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राजस्थान के झालावाड़ जिले में 'झगड़ा प्रथा' जैसी सामाजिक कुरीति को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौर ने आमजन से इस कुप्रथा को समाप्त करने की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी प्रथाएँ समाज की प्रगति में बाधा डालती हैं और महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान पर भी नकारात्मक असर डालती हैं। कलेक्टर ने सभी नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से आह्वान किया है कि वे इस बुराई के प्रति जागरूकता फैलाएँ और इसे जड़ से खत्म करने में प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन लगातार जनजागरण अभियान चला रहा है ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके और इस कुप्रथा को समाप्त किया जा सके।
लोक जीविका न्यूज
राजस्थान के झालावाड़ जिले में 'झगड़ा प्रथा' जैसी सामाजिक कुरीति को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौर ने आमजन से इस कुप्रथा को समाप्त करने की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी प्रथाएँ समाज की प्रगति में बाधा डालती हैं और महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान पर भी नकारात्मक असर डालती हैं। कलेक्टर ने सभी नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से आह्वान किया है कि वे इस बुराई के प्रति जागरूकता फैलाएँ और इसे जड़ से खत्म करने में प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन लगातार जनजागरण अभियान चला रहा है ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके और इस कुप्रथा को समाप्त किया जा सके।
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- राजस्थान के झालावाड़ जिले में 'झगड़ा प्रथा' जैसी सामाजिक कुरीति को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौर ने आमजन से इस कुप्रथा को समाप्त करने की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी प्रथाएँ समाज की प्रगति में बाधा डालती हैं और महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान पर भी नकारात्मक असर डालती हैं। कलेक्टर ने सभी नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से आह्वान किया है कि वे इस बुराई के प्रति जागरूकता फैलाएँ और इसे जड़ से खत्म करने में प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन लगातार जनजागरण अभियान चला रहा है ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके और इस कुप्रथा को समाप्त किया जा सके।1
- राजगढ़ जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में आमजन की समस्याओं को सुना गया, जहाँ कुल 140 आवेदन प्राप्त हुए। इस जनसुनवाई में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले, अपर कलेक्टर प्रताप सिंह चौहान, संयुक्त कलेक्टर वीरेंद्र सिंह दांगी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान, ग्राम चमारी निवासी भंवरलाल ने बताया कि उन्हें कपिल धारा योजना के तहत कुआँ खुदवाई की आखिरी किश्त का भुगतान नहीं मिला है, जिस पर कलेक्टर ने सीईओ खिलचीपुर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। राजगढ़ पुरा के कंवरलाल ने वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ न मिलने और गरीबी रेखा का कार्ड न बनने की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने तहसीलदार राजगढ़ को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। वहीं, ग्राम चारपुरा निवासी बनेसिंह ने बताया कि उन्हें पहले किसान सम्मान निधि मिलती थी, लेकिन अब यह लाभ मिलना बंद हो गया है, जिसके समाधान हेतु कलेक्टर ने तहसीलदार ब्यावरा को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। इसके अतिरिक्त, ग्राम बेदर की मोतियाबाई ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने की समस्या बताई, क्योंकि उनका पुराना मकान क्षतिग्रस्त और रहने योग्य नहीं है, जिस पर कलेक्टर ने सीईओ जनपद खिलचीपुर को इस संबंध में कार्यवाही करने का निर्देश दिया।2
- सुसनेर में CWSN (चाइल्ड विद स्पेशल नीड्स) बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गहन मंथन किया गया है। इस चर्चा के बाद, 24 जून को विशेष रूप से एक दिव्यांग शिविर का आयोजन किया जाएगा।1
- सुसनेर के स्टेट बैंक चौराहे पर बीच सड़क में एक कार खड़ी कर उसका चालक गायब हो गया, जिसके कारण यातायात बुरी तरह बाधित हो गया। इस लापरवाही के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिससे वाहनों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न हुई। यातायात बाधित होने की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस ने संबंधित चालक और उसकी गाड़ी को थाने ले जाकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात को सामान्य बहाल किया।1
- सुसनेर नगर में, वार्ड 10 स्थित मस्जिद वाली गली के निवासियों ने नगर परिषद अध्यक्ष को एक आवेदन सौंपा है। इस आवेदन के माध्यम से रहवासियों ने अपनी गली में सीसी रोड और पक्की नाली के निर्माण की मांग की है।1
- पिडावा नगर में साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत खराब है, जहाँ 56 दरवाजा क्षेत्र में बिल्कुल भी स्वच्छता नहीं है। इसके अलावा, नगर के कई अन्य स्थानों पर भी सफाई का कोई इंतजाम नहीं है। चवली तट की भी यही स्थिति है, जहाँ गंदगी पसरी हुई है। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही पिडावा नगर पालिका ने चवली तट को स्वच्छ करने का जिम्मा उठाया था, बावजूद इसके पूरे पिडावा में स्वच्छता पूरी तरह से नदारद है।2
- भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026 में पद्मश्री सम्मान के लिए चयनित हुए पर्यावरणविद् मोहन नागर, जिन्हें 'जल पुरुष' के नाम से जाना जाता है, जल और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए देशभर में पहचाने जाते हैं। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर तहसील के रायपुरिया गांव से ताल्लुक रखने वाले नागर का जीवन समाज और प्रकृति के प्रति समर्पण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिनका बैतूल क्षेत्र से भी जुड़ाव है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में 75,000 से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण और पुनर्स्थापन शामिल है, जिससे हजारों लोगों को पेयजल मिला, किसानों की सिंचाई बेहतर हुई और जल संकट से जूझ रहे कई गांवों को राहत मिली। मोहन नागर ने केवल जल संरक्षण तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता अभियानों के माध्यम से समाज में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाई, जिससे ग्रामीण समुदायों को आत्मनिर्भर बनने और सतत विकास की दिशा में प्रेरणा मिली। आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान, उनके मार्गदर्शन में सतपुड़ा क्षेत्र की 75 पहाड़ियों पर 75 हजार जल संरचनाओं का निर्माण और व्यापक वृक्षारोपण अभियान जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संरक्षण का एक उदाहरण बना। आदिवासी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके चलते बैतूल का बाचा गांव 'सौर गांव' के रूप में पहचान बना सका। नागर को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा समर्थित राष्ट्रीय जल प्रहरी पुरस्कार (2019) और जल नायक पुरस्कार (2020) से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें भूजल संरक्षण में अग्रणी भूमिका के लिए भाऊराव देवरस सेवा सम्मान (2024-25) और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित प्रतिष्ठित दुष्यंत कुमार कृति साहित्य अकादमी पुरस्कार (2014) भी मिला है, जो उनकी कविता 'चतुर्मास' के माध्यम से पर्यावरण और ग्रामीण भारत के विषयों को उजागर करने के लिए दिया गया था। मोहन नागर मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष भी बनाए गए हैं और वर्तमान में प्रदेश के 55 जिलों में अपने कार्यकर्ताओं के साथ जल संरक्षण, नदियों, वन और पर्यावरण बचाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उनकी निष्ठा, दूरदर्शिता और अथक परिश्रम को देखते हुए, राष्ट्रपति ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया है।1
- 23 जून के मौसम अपडेट के अनुसार, मालवा क्षेत्र में बारिश, बादल और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। यह मौसम का अनुमान विशेष रूप से राजगढ़, जीरापुर, नलखेड़ा और आगर मालवा के लिए दिया गया है। Lok Jeevika News पर इस मौसम संबंधी ताजा हाल की पूरी खबर उपलब्ध है।1