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नारायणपुर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक 42 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दावा किया कि हार्ट अटैक आने के बाद मरीज को समय पर उचित इलाज नहीं मिला, और डॉक्टरों की इसी लापरवाही से युवक की जान चली गई। परिजनों के हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद स्थिति को शांत किया। इस घटना के बाद एक बार फिर जिला अस्पताल प्रबंधन और उसकी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि नारायणपुर जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही के कारण ही 42 वर्षीय युवक की जान गई।
रौशन ठाकुर
नारायणपुर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक 42 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दावा किया कि हार्ट अटैक आने के बाद मरीज को समय पर उचित इलाज नहीं मिला, और डॉक्टरों की इसी लापरवाही से युवक की जान चली गई। परिजनों के हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद स्थिति को शांत किया। इस घटना के बाद एक बार फिर जिला अस्पताल प्रबंधन और उसकी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि नारायणपुर जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही के कारण ही 42 वर्षीय युवक की जान गई।
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