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शिवकाशी हटा में हिंदू संगठनों ने नगर से निकाली भव्य भगवा ध्वजों से सजी बाइक रैली
Pushpendra hatta Press reporter
शिवकाशी हटा में हिंदू संगठनों ने नगर से निकाली भव्य भगवा ध्वजों से सजी बाइक रैली
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- मैहर। मां शारदा धाम में दर्शन करने Bihar आए एक श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, श्रद्धालु दर्शन के उपरांत अन्नकूट प्रसादालय में लाइन में लगे हुए थे, तभी उन्हें अचानक हार्ट अटैक आ गया। घटना को देखते ही एसआई एस के सुपरवाइजरदीपक दूबे ने तुरंत स्थिति को संभाला और बिना समय गंवाए अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर श्रद्धालु को सहारा दिया। उन्होंने तत्काल उपस्थित डॉक्टरों को बुलाकर प्राथमिक जांच कराई। इसके बाद एसआईएस के सुपरवाइजर दीपक दुबे एवं उनकी टीम—संजय, आदित्य, राजू सहित अन्य सदस्यों—ने तत्परता दिखाते हुए घायल श्रद्धालु को तुरंत प्राथमिक उपचार दिलवाया और एंबुलेंस की व्यवस्था कर मैहर सिविल अस्पताल पहुंचाया। समय पर मिले उपचार के चलते श्रद्धालु की जान बच गई। इस पूरी घटना में एसआई एस टीम के संजय, आदित्य, राजू एवं दीपक दूबे द्वारा दिखाए गए साहस, सूझबूझ और तत्परता की हर ओर सराहना हो रही है। वहीं शारदा प्रबंधन समिति के सदस्य सचिन मिश्रा द्वारा भी टीम के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की गई। उन्होंने कहा कि ऐसी सजगता और तत्परता से ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। स्थानीय लोगों और अन्य श्रद्धालुओं ने भी टीम के इस मानवीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी तेजी और जिम्मेदारी से एक अनमोल जीवन सुरक्षित हो1
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- दोस्तों, एक बात बिल्कुल सच है—इंसान जब भी कोई गलत काम करने की सोचता है, तो उसे अंजाम देने से पहले एक प्लान जरूर बनाता है। वो पूरी कोशिश करता है कि उसका काम हो भी जाए और वो कभी पकड़ा भी न जाए। लेकिन शायद वो ये भूल जाता है कि इंसान जैसा कर्म करता है, एक दिन उसे उसका फल जरूर मिलता है। आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। मेरा नाम है हसमुद्दीन, और आप देख रहे हैं मुसाफिर क्राइम तक। ये घटना है उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की। अजगैन थाना क्षेत्र के चमरौली गांव में 18 मार्च 2026 की सुबह करीब 8 बजे एक किसान, राजेश यादव, अपने खेत पर जाता है। वहां उसे एक व्यक्ति का शव दिखाई देता है। शव को देखकर वो घबरा जाता है और शोर मचाता है। धीरे-धीरे गांव के लोग भी वहां पहुंच जाते हैं। पहचान करने पर पता चलता है कि मृतक का नाम श्रीकांत लोध है, जो उसी गांव का रहने वाला और पेशे से ट्रक ड्राइवर था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचती है। जांच में सामने आता है कि शव पर कई चोटों के निशान हैं और हाथ-पैर साड़ी से बंधे हुए हैं। इससे साफ था कि हत्या की गई है और इसमें एक से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया जाता है और पुलिस जांच शुरू करती है। शुरुआत में परिवार वालों ने किसी पर शक नहीं जताया। लेकिन जब 24 घंटे तक कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस ने घर के लोगों पर ही ध्यान केंद्रित किया। इसी दौरान पुलिस को श्रीकांत की पत्नी सुखरानी पर शक हुआ। जब उसका मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR निकाला गया, तो पता चला कि वह एक नंबर पर लगातार बात कर रही थी। इसके बाद पुलिस ने 20 मार्च को सुखरानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो उसने बात छुपाने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछने पर उसने सच्चाई कबूल कर ली। पूछताछ में जो सच सामने आया, वो चौंकाने वाला था। सुखरानी का गांव के ही युवक अंकित यादव से प्रेम संबंध चल रहा था। पति-पत्नी के बीच पहले से ही विवाद और मारपीट होती रहती थी। इसी के चलते सुखरानी ने अपने प्रेमी अंकित के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रच डाली। अंकित ने अपने दोस्त मोहित सिंह को भी इस साजिश में शामिल किया। 17 मार्च की रात, सुखरानी अपने पति को बहाने से खेत पर ले गई, जहां पहले से अंकित और मोहित छिपे हुए थे। तीनों ने मिलकर श्रीकांत को बांधकर बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद शव को वहीं छोड़ दिया गया और सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों—सुखरानी, अंकित और मोहित—को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से नकद पैसे और मोबाइल भी बरामद किए गए। तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस घटना का सबसे दुखद पहलू ये है कि श्रीकांत का दो साल का मासूम बेटा अब अपने माता-पिता से दूर हो गया। कोई भी उसे अपनाने को तैयार नहीं हुआ, और मजबूरी में उसे अपनी मां के साथ ही जेल जाना पड़ा। दोस्तों, ये घटना हमें एक बड़ी सीख देती है—गुस्सा, बदला और गलत फैसले हमेशा जिंदगी बर्बाद कर देते हैं। इसलिए जरूरी है कि हम हर परिस्थिति में सही रास्ता चुनें। अगर आप इस मामले पर अपनी राय देना चाहते हैं, तो हमें कमेंट में जरूर बताएं। फिलहाल के लिए इतना ही, मैं हसमुद्दीन, आप देख रहे थे jsn न्यूज़ का खास कार्यक्रम क्राइम तक। जय हिंद, जय भारत।1
- Post by भगवत सिंह लोधी पत्रकार1