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गुरुवार को गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्धन समिति (डीटीपीसी) की विशेष बैठक हुई। समाहरणालय सभागार में आयोजित इस बैठक में जिले के अधिसूचित और संभावित पर्यटन स्थलों के संरक्षण, विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था, प्रचार-प्रसार तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। इस बैठक में सर्वसम्मति से सारू पहाड़ सरना पूजा स्थल को जिले के पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल करने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए उपायुक्त ने संबंधित विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, आँजन धाम (गुमला) और नवरत्नगढ़ किला (सिसई) को श्रेणी-‘बी’ से श्रेणी-‘ए’ में उन्नत करने तथा बाघमुण्डा जलप्रपात (बसिया) एवं सीरा-सीता (डुमरी) को श्रेणी-‘सी’ से श्रेणी-‘बी’ में उन्नत करने के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। पम्पापुर (पालकोट), देवाकी बाबा धाम एवं मसरिया डैम (घाघरा) तथा गोबर सिल्ली (पालकोट) को श्रेणी-‘डी’ से श्रेणी-‘सी’ में उन्नत करने के प्रस्ताव को भी राज्य में भेजने पर सभी ने अपनी सहमति दी। माँ महामाया मंदिर (हापामुनी), महासदाशिव मंदिर (मरदा, रायडीह), कपिलनाथ मंदिर (सिसई), सिदमा शिव मंदिर (बसिया), ट्राइबल म्यूजियम (एराउज), गढ़पहाड़ (रायडीह), पारस डैम (भरनो), कुसुमखर्रा पिकनिक स्पॉट (बिशुनपुर) तथा तेलगांव डैम (गुमला) सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन विभाग से अधिसूचित कराने का प्रस्ताव भी रखा गया। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आँजन धाम में प्रतिवर्ष चैत्र पूर्णिमा पर आयोजित हनुमान जयंती महोत्सव को राजकीय पर्यटन महोत्सव घोषित कराने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम के समग्र विकास के लिए मंदिर परिसर में गार्डवाल, मंदिर तक शेड निर्माण और प्राचीन मूर्तियों के संरक्षण संबंधी कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं के विकास हेतु साइनेज बोर्ड लगाने, उनके प्रबंधन, रख-रखाव, सुरक्षा एवं साफ-सफाई के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने तथा डीटीपीसी फंड से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने का निर्णय लिया गया। आँजन धाम के सौंदर्यीकरण के तहत सीढ़ियों पर शेड निर्माण, लैंडस्केपिंग, लाइट एंड साउंड सिस्टम विकसित करने सहित अन्य पर्यटक सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई। पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त ने जलप्रपातों और जलाशयों में खतरा सूचक बोर्ड लगाने, प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सभी पर्यटन स्थलों पर एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने और पत्तों से बने दोना-पत्तल के उपयोग को प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया गया। व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नए समाहरणालय भवन, चंदाली परिसर में एलईडी स्क्रीन स्थापित कर गुमला के प्रमुख पर्यटन स्थलों से संबंधित प्रचारात्मक वीडियो का नियमित प्रदर्शन कराने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। कतरी डैम में वॉच टावर, गज़ीबो, सुरक्षा रेलिंग एवं आरसीसी बेंच निर्माण, पालकोट स्थित गेस्ट हाउस एवं वे-साइड एमेनिटीज़ के अंतर्गत आवश्यक फर्नीचर एवं अन्य सुविधाओं की उपलब्धता तथा अधिसूचित डैम एवं जलप्रपातों में डूबने वाले खतरनाक स्थलों के भराव संबंधी प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को स्वीकृत प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए पर्यटन स्थलों का समग्र एवं सुनियोजित विकास करने का निर्देश दिया, ताकि गुमला जिले की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित हों। बैठक में जिला परिषद अध्यक्षा किरण माला बाड़ा, उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, जिला खेल पदाधिकारी, जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता, विभिन्न जनप्रतिनिधि सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

4 hrs ago
user_Hemant dubey
Hemant dubey
Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
4 hrs ago

गुरुवार को गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्धन समिति (डीटीपीसी) की विशेष बैठक हुई। समाहरणालय सभागार में आयोजित इस बैठक में जिले के अधिसूचित और संभावित पर्यटन स्थलों के संरक्षण, विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था, प्रचार-प्रसार तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। इस बैठक में सर्वसम्मति से सारू पहाड़ सरना पूजा स्थल को जिले के पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल करने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए उपायुक्त ने संबंधित विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, आँजन धाम (गुमला) और नवरत्नगढ़ किला (सिसई) को श्रेणी-‘बी’ से श्रेणी-‘ए’ में उन्नत करने तथा बाघमुण्डा जलप्रपात (बसिया) एवं सीरा-सीता (डुमरी) को श्रेणी-‘सी’ से श्रेणी-‘बी’ में उन्नत करने के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। पम्पापुर (पालकोट), देवाकी बाबा धाम एवं मसरिया डैम (घाघरा) तथा गोबर सिल्ली (पालकोट) को श्रेणी-‘डी’ से श्रेणी-‘सी’ में उन्नत करने के प्रस्ताव को भी राज्य में भेजने पर सभी ने अपनी सहमति दी। माँ महामाया मंदिर (हापामुनी), महासदाशिव मंदिर (मरदा, रायडीह), कपिलनाथ मंदिर (सिसई), सिदमा शिव मंदिर (बसिया), ट्राइबल म्यूजियम (एराउज), गढ़पहाड़ (रायडीह), पारस डैम (भरनो), कुसुमखर्रा पिकनिक स्पॉट (बिशुनपुर) तथा तेलगांव डैम (गुमला) सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन विभाग से अधिसूचित कराने का प्रस्ताव भी रखा गया। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आँजन धाम में प्रतिवर्ष चैत्र पूर्णिमा पर आयोजित हनुमान जयंती महोत्सव को राजकीय पर्यटन महोत्सव घोषित कराने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम के समग्र विकास के लिए मंदिर परिसर में गार्डवाल, मंदिर तक शेड निर्माण और प्राचीन मूर्तियों के संरक्षण संबंधी कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं के विकास हेतु साइनेज बोर्ड लगाने, उनके प्रबंधन, रख-रखाव, सुरक्षा एवं साफ-सफाई के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने तथा डीटीपीसी फंड से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने का निर्णय लिया गया। आँजन धाम के सौंदर्यीकरण के तहत सीढ़ियों पर शेड निर्माण, लैंडस्केपिंग, लाइट एंड साउंड सिस्टम विकसित करने सहित अन्य पर्यटक सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई। पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त ने जलप्रपातों और जलाशयों में खतरा सूचक बोर्ड लगाने, प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सभी पर्यटन स्थलों पर एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने और पत्तों से बने दोना-पत्तल के उपयोग को प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया गया। व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नए समाहरणालय भवन, चंदाली परिसर में एलईडी स्क्रीन स्थापित कर गुमला के प्रमुख पर्यटन स्थलों से संबंधित प्रचारात्मक वीडियो का नियमित प्रदर्शन कराने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। कतरी डैम में वॉच टावर, गज़ीबो, सुरक्षा रेलिंग एवं आरसीसी बेंच निर्माण, पालकोट स्थित गेस्ट हाउस एवं वे-साइड एमेनिटीज़ के अंतर्गत आवश्यक फर्नीचर एवं अन्य सुविधाओं की उपलब्धता तथा अधिसूचित डैम एवं जलप्रपातों में डूबने वाले खतरनाक स्थलों के भराव संबंधी प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को स्वीकृत प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए पर्यटन स्थलों का समग्र एवं सुनियोजित विकास करने का निर्देश दिया, ताकि गुमला जिले की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित हों। बैठक में जिला परिषद अध्यक्षा किरण माला बाड़ा, उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, जिला खेल पदाधिकारी, जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता, विभिन्न जनप्रतिनिधि सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

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  • गुरुवार को गुमला के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में जिला योजना विभाग की कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में जिला योजना के तहत प्राप्त आवंटन, वित्तीय वर्ष 2025-26 की योजनाओं की प्रगति, नई योजनाओं के चयन और विभिन्न विभागों से मिले प्रस्तावों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि प्राप्त आवंटन के आलोक में कुल 91 योजनाओं को प्रशासनिक अनुमोदन दिया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से नई योजनाएं चयनित करने पर विचार-विमर्श किया गया। इन प्रस्तावित योजनाओं में एसीआर, पेयजल आपूर्ति, मरम्मती कार्य और जनहित से जुड़े अन्य विकास कार्य शामिल हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी प्रस्तावों को प्राथमिकता और आवश्यकता के आधार पर अंतिम रूप देकर उनकी स्वीकृति प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सहकारिता विभाग द्वारा संचालित लैम्प्स (LAMPS) संस्थाओं को सोलर आधारित प्रणाली से विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया, जबकि खेल विभाग ने स्टेडियम में खिलाड़ियों की सुविधा के लिए डगआउट (Dugout) निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। रूर्बन मिशन के कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ डीएसपी रोड से संबंधित प्रस्ताव और लागत प्राक्कलन पर भी विचार किया गया। शिक्षा विभाग के प्रस्तावों की समीक्षा में मूक-बधिर विद्यालय में तीन अतिरिक्त कमरों और डुमरी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में चार अतिरिक्त कमरों के निर्माण की आवश्यकता पर सहमति बनी। कृषि एवं आजीविका संवर्धन के तहत एक हजार किसानों के बीच मशरूम की खेती को बढ़ावा देने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग से संबंधित प्रस्तावों में निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के एप्रोच पथ निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया। शहरी विकास से संबंधित प्रस्तावों में जशपुर रोड क्षेत्र में ऑटो पार्किंग जोन और ग्रीन जोन विकसित करने पर विशेष चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य शहर की आधारभूत सुविधाओं और सौंदर्यीकरण को बेहतर बनाना है। उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की जिला योजना योजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को स्वीकृत एवं प्रस्तावित योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने और जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने के लिए निर्देशित किया। बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां, जिला मत्स्य पदाधिकारी कुसुम लता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, कार्यपालक पदाधिकारी (पीएचईडी), जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता बलि उरांव, नगर परिषद के सहायक अभियंता, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार सहित कई अन्य पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
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    गुरुवार को गुमला के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में जिला योजना विभाग की कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में जिला योजना के तहत प्राप्त आवंटन, वित्तीय वर्ष 2025-26 की योजनाओं की प्रगति, नई योजनाओं के चयन और विभिन्न विभागों से मिले प्रस्तावों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि प्राप्त आवंटन के आलोक में कुल 91 योजनाओं को प्रशासनिक अनुमोदन दिया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से नई योजनाएं चयनित करने पर विचार-विमर्श किया गया। इन प्रस्तावित योजनाओं में एसीआर, पेयजल आपूर्ति, मरम्मती कार्य और जनहित से जुड़े अन्य विकास कार्य शामिल हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी प्रस्तावों को प्राथमिकता और आवश्यकता के आधार पर अंतिम रूप देकर उनकी स्वीकृति प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।

विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सहकारिता विभाग द्वारा संचालित लैम्प्स (LAMPS) संस्थाओं को सोलर आधारित प्रणाली से विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया, जबकि खेल विभाग ने स्टेडियम में खिलाड़ियों की सुविधा के लिए डगआउट (Dugout) निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। रूर्बन मिशन के कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ डीएसपी रोड से संबंधित प्रस्ताव और लागत प्राक्कलन पर भी विचार किया गया। शिक्षा विभाग के प्रस्तावों की समीक्षा में मूक-बधिर विद्यालय में तीन अतिरिक्त कमरों और डुमरी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में चार अतिरिक्त कमरों के निर्माण की आवश्यकता पर सहमति बनी। कृषि एवं आजीविका संवर्धन के तहत एक हजार किसानों के बीच मशरूम की खेती को बढ़ावा देने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग से संबंधित प्रस्तावों में निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के एप्रोच पथ निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया। शहरी विकास से संबंधित प्रस्तावों में जशपुर रोड क्षेत्र में ऑटो पार्किंग जोन और ग्रीन जोन विकसित करने पर विशेष चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य शहर की आधारभूत सुविधाओं और सौंदर्यीकरण को बेहतर बनाना है।

उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की जिला योजना योजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को स्वीकृत एवं प्रस्तावित योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने और जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने के लिए निर्देशित किया। बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां, जिला मत्स्य पदाधिकारी कुसुम लता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, कार्यपालक पदाधिकारी (पीएचईडी), जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता बलि उरांव, नगर परिषद के सहायक अभियंता, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार सहित कई अन्य पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
    user_Hemant dubey
    Hemant dubey
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
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    user_Alex Shivansh
    Alex Shivansh
    Security Guard गुमला, गुमला, झारखंड•
    12 hrs ago
  • गुमला के सिसई प्रखंड में 65वें सुब्रतो कप इंटरनेशनल फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें अंडर-15 और अंडर-17 बालक वर्ग के मैच संत तुलसीदास प्लस टू उच्च विद्यालय के खेल मैदान में हुए। वहीं, अंडर-17 बालिका वर्ग के मुकाबले माघी बालिका उच्च विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित किए गए। जिला परिषद सदस्य विजयलक्ष्मी कुमारी ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करने के बाद फुटबॉल को किक मारकर इस प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया। प्रतियोगिता के दौरान बालक और बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने रोमांचक मैच खेले, जिससे खेल मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अंडर-15 बालक वर्ग में कार्तिक उरांव प्लस टू उच्च विद्यालय छारदा की टीम एक गोल से विजेता रही, जबकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय प्रखंड मुख्यालय सिसई की टीम उपविजेता बनी। अंडर-17 बालिका वर्ग में बालिका विद्यालय ने विजेता का खिताब हासिल किया और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की टीम उपविजेता रही। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, खिलाड़ी, भारी संख्या में खेल प्रेमी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के समापन के बाद, यह भी बताया गया कि 27 जून को लिटिल चैंप्स प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
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    गुमला के सिसई प्रखंड में 65वें सुब्रतो कप इंटरनेशनल फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें अंडर-15 और अंडर-17 बालक वर्ग के मैच संत तुलसीदास प्लस टू उच्च विद्यालय के खेल मैदान में हुए। वहीं, अंडर-17 बालिका वर्ग के मुकाबले माघी बालिका उच्च विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित किए गए। जिला परिषद सदस्य विजयलक्ष्मी कुमारी ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करने के बाद फुटबॉल को किक मारकर इस प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया।

प्रतियोगिता के दौरान बालक और बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने रोमांचक मैच खेले, जिससे खेल मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अंडर-15 बालक वर्ग में कार्तिक उरांव प्लस टू उच्च विद्यालय छारदा की टीम एक गोल से विजेता रही, जबकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय प्रखंड मुख्यालय सिसई की टीम उपविजेता बनी। अंडर-17 बालिका वर्ग में बालिका विद्यालय ने विजेता का खिताब हासिल किया और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की टीम उपविजेता रही।

इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, खिलाड़ी, भारी संख्या में खेल प्रेमी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के समापन के बाद, यह भी बताया गया कि 27 जून को लिटिल चैंप्स प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    8 hrs ago
  • लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना अंतर्गत मुर्की ग्राम में बुधवार देर शाम एक युवक की ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से दर्दनाक मौत हो गई। बताया गया है कि मृतक रविंदर उराँव मनचला और अपराधी प्रवृत्ति का था। उसने ट्रैक्टर चालक को धमकाते हुए जबरन गाड़ी चलाने का प्रयास किया, जिसके कारण ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया। इसी क्रम में ट्रैक्टर का अगला हिस्सा ऊपर उठ गया और रविंदर उराँव जमीन पर गिर गया, जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। इस घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
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    लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना अंतर्गत मुर्की ग्राम में बुधवार देर शाम एक युवक की ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से दर्दनाक मौत हो गई। बताया गया है कि मृतक रविंदर उराँव मनचला और अपराधी प्रवृत्ति का था। उसने ट्रैक्टर चालक को धमकाते हुए जबरन गाड़ी चलाने का प्रयास किया, जिसके कारण ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया। इसी क्रम में ट्रैक्टर का अगला हिस्सा ऊपर उठ गया और रविंदर उराँव जमीन पर गिर गया, जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। इस घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • गुमला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत संचालित और प्रस्तावित विभिन्न विकासात्मक कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, मत्स्य और समाज कल्याण सहित कई विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और सीएसआर प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में उपायुक्त ने दिव्यांगजनों के लिए बैटरी चालित व्हीलचेयर पर्याप्त संख्या में स्टॉक में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि पात्र लाभार्थियों को बिना विलंब के व्हीलचेयर मिल सके। उन्होंने सदर अस्पताल गुमला के सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) शीघ्र तैयार करने को कहा, साथ ही अस्पताल परिसर में पेवर ब्लॉक निर्माण एवं ब्यूटीफिकेशन से संबंधित सभी प्रस्तावों को अगली समीक्षा बैठक से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। टीबी मरीजों को उपचार के साथ-साथ पोषण संबंधी सहयोग सुनिश्चित करने हेतु पोषण किट का नियमित वितरण करने का निर्देश भी दिया गया। इसके अतिरिक्त, समाहरणालय परिसर में पेयजल की गुणवत्ता में सुधार के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा गया। शिक्षा के क्षेत्र में, उपायुक्त ने शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में कंप्यूटर आधारित एवं ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं कल्याण विभाग के विद्यालयों के आवश्यक मरम्मत एवं रेनोवेशन कार्य को भी सीएसआर के माध्यम से कराने पर चर्चा हुई। बैठक में साइंस सेंटर के रेनोवेशन कार्य से संबंधित लंबित भुगतान का शीघ्र निष्पादन करने के निर्देश दिए गए। प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में बेंच-डेस्क की कमी को दूर करने तथा 26 नए आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक बर्तनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया। मत्स्य विभाग द्वारा जीआई केज (GI Cage) के लिए बैटरी उपलब्ध कराने की मांग पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए, वहीं विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों के लिए बस, खेल सामग्री एवं स्पोर्ट्स उपकरणों की मांग को भी सीएसआर के माध्यम से पूरा करने पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सीएसआर के माध्यम से प्रस्तावित विकासात्मक कार्यों की प्राथमिकता तय करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि इन योजनाओं का लाभ आमजन तक शीघ्रता से पहुँच सके। बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां, जिला मत्स्य पदाधिकारी कुसुम लता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार, हिंडालको कंपनी के प्रतिनिधि सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
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    गुमला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत संचालित और प्रस्तावित विभिन्न विकासात्मक कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, मत्स्य और समाज कल्याण सहित कई विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और सीएसआर प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

बैठक में उपायुक्त ने दिव्यांगजनों के लिए बैटरी चालित व्हीलचेयर पर्याप्त संख्या में स्टॉक में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि पात्र लाभार्थियों को बिना विलंब के व्हीलचेयर मिल सके। उन्होंने सदर अस्पताल गुमला के सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) शीघ्र तैयार करने को कहा, साथ ही अस्पताल परिसर में पेवर ब्लॉक निर्माण एवं ब्यूटीफिकेशन से संबंधित सभी प्रस्तावों को अगली समीक्षा बैठक से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। टीबी मरीजों को उपचार के साथ-साथ पोषण संबंधी सहयोग सुनिश्चित करने हेतु पोषण किट का नियमित वितरण करने का निर्देश भी दिया गया। इसके अतिरिक्त, समाहरणालय परिसर में पेयजल की गुणवत्ता में सुधार के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा गया।

शिक्षा के क्षेत्र में, उपायुक्त ने शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में कंप्यूटर आधारित एवं ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं कल्याण विभाग के विद्यालयों के आवश्यक मरम्मत एवं रेनोवेशन कार्य को भी सीएसआर के माध्यम से कराने पर चर्चा हुई। बैठक में साइंस सेंटर के रेनोवेशन कार्य से संबंधित लंबित भुगतान का शीघ्र निष्पादन करने के निर्देश दिए गए। प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में बेंच-डेस्क की कमी को दूर करने तथा 26 नए आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक बर्तनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया। मत्स्य विभाग द्वारा जीआई केज (GI Cage) के लिए बैटरी उपलब्ध कराने की मांग पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए, वहीं विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों के लिए बस, खेल सामग्री एवं स्पोर्ट्स उपकरणों की मांग को भी सीएसआर के माध्यम से पूरा करने पर चर्चा हुई।

उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सीएसआर के माध्यम से प्रस्तावित विकासात्मक कार्यों की प्राथमिकता तय करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि इन योजनाओं का लाभ आमजन तक शीघ्रता से पहुँच सके। बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां, जिला मत्स्य पदाधिकारी कुसुम लता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार, हिंडालको कंपनी के प्रतिनिधि सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    5 hrs ago
  • गुमला के आमगांव मोड़ से देवीडीह तक बन रही सड़क और पुल-पुलिया के निर्माण कार्य में ग्रामीणों द्वारा मिली शिकायतों के आधार पर सांसद प्रतिनिधि जाकिर अंसारी और कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष जॉय कुजूर ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस गहन जांच के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता असंतोषजनक पाई गई, जिसमें निर्माण मानकों की अनदेखी और निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री के उपयोग की शिकायतें सामने आईं। निरीक्षण दल ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री, पुल-पुलिया की मजबूती और कार्य की प्रगति का जायजा लिया। सांसद प्रतिनिधि जाकिर अंसारी ने स्पष्ट किया कि जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभाग और संवेदक से तत्काल कमियों को दूर करने की मांग की, साथ ही आश्वासन दिया कि ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष जॉय कुजूर ने जोर देकर कहा कि क्षेत्रवासियों को गुणवत्तापूर्ण सड़क और मजबूत पुल-पुलिया उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने भी निर्माण की गुणवत्ता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उनका आरोप था कि पहले भी कई बार गुणवत्ता संबंधी सवाल उठाए गए थे, लेकिन कोई अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिससे सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। निरीक्षण दल ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को विभाग और उच्च अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो सके।
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    गुमला के आमगांव मोड़ से देवीडीह तक बन रही सड़क और पुल-पुलिया के निर्माण कार्य में ग्रामीणों द्वारा मिली शिकायतों के आधार पर सांसद प्रतिनिधि जाकिर अंसारी और कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष जॉय कुजूर ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस गहन जांच के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता असंतोषजनक पाई गई, जिसमें निर्माण मानकों की अनदेखी और निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री के उपयोग की शिकायतें सामने आईं।

निरीक्षण दल ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री, पुल-पुलिया की मजबूती और कार्य की प्रगति का जायजा लिया। सांसद प्रतिनिधि जाकिर अंसारी ने स्पष्ट किया कि जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभाग और संवेदक से तत्काल कमियों को दूर करने की मांग की, साथ ही आश्वासन दिया कि ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष जॉय कुजूर ने जोर देकर कहा कि क्षेत्रवासियों को गुणवत्तापूर्ण सड़क और मजबूत पुल-पुलिया उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने भी निर्माण की गुणवत्ता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उनका आरोप था कि पहले भी कई बार गुणवत्ता संबंधी सवाल उठाए गए थे, लेकिन कोई अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिससे सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। निरीक्षण दल ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को विभाग और उच्च अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो सके।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    12 hrs ago
  • झारखंड के गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नियमों और राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की खुलेआम अनदेखी किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शंख नदी सहित अन्य नदियों से रात के अंधेरे से लेकर दिन के उजाले तक अवैध बालू का उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। आरोप है कि बालू के अवैध खनन का यह पूरा कारोबार प्रशासन की नाक के नीचे संचालित हो रहा है, जिससे क्षेत्र की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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    झारखंड के गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नियमों और राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की खुलेआम अनदेखी किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शंख नदी सहित अन्य नदियों से रात के अंधेरे से लेकर दिन के उजाले तक अवैध बालू का उत्खनन धड़ल्ले से जारी है।

आरोप है कि बालू के अवैध खनन का यह पूरा कारोबार प्रशासन की नाक के नीचे संचालित हो रहा है, जिससे क्षेत्र की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    20 hrs ago
  • गुरुवार को गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्धन समिति (डीटीपीसी) की विशेष बैठक हुई। समाहरणालय सभागार में आयोजित इस बैठक में जिले के अधिसूचित और संभावित पर्यटन स्थलों के संरक्षण, विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था, प्रचार-प्रसार तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। इस बैठक में सर्वसम्मति से सारू पहाड़ सरना पूजा स्थल को जिले के पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल करने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए उपायुक्त ने संबंधित विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, आँजन धाम (गुमला) और नवरत्नगढ़ किला (सिसई) को श्रेणी-‘बी’ से श्रेणी-‘ए’ में उन्नत करने तथा बाघमुण्डा जलप्रपात (बसिया) एवं सीरा-सीता (डुमरी) को श्रेणी-‘सी’ से श्रेणी-‘बी’ में उन्नत करने के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। पम्पापुर (पालकोट), देवाकी बाबा धाम एवं मसरिया डैम (घाघरा) तथा गोबर सिल्ली (पालकोट) को श्रेणी-‘डी’ से श्रेणी-‘सी’ में उन्नत करने के प्रस्ताव को भी राज्य में भेजने पर सभी ने अपनी सहमति दी। माँ महामाया मंदिर (हापामुनी), महासदाशिव मंदिर (मरदा, रायडीह), कपिलनाथ मंदिर (सिसई), सिदमा शिव मंदिर (बसिया), ट्राइबल म्यूजियम (एराउज), गढ़पहाड़ (रायडीह), पारस डैम (भरनो), कुसुमखर्रा पिकनिक स्पॉट (बिशुनपुर) तथा तेलगांव डैम (गुमला) सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन विभाग से अधिसूचित कराने का प्रस्ताव भी रखा गया। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आँजन धाम में प्रतिवर्ष चैत्र पूर्णिमा पर आयोजित हनुमान जयंती महोत्सव को राजकीय पर्यटन महोत्सव घोषित कराने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम के समग्र विकास के लिए मंदिर परिसर में गार्डवाल, मंदिर तक शेड निर्माण और प्राचीन मूर्तियों के संरक्षण संबंधी कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं के विकास हेतु साइनेज बोर्ड लगाने, उनके प्रबंधन, रख-रखाव, सुरक्षा एवं साफ-सफाई के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने तथा डीटीपीसी फंड से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने का निर्णय लिया गया। आँजन धाम के सौंदर्यीकरण के तहत सीढ़ियों पर शेड निर्माण, लैंडस्केपिंग, लाइट एंड साउंड सिस्टम विकसित करने सहित अन्य पर्यटक सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई। पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त ने जलप्रपातों और जलाशयों में खतरा सूचक बोर्ड लगाने, प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सभी पर्यटन स्थलों पर एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने और पत्तों से बने दोना-पत्तल के उपयोग को प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया गया। व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नए समाहरणालय भवन, चंदाली परिसर में एलईडी स्क्रीन स्थापित कर गुमला के प्रमुख पर्यटन स्थलों से संबंधित प्रचारात्मक वीडियो का नियमित प्रदर्शन कराने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। कतरी डैम में वॉच टावर, गज़ीबो, सुरक्षा रेलिंग एवं आरसीसी बेंच निर्माण, पालकोट स्थित गेस्ट हाउस एवं वे-साइड एमेनिटीज़ के अंतर्गत आवश्यक फर्नीचर एवं अन्य सुविधाओं की उपलब्धता तथा अधिसूचित डैम एवं जलप्रपातों में डूबने वाले खतरनाक स्थलों के भराव संबंधी प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को स्वीकृत प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए पर्यटन स्थलों का समग्र एवं सुनियोजित विकास करने का निर्देश दिया, ताकि गुमला जिले की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित हों। बैठक में जिला परिषद अध्यक्षा किरण माला बाड़ा, उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, जिला खेल पदाधिकारी, जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता, विभिन्न जनप्रतिनिधि सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
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    गुरुवार को गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्धन समिति (डीटीपीसी) की विशेष बैठक हुई। समाहरणालय सभागार में आयोजित इस बैठक में जिले के अधिसूचित और संभावित पर्यटन स्थलों के संरक्षण, विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था, प्रचार-प्रसार तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।

इस बैठक में सर्वसम्मति से सारू पहाड़ सरना पूजा स्थल को जिले के पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल करने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए उपायुक्त ने संबंधित विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, आँजन धाम (गुमला) और नवरत्नगढ़ किला (सिसई) को श्रेणी-‘बी’ से श्रेणी-‘ए’ में उन्नत करने तथा बाघमुण्डा जलप्रपात (बसिया) एवं सीरा-सीता (डुमरी) को श्रेणी-‘सी’ से श्रेणी-‘बी’ में उन्नत करने के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। पम्पापुर (पालकोट), देवाकी बाबा धाम एवं मसरिया डैम (घाघरा) तथा गोबर सिल्ली (पालकोट) को श्रेणी-‘डी’ से श्रेणी-‘सी’ में उन्नत करने के प्रस्ताव को भी राज्य में भेजने पर सभी ने अपनी सहमति दी। माँ महामाया मंदिर (हापामुनी), महासदाशिव मंदिर (मरदा, रायडीह), कपिलनाथ मंदिर (सिसई), सिदमा शिव मंदिर (बसिया), ट्राइबल म्यूजियम (एराउज), गढ़पहाड़ (रायडीह), पारस डैम (भरनो), कुसुमखर्रा पिकनिक स्पॉट (बिशुनपुर) तथा तेलगांव डैम (गुमला) सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन विभाग से अधिसूचित कराने का प्रस्ताव भी रखा गया।

पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आँजन धाम में प्रतिवर्ष चैत्र पूर्णिमा पर आयोजित हनुमान जयंती महोत्सव को राजकीय पर्यटन महोत्सव घोषित कराने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम के समग्र विकास के लिए मंदिर परिसर में गार्डवाल, मंदिर तक शेड निर्माण और प्राचीन मूर्तियों के संरक्षण संबंधी कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं के विकास हेतु साइनेज बोर्ड लगाने, उनके प्रबंधन, रख-रखाव, सुरक्षा एवं साफ-सफाई के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने तथा डीटीपीसी फंड से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने का निर्णय लिया गया। आँजन धाम के सौंदर्यीकरण के तहत सीढ़ियों पर शेड निर्माण, लैंडस्केपिंग, लाइट एंड साउंड सिस्टम विकसित करने सहित अन्य पर्यटक सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई।

पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त ने जलप्रपातों और जलाशयों में खतरा सूचक बोर्ड लगाने, प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सभी पर्यटन स्थलों पर एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने और पत्तों से बने दोना-पत्तल के उपयोग को प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया गया। व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नए समाहरणालय भवन, चंदाली परिसर में एलईडी स्क्रीन स्थापित कर गुमला के प्रमुख पर्यटन स्थलों से संबंधित प्रचारात्मक वीडियो का नियमित प्रदर्शन कराने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। कतरी डैम में वॉच टावर, गज़ीबो, सुरक्षा रेलिंग एवं आरसीसी बेंच निर्माण, पालकोट स्थित गेस्ट हाउस एवं वे-साइड एमेनिटीज़ के अंतर्गत आवश्यक फर्नीचर एवं अन्य सुविधाओं की उपलब्धता तथा अधिसूचित डैम एवं जलप्रपातों में डूबने वाले खतरनाक स्थलों के भराव संबंधी प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को स्वीकृत प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए पर्यटन स्थलों का समग्र एवं सुनियोजित विकास करने का निर्देश दिया, ताकि गुमला जिले की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित हों। बैठक में जिला परिषद अध्यक्षा किरण माला बाड़ा, उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, जिला खेल पदाधिकारी, जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता, विभिन्न जनप्रतिनिधि सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
    user_Hemant dubey
    Hemant dubey
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
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