Shuru
Apke Nagar Ki App…
सीजफायर का आज पहला दिन: लेबनान पर इजरायल की बमबारी में 100 आमजन हताहत:1000 घायल: सीज़फ़ायर के बावजूद इजरायल की आक्रामकता जारी है...
Ahmed Siraj Farooqi
सीजफायर का आज पहला दिन: लेबनान पर इजरायल की बमबारी में 100 आमजन हताहत:1000 घायल: सीज़फ़ायर के बावजूद इजरायल की आक्रामकता जारी है...
More news from राजस्थान and nearby areas
- कोटा | राजस्थान का शिक्षा शहर, कोटा, एक बार फिर अपनी पुरानी लय में लौट आया है। देश के कोने-कोने से इंजीनियरिंग (IIT-JEE) और मेडिकल (NEET) की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों ने एक बार फिर एलन करियर इंस्टीट्यूट (Allen Career Institute) पर अपना सबसे बड़ा भरोसा जताया है। नए सत्र के आगाज़ के साथ ही एलन के विभिन्न सेंटर्स पर एडमिशन के लिए छात्रों और अभिभावकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। परिणामों ने साबित की श्रेष्ठता विशेषज्ञों का मानना है कि एलन में दाखिले की इस बढ़ती संख्या का सबसे बड़ा कारण संस्थान का कंसिस्टेंट रिजल्ट (Consistent Result) है। पिछले कई वर्षों से टॉप रैंक्स में एलन के दबदबे ने यह साबित कर दिया है कि यहाँ की कोचिंग पद्धति और मेंटरशिप का कोई सानी नहीं है। "जब बात भविष्य की और देश की सबसे कठिन परीक्षाओं की हो, तो हम किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते। एलन का ट्रैक रिकॉर्ड खुद अपनी कहानी कहता है।" — एक अभिभावक (बिहार से) कोटा की इकोनॉमी को भी मिली रफ़्तार छात्रों की इस 'घर वापसी' से न केवल शिक्षा क्षेत्र, बल्कि कोटा के स्थानीय व्यापारियों, हॉस्टल संचालकों और मेस विक्रेताओं के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है। एलन में बढ़ते एडमिशन्स इस बात का प्रमाण हैं कि आज भी सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शन के लिए छात्र कोटा और विशेषकर एलन को ही अपनी पहली पसंद मानते हैं। एडमिशन में भारी उछाल: सत्र 2026 के लिए रिकॉर्ड तोड़ पंजीकरण। ट्रस्ट फैक्टर: बेहतरीन फैकल्टी और स्टडी मटेरियल के कारण छात्र उत्साहित। सफलता का पर्याय: IIT और NEET के पिछले परिणामों ने बढ़ाया संस्थान का मान।1
- बूंदी राजस्थान परियोजना से पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों को मिलेगा पर्याप्त जल प्रदेश की 40 प्रतिशत आबादी होगी लाभांवित परियोजना के कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समयावधि में हो पूर्ण मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कोटा/जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को बूंदी जिले की इंद्रगढ़ तहसील स्थित गुहाटा गांव पहुंचकर राम जल सेतु लिंक परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन चंबल एक्वाडक्ट के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि राम जल सेतु लिंक परियोेजना राज्य सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजना है। इस परियोजना के माध्यम से पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में पेयजल एवं सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा तथा प्रदेश की लगभग 40 फीसदी आबादी इससे लाभांवित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण हो। श्री शर्मा ने कहा कि चम्बल एक्वाडक्ट राम जल सेतु लिंक परियोजना का एक महत्वपूर्ण घटक है, ऐसे में अधिकारी निर्माणाधीन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने परियोजना की प्रगतिरत कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति की पूरी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि चम्बल एक्वाडक्ट कोटा के पीपल्दा समेल गांव तथा बूंदी के गुहाटा गांव के मध्य चम्बल नदी पर बनाया जा रहा है। इसकी लंबाई 2 हजार 280 मीटर है। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बताया कि एक्वाडक्ट का निर्माण 5060 पाइलों एवं 77 पाइल कैपों पर किया जाएगा। एक्वाडक्ट में औसतन 384 गोलाकार पीयरों का निर्माण होगा। साथ ही, इसके जरिए चम्बल नदी के ऊपर जल का प्रवाह किया जाकर चम्बल नदी को क्रॉस किया जाएगा जिससे आमजन के लिए आवागमन की सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी। इस अवसर पर श्री शर्मा ने एक्वाडक्ट पीयर का पूजन किया। उन्होंने प्रोजेक्ट साइट पर राम जल सेतु लिंक परियोजना के निर्माण कार्यों को लेकर तैयार की गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इससे पहले श्री शर्मा ने पौधारोपण कर पर्यावरण का संदेश दिया। इस दौरान जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत, ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, संभागीय आयुक्त कोटा अनिल कुमार अग्रवाल, जिला कलक्टर कोटा पीयूष समारिया, राजस्थान वाटर ग्रिड कॉर्पोरेशन लि. के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य अभियंता श्री रवि सोलंकी सहित परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारी मौजूद रहे।2
- सीजफायर का आज पहला दिन: लेबनान पर इजरायल की बमबारी में 100 आमजन हताहत:1000 घायल: सीज़फ़ायर के बावजूद इजरायल की आक्रामकता जारी है...1
- झालावाड़, 07 अप्रैल। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने मंगलवार को तहसील कार्यालय बकानी का औचक निरीक्षण कर विभिन्न राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 में वसूली कार्य राज्य सरकार के निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 256-257 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने आंतरिक लेखा जांच दल द्वारा इंगित आय संबंधी बकाया पैराज की पालना शीघ्र भिजवाने, भू-अभिलेख शाखा में लंबित अभिलेखों को जिला अभिलेखागार में जमा कराने तथा पंजीयन कार्य में चालू वित्तीय वर्ष में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।जिला कलेक्टर ने बकाया 34 नामांतरण एवं 9 सीमाज्ञान प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने को कहा। साथ ही 20 वर्ष पुराने तलफी योग्य रिकॉर्ड के निस्तारण हेतु विशेष अभियान चलाकर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार को भू-अभिलेख शाखा के कार्यों पर विशेष नियंत्रण रखने के लिए भी निर्देशित किया।निरीक्षण के दौरान फिडिलिटी बांड तैयार करने, पटवार भवनों के आवंटन में आ रही समस्याओं के शीघ्र समाधान तथा चरागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।1
- राजस्थान) से खास रिपोर्ट राजस्थान के नागौर जिले के एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पर इन दिनों एक अनोखा और रहस्यमयी घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां एक जन्मजात “दो पैर वाला बचड़ा” लोगों की आस्था का केंद्र बन गया है, जिसे देखने और उसके पास जाकर आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह बचड़ा प्रतिदिन ठीक दोपहर के समय विशेष प्रकार की हरकतें करता है, जिसे लोग “चमत्कार” मान रहे हैं। मान्यता है कि इस समय बचड़े के पास जाने से कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं में राहत मिलती है। यही कारण है कि आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं। कुछ श्रद्धालु इसे ईश्वरीय संकेत मानते हुए पूजा-अर्चना कर रहे हैं, वहीं कई लोग इसे महज एक संयोग या प्राकृतिक व्यवहार भी बता रहे हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में जिज्ञासा और चर्चा का माहौल बना दिया है।1
- Suno kahani..... YUDDH.1
- Post by Mahendar.merotha1
- कोटा राजस्थान बोटिंग, रंगारंग परेड और ड्रोन शो ने रोमांच से भर दी यादगार शाम रियल टेम्पल्स ऑफ इंडिया के विशेष आयोजन बच्चो के चहरे पर खिली मुस्कान मैजिक शो, फेसबुक पेंटिंग, ब्लॉक पेंटिंग तक बच्चों ने दिखाया उत्साह कोटा। समाज में संवेदनशीलता और करुणा के भाव को जीवंत रूप देते हुए रियल टेम्पल्स ऑफ इंडिया द्वारा सिटी पार्क में आयोजित “अनंत उत्सव –” विशेष बच्चों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बना। संस्थापक प्रांजल अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम में बच्चों की मासूम खुशियाँ, उत्साह और भावनाएँ हर पल में झलकती नजर आईं। अनंत युवा प्रतिष्ठान से प्रेरित इस आयोजन मे शहर के विभिन्न संस्थानों—बाधित बाल विकास केंद्र, श्री करणी नगर विकास समिति, गंगा विज़न, घुमंतू छात्रावास,तेजस्वनि बालिका छात्रावास,एलबीएस दिव्यांग विद्यार्थियों,शिवालिका व मधुस्मृति सहित अन्य संगठनों से जुड़े 472 से अधिक विशेष बच्चे एवं बालिकाएँ शामिल हुईं। सिमरन बब्बर ने बताया कि सायं 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक चले इस आयोजन में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को एक सुरक्षित, आनंदमय और आत्मीय वातावरण प्रदान किया गया। सिटी पार्क के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच जब बच्चों ने बोटिंग का आनंद लिया, तो उनकी आंखों में उत्सुकता और चेहरे पर खिलखिलाहट साफ दिखाई दी। कई बच्चों के लिए यह अनुभव पहली बार था, जिसने उनके मन में रोमांच और आत्मविश्वास दोनों का संचार किया। मंजुल शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में कलाकारों के साथ निकली रंगारंग परेड बच्चों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रही। रंग-बिरंगे परिधानों और संगीत की धुनों के बीच बच्चे स्वयं को इस उत्सव का केंद्र महसूस करते नजर आए। वहीं रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों ने बच्चों को अपनी प्रतिभा व्यक्त करने का अवसर दिया, जिससे उनके भीतर छिपी अभिव्यक्ति को नई उड़ान मिली। शाम ढलते ही आयोजित ड्रोन शो और आतिशबाजी ने वातावरण को आलोकित कर दिया। आसमान में सजे रंगीन दृश्यों को देखकर बच्चों के चेहरे आश्चर्य और खुशी से दमक उठे। यह दृश्य उनके लिए एक सपने के साकार होने जैसा था।4