*राजस्थान पुलिस की बड़ी पहल: सितंबर 2026 को "साइबर सुरक्षित राजस्थान" जन-जागरूकता माह के रूप में मनाने का निर्णय* ° अमर दीप सेन डीग डीजीपी के निर्देशानुसार महीने भर चलेगा राज्यव्यापी विशेष अभियान; ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव का मिलेगा संदेश ° राज्य स्तर पर एसपी-1 (R4C) और जिला स्तर पर एडिशनल एसपी बनाए गए नोडल अधिकारी राजस्थान पुलिस द्वारा सितंबर माह को ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान’ जन-जागरूकता माह के रूप में मनाया जाएगा। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना, सुरक्षा उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना तथा ऑनलाइन ठगी एवं धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के लिए सचेत करना है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री विजय कुमार सिंह के अनुसार अभियान के सफल संचालन के लिए राज्य स्तर पर पुलिस अधीक्षक-1 (R4C) को राज्य नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं प्रत्येक जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को जिला नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। *वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स पर विशेष ध्यान* अभियान के तहत पुलिस थानों के साइबर अपराध से जुड़े अधिकारी पेंशन विभाग के समन्वय से पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’, निवेश के नाम पर होने वाली ठगी तथा अन्य साइबर अपराधों से बचाव के बारे में जागरूक करेंगे। *स्कूल-कॉलेजों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम* जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारियों के समन्वय से स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान, कार्यशालाएं, प्रश्नोत्तरी, सेमिनार एवं विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। छात्र-छात्राओं द्वारा एक दिवसीय मानव श्रृंखला बनाकर साइबर सुरक्षा का संदेश भी दिया जाएगा। *बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक* प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन तथा धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर नुक्कड़ नाटक, पोस्टर, ऑडियो-वीडियो संदेश और साइबर जागरूकता स्टॉल के माध्यम से आमजन को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी जाएगी। *युवाओं और खेल गतिविधियों को भी जोड़ा जाएगा* अभियान में साइबर स्वयंसेवकों, एनएसएस एवं एनसीसी कैडेट्स को भी जोड़ा जाएगा। आरएसी इकाइयों और जिला खेल अधिकारियों के समन्वय से साइबर जागरूकता के लिए दौड़ एवं साइकिल रैली जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। *गांव-गांव पहुंचेगा साइबर सुरक्षा का संदेश* राज्य पुलिस अभियान को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए जिला मुख्य डाकपाल एवं पंचायती राज विभाग के समन्वय से ग्राम पंचायत स्तर तक साइबर जागरूकता गतिविधियां आयोजित करेगी। *सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार* अभियान के दौरान स्थानीय सोशल मीडिया प्रभावशाली व्यक्तियों, खेल एवं सिनेमा जगत की हस्तियों के माध्यम से वीडियो अपील जारी करवाई जाएंगी। इसके अलावा स्थानीय एफएम, टेलीविजन चैनल, सिनेमा हॉल, निजी केबल टीवी तथा बाजारों में लगे डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाओं में साइबर सुरक्षा संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे।
*राजस्थान पुलिस की बड़ी पहल: सितंबर 2026 को "साइबर सुरक्षित राजस्थान" जन-जागरूकता माह के रूप में मनाने का निर्णय* ° अमर दीप सेन डीग डीजीपी के निर्देशानुसार महीने भर चलेगा राज्यव्यापी विशेष अभियान; ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव का मिलेगा संदेश ° राज्य स्तर पर एसपी-1 (R4C) और जिला स्तर पर एडिशनल एसपी बनाए गए नोडल अधिकारी राजस्थान पुलिस द्वारा सितंबर माह को ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान’ जन-जागरूकता माह के रूप में मनाया जाएगा। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना, सुरक्षा उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना तथा ऑनलाइन ठगी एवं धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के लिए सचेत करना है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री विजय कुमार सिंह के अनुसार अभियान के सफल संचालन के लिए राज्य स्तर पर पुलिस अधीक्षक-1 (R4C) को राज्य नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं प्रत्येक जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को जिला नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। *वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स पर विशेष ध्यान* अभियान के तहत पुलिस थानों के साइबर अपराध से जुड़े अधिकारी पेंशन विभाग के समन्वय से पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’, निवेश के नाम पर होने वाली ठगी तथा अन्य साइबर अपराधों से बचाव के बारे में जागरूक करेंगे। *स्कूल-कॉलेजों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम* जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारियों के समन्वय से स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान, कार्यशालाएं, प्रश्नोत्तरी, सेमिनार एवं विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। छात्र-छात्राओं द्वारा एक दिवसीय मानव श्रृंखला बनाकर साइबर सुरक्षा का संदेश भी दिया जाएगा। *बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक* प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन तथा धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर नुक्कड़ नाटक, पोस्टर, ऑडियो-वीडियो संदेश और साइबर जागरूकता स्टॉल के माध्यम से आमजन को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी जाएगी। *युवाओं और खेल गतिविधियों को भी जोड़ा जाएगा* अभियान में साइबर स्वयंसेवकों, एनएसएस एवं एनसीसी कैडेट्स को भी जोड़ा जाएगा। आरएसी इकाइयों और जिला खेल अधिकारियों के समन्वय से साइबर जागरूकता के लिए दौड़ एवं साइकिल रैली जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। *गांव-गांव पहुंचेगा साइबर सुरक्षा का संदेश* राज्य पुलिस अभियान को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए जिला मुख्य डाकपाल एवं पंचायती राज विभाग के समन्वय से ग्राम पंचायत स्तर तक साइबर जागरूकता गतिविधियां आयोजित करेगी। *सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार* अभियान के दौरान स्थानीय सोशल मीडिया प्रभावशाली व्यक्तियों, खेल एवं सिनेमा जगत की हस्तियों के माध्यम से वीडियो अपील जारी करवाई जाएंगी। इसके अलावा स्थानीय एफएम, टेलीविजन चैनल, सिनेमा हॉल, निजी केबल टीवी तथा बाजारों में लगे डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाओं में साइबर सुरक्षा संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे।
- *राजस्थान पुलिस की बड़ी पहल: सितंबर 2026 को "साइबर सुरक्षित राजस्थान" जन-जागरूकता माह के रूप में मनाने का निर्णय* ° अमर दीप सेन डीग डीजीपी के निर्देशानुसार महीने भर चलेगा राज्यव्यापी विशेष अभियान; ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव का मिलेगा संदेश ° राज्य स्तर पर एसपी-1 (R4C) और जिला स्तर पर एडिशनल एसपी बनाए गए नोडल अधिकारी राजस्थान पुलिस द्वारा सितंबर माह को ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान’ जन-जागरूकता माह के रूप में मनाया जाएगा। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना, सुरक्षा उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना तथा ऑनलाइन ठगी एवं धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के लिए सचेत करना है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री विजय कुमार सिंह के अनुसार अभियान के सफल संचालन के लिए राज्य स्तर पर पुलिस अधीक्षक-1 (R4C) को राज्य नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं प्रत्येक जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को जिला नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। *वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स पर विशेष ध्यान* अभियान के तहत पुलिस थानों के साइबर अपराध से जुड़े अधिकारी पेंशन विभाग के समन्वय से पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’, निवेश के नाम पर होने वाली ठगी तथा अन्य साइबर अपराधों से बचाव के बारे में जागरूक करेंगे। *स्कूल-कॉलेजों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम* जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारियों के समन्वय से स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान, कार्यशालाएं, प्रश्नोत्तरी, सेमिनार एवं विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। छात्र-छात्राओं द्वारा एक दिवसीय मानव श्रृंखला बनाकर साइबर सुरक्षा का संदेश भी दिया जाएगा। *बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक* प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन तथा धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर नुक्कड़ नाटक, पोस्टर, ऑडियो-वीडियो संदेश और साइबर जागरूकता स्टॉल के माध्यम से आमजन को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी जाएगी। *युवाओं और खेल गतिविधियों को भी जोड़ा जाएगा* अभियान में साइबर स्वयंसेवकों, एनएसएस एवं एनसीसी कैडेट्स को भी जोड़ा जाएगा। आरएसी इकाइयों और जिला खेल अधिकारियों के समन्वय से साइबर जागरूकता के लिए दौड़ एवं साइकिल रैली जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। *गांव-गांव पहुंचेगा साइबर सुरक्षा का संदेश* राज्य पुलिस अभियान को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए जिला मुख्य डाकपाल एवं पंचायती राज विभाग के समन्वय से ग्राम पंचायत स्तर तक साइबर जागरूकता गतिविधियां आयोजित करेगी। *सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार* अभियान के दौरान स्थानीय सोशल मीडिया प्रभावशाली व्यक्तियों, खेल एवं सिनेमा जगत की हस्तियों के माध्यम से वीडियो अपील जारी करवाई जाएंगी। इसके अलावा स्थानीय एफएम, टेलीविजन चैनल, सिनेमा हॉल, निजी केबल टीवी तथा बाजारों में लगे डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाओं में साइबर सुरक्षा संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे।1
- आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा सीधे बैंक खाते में मानदेय, सेवा सुरक्षा भी होगी मजबूत मथुरा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्स कर्मियों के हित में शुरू किए गए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के पोर्टल, वेबसाइट एवं लोगो के शुभारंभ कार्यक्रम का बुधवार को मथुरा-वृंदावन नगर निगम के सभागार में सजीव प्रसारण किया गया। मथुरा नगर निगम स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण नगर निगम सभागार में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने देखा। यहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के पोर्टल, वेबसाइट और लोगो का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के दौरान आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय, सेवा सुरक्षा एवं अन्य सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने बताया कि आउटसोर्स सेवा में पारदर्शिता और सुशासन स्थापित करने के साथ रोजगार के अवसरों को नई दिशा देने के उद्देश्य से यह व्यवस्था शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि अब आउटसोर्स कर्मियों के बैंक खातों में सीधे मानदेय भेजने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे उनके मानदेय में किसी प्रकार की अनावश्यक कटौती की संभावना कम होगी। उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मियों की सेवा समाप्त करने से पहले संबंधित आउटसोर्स कंपनी को सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। मामले की जांच और निर्धारित प्रक्रिया के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही ईएसआई की धनराशि का लाभ बीमा के रूप में कर्मियों को मिलेगा, जिससे उन्हें भविष्य में सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्राप्त हो सके। नगर आयुक्त ने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों को नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए भी जागरूक किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहने के लिए सकारात्मक माहौल और अच्छी संगत का होना बेहद आवश्यक है। सामाजिक दायरा और संगत ऐसी होनी चाहिए, जिससे व्यक्ति नशे से दूरी बनाए रखे। उन्होंने कहा कि कई लोग खुशी और गम के अवसरों पर भी नशे का सहारा लेते हैं और बाद में इससे छुटकारा पाने के लिए दवाओं का सहारा लेते हैं। सरकार का प्रयास है कि ऐसी स्थिति ही पैदा न हो और लोगों को नशे की लत से दूर रखने के लिए पहले से ही जागरूकता का माहौल तैयार किया जाए। आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा सीधे बैंक खाते में मानदेय, सेवा सुरक्षा भी होगी मजबूत मथुरा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्स कर्मियों के हित में शुरू किए गए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के पोर्टल, वेबसाइट एवं लोगो के शुभारंभ कार्यक्रम का बुधवार को मथुरा-वृंदावन नगर निगम के सभागार में सजीव प्रसारण किया गया। मथुरा नगर निगम स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण नगर निगम सभागार में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने देखा। यहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के पोर्टल, वेबसाइट और लोगो का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के दौरान आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय, सेवा सुरक्षा एवं अन्य सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने बताया कि आउटसोर्स सेवा में पारदर्शिता और सुशासन स्थापित करने के साथ रोजगार के अवसरों को नई दिशा देने के उद्देश्य से यह व्यवस्था शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि अब आउटसोर्स कर्मियों के बैंक खातों में सीधे मानदेय भेजने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे उनके मानदेय में किसी प्रकार की अनावश्यक कटौती की संभावना कम होगी। उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मियों की सेवा समाप्त करने से पहले संबंधित आउटसोर्स कंपनी को सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। मामले की जांच और निर्धारित प्रक्रिया के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही ईएसआई की धनराशि का लाभ बीमा के रूप में कर्मियों को मिलेगा, जिससे उन्हें भविष्य में सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्राप्त हो सके। नगर आयुक्त ने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों को नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए भी जागरूक किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहने के लिए सकारात्मक माहौल और अच्छी संगत का होना बेहद आवश्यक है। सामाजिक दायरा और संगत ऐसी होनी चाहिए, जिससे व्यक्ति नशे से दूरी बनाए रखे। उन्होंने कहा कि कई लोग खुशी और गम के अवसरों पर भी नशे का सहारा लेते हैं और बाद में इससे छुटकारा पाने के लिए दवाओं का सहारा लेते हैं। सरकार का प्रयास है कि ऐसी स्थिति ही पैदा न हो और लोगों को नशे की लत से दूर रखने के लिए पहले से ही जागरूकता का माहौल तैयार किया जाए। बाइट—ओजस्वी राज, नगर आयुक्त, मथुरा-वृंदावन नगर निगम।4
- एंकर, निम्स, यूनिवर्सिटी के छात्र मोहित सैनी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत लोकेशन गोवर्धन (यू.पी) एंकर..निम्स यूनिवर्सिटी के छात्र मोहित सैनी की संदिग्ध मौत,परिजनों ने जताई हत्या की आशंका वीओ..राजस्थान के जयपुर स्थित निम्स यूनिवर्सिटी के छात्र मोहित सैनी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मृतक के दादा हरस्वरूप सैनी ने जयपुर के चंदवाजी थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कराया है। इसके साथ ही परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार की शाम 5 बजे मृतक के भाई और चाचा का कहना है कि मोहित आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता। उन्होंने बताया कि 22 अगस्त को कुछ अज्ञात लोगों ने मोहित को जबरन गाड़ी में डालकर उसके साथ मारपीट की और उसका मोबाइल व पैसे छीन लिए थे। परिजनों का आरोप है कि इस घटना की शिकायत मोहित ने चंदवाजी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि यदि पुलिस ने उस शिकायत पर गंभीरता से ध्यान दिया होता, तो आज मोहित जीवित होता। वहीं, मृतक की बहन ने भी बताया कि मोहित पढ़ाई में बहुत होशियार था और घर में किसी भी तरह का तनाव नहीं था, इसलिए वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता। परिजनों को इस बात पर बिल्कुल यकीन नहीं हो रहा है, जबकि जिस पीजी में वह रहता था, वहाँ के संचालक और पुलिस का कहना है कि मोहित ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। इधर मामले में जयपुर चंदवाजी थाना प्रभारी राजवीर सिंह के मुताबकि शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। बाइट.. मृतक के परिजन 1.2. # ITN National News रिपोर्ट कमलसैनी1
- सैह गांव में पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों का पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन प्रकाश कटारा/कंट्री विजन/कुम्हेर कुम्हेर। थाना क्षेत्र के गांव सैह में करीब दो माह से पेयजल व्यवस्था ठप होने से परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की समस्या को लेकर जिला कलेक्टर, एसडीएम और जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। आखिरकार ग्रामीणों को विरोध के लिए पानी की टंकी का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीणों के टंकी पर चढ़ने की सूचना के बावजूद चुनाव प्रक्रिया में प्रशासनिक अधिकारियों के व्यस्त होने के कारण करीब पांच घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में जलदाय विभाग के दो कनिष्ठ अभियंता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की। कनिष्ठ अभियंता ने 24 घंटे में नई मोटर लगाकर पेयजल व्यवस्था सुचारू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण टंकी से नीचे उतरे।पंचायत और जलदाय विभाग के बीच हैंडओवर को लेकर असमंजस जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता हेमंत सिंह ने बताया कि विभाग का अनुबंध 20 जुलाई को पूरा हो चुका है। नई व्यवस्था के तहत अब पानी की टंकी और पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। हालांकि ग्राम पंचायत द्वारा अभी तक टंकी को हैंडओवर नहीं लिया गया है। इधर, सरपंच प्रतिनिधि सुरेश गुर्जर का कहना है कि कार्य अधूरा होने के कारण पंचायत ने पानी की टंकी का हैंडओवर नहीं लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग और ग्राम पंचायत के बीच जिम्मेदारी को लेकर चल रहे असमंजस का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है और करीब दो माह से पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।1
- छाता शुगरमिल पर भजन संध्या करते हुए किसान भाई, आंदोलन में समर्थन करने आए मथुरा के सभी क्षेत्रवासियों के गन्ना मिल खुलना बड़ी सौगात होगी जिसके ब्रज के हर गाँव के सभी लोग रात दिन आंदोलन को समर्थन देने पहुंच रहे हैं आज रात एक भजन कीर्तन मंडल भी शुगर मिल धरना प्रदर्शन में पहुंच गया है और कीर्तन मंडल भजनों पर नाच गाकर फ़ौजी और किसान भाइयों का मनोबल बढ़ा रहा है साथ ही आंदोलन करियो की सुरक्षा का जिम्मा भी बेहद जरूरी है जिसका लोग पूरा ख्याल रखा जा रहा है1
- आउटसोर्स कर्मियों को सीधे बैंक खाते में मिलेगा मानदेय, सेवा सुरक्षा भी होगी मजबूत मथुरा।उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आउटसोर्स कर्मियों के हित में शुरू की गई उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की व्यवस्था का बुधवार को मथुरा में सजीव प्रसारण किया गया। मथुरा-वृंदावन नगर निगम के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा। मुख्यमंत्री ने निगम के पोर्टल, वेबसाइट और लोगो का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय, सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य आउटसोर्स सेवाओं में पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि अब कर्मियों का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था होगी, जिससे अनावश्यक कटौती की संभावना कम होगी। सेवा समाप्त करने से पहले संबंधित आउटसोर्स कंपनी को सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा। ईएसआई की धनराशि का लाभ भी कर्मियों को बीमा के रूप में मिलेगा।नगर आयुक्त ने आउटसोर्स कर्मियों से नशे से दूर रहने और सकारात्मक संगत अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सकारात्मक वातावरण के माध्यम से लोगों को नशे की लत से बचाने पर जोर दिया जाना चाहिए।1
- बारिश ने खोली नगर निगम के जल निकासी दावों की पोल, जन्माष्टमी से पहले जलभराव ने बढ़ाई चिंता मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर मथुरा में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। नगर निगम की ओर से शहर में जल निकासी और व्यवस्थाओं को लेकर तमाम दावे किए जा रहे थे, लेकिन बुधवार को हुई बारिश ने इन दावों की पोल खोल दी। नगर निगम महापौर की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जल निकासी की व्यवस्था किए जाने का दावा किया गया था। जिस स्थान पर बेहतर जल निकासी व्यवस्था का श्रेय लिया गया, बारिश के बाद उसी इलाके में जलभराव की तस्वीरें सामने आईं। हालात यह रहे कि महापौर की स्वयं की तस्वीर भी पानी में डूबी नजर आई। जन्माष्टमी पर्व पर मथुरा में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में यदि बारिश होती है तो शहर की यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। जलभराव के कारण कई प्रमुख मार्गों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मथुरा दौरा भी प्रस्तावित बताया जा रहा है। ऐसे में बारिश के दौरान प्रशासन और नगर निगम के सामने वीआईपी मूवमेंट के साथ-साथ आम श्रद्धालुओं के लिए बेहतर यातायात एवं जल निकासी व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। अब सवाल यह है कि जन्माष्टमी के दौरान यदि बारिश होती है तो नगर निगम जलभराव से निपटने के लिए क्या ठोस व्यवस्था करेगा? क्या जल निकासी के दावे जमीन पर दिखाई देंगे या फिर मुख्यमंत्री के काफिले के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा? बारिश ने फिलहाल नगर निगम के दावों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।1
- मथुरा कृष्णा नगर बिजली घर के सामने ऑन रोड काट दिए हरे वृक्ष और अधिकारी सो रहे मथुरा कृष्णा नगर बिजली घर के सामने ऑन रोड काट दिए हरे वृक्ष और अधिकारी सो रहे1