Shuru
Apke Nagar Ki App…
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद, दो पुलिसकर्मी एक शराब माफिया को पकड़ने के लिए उसके घर पहुँचे। पूरी घटना का विवरण अभी सामने नहीं आया है।
ईलमासनगर टुडे
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद, दो पुलिसकर्मी एक शराब माफिया को पकड़ने के लिए उसके घर पहुँचे। पूरी घटना का विवरण अभी सामने नहीं आया है।
More news from बिहार and nearby areas
- बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद, दो पुलिसकर्मी एक शराब माफिया को पकड़ने के लिए उसके घर पहुँचे। पूरी घटना का विवरण अभी सामने नहीं आया है।1
- समस्तीपुर में रेल विकास एवं विस्तार मंच ने सोमवार को स्टेशन रोड पर एक जनसंपर्क अभियान चलाया, जिसमें समस्तीपुर वासियों से 29 मई 2026 को डीआरएम के समक्ष आयोजित होने वाले एकदिवसीय उपवास आंदोलन में बड़ी संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाने की अपील की गई। मंच का कहना है कि रेल सुविधाओं और रेलवे के विकास-विस्तार के लिए संघर्ष जारी रहेगा। इस अभियान के दौरान स्टेशन चौक पर एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें अनेक महत्वपूर्ण माँगें रखी गईं। इनमें अटेरन चौक रेल गुमटी पर ओवरब्रिज का निर्माण, रेल कारखाना में मशीन लगाकर रेल डिब्बों का पीओएच कार्य पूर्णरूपेण शुरू करना, कर्पूरीग्राम-ताजपुर-पातेपुर-महुआ-भगवानपुर, केबल स्थान- कर्पूरीग्राम, दलसिंहसराय से पटोरी और मुक्तापुर से कुशेश्वरस्थान नई रेल लाईन परियोजनाओं को मंजूरी दिलाकर निर्माण कार्य शुरू करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, समस्तीपुर जंक्शन पर वाशिंगपीट का निर्माण, रेल अस्पताल को अनुमंडल अस्पताल का दर्जा देना, टुनटुनिया रेल ओवरब्रिज का जीर्णोद्धार, माधुरी चौक स्थित रेल ओवरब्रिज का चौड़ीकरण, समस्तीपुर जंक्शन से लंबी दूरी की ट्रेनें चलाना, भोला टॉकीज और मुक्तापुर रेल गुमटी पर ओवरब्रिज निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण बनाना और इसमें तेजी लाना, तथा माधुरी चौक स्थित चिल्ड्रेन पार्क का निर्माण समय सीमा के भीतर पूरा करने जैसी माँगें भी उठाई गईं। मंच ने समस्तीपुर रेल मंडल क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं, अधूरी रेल परियोजनाओं और निर्माण कार्यों में चल रही अनियमितताओं पर रोक लगाने की भी माँग की। रेल विकास मंच के संयोजक शत्रुघ्न पंजी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि 29 मई 2026 को सुबह 11 बजे से समस्तीपुर डीआरएम के समक्ष एकदिवसीय उपवास आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लंबे समय से रेल क्षेत्र की समस्याओं को लेकर लगातार आंदोलन चलाए जा रहे हैं और कुछ माँगें पूरी भी हुई हैं, लेकिन अधिकांश माँगो पर रेलवे प्रशासन की ओर से संतोषजनक पहल नहीं की जा रही है, जिसके कारण अब चरणबद्ध आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 29 मई के उपवास आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। जनसंपर्क अभियान में सुरेंद्र प्रसाद सिंह, रामसागर पासवान, अर्जुन राय, विश्वनाथ सिंह हजारी, राकेश ठाकुर, मनोज कुमार राय, शंभू राय, जीतेंद्र कुमार, सुशील कुमार राय, शाहीद हुसैन, रामगुलेब राय, सुधीर कुमार देव, राम विनोद पासवान, सत्यनारायण सिंह, अरविंद कुमार और संतोष कुमार निराला सहित कई सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता और रेल आंदोलन से जुड़े लोग मौजूद थे।1
- समस्तीपुर के खाटू श्याम मंदिर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस दौरान भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर हो रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है और 'जय श्रीकृष्ण' के जयकारे गूंज रहे हैं। वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक राजकुमार मिश्र जी महाराज ने अपने प्रवचन में इस कथा को मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य ज्ञान गंगा बताया है।1
- Post by Deepak kumar Jha1
- भाकपा माले और ग्रामीणों ने ध्वस्त नल जल व्यवस्था, तीन महीने से लंबित पेंशन भुगतान, फर्जी बिजली बिल और बढ़ती महंगाई के विरोध में आगामी 27 मई 2026 को अंगार घाट में एक प्रतिरोध मार्च निकालने का निर्णय लिया है। यह फैसला मो. नूर आलम की अध्यक्षता में वार्ड नं. 04 स्थित अमरसिंह स्थान पर हुई एक संयुक्त बैठक में लिया गया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने भीषण गर्मी में वार्ड नं. 04 और 03 में उत्पन्न गंभीर जल संकट के लिए जन प्रतिनिधियों और 'डबल इंजन' सरकार की प्रशासनिक विफलता पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। बैठक में, भाकपा माले नेता महावीर पोद्दार ने बिहार सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अब प्रदेश में 'सुशासन' की नहीं, बल्कि 'बुल्डोजर और एनकाउंटर' की सरकार चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की 'दस हजारिया डबल इंजन भाजपा-जदयू की सरकार' नफरत और हिंसा के सहारे चल रही है, सभी विभागों में भ्रष्टाचार व्याप्त है, और सरकार सरकारी कर्मचारियों व विधायकों को वेतन-भत्ता देने के लिए भी कर्ज ले रही है। जिला कमिटी सदस्य समीम मन्सुरी ने बताया कि भाकपा माले के नेतृत्व में उजियार पुर प्रखंड कार्यालय पर पाँच दिनों का आमरण अनशन किया गया था, जिसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी दलसिंहसराय के आश्वासन पर अनिल भंडारी के घर से अंगार घाट चौक स्थित शिव मंदिर तक नल जल योजना को स्वीकृति मिली और बोरिंग भी कराया गया। हालाँकि, दो महीने बीत जाने के बाद भी पाइप लाइन बिछाने और जलापूर्ति बहाल करने का काम अधूरा पड़ा है, जिससे लोग गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं और पी एच इ डी विभाग 'कुंभकर्णी नींद' में सोया हुआ है। मन्सुरी ने आरोप लगाया कि सरकार को आम जनता की नहीं, बल्कि उद्योगपतियों की चिंता है। इस महत्वपूर्ण बैठक में रेखा देवी, मो. अरमान खान, पिंकी देवी, कोमल देवी, अनिल सहनी, बबीता देवी, दायरानी देवी, सद्दाम शाह, मो. शबान हुसैन, सावित्री देवी, पूनम देवी, परवेज खलिफा, राजेन्द्र सहनी, शांति देवी सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।1
- राष्ट्रीय जनता दल के प्रतिनिधियों ने हाल ही में एक आपराधिक घटना के शिकार हुए मृतक मोटरसाइकिल मिस्त्री के परिजनों से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान, पार्टी प्रतिनिधियों ने मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा प्रदान करने की पुरजोर मांग की।1
- समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बथुआ बुजुर्ग गांव में कानून के रखवालों पर ही कानून तोड़ने का गंभीर आरोप सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, गश्ती के दौरान Dial 112 सेवा के कुछ अधिकारी शराब के नशे में गांव पहुंचे थे। जब गांव वालों ने इसका विरोध किया, तो इन अधिकारियों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।1
- समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र अंतर्गत बथुआ बुजुर्ग गांव में उस समय बड़ा हंगामा खड़ा हो गया, जब ग्रामीणों ने डायल 112 की गश्ती टीम पर शराब के नशे में ड्यूटी करने का गंभीर आरोप लगाया। ग्रामीणों का दावा है कि गश्ती के दौरान पहुंचे कुछ पुलिस पदाधिकारियों की हालत संदिग्ध प्रतीत हो रही थी और उनके व्यवहार से लोगों को उनके नशे में होने का संदेह हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, जब स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों के इस संदिग्ध आचरण का विरोध किया और सवाल उठाए, तो पुलिस कर्मियों द्वारा उन्हें धमकाने और दबाव बनाने की कोशिश की गई। इस घटना के बाद गांव में काफी समय तक तनाव का माहौल बना रहा। लोगों का कहना है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है, ऐसे में यदि कानून की रक्षा करने वाले ही नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएं, तो यह पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से एक निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी अपील की है कि यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं, तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस पूरे प्रकरण पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1