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देहरादून के दिव्यांशु हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में महीनों से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपी, जिन पर 25-25 हजार का इनाम था, आखिरकार दून पुलिस के शिकंजे में आ चुके हैं। दिव्यांशु की हत्या के बाद से ही ये दोनों आरोपी अलग-अलग राज्यों में छिपते फिर रहे थे, लेकिन ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस की लगातार दबिश के चलते उन्हें पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले इसी केस में चार अन्य आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। और अब मुख्य आरोपी—प्रहलाद राज और अंकुर सिंह—को पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून ला रही है। दिव्यांशु जत्राना के परिवार को अब इंसाफ की उम्मीद और मजबूत हुई है, क्योंकि पुलिस ने साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कहीं भी छिपें, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते!
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देहरादून के दिव्यांशु हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में महीनों से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपी, जिन पर 25-25 हजार का इनाम था, आखिरकार दून पुलिस के शिकंजे में आ चुके हैं। दिव्यांशु की हत्या के बाद से ही ये दोनों आरोपी अलग-अलग राज्यों में छिपते फिर रहे थे, लेकिन ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस की लगातार दबिश के चलते उन्हें पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले इसी केस में चार अन्य आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। और अब मुख्य आरोपी—प्रहलाद राज और अंकुर सिंह—को पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून ला रही है। दिव्यांशु जत्राना के परिवार को अब इंसाफ की उम्मीद और मजबूत हुई है, क्योंकि पुलिस ने साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कहीं भी छिपें, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते!
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- यमुनानगर जिले के सलेमपुर गांव में आज सुबह एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 8 बजे एक घर में उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एलपीजी गैस ट्रांसफर करते वक्त अचानक भयानक धमाका हो गया। बताया जा रहा है कि बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस भरी जा रही थी, तभी एक चिंगारी ने पूरे घर को आग की लपटों में घेर लिया। : धमाका इतना जोरदार था कि घर की दीवारो तक में दरार आ गईं। कुछ ही पलों में खुशियों से भरा घर चीखों और दर्द में बदल गया। इस हादसे में कई मासूम बच्चों समेत करीब 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोग जब धमाके की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे, तो वहां का मंजर दिल दहला देने वाला था—कोई अपने बच्चों को पुकार रहा था, तो कोई अपनों को बचाने की कोशिश में खुद जल रहा था।4
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- वाइट हाउस की Press Secretary ने किया बड़ा खुलासा ईरान हो गया हैरान1
- मुख्यालय स्तर से चल रहे “ऑपरेशन प्रहार” के अंतर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद हरिद्वार के निर्देशानुसार सार्वजनिक स्थानों, होटल-ढाबों में शराब पीकर हुड़दंग मचाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 09/04/2026 को थाना सिडकुल पुलिस द्वारा थाना अध्यक्ष अजय शाह के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन कर क्षेत्र में अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान सार्वजनिक स्थानों, शराब की दुकानों व सड़क किनारे शराब पीकर हुड़दंग कर रहे कुल 55 व्यक्तियों को पकड़कर उनके विरुद्ध 81 पुलिस एक्ट के अंतर्गत चालानी कार्रवाई की गई। सभी आरोपियों को सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर न शराब पिएगा और न ही पिलाएगा हरिद्वार पुलिस की यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी *पुलिस टीम* थाना सिडकुल पुलिस1
- बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में मामूली पार्किंग विवाद को लेकर नवी हुसैन की बीच बाज़ार गला रेतकर की गई निर्मम हत्या मानवता को शर्मसार करने वाली है।1
- चारधाम यात्रा से पहले हरिद्वार में अतिक्रमण पर ‘औपचारिक कार्रवाई’!, अधिकारी हटाते हैं, पांच मिनट बाद फिर सज जाती हैं दुकानें — कानून का खुला मजाक चारधाम यात्रा से पहले हरिद्वार में अतिक्रमण पर ‘औपचारिक कार्रवाई’! अधिकारी हटाते हैं, पांच मिनट बाद फिर सज जाती हैं दुकानें — कानून का खुला मजाक श्रद्धालुओं की सुरक्षा से बड़ा क्या है ‘फाइलों का खेल’? हरिद्वार। चारधाम यात्रा का शुभारंभ कुछ ही दिनों में होने वाला है। हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु हरिद्वार से होकर गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा के लिए निकलेंगे। ऐसे में प्रशासन और नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाने का दावा किया जा रहा है। ब्रह्मपुरी रोड़ी बेलवाला से लेकर सिंहद्वार तक अधिकारी अतिक्रमण हटाने के नाम पर अभियान चला रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि कार्रवाई के कुछ ही मिनटों बाद वही अतिक्रमण फिर से खड़ा हो जाता है। ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन सिर्फ औपचारिकता निभाकर फाइलें पूरी करने में व्यस्त है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। शताब्दी पुल पर फिर वही खतरा मंडरा रहा हरिद्वार का शताब्दी पुल वह स्थान है, जहां 1996 की सोमवती अमावस्या पर एक भीषण हादसा हुआ था और दर्जनों श्रद्धालुओं की जान चली गई थी। उस दर्दनाक घटना के बाद उम्मीद थी कि प्रशासन इस क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाएगा। लेकिन आज भी पुल के दोनों ओर नीचे फड़ लगाकर दुकानें सजी हुई हैं। भीड़ के समय यह स्थान फिर से खतरे का केंद्र बन सकता है। सवाल यह है कि जब इतिहास इतना बड़ा सबक दे चुका है, तो फिर प्रशासन की आंखें क्यों बंद हैं? विकलांग श्रद्धालुओं का रैंप बना अवैध पार्किंग स्थल हर की पौड़ी क्षेत्र में विकलांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाया गया रैंप आज अव्यवस्था की भेंट चढ़ चुका है। इस रैंप पर दोनों ओर अवैध रूप से दोपहिया वाहन खड़े किए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं के लिए चलना तक मुश्किल हो गया है। श्रद्धालुओं के लिए बनाई गई यह सुविधा अब अवैध पार्किंग में तब्दील हो चुकी है, लेकिन इसे हटाने वाला शायद ही कोई जिम्मेदार अधिकारी दिखाई देता है। सुभाष घाट और हर की पौड़ी पर अवैध फड़ों की भरमार हरिद्वार के प्रमुख तीर्थ स्थलों सुभाष घाट और हर की पौड़ी पर भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। यहां बड़ी संख्या में फड़ लगाकर दुकानें संचालित हो रही हैं, जिससे घाटों की व्यवस्था और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रही हैं। इतना ही नहीं, हर की पौड़ी पर प्रतिबंध के बावजूद सैकड़ों अवैध फूल-फरोशी के ठेले खुलेआम लगे हुए हैं। कानून स्पष्ट रूप से इन गतिविधियों पर रोक लगाता है, लेकिन हकीकत में कानून का खुला उल्लंघन देखने को मिल रहा है। भिक्षावृत्ति पर प्रतिबंध, फिर भी हर की पौड़ी पर भीख का सिलसिला जारी हर की पौड़ी क्षेत्र में भिक्षावृत्ति पर कानूनी प्रतिबंध है, फिर भी यहां बड़ी संख्या में भिखारी खुलेआम श्रद्धालुओं से भीख मांगते दिखाई देते हैं। प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद यह सब दिन-दहाड़े चलता रहता है, जिससे यह सवाल उठता है कि आखिर इन नियमों का पालन कौन कराएगा? अभियान या सिर्फ दिखावा? सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब प्रशासन अतिक्रमण हटाने का दावा करता है, तो फिर अभियान खत्म होते ही वही अतिक्रमण वापस कैसे खड़ा हो जाता है? जैसे ही अधिकारी अतिक्रमण हटाकर आगे बढ़ते हैं, पीछे से वही दुकानें फिर से लग जाती हैं। ऐसे में यह अभियान केवल दिखावे और औपचारिकता तक सीमित नजर आता है। चारधाम यात्रा से पहले प्रशासन की परीक्षा चारधाम यात्रा के दौरान हरिद्वार में लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा, स्वच्छता और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। लेकिन अगर शताब्दी पुल, सुभाष घाट और हर की पौड़ी जैसे प्रमुख स्थानों पर ही अतिक्रमण और अव्यवस्था बनी रहे, तो यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। अब सवाल यही है कि क्या प्रशासन वास्तव में इस समस्या का समाधान करेगा या फिर यह अभियान भी सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा? क्योंकि अंततः आस्था की इस नगरी की रक्षा का उत्तरदायित्व भी प्रशासन पर ही है — और इसका साक्षी स्वयं मां गंगा हैं। — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़, हरिद्वार ✍️4
- देहरादून में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसमें गढ़वाली परिवार पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि हमलावरों ने ईंट और सरियों से हमला कर पीड़ितों के सिर फोड़ दिए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित परिवार ने इस घटना को लेकर गहरी चिंता जताई और न्याय की मांग की। उनका कहना है कि यदि ऐसी घटनाएं जारी रहीं, तो आम लोग भी सुरक्षित नहीं रहेंगे। यह मामला Dehradun में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है और स्थानीय प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।1
- यमुनानगर-जगाधरी में विकास कार्यों को लगातार रफ्तार मिल रही है। आज शहर में एक बड़ी सौंदर्यीकरण परियोजना का शुभारंभ किया गया, जिससे मुख्य मार्ग की तस्वीर बदलने वाली है। नगर निगम की मेयर सुमन बहमनी ने यमुनानगर के विधायक घनश्यामदास दास अरोड़ा के साथ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप चौंक से विश्वकर्मा चौंक तक मेन रोड के दोनों ओर सौंदर्यीकरण कार्य का नारियल फोड़कर विधिवत शुभारंभ किया ।2 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से होने वाला यह कार्य क्षेत्र की सुंदरता और सुविधाओं में बड़ा बदलाव लाएगा।1
- *हरिद्वार पुलिस* *सड़क है, स्टंट का मैदान नहीं!* रामपुर से गणेशपुरपुर की ओर जा रहे एक वाहन में सवार युवकों द्वारा हुड़दंग करते हुए लापरवाही से वाहन चलाया जा रहा था। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सीपीयू रुड़की टीम ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को रुकवाया। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करते हुए सीपीयू टीम ने वाहन का चालान किया तथा चालक का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) जमा कर निरस्तीकरण की प्रक्रिया हेतु भेज दिया गया।1