अखिल भारत हिन्दू महासभा ने वीर सावरकर जयंती के अवसर पर यह घोषणा की है कि वीर सावरकर और अखिल भारत हिन्दू महासभा के बिना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास अधूरा है। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने वीर सावरकर के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिन्दू नवयुवकों को शस्त्र प्रशिक्षण लेकर ब्रिटिश भारतीय सेना में भर्ती होने का आह्वान किया था। उनकी प्रेरणा से ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस जापान जाकर जापान हिन्दू महासभा अध्यक्ष रास बिहारी बोस से आजाद हिंद फौज की कमान अपने हाथों में लेकर 'दिल्ली चलो' का नारा देने के लिए प्रेरित हुए। द्विवेदी के अनुसार, वीर सावरकर की प्रेरणा से ब्रिटिश भारतीय फौज में हिन्दू नवयुवकों की संख्या मुस्लिमों से अधिक हुई और इन हिन्दू सैनिकों ने ही नेताजी के 'दिल्ली चलो' के नारे के बाद ब्रिटिश हुकूमत का सहयोग करने से इनकार कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप देश को स्वतंत्रता मिली और ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़कर भागना पड़ा। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने बताया कि वीर सावरकर की जयंती पर देश भर में कार्यक्रम आयोजित कर उनके 'अधूरे मिशन' को पूरा करने और 'अखंड भारत हिन्दू राष्ट्र' के निर्माण का संकल्प लिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने नई दिल्ली में कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश आक्रांताओं से सत्ता लेने के बाद स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास लेखन में वीर सावरकर और हिन्दू महासभा के योगदान की उपेक्षा की। उन्होंने इसे एक षड्यंत्र बताते हुए कांग्रेस, मुस्लिमों और वामपंथियों को महिमामंडित करने का आरोप लगाया। महासभा ने भारत सरकार से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का पुनर्लेखन करवाते हुए कांग्रेस और वामपंथियों के 'विकृत इतिहास' को हटाने तथा वीर सावरकर, हिन्दू महासभा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संपूर्ण योगदान को इतिहास में शामिल करने की मांग की है। इस अवसर पर हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर यशपाल सिंह ने कहा कि वीर सावरकर ने स्वतंत्रता संग्राम में अविस्मरणीय योगदान देने के साथ-साथ साहित्य सृजन के माध्यम से भी राष्ट्रसेवा का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने काला पानी की सजा के दौरान 'हिंदुत्व' नामक पुस्तक की रचना की, जिसमें हिन्दू समाज और सनातन धर्म को भारतीय हिन्दू जनमानस के समक्ष सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया, और उनकी हिंदुत्व की परिभाषा को भारतीय न्याय प्रणाली भी स्वीकार करती है। प्रोफेसर यशपाल सिंह ने यह भी बताया कि '1857 का स्वातंत्र्य समर' नामक पुस्तक लिखकर वीर सावरकर ने पहली बार प्रमाणित किया कि 1857 का युद्ध सैनिक विद्रोह न होकर भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था। उन्होंने वीर सावरकर के सशस्त्र क्रांति के आह्वान को भारत की स्वतंत्रता का वास्तविक मार्ग बताया और कहा कि ऐसे महामानव के अधूरे मिशन को पूरा कर अखंड भारत का निर्माण और हिन्दू राष्ट्र की स्थापना भारत के समस्त हिन्दू नागरिकों का कर्तव्य है। राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के शासनकाल में वीर सावरकर को भारत रत्न सम्मान न दिए जाने पर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीर सावरकर को भारत रत्न सम्मान देकर दशकों से उनकी उपेक्षा के अध्याय को समाप्त करने की मांग की। इस अवसर पर हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय धर्माचार्य प्रमुख महामंडलेश्वर स्वामी मंगलानंद जी महाराज, राष्ट्रीय मंत्री सत्येंद्र झा, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री संजय भदौरिया, राष्ट्रीय प्रवक्ता मदन लाल गुप्ता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह राजू पार्चा सहित अनेक पदाधिकारियों ने वीर सावरकर को नमन किया और उनकी शिक्षाओं तथा नीतियों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
अखिल भारत हिन्दू महासभा ने वीर सावरकर जयंती के अवसर पर यह घोषणा की है कि वीर सावरकर और अखिल भारत हिन्दू महासभा के बिना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास अधूरा है। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने वीर सावरकर के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिन्दू नवयुवकों को शस्त्र प्रशिक्षण लेकर ब्रिटिश भारतीय सेना में भर्ती होने का आह्वान किया था। उनकी प्रेरणा से ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस जापान जाकर जापान हिन्दू महासभा अध्यक्ष रास बिहारी बोस से आजाद हिंद फौज की कमान अपने हाथों में लेकर 'दिल्ली चलो' का नारा देने के लिए प्रेरित हुए। द्विवेदी के अनुसार, वीर सावरकर की प्रेरणा से ब्रिटिश भारतीय फौज में हिन्दू नवयुवकों की संख्या मुस्लिमों से अधिक हुई और इन हिन्दू सैनिकों ने ही नेताजी के 'दिल्ली चलो' के नारे के बाद ब्रिटिश हुकूमत का सहयोग करने से इनकार कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप देश को स्वतंत्रता मिली और ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़कर भागना पड़ा। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने बताया कि वीर सावरकर की जयंती पर देश भर में कार्यक्रम आयोजित कर उनके 'अधूरे मिशन' को पूरा करने और 'अखंड भारत हिन्दू राष्ट्र' के निर्माण का संकल्प लिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने नई दिल्ली में कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश आक्रांताओं से सत्ता लेने के बाद स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास लेखन में वीर सावरकर और हिन्दू महासभा के योगदान की उपेक्षा की। उन्होंने इसे एक षड्यंत्र बताते हुए कांग्रेस, मुस्लिमों और वामपंथियों को महिमामंडित करने का आरोप लगाया। महासभा ने भारत सरकार से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का पुनर्लेखन करवाते हुए कांग्रेस और वामपंथियों के 'विकृत इतिहास' को हटाने तथा वीर सावरकर, हिन्दू महासभा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संपूर्ण योगदान को इतिहास में शामिल करने की मांग की है। इस अवसर पर हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर यशपाल सिंह ने कहा कि वीर सावरकर ने स्वतंत्रता संग्राम में अविस्मरणीय योगदान देने के साथ-साथ साहित्य सृजन के माध्यम से भी राष्ट्रसेवा का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने काला पानी की सजा के दौरान 'हिंदुत्व' नामक पुस्तक की रचना की, जिसमें हिन्दू समाज और सनातन धर्म को भारतीय हिन्दू जनमानस के समक्ष सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया, और उनकी हिंदुत्व की परिभाषा को भारतीय न्याय प्रणाली भी स्वीकार करती है। प्रोफेसर यशपाल सिंह ने यह भी बताया कि '1857 का स्वातंत्र्य समर' नामक पुस्तक लिखकर वीर सावरकर ने पहली बार प्रमाणित किया कि 1857 का युद्ध सैनिक विद्रोह न होकर भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था। उन्होंने वीर सावरकर के सशस्त्र क्रांति के आह्वान को भारत की स्वतंत्रता का वास्तविक मार्ग बताया और कहा कि ऐसे महामानव के अधूरे मिशन को पूरा कर अखंड भारत का निर्माण और हिन्दू राष्ट्र की स्थापना भारत के समस्त हिन्दू नागरिकों का कर्तव्य है। राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के शासनकाल में वीर सावरकर को भारत रत्न सम्मान न दिए जाने पर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीर सावरकर को भारत रत्न सम्मान देकर दशकों से उनकी उपेक्षा के अध्याय को समाप्त करने की मांग की। इस अवसर पर हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय धर्माचार्य प्रमुख महामंडलेश्वर स्वामी मंगलानंद जी महाराज, राष्ट्रीय मंत्री सत्येंद्र झा, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री संजय भदौरिया, राष्ट्रीय प्रवक्ता मदन लाल गुप्ता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह राजू पार्चा सहित अनेक पदाधिकारियों ने वीर सावरकर को नमन किया और उनकी शिक्षाओं तथा नीतियों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
- एक गरीब व्यक्ति की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश करने वालों को अब भारी कीमत चुकानी पड़ी है। इस मामले में प्रशासन द्वारा सीधे तौर पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई है।1
- एक अधिकारी ने यह कहकर अपने मन की बात व्यक्त की है कि वे 'रस' से जुड़े होने और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ता रहे होने पर बहुत गौरवान्वित महसूस करते हैं। उन्होंने अपने इस गहरे गौरव के भाव को स्पष्ट रूप से दोहराया।1
- दिल्ली में पंजाब कांग्रेस के प्रेसिडेंट राजा वारिंग ने पंजाब में हुए म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनावों को लेकर एक बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि पटियाला, लुधियाना, अमृतसर और जालंधर में हुए इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन 'तारीफ के काबिल' रहा। वारिंग ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में कुल 750 डॉक्यूमेंट्स रिजेक्ट किए गए, जिसका फायदा उठाते हुए AAP ने 595 सीटें जीतीं। उन्होंने यह भी कहा कि AAP ने 80 सीटों पर बिना किसी विरोध के चुनाव लड़ा और आरोप लगाया कि पार्टी ने कांग्रेस के कैंडिडेट्स के डॉक्यूमेंट्स को जानबूझकर रिजेक्ट करवाया।1
- यह कविता गहन प्रेम और समर्पण की अभिव्यक्ति है, जिसमें प्रेमी अपने प्रिय को भद्र मास की पूर्णिमा के चांद के समान बताता है। कवि कहता है कि वे रात-रात भर प्यार में बिताएंगे और जीवन भर एक-दूसरे से कभी पराये नहीं होंगे। उनके बीच कोई कड़वाहट नहीं होगी क्योंकि वे एक-दूसरे में समाए हुए हैं। प्रिय के लिए प्रेम इतना गहरा है कि यह कभी नहीं मिटता, चाहे कितना भी प्यार कर लिया जाए, यह प्यास कभी बुझती नहीं। कविता में प्रिय के रूप की तुलना चंद्रमा से की गई है, जहाँ दोनों की सुंदरता एकाकार हो जाती है और उनकी छवि मेघना नदी के नीचे भी दिखाई देती है। अंत में, कवि स्पष्ट करता है कि उसे विश्व शांति की भी कोई इच्छा नहीं है, यदि प्रेम अप्रिय या विरक्त हो जाए।1
- प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत, सरकार द्वारा घर के निर्माण के लिए ₹2.5 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, इस योजना के तहत होम लोन पर ब्याज सब्सिडी भी दी जाती है। इस सहायता का लाभ उठाने के लिए, लाभार्थी की वार्षिक आय ₹18 लाख तक होनी चाहिए और उनके परिवार के पास देश में कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए।1
- अयोध्या उत्तर प्रदेश से उप संपादक सुनिल दुबे की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस कार्यालय कमला नेहरू भवन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता पुनीत पाठक ने महोबा में एक दलित छात्रा के साथ हुई अमानवीय घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस भयावह घटना ने पूरे प्रदेश को शर्मसार कर दिया है, जहाँ छात्रा का अपहरण कर उसे 16 दिनों तक बंधक बनाकर न केवल उसके साथ दुष्कर्म किया गया, बल्कि उसके साथ अमानवीय और क्रूरतापूर्ण व्यवहार भी हुआ। पाठक ने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद प्रदेश सरकार का कोई भी प्रतिनिधि पीड़िता और उसके परिवार का दुख साझा करने नहीं पहुँचा। उन्होंने बताया कि जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय पीड़िता के परिवार से मिलने और उनका दुख साझा करने महोबा जा रहे थे, तब सरकार ने उन्हें रोकने की हर संभव कोशिश की, लेकिन तमाम बाधाओं के बावजूद अजय राय पीड़िता के घर पहुँचे और परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया। पुनीत पाठक ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि संवेदनहीन सरकार स्वयं तो पीड़िता के प्रति कोई संवेदना नहीं दिखा रही है, लेकिन अजय राय के मानवीय प्रयास से इतनी विचलित हो गई कि पूरे प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के मंत्री और विधायक भी खुलकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का विरोध करने लगे, और भाजपा नेताओं द्वारा अजय राय की संपत्ति की जाँच की माँग करना हास्यास्पद है, क्योंकि अजय राय का सार्वजनिक जीवन पूरी तरह पारदर्शी और खुली किताब की तरह है। इसके विपरीत, पाठक ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे होने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने आगरा नगर निगम द्वारा निजी बिजली कंपनी टोरेंट का लगभग 430 करोड़ रुपये माफ किए जाने को इसका ताजा उदाहरण बताया और कहा कि इससे पहले भी पूंजीपतियों को हजारों करोड़ रुपये का लाभ पहुँचाने के कई मामले सामने आ चुके हैं।1
- पंजाब राज्य बाबासाहेब के विचारों और सिद्धांतों का अनुसरण करते हुए विकास की एक नई इबारत लिख रहा है।1
- दिल्ली में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष राजा वारिंग ने पटियाला, लुधियाना, अमृतसर और जालंधर में हुए नगर निगम चुनावों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन तारीफ के काबिल था। साथ ही, वारिंग ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में कुल 750 दस्तावेज़ों को रद्द कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप AAP ने 595 सीटें जीतीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन जीती हुई सीटों में से 80 सीटों पर AAP ने बिना किसी विरोध के चुनाव लड़ा। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि AAP ने जानबूझकर कांग्रेस उम्मीदवारों के दस्तावेज़ रद्द करवाए, जिससे उन्हें निर्विरोध जीतने का मौका मिला।1
- Post by Chandan,kumar1