*विंध्याचल के शिवपुर में बंद रेलवे फाटक बना मौत का फंदा, स्कूली बच्चियों की जान खतरे में* *विंध्याचल के शिवपुर में बंद रेलवे फाटक बना मौत का फंदा, स्कूली बच्चियों की जान खतरे में* *जिलाधिकारी और रेल प्रशासन से फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी* *मीरजापुर / विंध्याचल* दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर विंध्याचल और विरोही स्टेशन के बीच स्थित विंध्य धाम त्रिकोण परिक्रमा मार्ग के शिवपुर रेलवे क्रासिंग (रेलवे फाटक) के बंद होने से हजारों लोगों की जान पर बन आई है। स्थानीय निवासियों द्वारा जिलाधिकारी मिर्जापुर को भेजे गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, फाटक बंद होने से शिवपुर ग्रामीण क्षेत्र के मड़गुड़ा, गोपालपुर, अष्टभुजा आदि गांवों की 7 से 18 वर्ष की स्कूली बच्चियों को, जो राजकीय कन्या इंटर मिडिएट कॉलेज शिवपुर में पढ़ती हैं, रोजाना जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन क्रॉस करनी पड़ती है। हर दिन ट्रेन की चपेट में आने का खतरा बना रहता है, जिससे अभिभावक हमेशा भयभीत रहते हैं। इतना ही नहीं, माँ विंध्यवासिनी से कालीखोह, अष्टभुजा मंदिर का त्रिकोण परिक्रमा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं, भगवान राम द्वारा स्थापित रामेश्वरम शिव मंदिर, तंत्र शास्त्र की देवी माँ श्मशान काली, माँ तारा पीठ, रामगया घाट के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को भी अवैध रूप से रेल लाइन पार करने को मजबूर होना पड़ता है। आगामी माह अक्टूबर में नवरात्रि मेले और उससे पहले पितृ-पक्ष माह में पिंडदान के लिए दूर-दराज से भारी भीड़ उमड़ेगी, ऐसे में किसी बड़ी दुर्घटना की प्रबल संभावना है। उक्त रेल पथ पर त्रिकोण स्थल पर तत्काल उपरिगामी पैदल पुल (फुट ब्रिज) का निर्माण कराया जाए। पत्र की प्रतिलिपि कमिश्नर मिर्जापुर और वरिष्ठ रेल महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज को भी भेजी गई है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।
*विंध्याचल के शिवपुर में बंद रेलवे फाटक बना मौत का फंदा, स्कूली बच्चियों की जान खतरे में* *विंध्याचल के शिवपुर में बंद रेलवे फाटक बना मौत का फंदा, स्कूली बच्चियों की जान खतरे में* *जिलाधिकारी और रेल प्रशासन से फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी* *मीरजापुर / विंध्याचल* दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर विंध्याचल और विरोही स्टेशन के बीच स्थित विंध्य धाम त्रिकोण परिक्रमा मार्ग के शिवपुर रेलवे क्रासिंग (रेलवे फाटक) के बंद होने से हजारों लोगों की जान पर बन आई है। स्थानीय निवासियों द्वारा जिलाधिकारी मिर्जापुर को भेजे गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, फाटक बंद होने से शिवपुर ग्रामीण क्षेत्र के मड़गुड़ा, गोपालपुर, अष्टभुजा आदि गांवों की 7 से 18 वर्ष की स्कूली बच्चियों को, जो राजकीय कन्या इंटर मिडिएट कॉलेज शिवपुर में पढ़ती हैं, रोजाना जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन क्रॉस करनी पड़ती है। हर दिन ट्रेन की चपेट में आने का खतरा बना रहता है, जिससे अभिभावक हमेशा भयभीत रहते हैं। इतना ही नहीं, माँ विंध्यवासिनी से कालीखोह, अष्टभुजा मंदिर का त्रिकोण परिक्रमा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं, भगवान राम द्वारा स्थापित रामेश्वरम शिव मंदिर, तंत्र शास्त्र की देवी माँ श्मशान काली, माँ तारा पीठ, रामगया घाट के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को भी अवैध रूप से रेल लाइन पार करने को मजबूर होना पड़ता है। आगामी माह अक्टूबर में नवरात्रि मेले और उससे पहले पितृ-पक्ष माह में पिंडदान के लिए दूर-दराज से भारी भीड़ उमड़ेगी, ऐसे में किसी बड़ी दुर्घटना की प्रबल संभावना है। उक्त रेल पथ पर त्रिकोण स्थल पर तत्काल उपरिगामी पैदल पुल (फुट ब्रिज) का निर्माण कराया जाए। पत्र की प्रतिलिपि कमिश्नर मिर्जापुर और वरिष्ठ रेल महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज को भी भेजी गई है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।
- *विंध्याचल के शिवपुर में बंद रेलवे फाटक बना मौत का फंदा, स्कूली बच्चियों की जान खतरे में* *विंध्याचल के शिवपुर में बंद रेलवे फाटक बना मौत का फंदा, स्कूली बच्चियों की जान खतरे में* *जिलाधिकारी और रेल प्रशासन से फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी* *मीरजापुर / विंध्याचल* दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर विंध्याचल और विरोही स्टेशन के बीच स्थित विंध्य धाम त्रिकोण परिक्रमा मार्ग के शिवपुर रेलवे क्रासिंग (रेलवे फाटक) के बंद होने से हजारों लोगों की जान पर बन आई है। स्थानीय निवासियों द्वारा जिलाधिकारी मिर्जापुर को भेजे गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, फाटक बंद होने से शिवपुर ग्रामीण क्षेत्र के मड़गुड़ा, गोपालपुर, अष्टभुजा आदि गांवों की 7 से 18 वर्ष की स्कूली बच्चियों को, जो राजकीय कन्या इंटर मिडिएट कॉलेज शिवपुर में पढ़ती हैं, रोजाना जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन क्रॉस करनी पड़ती है। हर दिन ट्रेन की चपेट में आने का खतरा बना रहता है, जिससे अभिभावक हमेशा भयभीत रहते हैं। इतना ही नहीं, माँ विंध्यवासिनी से कालीखोह, अष्टभुजा मंदिर का त्रिकोण परिक्रमा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं, भगवान राम द्वारा स्थापित रामेश्वरम शिव मंदिर, तंत्र शास्त्र की देवी माँ श्मशान काली, माँ तारा पीठ, रामगया घाट के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को भी अवैध रूप से रेल लाइन पार करने को मजबूर होना पड़ता है। आगामी माह अक्टूबर में नवरात्रि मेले और उससे पहले पितृ-पक्ष माह में पिंडदान के लिए दूर-दराज से भारी भीड़ उमड़ेगी, ऐसे में किसी बड़ी दुर्घटना की प्रबल संभावना है। उक्त रेल पथ पर त्रिकोण स्थल पर तत्काल उपरिगामी पैदल पुल (फुट ब्रिज) का निर्माण कराया जाए। पत्र की प्रतिलिपि कमिश्नर मिर्जापुर और वरिष्ठ रेल महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज को भी भेजी गई है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।1
- मिर्ज़ापुर: मड़िहान के रामपुर 38 में 30 साल से रास्ते की समस्या, अस्पताल में देरी से ग्रामीण की मौत।1
- *राष्ट्रीय लोक अदालत ने रचा इतिहास-2,54,642 मामलों का निस्तारण, 1990 से चला आ रहा विवाद सुलह से समाप्त* *12.70 लाख जुर्माना वसूल, 9.19 करोड़ का प्रतिकर अवार्ड पारित* मीरजापुर 12 सितम्बर 2026- मा0 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर अनुपम कुमार के मार्गदर्शन में दिनांक 12.09.2026 को जनपद न्यायालय, मीरजापुर, वाह्य न्यायालय चुनार, ग्राम न्यायालय मड़िहान, ग्राम न्यायालय लालगंज एवं जनपद के समस्त संबंधित न्यायालयों/स्थलों पर राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनुपम कुमार, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय संजय कुमार शुक्ला, अपर जनपद न्यायाधीश/नोडल अधिकारी (राष्ट्रीय लोक अदालत) संतोष कुमार गौतम, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आनन्द कुमार-प्प्, समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं अध्यक्ष, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन अभयराज सिंह द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं बैंक अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक कर राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने तथा अधिकाधिक लंबित एवं प्री-लिटिगेशन वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, वादकारियों को त्वरित एवं अधिकाधिक सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जनपद न्यायालय परिसर सहित जनपद के समस्त संबंधित न्यायालयों एवं स्थलों पर बड़ी संख्या में लंबित तथा प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सुलह-समझौते एवं सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,54,642 मामलों का निस्तारण किया गया। विभिन्न मामलों में कुल मु0 12,70,405.00 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया तथा मृतकों एवं घायलों के पक्ष में मोटर दुर्घटना प्रतिकर के रूप में लगभग 9,19,80,360.00 रुपये़ के प्रतिकर अवार्ड पारित किए गए। मीरजापुर के इतिहास में इतने मुकदमों का निस्तारण पहली बार हुआ है। राष्ट्रीय लोक अदालत की विशेष उपलब्धि अपर जनपद न्यायाधीष-प्रथम संतोश कुमार गौतम द्वारा 1990 से चले आ रहे मुकदमें का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया, यह निस्तारण इस बात का उल्लेखनीय उदाहरण है कि वर्षों से लंबित विवादों का भी संवाद, सहमति एवं समझौते के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान संभव है एवं प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पल्लवी सिंह द्वारा 20 वर्ष से अधिक पुराने 02 वाद तथा 10 वर्ष से अधिक पुराने 09 वादों का भी निस्तारण किया गया। लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, दीवानी वाद, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, बैंक ऋण एवं वित्तीय संस्थाओं से संबंधित प्रकरण, विद्युत एवं अन्य विभागों से संबंधित मामले, राजस्व संबंधी प्रकरण तथा विभिन्न प्रकार के प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर आनन्द कुमार-ll ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल लंबित मुकदमों की संख्या कम करना नहीं है, बल्कि पक्षकारों को ऐसा न्यायसंगत एवं सौहार्दपूर्ण समाधान उपलब्ध कराना है, जिससे दोनों पक्ष संतुष्ट होकर न्यायालय से वापस लौटें। वर्ष 1990 से चले आ रहे विवाद का निस्तारण इसी भावना की एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी मिसाल है। लोक अदालत के माध्यम से वादों का निस्तारण होने से पक्षकारों के समय एवं धन की बचत होती है तथा पारस्परिक संबंध बने रहते है।1
- भोजपुरी के बड़े म्यूजिक चैनल Wave Music से रिलीज होगा नया गाना ‘माई’ भोजपुरी के चर्चित चैनल Wave Music से जल्द ही नया भोजपुरी गाना ‘माई’ रिलीज होने जा रहा है। गाने को सिद्धान्त यादव ने अपनी आवाज दी है, जबकि इसमें राजन यादव अभिनय करते नजर आएंगे। गीत ख़ुर्शीद अख़्तर ने लिखा है और संगीत गजेन्द्र सिंह ने तैयार किया है।1
- चकबंदी के खिलाफ किसानों का गुस्सा चरम पर सोनभद्र में भाकियू (लोक शक्ति) का आंदोलन ,480वें चकबंदी के खिलाफ किसानों का गुस्सा चरम पर सोनभद्र में भाकियू (लोक शक्ति) का आंदोलन ,480वें दिन पहुँचा, 12,13 सितंबर को राष्ट्रीय महापंचायत स्थान रामनगर वाराणसी पुराने पोखरे पर धारा 144 लगा घोरावल/सोनभद्र । घोरावल ब्लॉक के भैसवार गांव में चकबंदी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में किसानों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। “जमीन बचाओ” के नारे के साथ जारी भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) का धरना अब 480वें दिन में प्रवेश कर चुका है। आंदोलनकारी किसानों ने 12,13 सितंबर को रामनगर वाराणसी में राष्ट्रीय महापंचायत राष्ट्रीय अध्यक्ष श्शोराज सिंह भाटी के निर्देश पर आयोजित करने का ऐलान किया था संसदीय क्षेत्र माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होने के कारण जिला प्रशासन वाराणसी ने पूरे वाराणसी जनपद में धारा 163 लगाकर पुराने पोखरा रामनगर वाराणसी के प्रांगण में भारी पुलिस बल लगाकर 12 13 सितंबर 2026 को आयोजित भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के किसान महापंचायत को डिस्टर्ब करने की साजिश कर रही है वहां पर किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं करने दे रही है सेमरीहवा टोला स्थित बछनार बिरबाबा देवस्थान पर चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के सोनभद्र के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा कर रहे हैं। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण एकजुट होकर अपनी जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। धरना रत किसानों ने अर्ध नग्न होकर आंदोलन करने के लिए बाध्य हो रहे हैं आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशासन लगातार शिकायतों के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। भाकियू (लोक शक्ति) घोरावल तहसील संगठन मंत्री मनोज कुमार यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक चकबंदी में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक गांव में चकबंदी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द संज्ञान नहीं लिया तो पांच सूत्रीय मांगों को लेकर महापंचायत कर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। भाकियू (लोक शक्ति) के जिला सचिव संजय कुमार यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने मांग की कि भैसवार गांव के किसानों को तत्काल न्याय और राहत दी जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते चकबंदी अनियमितताओं पर कार्रवाई नहीं हुई और कोई विवाद उत्पन्न हुआ तो इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और चकबंदी विभाग की होगी। धरना स्थल पर प्रमुख रूप से भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति की जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा , जिला सचिव संजय कुमार यादव , संगठन मंत्री मनोज कुमार यादव सीताराम मौर्य, गुंजन, राम मूरत मौर्य, बुद्धि मौर्य दशरथ मौर्य पंचम मौर्य अवधेश कुमार पारसनाथ, रामपाल पटेल, ओमप्रकाश गुप्ता, मोहन सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।1
- मिर्जापुर में रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे अतिक्रमण का अड्डा, मुख्य मार्ग बना अवैध बाजार - जाम और दुर्गंध से जनता परेशान कटरा कोतवाली क्षेत्र का हाल - सड़क पर कब्जा कर लग रहीं दुकानें, खाद्य विभाग मौन मिर्जापुर। थाना कटरा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। नगर के सबसे व्यस्ततम मुख्य मार्ग, जो सीधे रेलवे स्टेशन को जोड़ता है, पर अवैध दुकानों ने पूरी तरह कब्जा कर लिया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि ओवर ब्रिज के नीचे कपड़ों की दुकानें बांस-बल्ली गाड़कर सड़क तक लगा दी गई हैं, जिससे आधा रास्ता बंद हो गया है और आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहीं पर सुबह-शाम मुर्गा, मछली और मीट की दुकानें भी खुलेआम सड़क किनारे लगती हैं। खुले में जानवरों को काटा जा रहा है, खून-सड़न से भयंकर दुर्गंध उठती है। यह न सिर्फ अतिक्रमण है, बल्कि जन स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। सबसे बड़ा सवाल - जिम्मेदार कौन ? इस पूरे अतिक्रमण और अवैध बाजार के लिए कई विभाग सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं, लेकिन कार्रवाई शून्य है - 1. नगर पालिका परिषद मिर्जापुर: सड़क और ओवर ब्रिज के नीचे की जमीन पर अतिक्रमण हटाना और साफ-सफाई की जिम्मेदारी इनकी है। नगर को स्वच्छ और अतिक्रमण मुक्त बनाना इनका दायित्व है। 2. पुलिस विभाग (थाना कटरा कोतवाली, यातायात पुलिस, पुलिस अधीक्षक): मुख्य मार्ग पर जाम और अवैध कब्जा हटवाना कानून व्यवस्था का हिस्सा है। 3. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी): सड़क किनारे खुले में जमीन पर मीट-मछली काटकर बेचना खाद्य सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन है। ऐसे दुकानों के पास FSSAI लाइसेंस है भी या नहीं? खुले में बेचे जा रहे मांस से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा है। विभाग 365 दिन काम क्यों नहीं करता? त्योहारों पर सिर्फ खोवा नष्ट करके खानापूर्ति क्यों? 4. स्वास्थ्य विभाग (मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी): गंदगी और दुर्गंध से बीमारियां फैल रही हैं, इसकी निगरानी स्वास्थ्य विभाग की है। 5. जिला प्रशासन (जिलाधिकारी मिर्जापुर): सभी विभागों को निर्देशित कर अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाना जिलाधिकारी का अधिकार है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संगमोहाल, विसुंदरगंज, जंगी रोड, पत्थरहिया, रोडवेज बस स्टॉप के सामने कचहरी रोड, साईं बाबा मंदिर के सामने, गोमती में तक खुले में बकरे काटे जा रहे हैं। शीशे की दुकानों के अंदर भी अवैध कटान हो रहा है, इनकी जांच होनी चाहिए। जनहित में मांग 1. रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे लगी सभी अवैध दुकानों को तत्काल हटाकर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। 2. सड़क किनारे लगने वाले अवैध स्लॉटर हाउस और मीट-मछली-मुर्गा बाजारों पर खाद्य विभाग और नगर पालिका संयुक्त कार्रवाई करे और बिना FSSAI लाइसेंस वाली नॉनवेज और बिरयानी की दुकानों को सील करे। 3. खाद्य विभाग अपनी रोज की कार्रवाई रिपोर्ट ऑनलाइन और मीडिया के माध्यम से जनता को बताए - कितने सैंपल लिए, कितने लाइसेंस निरस्त किए। 4. यदि ओवर ब्रिज के नीचे अतिक्रमण के कारण कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाए। जनपद के उच्च अधिकारियों - जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य खाद्य अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जनमानस की अपील है कि मामले को संज्ञान में लेकर नगर के मुख्य मार्ग को जाम, दुर्गंध और अतिक्रमण से मुक्त कराएं ताकि नगर स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बन सके। मिर्जापुर में रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे अतिक्रमण का अड्डा, मुख्य मार्ग बना अवैध बाजार - जाम और दुर्गंध से जनता परेशान कटरा कोतवाली क्षेत्र का हाल - सड़क पर कब्जा कर लग रहीं दुकानें, खाद्य विभाग मौन मिर्जापुर। थाना कटरा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। नगर के सबसे व्यस्ततम मुख्य मार्ग, जो सीधे रेलवे स्टेशन को जोड़ता है, पर अवैध दुकानों ने पूरी तरह कब्जा कर लिया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि ओवर ब्रिज के नीचे कपड़ों की दुकानें बांस-बल्ली गाड़कर सड़क तक लगा दी गई हैं, जिससे आधा रास्ता बंद हो गया है और आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहीं पर सुबह-शाम मुर्गा, मछली और मीट की दुकानें भी खुलेआम सड़क किनारे लगती हैं। खुले में जानवरों को काटा जा रहा है, खून-सड़न से भयंकर दुर्गंध उठती है। यह न सिर्फ अतिक्रमण है, बल्कि जन स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। सबसे बड़ा सवाल - जिम्मेदार कौन ? इस पूरे अतिक्रमण और अवैध बाजार के लिए कई विभाग सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं, लेकिन कार्रवाई शून्य है - 1. नगर पालिका परिषद मिर्जापुर: सड़क और ओवर ब्रिज के नीचे की जमीन पर अतिक्रमण हटाना और साफ-सफाई की जिम्मेदारी इनकी है। नगर को स्वच्छ और अतिक्रमण मुक्त बनाना इनका दायित्व है। 2. पुलिस विभाग (थाना कटरा कोतवाली, यातायात पुलिस, पुलिस अधीक्षक): मुख्य मार्ग पर जाम और अवैध कब्जा हटवाना कानून व्यवस्था का हिस्सा है। 3. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी): सड़क किनारे खुले में जमीन पर मीट-मछली काटकर बेचना खाद्य सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन है। ऐसे दुकानों के पास FSSAI लाइसेंस है भी या नहीं? खुले में बेचे जा रहे मांस से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा है। विभाग 365 दिन काम क्यों नहीं करता? त्योहारों पर सिर्फ खोवा नष्ट करके खानापूर्ति क्यों? 4. स्वास्थ्य विभाग (मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी): गंदगी और दुर्गंध से बीमारियां फैल रही हैं, इसकी निगरानी स्वास्थ्य विभाग की है। 5. जिला प्रशासन (जिलाधिकारी मिर्जापुर): सभी विभागों को निर्देशित कर अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाना जिलाधिकारी का अधिकार है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संगमोहाल, विसुंदरगंज, जंगी रोड, पत्थरहिया, रोडवेज बस स्टॉप के सामने कचहरी रोड, साईं बाबा मंदिर के सामने, गोमती में तक खुले में बकरे काटे जा रहे हैं। शीशे की दुकानों के अंदर भी अवैध कटान हो रहा है, इनकी जांच होनी चाहिए। जनहित में मांग 1. रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे लगी सभी अवैध दुकानों को तत्काल हटाकर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। 2. सड़क किनारे लगने वाले अवैध स्लॉटर हाउस और मीट-मछली-मुर्गा बाजारों पर खाद्य विभाग और नगर पालिका संयुक्त कार्रवाई करे और बिना FSSAI लाइसेंस वाली नॉनवेज और बिरयानी की दुकानों को सील करे। 3. खाद्य विभाग अपनी रोज की कार्रवाई रिपोर्ट ऑनलाइन और मीडिया के माध्यम से जनता को बताए - कितने सैंपल लिए, कितने लाइसेंस निरस्त किए। 4. यदि ओवर ब्रिज के नीचे अतिक्रमण के कारण कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाए। जनपद के उच्च अधिकारियों - जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य खाद्य अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जनमानस की अपील है कि मामले को संज्ञान में लेकर नगर के मुख्य मार्ग को जाम, दुर्गंध और अतिक्रमण से मुक्त कराएं ताकि नगर स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बन सके।1
- राष्ट्रसंत अवेद्यनाथ जी की पुण्यतिथि पर आज निकलेगी शोभायात्रा विश्व हिंदू महासंघ भदोही की ओर से शोभायात्रा व श्रीकृष्ण विजय यज्ञ की तैयारियां पूरी, रजपुरा से हरि मंदिर मर्यादपट्टी तक निकलेगी यात्रा राष्ट्रसंत अवेद्यनाथ जी की पुण्यतिथि पर आज निकलेगी शोभायात्रा विश्व हिंदू महासंघ भदोही की ओर से शोभायात्रा व श्रीकृष्ण विजय यज्ञ की तैयारियां पूरी, रजपुरा से हरि मंदिर मर्यादपट्टी तक निकलेगी यात्रा1
- मिर्जापुर में पारिवारिक विवाद ने लिया गंभीर रूप, मां पर प्रताड़ना और सामान हड़पने का आरोप मिर्ज़ापुर के रामबाग इलाके से एक हैरान कर देने वाला पारिवारिक विवाद और भीषण प्रताड़ना का मामला सामने आया है। पीड़ित सरफ़राज़ अली और उनकी पत्नी रिहाना बानो अपनी ही मां और सास रशीदा बेगम के उत्पीड़न से इस कदर तंग आ चुके हैं कि अब वे न्याय पाने के लिए शासन-प्रशासन के चक्कर काटने को मजबूर हैं। पीड़ितों का सीधा आरोप है कि रशीदा बेगम गलत आदतों में संलिप्त हैं और अपनी इन्हीं आदतों के कारण पूरे परिवार की शांति भंग कर रही हैं। विवाद को बढ़ावा देने के लिए रशीदा बेगम लगातार यह झूठा दावा कर रही हैं कि सरफ़राज़ के पिता ने बरसों पहले उनसे जबरदस्ती शादी की थी। हालांकि, उनके बेटे सरफ़राज़ ने इस दावे की धज्जियां उड़ाते हुए स्पष्ट जानकारी दी है कि उनके माता-पिता की शादी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत कोर्ट में संपन्न हुई थी। पीड़ित दंपति ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि जब वे कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर गए हुए थे, तो पीछे से रशीदा बेगम ने घर पर अपना कब्जा जमाने की नीयत से वहां रखा सारा कीमती सामान, सोने-चांदी के जेवरात, टीवी, फ्रिज और मोटरसाइकिल गायब कर दिया। जब सरफ़राज़ और रिहाना ने वापस लौटकर अपने सामान के बारे में पूछा, तो रशीदा बेगम ने अपने अन्य सहयोगियों को बुलाकर उनके साथ जमकर गाली-गलौज और मारपीट की। अपनी सास रशीदा बेगम के इस दबंग रवैये से रिहाना बानो पूरी तरह सहमी हुई हैं, वहीं अपनी ही मां रशीदा बेगम की इन करतूतों से तंग आकर सरफ़राज़ अली भी मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुके हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें लगातार जान से मारने और घर बेचकर बेघर करने की धमकियां दी जा रही हैं। अपनी और अपने मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित सरफ़राज़ और रिहाना ने अब थाना कोतवाली शहर में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, उनका चोरी हुआ सामान वापस दिलाया जाए और रशीदा बेगम व उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए।1