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प्रयागराज के करछना तहसील अंतर्गत हथिगन गांव के पास ज्वालामुखी मंदिर के निकट नीम के हरे पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से की जा रही है लोगों के आरोपानुसार क्षेत्रीय वन विभाग की भी मिली भगत से यह अवैध कार्य किया जा रहा है संभवत इलाकाई पुलिस की भी मिली भगत है
Rajendra Pandey
प्रयागराज के करछना तहसील अंतर्गत हथिगन गांव के पास ज्वालामुखी मंदिर के निकट नीम के हरे पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से की जा रही है लोगों के आरोपानुसार क्षेत्रीय वन विभाग की भी मिली भगत से यह अवैध कार्य किया जा रहा है संभवत इलाकाई पुलिस की भी मिली भगत है
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- करछना में हरे भरे नीम के पेड़ को व्यापारियों ने दिन दहाड़े काटे, वन विभाग की मिली भगत से लकड़ी को बेचा *हथिगन गाँव के ज्वाला देवी मन्दिर के पास प्रतिबंधि हरे नीम के पेड़ वन विभाग के अधिकारी के मिली भगत से कटाई का विडियो सोशल वायरल* प्रयागराज करछना वन क्षेत्र के अंतर्गत घूरपुर थाना क्षेत्र के करमा चौकी के हथिगन गांव में ज्वाला देवी मन्दिर के पास हरा नीम के प्रतिबंधित पेड़ वन विभाग के जिमेदार अधिकारी के मिली भगत से काटा जा रहा लकड़ी मफियो द्वारा हरा प्रतिबंधित पेड़ दो दिन पूर्व मजार के सामने बास के बगीचे में दो हारे नीम के प्रतिबंधित पेड़ काटा गया है करछना रेंजार और डीप्प्टी रेंजार को जानकारी देने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई लकड़ी माफिया के खिलाफ जिससे क्षेत्र में हरे पेड़ो की कटाई तेजी से हो रही हैं जिसका विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है । एस डी ओ वन विभाग के अधिकारी प्रयागराज को मोबाईल द्वारा अवगत कराया गया तो एस डी ओ द्वारा बताया गया की हरे पेड़ की कटाई की सूचना मिली है जाँच करके कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया।1
- *सारंगापुर में हाईवे की चोक नाली बना सिरदर्द, दर्जनभर घरों में घुसा गंदा पानी, घर छोड़ने को मजबूर लोग* *दो दिन की बारिश में खुली पोल: सारंगापुर में नाली ओवरफ्लो, घरों में बदबू और कीड़े-मकोड़े* * *घूरपुर प्रयागराज* दो दिन की लगातार बारिश ने नगर निगम और प्रशासन के साफ-सफाई के दावों की पोल खोल दी है। घूरपुर थाना क्षेत्र के सारंगापुर बाजार में हाईवे किनारे बनी नाली चोक हो जाने से दर्जनभर लोगों के घरों में गंदा पानी घुस गया है। इससे मोहल्ले में हाहाकार मच गया है और लोगों का घरों में रहना दूभर हो गया है। सोमवार-मंगलवार की रात हुई तेज बारिश के बाद हाईवे की नाली पूरी तरह जाम हो गई। नाली का पानी आगे निकलने का कोई रास्ता न होने के कारण ओवरफ्लो होकर आसपास के घरों में घुस गया। मोहम्मद चांद, अब्दुल कादिर, अजीत शुक्ला, आशुतोष शुक्ला, गुलाम सरवर, सुनील तिवारी सहित दर्जनभर परिवारों के घरों में नाले का गंदा पानी भर गया। पीड़ितों ने बताया कि घरों में रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान पानी में खराब हो गया है। पूरे घर में चारों तरफ कीचड़ और दुर्गंध फैल गई है। नाली के गंदे पानी के साथ कीड़े-मकोड़े भी घरों में घुस रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है। बदबू इतनी ज्यादा है कि कई परिवारों को घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां जाना पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे की यह नाली जबसे बनी है तबसे आज तक एक बार भी सफाई नहीं हुई है। नाली में जगह-जगह दरारें और छेद हो गए हैं, जिससे पानी रिसकर सीधे घरों की नींव में जा रहा है। नाली का पानी आगे डिस्चार्ज होने का रास्ता भी बंद पड़ा है, इसी वजह से थोड़ी बारिश में ही पानी बैक होकर घरों में घुस जाता है। पीड़ितों ने संबंधित आला अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर तत्काल चोक नाली की सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो पूरे क्षेत्र में संक्रामक बीमारी फैल सकती है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले हाईवे की सभी नालियों की सफाई और मरम्मत कराई जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।2
- प्रयागराज के करछना तहसील अंतर्गत हथिगन गांव के पास ज्वालामुखी मंदिर के निकट नीम के हरे पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से की जा रही है लोगों के आरोपानुसार क्षेत्रीय वन विभाग की भी मिली भगत से यह अवैध कार्य किया जा रहा है संभवत इलाकाई पुलिस की भी मिली भगत है1
- प्रयागराज में 'सरकारी' डकैती: लेखपालों की 'लोलुप्ता' से भू-माफिया बने धनकुबेर, टीएसएल की जमीन पर खूनी संघर्ष की आहट! यमुनापार। संगम नगरी प्रयागराज का यमुनानगर जोन इस समय भू-माफियाओं और भ्रष्ट सरकारी कारिंदों की कारगुजारियों का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। जनता त्रस्त है और खाकी-खादी के संरक्षण में पल रहे राजस्व विभाग के 'दीमक' सरकारी जमीनों को चाट रहे हैं। तहसील के लेखपालों और भू-माफियाओं के बीच का नापाक गठजोड़ इस कदर हावी है कि यमुनापार में भूमि विवादों की एक ऐसी बारूद की ढेरी तैयार हो गई है, जो कभी भी फट सकती है। ताजा और सबसे सनसनीखेज मामला नैनी स्थित भारी उद्योग मंत्रालय की बंद पड़ी 'त्रिवेणी स्ट्रक्चरल लिमिटेड' (टीएसएल) कंपनी का है। टीएसएल की बाउंड्रीवाल से सटी बेशकीमती सरकारी जमीन को हड़पने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल ने अपनी कलम को चंद टुकड़ों के लिए बेच दिया। लेखपाल की एक फर्जी और विवादित रिपोर्ट के बल पर भू-माफिया पूरी धड़ल्ले से इस सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश में जुटे हैं। - नए साहब 'बेखबर', लेखपालों का 'खेला' जारी हैरानी की बात यह है कि करछना के नवागत उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को शायद इस बात का भान तक नहीं है कि उनके नाक के नीचे क्या 'खेला' चल रहा है। इन भ्रष्ट लेखपालों ने धूल फांकती पुरानी फाइलों से सरकारी जमीनों को खोज निकाला। फिर क्या था? फर्जी वसीयत तैयार की गई, कागजी हेरफेर हुआ और देखते ही देखते सरकारी जमीनें भू-माफियाओं के नाम कर दी गईं। इस काले खेल से लेखपालों ने अपनी जेबें गर्म कीं और भू-माफिया कई-कई बीघे में अवैध प्लाटिंग कर रातों-रात 'धनकुबेर' बन बैठे। - जनता का फूटा गुस्सा, 'कागजी सबूत' देने की चुनौती टीएसएल की इस सरकारी जमीन को माफियाओं की गोद में बैठाने के बाद अब नैनी में उबाल है। स्थानीय जनता इस प्रशासनिक डकैती के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले रहा है। आक्रोशित जनता ने सीधे तौर पर भ्रष्ट तंत्र को चुनौती देते हुए कहा है—"अगर इस जमीन पर कब्जा करने वाला असली मालिक है, तो लेखपाल अपने दस्तखत के साथ यह लिख कर दे कि यह जमीन आरोपी के नाम पर दर्ज है।"साफ है कि जनता अब आर-पार के मूड में है। अगर करछना प्रशासन ने इस 'लेखपाल-माफिया नेक्सस' पर तुरंत बुल्डोजर नहीं चलाया, तो नैनी की यह धरती आने वाले दिनों में किसी बड़े और हिंसक बवाल की गवाह बनेगी। प्रयागराज में 'सरकारी' डकैती: लेखपालों की 'लोलुप्ता' से भू-माफिया बने धनकुबेर, टीएसएल की जमीन पर खूनी संघर्ष की आहट! यमुनापार । संगम नगरी प्रयागराज का यमुनानगर जोन इस समय भू-माफियाओं और भ्रष्ट सरकारी कारिंदों की कारगुजारियों का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। जनता त्रस्त है और खाकी-खादी के संरक्षण में पल रहे राजस्व विभाग के 'दीमक' सरकारी जमीनों को चाट रहे हैं। तहसील के लेखपालों और भू-माफियाओं के बीच का नापाक गठजोड़ इस कदर हावी है कि यमुनापार में भूमि विवादों की एक ऐसी बारूद की ढेरी तैयार हो गई है, जो कभी भी फट सकती है। ताजा और सबसे सनसनीखेज मामला नैनी स्थित भारी उद्योग मंत्रालय की बंद पड़ी 'त्रिवेणी स्ट्रक्चरल लिमिटेड' (टीएसएल) कंपनी का है। टीएसएल की बाउंड्रीवाल से सटी बेशकीमती सरकारी जमीन को हड़पने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल ने अपनी कलम को चंद टुकड़ों के लिए बेच दिया। लेखपाल की एक फर्जी और विवादित रिपोर्ट के बल पर भू-माफिया पूरी धड़ल्ले से इस सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश में जुटे हैं। - नए साहब 'बेखबर', लेखपालों का 'खेला' जारी हैरानी की बात यह है कि करछना के नवागत उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को शायद इस बात का भान तक नहीं है कि उनके नाक के नीचे क्या 'खेला' चल रहा है। इन भ्रष्ट लेखपालों ने धूल फांकती पुरानी फाइलों से सरकारी जमीनों को खोज निकाला। फिर क्या था? फर्जी वसीयत तैयार की गई, कागजी हेरफेर हुआ और देखते ही देखते सरकारी जमीनें भू-माफियाओं के नाम कर दी गईं। इस काले खेल से लेखपालों ने अपनी जेबें गर्म कीं और भू-माफिया कई-कई बीघे में अवैध प्लाटिंग कर रातों-रात 'धनकुबेर' बन बैठे। - जनता का फूटा गुस्सा, 'कागजी सबूत' देने की चुनौती टीएसएल की इस सरकारी जमीन को माफियाओं की गोद में बैठाने के बाद अब नैनी में उबाल है। स्थानीय जनता इस प्रशासनिक डकैती के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले रहा है। आक्रोशित जनता ने सीधे तौर पर भ्रष्ट तंत्र को चुनौती देते हुए कहा है—"अगर इस जमीन पर कब्जा करने वाला असली मालिक है, तो लेखपाल अपने दस्तखत के साथ यह लिख कर दे कि यह जमीन आरोपी के नाम पर दर्ज है।"साफ है कि जनता अब आर-पार के मूड में है। अगर करछना प्रशासन ने इस 'लेखपाल-माफिया नेक्सस' पर तुरंत बुल्डोजर नहीं चलाया, तो नैनी की यह धरती आने वाले दिनों में किसी बड़े और हिंसक बवाल की गवाह बनेगी।1
- लखनऊ में सपा के प्रदेश स्तरीय ब्राह्मण सम्मेलन में प्रयागराज से जुटेगा जनाधार, सपा नेता पंडित पवन द्विवेदी सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ रवाना लखनऊ में सपा के प्रदेश स्तरीय ब्राह्मण सम्मेलन में प्रयागराज से जुटेगा जनाधार, सपा नेता पंडित पवन द्विवेदी सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ रवाना प्रयागराज। समाजवादी पार्टी द्वारा 5 अगस्त को पार्टी के वैचारिक स्तंभ और 'छोटे लोहिया' के नाम से विख्यात स्व. जनेश्वर मिश्र की पावन जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय में एक भव्य प्रदेश स्तरीय प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस राज्यस्तरीय आयोजन में संगम नगरी प्रयागराज की ओर से ऐतिहासिक और निर्णायक सहभागिता देखने को मिलेगी। सम्मेलन को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे, जहाँ वे प्रदेशभर के प्रबुद्ध जन से संवाद साधते हुए संगठन को धार देंगे। प्रयागराज के फूलपुर-झूंसी क्षेत्र में अपनी जनसेवा और मजबूत पकड़ के लिए जाने जाने वाले वरिष्ठ सपा नेता एवं प्रमुख समाजसेवी पंडित पवन द्विवेदी (नेता जी) के नेतृत्व में सैकड़ों समर्थकों, प्रांतीय पदाधिकारियों और प्रबुद्ध समाज के गणमान्य लोगों का विशाल काफिला लखनऊ के लिए रवाना हो गया है। पवन द्विवेदी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके एक आह्वान पर संपूर्ण फूलपुर-झूंसी क्षेत्र से युवाओं, बुजुर्गों और प्रबुद्ध वर्ग का भारी हुजूम उनके साथ लखनऊ जाने के लिए तैयार हो गया। रवानगी की तैयारियों के बीच पंडित पवन द्विवेदी ने कहा - "छोटे लोहिया स्व. जनेश्वर मिश्र जी का संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, समता और प्रबुद्ध समाज के सम्मान की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उनके सिद्धांतों और अखिलेश यादव की जनहितकारी नीतियों को गाँव-गाँव और घर-घर तक पहुँचाना ही हमारा परम ध्येय है।" बता दें कि पंडित पवन द्विवेदी लंबे समय से क्षेत्र में एक निष्ठावान, जुझारू और सर्वसुलभ नेता के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण के क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति एवं पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराना, आर्थिक रूप से कमजोर बेटियों की शिक्षा व विवाह में मदद करना तथा क्षेत्र की जनता के सुख-दुख में सदैव सबसे आगे खड़े रहना उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी ताकत है। यही कारण है कि फूलपुर क्षेत्र के सभी वर्गों, जातियों और समुदायों में उनकी स्वीकार्यता बेहद मजबूत मानी जाती है। *फूलपुर सीट पर पवन द्विवेदी की दावेदारी सबसे मजबूत! राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरों से चर्चा है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए समाजवादी पार्टी फूलपुर क्षेत्र में नए सामाजिक समीकरणों को साध रही है। चूँकि स्व. जनेश्वर मिश्र स्वयं फूलपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, इसलिए यह सीट सपा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद खास है। क्षेत्र में पंडित पवन द्विवेदी की दिन-प्रतिदिन बढ़ती लोकप्रियता, मजबूत सांगठनिक क्षमता और बेदाग सामाजिक छवि को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषक उन्हें फूलपुर विधानसभा से समाजवादी पार्टी के सबसे सशक्त और सर्वस्वीकार्य प्रत्याशी के रूप में देख रहे हैं..।1
- झारखंड के छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मंच पर एक किन्नर पहुँचीं और छात्रों के खाने-पीने के लिए 50,000 रुपये दिए झारखंड के छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मंच पर एक किन्नर पहुँचीं और छात्रों के खाने-पीने के लिए 50,000 रुपये दिए। यह सामाजिक समावेश (social inclusion) का एक बेहतरीन उदाहरण है, न कि वैसी बदतमीज़ी जो हमने पिछले महीने जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान LGBT समुदाय की तरफ़ से देखी थी। साथ ही, अगर आप मंच को ध्यान से देखें तो वहाँ शिबू सोरेन (CM हेमंत सोरेन के पिता) की तस्वीर लगी है। यह सम्मान का एक बेहतरीन उदाहरण है, न कि नेताओं के माता-पिता के लिए वैसी अपशब्दों वाली भाषा जो हमने कुछ दिन पहले जंतर-मंतर पर देखी थी। राष्ट्रवादी लोग इसी तरह विरोध प्रदर्शन करते हैं; यह एक ऐसी संस्कृति है जिसे विपक्ष द्वारा प्रायोजित CJP कभी नहीं अपना सकता।1
- यहां सिक्योरिटी गार्ड ने जो किया, वह एकदम गलत तरीका है, अखिलेश यादव के सुरक्षा कर्मी ने सपा कार्यकर्ताओं को धकियाया और बंदूक की नाल से मारा। यहां सिक्योरिटी गार्ड ने जो किया, वह एकदम गलत तरीका है, अखिलेश यादव के सुरक्षा कर्मी ने सपा कार्यकर्ताओं को धकियाया और बंदूक की नाल से मारा1
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