पानी रोका तो बवाल: कोतमा की छतई पंचायत में थर्मल प्लांट के खिलाफ आक्रोश... अनूपपुर जिले की कोतमा तहसील अंतर्गत छतई पंचायत में स्थापित अनूपपुर थर्मल पावर प्लांट द्वारा पानी रोके जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लांट प्रबंधन ने पानी के प्रवाह को रोक दिया है, जिससे आसपास के गांवों में जल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों के अनुसार, पीने के पानी और खेती दोनों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। कई हैंडपंप और कुएं सूखने की कगार पर हैं, वहीं किसानों की फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। इस स्थिति से परेशान होकर ग्रामीणों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का आरोप है कि प्लांट द्वारा अपने उपयोग के लिए पानी का अत्यधिक दोहन किया जा रहा है, जबकि स्थानीय जनता को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देते हैं और आम जनता को राहत मिल पाती है या नहीं।
पानी रोका तो बवाल: कोतमा की छतई पंचायत में थर्मल प्लांट के खिलाफ आक्रोश... अनूपपुर जिले की कोतमा तहसील अंतर्गत छतई पंचायत में स्थापित अनूपपुर थर्मल पावर प्लांट द्वारा पानी रोके जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लांट प्रबंधन ने पानी के प्रवाह को रोक दिया है, जिससे आसपास के गांवों में जल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों के अनुसार, पीने के पानी और खेती दोनों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। कई हैंडपंप और कुएं सूखने की कगार पर हैं, वहीं किसानों की फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। इस स्थिति से परेशान होकर ग्रामीणों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का आरोप है कि प्लांट द्वारा अपने उपयोग के लिए पानी का अत्यधिक दोहन किया जा रहा है, जबकि स्थानीय जनता को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देते हैं और आम जनता को राहत मिल पाती है या नहीं।
- अनूपपुर जिले की कोतमा तहसील अंतर्गत छतई पंचायत में स्थापित अनूपपुर थर्मल पावर प्लांट द्वारा पानी रोके जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लांट प्रबंधन ने पानी के प्रवाह को रोक दिया है, जिससे आसपास के गांवों में जल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों के अनुसार, पीने के पानी और खेती दोनों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। कई हैंडपंप और कुएं सूखने की कगार पर हैं, वहीं किसानों की फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। इस स्थिति से परेशान होकर ग्रामीणों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का आरोप है कि प्लांट द्वारा अपने उपयोग के लिए पानी का अत्यधिक दोहन किया जा रहा है, जबकि स्थानीय जनता को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देते हैं और आम जनता को राहत मिल पाती है या नहीं।1
- शहडोल जिला में अवैध रेत खनन का तांडव जारी, प्रशासन की कार्यवाही पर उठे सवाल नरवर बिजौरी में रेत माफियाओं का तांडव, ऐसा लगता शासन प्रशासन इन्हें मौन स्वीकृति दे दी गई है शहडोल। नरवर बिजौरी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिले में अभी तक रेत का वैध ठेका नहीं हुआ है, इसके बावजूद खुलेआम रेत का अवैध खनन और परिवहन जारी है। बताया जा रहा है कि नरवर बिजौरी क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 20 से 25 डंपर (डगी) रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। इस अवैध गतिविधि से शासन को भारी राजस्व हानि हो रही है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है। प्रशासन की निष्क्रियता के चलते यह अवैध कारोबार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। हाल ही में इस अवैध खनन से जुड़ा एक बड़ा हादसा भी सामने आया। दो दिन पहले रेत से भरा एक ट्रैक्टर पलट गया, जिसमें दो नाबालिग मजदूर सवार थे। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना ने अवैध खनन में बाल मजदूरी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध रेत खनन में लिप्त माफियाओं के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।1
- Post by India news Reporter1
- कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए की सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता के साथ किया जाए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। #शहडोल #shahdol1
- शहडोल सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई है,बैठक में जिले के कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह ने उपस्थित अधिकारी कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का समय सीमा पर निराकरण के निर्देश दिए इस दौरान जिले के अधिकारी कर्मचारी विराट सभागार में मौजूद रहे हैं।1
- Post by Ashok Sondhiya1
- Post by जुनैद खान jk न्यूज1
- शहडोल सोमवार को पुरानी बस्ती के लोग एकत्रित होकर रेलवे फाटक पहुंचे और रेलवे फाटक से कंकाली मंदिर तक पैदल यात्रा निकाली है,इस पैदल यात्रा में काफी संख्या में पुरानी बस्ती के लोग मौजूद रहे हैं, जहां कंकाली मंदिर तक पहुंचे हैं,और कंकाली मंदिर में माता रानी के दर्शन किए हैं।1