Shuru
Apke Nagar Ki App…
चैत्र नवरात्र पर्व को लेकर पुरानी बस्ती के लोगों ने रेलवे फाटक से कंकाली मंदिर तक निकाली पैदल यात्रा शहडोल सोमवार को पुरानी बस्ती के लोग एकत्रित होकर रेलवे फाटक पहुंचे और रेलवे फाटक से कंकाली मंदिर तक पैदल यात्रा निकाली है,इस पैदल यात्रा में काफी संख्या में पुरानी बस्ती के लोग मौजूद रहे हैं, जहां कंकाली मंदिर तक पहुंचे हैं,और कंकाली मंदिर में माता रानी के दर्शन किए हैं।
Akhilesh Mishra
चैत्र नवरात्र पर्व को लेकर पुरानी बस्ती के लोगों ने रेलवे फाटक से कंकाली मंदिर तक निकाली पैदल यात्रा शहडोल सोमवार को पुरानी बस्ती के लोग एकत्रित होकर रेलवे फाटक पहुंचे और रेलवे फाटक से कंकाली मंदिर तक पैदल यात्रा निकाली है,इस पैदल यात्रा में काफी संख्या में पुरानी बस्ती के लोग मौजूद रहे हैं, जहां कंकाली मंदिर तक पहुंचे हैं,और कंकाली मंदिर में माता रानी के दर्शन किए हैं।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- शहडोल जिला में अवैध रेत खनन का तांडव जारी, प्रशासन की कार्यवाही पर उठे सवाल नरवर बिजौरी में रेत माफियाओं का तांडव, ऐसा लगता शासन प्रशासन इन्हें मौन स्वीकृति दे दी गई है शहडोल। नरवर बिजौरी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिले में अभी तक रेत का वैध ठेका नहीं हुआ है, इसके बावजूद खुलेआम रेत का अवैध खनन और परिवहन जारी है। बताया जा रहा है कि नरवर बिजौरी क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 20 से 25 डंपर (डगी) रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। इस अवैध गतिविधि से शासन को भारी राजस्व हानि हो रही है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है। प्रशासन की निष्क्रियता के चलते यह अवैध कारोबार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। हाल ही में इस अवैध खनन से जुड़ा एक बड़ा हादसा भी सामने आया। दो दिन पहले रेत से भरा एक ट्रैक्टर पलट गया, जिसमें दो नाबालिग मजदूर सवार थे। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना ने अवैध खनन में बाल मजदूरी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध रेत खनन में लिप्त माफियाओं के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।1
- Post by India news Reporter1
- शहडोल सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई है,बैठक में जिले के कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह ने उपस्थित अधिकारी कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का समय सीमा पर निराकरण के निर्देश दिए इस दौरान जिले के अधिकारी कर्मचारी विराट सभागार में मौजूद रहे हैं।1
- Post by Ashok Sondhiya1
- Post by जुनैद खान jk न्यूज1
- शहडोल। जिले में अवैध रेत उत्खनन का कारोबार अब जानलेवा साबित हो रहा है। सोहागपुर थाना क्षेत्र के बिजौरी गांव में माइनिंग टीम की दबिश की सूचना मिलते ही भगदड़ मच गई, इसी दौरान रेत से भरा ट्रैक्टर अनियंत्रित हकर पलट गया। हादसे में ट्रैक्टर में सवार 8 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से की हालत नाजुक बताई जा रही है।.....1
- पनपथा बफर में तेंदुए की दर्दनाक मौत कुएँ मे गिरने से हुई मौत उमरिया । बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम महरोई में एक चार वर्षीय नर तेंदुए की कुएं में गिरकर हुई मौत ने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जंगल के राजा कहे जाने वाले इस दुर्लभ वन्यजीव का इस तरह असहाय होकर दम तोड़ना न केवल पीड़ादायक है बल्कि जिम्मेदार व्यवस्थाओं की अनदेखी का भी प्रमाण है। शनिवार को सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए के शव को बाहर निकाला। औपचारिकता के तहत डॉग स्क्वाड एवं मेटल डिटेक्टर से जांच कराई गई लेकिन सच्चाई यह है कि खुले और असुरक्षित कुएं लगातार वन्यजीवों के लिए मौत का जाल बनते जा रहे हैं जिस पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। शव परीक्षण में मृत्यु का कारण डूबना बताया गया जिससे स्पष्ट है कि यह हादसा पूरी तरह मानवीय लापरवाही का परिणाम है। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है—आखिर कब तक इस तरह वन्यजीव यूं ही असुरक्षित ढांचों की भेंट चढ़ते रहेंगे? ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों खुले कुएं बिना मुंडेर और सुरक्षा के मौजूद हैं जो न सिर्फ वन्यजीवों बल्कि इंसानों के लिए भी खतरा बने हुए हैं। यदि समय रहते इन पर सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो ऐसे हादसे भविष्य में और बढ़ सकते हैं। यह घटना प्रशासन और वन विभाग के लिए चेतावनी है कि केवल कागजी कार्यवाही से काम नहीं चलेगा बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने होंगे ताकि जंगल की इस अमूल्य धरोहर को बचाया जा सके।2
- शहडोल सोमवार को पुरानी बस्ती के लोग एकत्रित होकर रेलवे फाटक पहुंचे और रेलवे फाटक से कंकाली मंदिर तक पैदल यात्रा निकाली है,इस पैदल यात्रा में काफी संख्या में पुरानी बस्ती के लोग मौजूद रहे हैं, जहां कंकाली मंदिर तक पहुंचे हैं,और कंकाली मंदिर में माता रानी के दर्शन किए हैं।1