आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। दोस्तों, एक बात बिल्कुल सच है—इंसान जब भी कोई गलत काम करने की सोचता है, तो उसे अंजाम देने से पहले एक प्लान जरूर बनाता है। वो पूरी कोशिश करता है कि उसका काम हो भी जाए और वो कभी पकड़ा भी न जाए। लेकिन शायद वो ये भूल जाता है कि इंसान जैसा कर्म करता है, एक दिन उसे उसका फल जरूर मिलता है। आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। मेरा नाम है हसमुद्दीन, और आप देख रहे हैं मुसाफिर क्राइम तक। ये घटना है उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की। अजगैन थाना क्षेत्र के चमरौली गांव में 18 मार्च 2026 की सुबह करीब 8 बजे एक किसान, राजेश यादव, अपने खेत पर जाता है। वहां उसे एक व्यक्ति का शव दिखाई देता है। शव को देखकर वो घबरा जाता है और शोर मचाता है। धीरे-धीरे गांव के लोग भी वहां पहुंच जाते हैं। पहचान करने पर पता चलता है कि मृतक का नाम श्रीकांत लोध है, जो उसी गांव का रहने वाला और पेशे से ट्रक ड्राइवर था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचती है। जांच में सामने आता है कि शव पर कई चोटों के निशान हैं और हाथ-पैर साड़ी से बंधे हुए हैं। इससे साफ था कि हत्या की गई है और इसमें एक से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया जाता है और पुलिस जांच शुरू करती है। शुरुआत में परिवार वालों ने किसी पर शक नहीं जताया। लेकिन जब 24 घंटे तक कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस ने घर के लोगों पर ही ध्यान केंद्रित किया। इसी दौरान पुलिस को श्रीकांत की पत्नी सुखरानी पर शक हुआ। जब उसका मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR निकाला गया, तो पता चला कि वह एक नंबर पर लगातार बात कर रही थी। इसके बाद पुलिस ने 20 मार्च को सुखरानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो उसने बात छुपाने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछने पर उसने सच्चाई कबूल कर ली। पूछताछ में जो सच सामने आया, वो चौंकाने वाला था। सुखरानी का गांव के ही युवक अंकित यादव से प्रेम संबंध चल रहा था। पति-पत्नी के बीच पहले से ही विवाद और मारपीट होती रहती थी। इसी के चलते सुखरानी ने अपने प्रेमी अंकित के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रच डाली। अंकित ने अपने दोस्त मोहित सिंह को भी इस साजिश में शामिल किया। 17 मार्च की रात, सुखरानी अपने पति को बहाने से खेत पर ले गई, जहां पहले से अंकित और मोहित छिपे हुए थे। तीनों ने मिलकर श्रीकांत को बांधकर बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद शव को वहीं छोड़ दिया गया और सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों—सुखरानी, अंकित और मोहित—को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से नकद पैसे और मोबाइल भी बरामद किए गए। तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस घटना का सबसे दुखद पहलू ये है कि श्रीकांत का दो साल का मासूम बेटा अब अपने माता-पिता से दूर हो गया। कोई भी उसे अपनाने को तैयार नहीं हुआ, और मजबूरी में उसे अपनी मां के साथ ही जेल जाना पड़ा। दोस्तों, ये घटना हमें एक बड़ी सीख देती है—गुस्सा, बदला और गलत फैसले हमेशा जिंदगी बर्बाद कर देते हैं। इसलिए जरूरी है कि हम हर परिस्थिति में सही रास्ता चुनें। अगर आप इस मामले पर अपनी राय देना चाहते हैं, तो हमें कमेंट में जरूर बताएं। फिलहाल के लिए इतना ही, मैं हसमुद्दीन, आप देख रहे थे jsn न्यूज़ का खास कार्यक्रम क्राइम तक। जय हिंद, जय भारत।
आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। दोस्तों, एक बात बिल्कुल सच है—इंसान जब भी कोई गलत काम करने की सोचता है, तो उसे अंजाम देने से पहले एक प्लान जरूर बनाता है। वो पूरी कोशिश करता है कि उसका काम हो भी जाए और वो कभी पकड़ा भी न जाए। लेकिन शायद वो ये भूल जाता है कि इंसान जैसा कर्म करता है, एक दिन उसे उसका फल जरूर मिलता है। आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। मेरा नाम है हसमुद्दीन, और आप देख रहे हैं मुसाफिर क्राइम तक। ये घटना है उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की। अजगैन थाना क्षेत्र के चमरौली गांव में 18 मार्च 2026 की सुबह करीब 8 बजे एक किसान, राजेश यादव, अपने खेत पर जाता है। वहां उसे एक व्यक्ति का शव दिखाई देता है। शव को देखकर वो घबरा जाता है और शोर मचाता है। धीरे-धीरे गांव के लोग भी वहां पहुंच जाते हैं। पहचान करने पर पता चलता है कि मृतक का नाम श्रीकांत लोध है, जो उसी गांव का रहने वाला और पेशे से ट्रक ड्राइवर था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचती है। जांच में सामने आता है कि शव पर कई चोटों के निशान हैं और हाथ-पैर साड़ी से बंधे हुए हैं। इससे साफ था कि हत्या की गई है और इसमें एक से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया जाता है और पुलिस जांच शुरू करती है। शुरुआत में परिवार वालों ने किसी पर शक नहीं जताया। लेकिन जब 24 घंटे तक कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस ने घर के लोगों पर ही ध्यान केंद्रित किया। इसी दौरान पुलिस को श्रीकांत की पत्नी सुखरानी पर शक हुआ। जब उसका मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR निकाला गया, तो पता चला कि वह एक नंबर पर लगातार बात कर रही थी। इसके बाद पुलिस ने 20 मार्च को सुखरानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो उसने बात छुपाने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछने पर उसने सच्चाई कबूल कर ली। पूछताछ में जो सच सामने आया, वो चौंकाने वाला था। सुखरानी का गांव के ही युवक अंकित यादव से प्रेम संबंध चल रहा था। पति-पत्नी के बीच पहले से ही विवाद और मारपीट होती रहती थी। इसी के चलते सुखरानी ने अपने प्रेमी अंकित के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रच डाली। अंकित ने अपने दोस्त मोहित सिंह को भी इस साजिश में शामिल किया। 17 मार्च की रात, सुखरानी अपने पति को बहाने से खेत पर ले गई, जहां पहले से अंकित और मोहित छिपे हुए थे। तीनों ने मिलकर श्रीकांत को बांधकर बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद शव को वहीं छोड़ दिया गया और सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों—सुखरानी, अंकित और मोहित—को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से नकद पैसे और मोबाइल भी बरामद किए गए। तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस घटना का सबसे दुखद पहलू ये है कि श्रीकांत का दो साल का मासूम बेटा अब अपने माता-पिता से दूर हो गया। कोई भी उसे अपनाने को तैयार नहीं हुआ, और मजबूरी में उसे अपनी मां के साथ ही जेल जाना पड़ा। दोस्तों, ये घटना हमें एक बड़ी सीख देती है—गुस्सा, बदला और गलत फैसले हमेशा जिंदगी बर्बाद कर देते हैं। इसलिए जरूरी है कि हम हर परिस्थिति में सही रास्ता चुनें। अगर आप इस मामले पर अपनी राय देना चाहते हैं, तो हमें कमेंट में जरूर बताएं। फिलहाल के लिए इतना ही, मैं हसमुद्दीन, आप देख रहे थे jsn न्यूज़ का खास कार्यक्रम क्राइम तक। जय हिंद, जय भारत।
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- कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जिले में पेट्रोल, डीज़ल और गैस की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि दमोह जिले में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है और सभी व्यवस्थाएँ पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, अनावश्यक रूप से पेट्रोल, डीज़ल या गैस का स्टॉक न करें और अपनी जरूरत के अनुसार ही सामग्री लें, ताकि सभी को सुचारु रूप से आपूर्ति मिलती रहे। #Damoh1
- दोस्तों, एक बात बिल्कुल सच है—इंसान जब भी कोई गलत काम करने की सोचता है, तो उसे अंजाम देने से पहले एक प्लान जरूर बनाता है। वो पूरी कोशिश करता है कि उसका काम हो भी जाए और वो कभी पकड़ा भी न जाए। लेकिन शायद वो ये भूल जाता है कि इंसान जैसा कर्म करता है, एक दिन उसे उसका फल जरूर मिलता है। आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। मेरा नाम है हसमुद्दीन, और आप देख रहे हैं मुसाफिर क्राइम तक। ये घटना है उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की। अजगैन थाना क्षेत्र के चमरौली गांव में 18 मार्च 2026 की सुबह करीब 8 बजे एक किसान, राजेश यादव, अपने खेत पर जाता है। वहां उसे एक व्यक्ति का शव दिखाई देता है। शव को देखकर वो घबरा जाता है और शोर मचाता है। धीरे-धीरे गांव के लोग भी वहां पहुंच जाते हैं। पहचान करने पर पता चलता है कि मृतक का नाम श्रीकांत लोध है, जो उसी गांव का रहने वाला और पेशे से ट्रक ड्राइवर था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचती है। जांच में सामने आता है कि शव पर कई चोटों के निशान हैं और हाथ-पैर साड़ी से बंधे हुए हैं। इससे साफ था कि हत्या की गई है और इसमें एक से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया जाता है और पुलिस जांच शुरू करती है। शुरुआत में परिवार वालों ने किसी पर शक नहीं जताया। लेकिन जब 24 घंटे तक कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस ने घर के लोगों पर ही ध्यान केंद्रित किया। इसी दौरान पुलिस को श्रीकांत की पत्नी सुखरानी पर शक हुआ। जब उसका मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR निकाला गया, तो पता चला कि वह एक नंबर पर लगातार बात कर रही थी। इसके बाद पुलिस ने 20 मार्च को सुखरानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो उसने बात छुपाने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछने पर उसने सच्चाई कबूल कर ली। पूछताछ में जो सच सामने आया, वो चौंकाने वाला था। सुखरानी का गांव के ही युवक अंकित यादव से प्रेम संबंध चल रहा था। पति-पत्नी के बीच पहले से ही विवाद और मारपीट होती रहती थी। इसी के चलते सुखरानी ने अपने प्रेमी अंकित के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रच डाली। अंकित ने अपने दोस्त मोहित सिंह को भी इस साजिश में शामिल किया। 17 मार्च की रात, सुखरानी अपने पति को बहाने से खेत पर ले गई, जहां पहले से अंकित और मोहित छिपे हुए थे। तीनों ने मिलकर श्रीकांत को बांधकर बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद शव को वहीं छोड़ दिया गया और सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों—सुखरानी, अंकित और मोहित—को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से नकद पैसे और मोबाइल भी बरामद किए गए। तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस घटना का सबसे दुखद पहलू ये है कि श्रीकांत का दो साल का मासूम बेटा अब अपने माता-पिता से दूर हो गया। कोई भी उसे अपनाने को तैयार नहीं हुआ, और मजबूरी में उसे अपनी मां के साथ ही जेल जाना पड़ा। दोस्तों, ये घटना हमें एक बड़ी सीख देती है—गुस्सा, बदला और गलत फैसले हमेशा जिंदगी बर्बाद कर देते हैं। इसलिए जरूरी है कि हम हर परिस्थिति में सही रास्ता चुनें। अगर आप इस मामले पर अपनी राय देना चाहते हैं, तो हमें कमेंट में जरूर बताएं। फिलहाल के लिए इतना ही, मैं हसमुद्दीन, आप देख रहे थे jsn न्यूज़ का खास कार्यक्रम क्राइम तक। जय हिंद, जय भारत।1
- Post by भगवत सिंह लोधी पत्रकार1
- शिवकाशी हटा में हिंदू संगठनों ने नगर से निकाली भव्य भगवा ध्वजों से सजी बाइक रैली1
- दमोह -डीजल पेट्रोल को लेकर स्टॉक किया जा रहा जिला प्रशासन के लिए इस पर ध्यान आकर्षण करना चाहिए सभी को डीजल पेट्रोल के लिए पर्याप्त स्टाक बना हुआ है उसके बावजूद भी स्टॉक लेने पर जागरूकता देने की आवश्यकता है जिले में भंडारण की कमी नहीं है इस तरह से अव्यवस्था फैलाना ठीक नहीं माना जाता है!1
- *पन्ना पुलिस द्वारा अवैध शराब परिवहन के मामले मे फरार आरोपी कांग्रेसी नेता अजय पाल लोधी को पुलिस ने किया गिरफ्तार* *आरोपी विलासितापूर्ण जीवन जीने के शौक एवं पैसो की लालच में मंहगी गाड़ियो से करता था अवैध शराब की तस्करी पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन में पन्ना पुलिस द्वारा जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने हेतु लगातार कार्यवाहियाँ की जा रही है।1
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