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बड़वानी जिले के सेंधवा में पिछले पाँच दिनों से जलापूर्ति ठप होने के कारण नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका कार्यालय में मटके फोड़कर अपना प्रदर्शन किया, जिससे स्थानीय प्रशासन के प्रति आक्रोश व्यक्त किया गया।
सच की धार न्यूज
बड़वानी जिले के सेंधवा में पिछले पाँच दिनों से जलापूर्ति ठप होने के कारण नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका कार्यालय में मटके फोड़कर अपना प्रदर्शन किया, जिससे स्थानीय प्रशासन के प्रति आक्रोश व्यक्त किया गया।
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- बड़वानी जिले के सेंधवा में पिछले पाँच दिनों से जलापूर्ति ठप होने के कारण नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका कार्यालय में मटके फोड़कर अपना प्रदर्शन किया, जिससे स्थानीय प्रशासन के प्रति आक्रोश व्यक्त किया गया।1
- विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर, पानसेमल नगर में साइकिल प्रेमियों ने एक साइकिल रैली का आयोजन किया, जिसके माध्यम से उन्होंने जागरूकता का संदेश दिया। इस रैली को नगर परिषद अध्यक्ष ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।1
- बड़वानी में बुधवार को मध्यप्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका संघ (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) की जिला इकाई ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग रखी, जिसे कलेक्टर की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार को सौंपा गया। संघ की जिलाध्यक्ष ग्यारसी यादव ने इस दौरान बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं दशकों से शासन की जन्म पंजीयन, पोषण अभियान, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, लाड़ली बहना योजना, मतदाता पुनरीक्षण, जनगणना, ग्राम सभाओं सहित अन्य शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक जमीनी स्तर पर संचालित कर रही हैं। इसके बावजूद, उन्हें आज तक न्यूनतम सुविधाएं और सम्मानजनक मानदेय उपलब्ध नहीं हो पाया है। उन्होंने यह भी बताया कि विभागीय कार्यों के अतिरिक्त बीएलओ कार्य, फायलेरिया एवं मलेरिया सर्वे, मच्छरदानी वितरण, शौचालय सर्वे, विभिन्न एनजीओ कार्यक्रमों में सहयोग और अन्य प्रशासनिक गतिविधियां भी लगातार उनसे कराई जाती हैं, जिससे उनके मूल विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं और उन्हें प्रताड़ना तथा मानदेय कटौती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संघ की उपाध्यक्ष आरती शारदे ने अपने बयान में कहा कि लगातार बढ़ते कार्यभार और बेहद कम मानदेय के कारण कार्यकर्ता गंभीर आर्थिक और मानसिक तनाव से गुजर रही हैं। वहीं, संघ की एक अन्य उपाध्यक्ष संतोषी मालवीया ने आरोप लगाया कि कई बार अतिरिक्त कार्यों में सहयोग न करने पर उन्हें पद से हटाने की चेतावनी भी दी जाती है, जिससे कर्मचारियों में व्यापक असंतोष पनप रहा है। संघ ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन पहले से ही जारी है, जिसमें काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन और अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। वर्तमान में कई स्थानों पर ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का बहिष्कार भी किया जा रहा है। ज्ञापन के माध्यम से शासन से यह मांग की गई है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जाए, ताकि कर्मचारियों में बढ़ता आक्रोश शांत हो सके और जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन बाधित न हो। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं निकाला गया तो उनके आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।1
- धार जिले के धर्मपुरी में अचानक मानसून की दस्तक के कारण हाट व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।1
- खरगोन जिले में बड़वाह पुलिस ने जंगलों में चल रही अवैध शराब भट्टियों पर छापामार दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस दल ने मौके पर लगभग 6 लाख रुपये मूल्य का करीब 6000 लीटर महुआ लहान, जो 30 ड्रमों में भरा था, और शराब बनाने की अन्य सामग्री को नष्ट कर दिया। बड़वाह क्षेत्र के रावत पलासिया, मठ पलासिया और टिटवा पलासिया के जंगली इलाकों में नाले किनारे संचालित इन अवैध कच्ची शराब की भट्टियों को पुलिस ने ध्वस्त कर दिया। पुलिस को देखते ही सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। यह पूरी कार्यवाही एसपी रविन्द्र वर्मा के निर्देशों पर बड़वाह टीआई बलराम सिह राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा की गई।4
- खरगोन जिले में महिला बाल विकास विभाग में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने अपनी लंबित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यालय पर एक प्रभावी प्रदर्शन किया।1
- लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बुधवार शाम कालीबावड़ी में मौसम ने अचानक करवट ली। शाम करीब 5 बजे से 5:20 बजे तक हुई तेज बारिश से इलाके में ठंडक फैल गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। हालांकि, इस बारिश का सबसे ज्यादा असर साप्ताहिक हाट बाजार पर देखने को मिला। तेज हवा के साथ हुई बारिश ने बाजार में अफरा-तफरी मचा दी, जिससे कई दुकानदारों के तंबू उड़ गए। हरी सब्जी विक्रेताओं सहित अन्य व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, और कई दुकानदार अपने सामान तथा तंबू बचाने की कोशिश में खुद भीगते नजर आए। वहीं, दूसरी ओर यह बारिश किसानों के लिए बेहद राहत भरी साबित हुई है। जिन किसानों ने गर्मी के कपास की बुवाई कर दी है, उनके लिए यह बारिश काफी फायदेमंद मानी जा रही है। जून महीने में लगातार दूसरी बार हुई इस बारिश से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं।4
- बड़वानी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत, जिले के एनएचएम कर्मचारी शहर के पुराने कलेक्टर कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में कर्मचारियों ने आठ सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें नियमितीकरण, एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा, वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता और वेतन विसंगतियों का निराकरण शामिल है। कर्मचारियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई अमल नहीं हुआ है। प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत, कर्मचारियों ने पहले काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया था और उसके बाद अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे थे। अब 2 जून से जिले के कर्मचारी ऑनलाइन और ऑफलाइन विभागीय कार्यों का बहिष्कार करते हुए पुराने कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का तर्क है कि स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का संचालन एनएचएम कर्मियों के सहयोग से होता है, लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। संघ के अनुसार, 8 जून को प्रदेशभर के हजारों संविदा कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। कर्मचारियों ने कहा है कि यदि सरकार समय रहते सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।2