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Shailendra Gupta jansewak unchahar Jila Panchayat sadasya
ललित अपराध लाइव न्यूज़ चैनल उत्तर प्रदेश
Shailendra Gupta jansewak unchahar Jila Panchayat sadasya
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- मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाराबंकी के प्रमुख शिव मंदिरों पर हुई पुष्प वर्षा, गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाराबंकी के प्रमुख शिव मंदिरों पर हुई पुष्प वर्षा, गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे लखनऊ/बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा और विशेष निर्देशों के अनुरूप सावन के पावन महीने में प्रदेश भर के धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के साथ-साथ उनका भव्य स्वागत किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जनपद बाराबंकी के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक शिव मंदिरों पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से पुष्प वर्षा की गई, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश थे कि पवित्र श्रावण मास में शिवालयों में दर्शन के लिए आने वाले शिव भक्तों का अभिनंदन किया जाए और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस निर्देश का पालन करते हुए जिला प्रशासन ने बाराबंकी के तीन प्रमुख और प्राचीन मंदिरों—महादेवा मंदिर (राम नगर), बुढ़वा बाबा मंदिर (राम सनेही घाट), और औसनेश्वर मंदिर (हैदरगढ़)—को विशेष रूप से सजाया और संवारा। सावन के विशेष अवसरों पर जब इन तीनों ऐतिहासिक मंदिरों पर आसमान से पुष्पों की वर्षा की गई, तो वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मंदिर परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजने लगे। श्रद्धालुओं ने इस अनूठी और भव्य पहल के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रशासन की इस सुंदर व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के कारण दूर-दूर से आए शिव भक्तों ने कतारों में लगकर शांतिपूर्ण ढंग से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इस आयोजन से न केवल धार्मिक आस्था को और बल मिला, बल्कि बाराबंकी आने वाले श्रद्धालुओं में भी अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला।1
- उत्तर प्रदेश में 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में ऐतिहासिक वृद्धि, ई-पॉस फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ,,,,, उचित दर विक्रेताओं के साथ सरकार—सम्मान भी, सहयोग भी आज लोक भवन, लखनऊ में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के मुख्य आतिथ्य में प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं का लाभांश ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति कुंतल करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उचित दर विक्रेता गरीब परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके सम्मान और हित में लिया गया यह निर्णय उनके परिश्रम को सम्मान देने वाला कदम है। साथ ही ई-पॉस आधारित फीडबैक प्रणाली शुरू की गई, जिससे उनकी समस्याएं और सुझाव सीधे विभाग तक पहुंचेंगे। खाद्य एवं रसद विभाग के कैबिनेट मंत्री के रूप में यह मेरे लिए गौरव का विषय है कि उचित दर विक्रेताओं के हित में इस महत्वपूर्ण निर्णय को आगे बढ़ाने का अवसर मिला।1
- रायबरेली: सरेनी गोलीकाण्ड दिवस पर विशेष – 18 अगस्त 1942 के अमर शहीदों को नमन सरेनी (रायबरेली): आजादी की ललक, हाथों में तिरंगा और जुबां पर ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष। स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 18 अगस्त 1942 का दिन रायबरेली जनपद के बैसवारा क्षेत्र स्थित सरेनी के स्वर्णिम इतिहास में दर्ज है। इसी दिन ब्रिटिश हुकूमत की बंदूकों और गोलियों की परवाह किए बिना निहत्थे देशभक्तों ने सरेनी थाने पर तिरंगा फहराने का ऐतिहासिक साहस दिखाया था। 30 अगस्त की जगह 18 अगस्त को ही बोल दिया धावा ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, 11 अगस्त 1942 को रामपुर कला निवासी ठाकुर श्री गुप्तार सिंह के नेतृत्व में सरेनी थाने पर तिरंगा फहराने का निर्णय लिया गया था। 15 अगस्त को हैबतपुर की जनसभा में इसके लिए 30 अगस्त की तिथि तय की गई, लेकिन युवाओं के जुनून ने 18 अगस्त को ही इस योजना को अंजाम देने की ठान ली। जब तत्कालीन थानेदार बहादुर सिंह ने नवयुवक सूरज प्रसाद त्रिपाठी को गिरफ्तार किया, तो जनाक्रोश भड़क उठा। भीड़ ने थाने को घेर लिया, जिसके बाद थानेदार और सिपाहियों ने छत से निहत्थे आंदोलनकारियों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। पाँच वीरों ने दिया सर्वोच्च बलिदान इस निर्मम गोलीकांड में भारत माँ के पाँच वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी: टिर्री सिंह (सुरजीपुर) सुक्खू सिंह (सरेनी) औदान सिंह (गौतमन खेड़ा) राम शंकर त्रिवेदी (मानपुर) चौधरी महादेव (हमीर गांव) इस घटना में सैकड़ों क्रांतिकारी घायल हुए, लेकिन जनता का हौसला नहीं टूटा। शहीद स्मारक पर सजता है मेला अमर शहीदों की स्मृति में सरेनी थाने के ठीक सामने और पास स्थित शहीद जूनियर हाई स्कूल परिसर में स्मारक बनाए गए हैं। वर्ष 1997 से प्रतिवर्ष 18 अगस्त को यहाँ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मेले का आयोजन होता है। यह पावन स्थल आज भी जगदंबिका प्रसाद मिश्र ‘हितैषी’ की इन पंक्तियों को जीवंत करता है: ”शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशाँ होगा।।1
- कौशाम्बी। नागपंचमी के अवसर पर सोमवार को कड़ा चौराहे से शिवाला महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। डीजे और गाजे-बाजे के साथ निकली यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालु भक्त नाचते-गाते और भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए शिवाला महादेव मंदिर पहुंचे, जहां विधि-विधान से जलाभिषेक किया। कांवड़ यात्रा के दौरान आकर्षक सांस्कृतिक झांकी भी निकाली गई, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महाकाल कमेटी, बजरंगी कमेटी और बाल गणेश कमेटी की ओर से दमालू एवं जलपान की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में चेयरमैन प्रतिनिधि अरुण केसरवानी, मुन्ना साहू, विनय पांडेय, पप्पू मोदनवाल, राहुल कुशवाहा, दिनेश सोनकर, अजय मोदनवाल, सोनू साहू, गनी गुप्ता, सचिन मोदनवाल, अंकित मोदनवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज़ सच के साथ, आपकी आवाज़ आपकी पहचान1
- आखिर गलती किससे हो गई? आखिर गलती किससे हो गई और कौन-सी गलती हो गई कि आज ऐसा बयान देना पड़ रहा है? परमहंस आचार्य जी के तेवर भाजपा और उसके विरोधियों को लेकर बिल्कुल अलग दिखाई दे रहे थे, वही आज अचानक भाजपा और उसकी नीतियों पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। राम मंदिर चढ़ावा मामले में भी उन्होंने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है—आखिर अचानक विचारधारा में यह बदलाव कैसे आया?बयान सुनकर तो कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे पुरानी फिल्मों का कोई दृश्य चल रहा हो—जहां पात्र वही बात कहता है, जो उससे कहलवाई जाती है। 😂 अब इसके पीछे वजह क्या है, यह तो परमहंस आचार्य ही बेहतर बता सकते हैं। क्या भाजपा से कोई नाराजगी हुई है? क्या किसी नेता ने आईना दिखा दिया? क्या राजनीतिक अपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं? या फिर सचमुच भाजपा सरकार और उसकी नीतियों को लेकर उनकी आंखें खुल गई हैं?और अगर आखिरी संभावना सही है, तो फिर सवाल यह भी है कि आंखें खुलने में इतनी देर क्यों लगी?बहरहाल, राजनीति में बयान बदलना कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब कोई व्यक्ति कल तक किसी के समर्थन में खड़ा दिखाई दे और आज उसी के खिलाफ मोर्चा खोल दे, तो जनता सवाल जरूर पूछेगी—आखिर बदलाव विचारों में आया है या परिस्थितियों में? जवाब जो भी हो, इतना तय है कि इस बदले हुए सुर ने लोगों को चर्चा का नया विषय जरूर दे दिया है। 😂1
- कौशाम्बी जनपद के काजीपुर के निवासी 19 वर्ष से शिव बाबू के मृत्यु के बाद दूसरे दिन पहुंचे भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के कौशांबी विधानसभा अध्यक्ष पंकज मौर्य कौशाम्बी जनपद के काजीपुर के निवासी 19 वर्ष से शिव बाबू के मृत्यु के बाद दूसरे दिन पहुंचे भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के कौशांबी विधानसभा अध्यक्ष पंकज मौर्य1
- लखनऊ में Gen-Alpha का अनोखा प्रदर्शन: शिक्षकों की कमी से परेशान स्कूली छात्राओं ने दुबग्गा बाईपास किया जाम लखनऊ में Gen-Alpha का अनोखा प्रदर्शन: शिक्षकों की कमी से परेशान स्कूली छात्राओं ने दुबग्गा बाईपास किया जाम लखनऊ: राजधानी लखनऊ में इन दिनों युवा पीढ़ी का अनोखा और मुखर अंदाज देखने को मिल रहा है। 'Gen-Z' के बाद अब 'Gen-Alpha' पीढ़ी के बच्चों ने भी अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरना शुरू कर दिया है। ताजा मामला दुबग्गा बाईपास का है, जहां जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की स्कूली छात्राओं ने बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी और इसके कारण लगातार बाधित हो रही पढ़ाई से आक्रोशित छात्राओं ने दुबग्गा बाईपास पर सड़क के बीचों-बीच बैठकर धरना दिया। इस अचानक हुए प्रदर्शन से मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। शिक्षकों की कमी से भविष्य पर संकट प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना है कि उनके विद्यालय में लंबे समय से शिक्षकों के कई पद खाली पड़े हैं। विषयों के शिक्षक न होने के कारण उनकी पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है। बोर्ड परीक्षाओं और आगामी सत्रों की तैयारी को लेकर छात्राएं काफी चिंतित हैं। उनका आरोप है कि कई बार विद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिसके चलते उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा। नारेबाजी कर प्रशासनिक तंत्र को चेताया धरना प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनकी प्रमुख मांग है कि विद्यालय में तुरंत नए शिक्षकों की नियुक्ति की जाए और रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए, ताकि उनकी पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं को समझा-बुझाकर शांत कराया और उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाकर जल्द से जल्द उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्राओं ने धरना समाप्त किया। यह घटना शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।1
- Shailendra Gupta jansewak unchahar Jila Panchayat sadasya1
- नसीराबाद पुलिस की अनोखी पहल: उप-निरीक्षक करुणा शंकर तिवारी के नेतृत्व में 101 से अधिक कांवड़ियों का भव्य स्वागत, रायबरेली: सावन के पवित्र महीने में पुलिस प्रशासन का एक बेहद मानवीय और सराहनीय रूप देखने को मिला। जिले के नसीराबाद कोतवाली क्षेत्र में तैनात उप-निरीक्षक (S.I.) करुणा शंकर तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सोमवार को 101 से अधिक कांवड़ियों का फूल-मालाएं पहनाकर और पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को जल, केले और अन्य खाद्य सामग्री भी वितरित की गई। पुलिस की इस सेवा भावना और आत्मीय व्यवहार की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान नसीराबाद से गुजर रहे श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन करने और उन्हें सुरक्षा का अहसास कराने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। भक्तिमय माहौल के बीच पुलिसकर्मियों ने कांवड़ियों की सुखद व सुरक्षित यात्रा की कामना की। इस आयोजन को सफल बनाने में उप-निरीक्षक करुणा शंकर तिवारी के साथ उ०नि० विनोद कुमार पांडे, उ०नि० विमल कान्त गोयल, हेड कान्स्टेबल सुनील कुमार, कान्स्टेबल दिलीप कुमार, कान्स्टेबल अरुण यादव, रिजर्व कान्स्टेबल सत्येंद्र कुमार, गजेन्द्र सिंह, महिला कान्स्टेबल सन्ध्या और कंचन शुक्ला की अहम भूमिका रही। कांवड़ियों ने पुलिस प्रशासन के इस अभूतपूर्व सम्मान और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। रायबरेली पुलिस का यह कदम जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय की एक मिसाल बन गया है।1