमाशों द्वारा वाहन चोरी की सिलसिलेवार वारदातों को अंजाम दिया जा रहा था, जो उदयगढ़ पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी थी। इस गंभीर स्थिति पर प्रभावी अंकुश लगाने और अज्ञात अपराधियों की त्वरित धरपकड़ के लिए पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (अअपु) जोबट श्री रविन्द्र राठी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी उदयगढ़ निरीक्षक ब्रजभूषण हीरवे के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। गठित विशेष टीम ने लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी और संदिग्धों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी। लगातार प्रयासों के बाद, पुलिस टीम को मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्य से विश्वसनीय सूचना मिली, जिसके आधार पर 2 जून 2026 को सुनियोजित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। इनमें से एक की पहचान ग्राम बड़ी उती निवासी भारत उर्फ भाया के रूप में हुई, जबकि उसका दूसरा साथी टांडा क्षेत्र का एक नाबालिग (विधि विरुद्ध बालक) था। पुलिस द्वारा मनोवैज्ञानिक और सख्ती से पूछताछ करने पर, दोनों आरोपियों ने क्षेत्र में सक्रिय रहकर अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर वाहन चोरी करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने टांडा (धार) के अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर थाना उदयगढ़ क्षेत्र से तीन मोटरसाइकिलें चोरी की थीं, और इंदौर जिले के राऊ क्षेत्र से भी दो अन्य दुपहिया वाहन चुराने का अपराध कबूल किया। आरोपियों की निशानदेही पर, पुलिस टीम ने ग्राम बड़ी उती बिलवाल फलिया के समीप स्थित पीपली धपल नाले में शातिर तरीके से छिपाई गई पांचों मोटरसाइकिलें सफलतापूर्वक बरामद कीं। जब्त किए गए इन सभी वाहनों की कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग 3.75 लाख रुपये बताई गई है। इस चुनौतीपूर्ण गिरोह का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी उदयगढ़ निरीक्षक ब्रजभूषण हीरवे के साथ-साथ चौकी प्रभारी कानाकाकड उपनिरीक्षक पवन वास्कले, सहायक उपनिरीक्षक दीपक मालवीय, प्रधान आरक्षकगण दशरथ, लेखराम, मानसिंह, आजाद, जुवानसिंह, आरक्षक आनंद, दिपेश और मनोज, तथा सैनिक माधव की भूमिका सराहनीय रही। इसके अतिरिक्त, इस अंतर-जिला ऑपरेशन में थाना बोरी के सहायक उपनिरीक्षक विक्रम लाखन, थाना टांडा (जिला धार) के आरक्षक सुनील, पवन, नीलेश, और आलीराजपुर की सायबर सेल टीम का भी उल्लेखनीय योगदान रहा है। पुलिस अब घटना में संलिप्त गिरोह के शेष दो अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।1
- बड़वानी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत, जिले के एनएचएम कर्मचारी शहर के पुराने कलेक्टर कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में कर्मचारियों ने आठ सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें नियमितीकरण, एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा, वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता और वेतन विसंगतियों का निराकरण शामिल है। कर्मचारियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई अमल नहीं हुआ है। प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत, कर्मचारियों ने पहले काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया था और उसके बाद अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे थे। अब 2 जून से जिले के कर्मचारी ऑनलाइन और ऑफलाइन विभागीय कार्यों का बहिष्कार करते हुए पुराने कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का तर्क है कि स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का संचालन एनएचएम कर्मियों के सहयोग से होता है, लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। संघ के अनुसार, 8 जून को प्रदेशभर के हजारों संविदा कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। कर्मचारियों ने कहा है कि यदि सरकार समय रहते सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।2