मेडल की उम्मीद 'फाइव स्टार', भोजन 'थर्ड क्लास'—भितरवार में खिलाड़ियों को परोसा गया 'कुपोषण' का स्पेशल मेन्यू! भितरवार। कहते हैं कि खिलाड़ी देश और प्रदेश का गौरव होते हैं, लेकिन जब ये गौरव भितरवार में कदम रखते हैं, तो आयोजन समिति इन्हें जमीन पर लाने में कोई कसर नहीं छोड़ती। नगर में आयोजित हो रहे प्रदेश स्तरीय टूर्नामेंट में कुछ ऐसा ही 'अद्भुत' नजारा देखने को मिल रहा है, जहाँ खिलाड़ियों के खेल कौशल से ज्यादा उनकी 'पाचन शक्ति' की परीक्षा ली जा रही है। अलग-अलग जिलों से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने आए छात्र-छात्राओं के सामने जब भोजन की थाली परोसी गई, तो खिलाड़ियों ने उसे खाने के बजाय उससे 'सोशल डिस्टेंसिंग' बनाना ही मुनासिब समझा। भोजन की गुणवत्ता इतनी शानदार (घटिया) है कि नाराज खिलाड़ियों ने खाने से साफ दूरी बना ली है। लापरवाही का ओलंपिक: पेट खाली, फिर भी मैदान पर मारो ताली! आयोजन समिति शायद यह मानकर चल रही है कि खिलाड़ी तो 'ऊर्जा' से भरपूर होते हैं, उन्हें पौष्टिक भोजन की क्या जरूरत? वे तो हवा खाकर भी गोल्ड मेडल जीत सकते हैं! अधिकारियों की इस दूरदर्शी सोच का नतीजा यह है कि मूलभूत सुविधाओं और स्वच्छ भोजन के नाम पर खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और सम्मान के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। अधिकारियों को शायद लगता है कि 'खराब खाना' खिलाकर खिलाड़ियों को विपरीत परिस्थितियों में जीवित रहने की कोई विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। शहर की छवि का 'फेयरवेल' प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता की मेजबानी मिलना किसी भी शहर के लिए गौरव की बात होती है। भितरवार की छवि पूरे प्रदेश में चमके, इसके लिए आयोजकों ने व्यवस्थाओं का ऐसा 'चमचमाता' रायता फैलाया है कि मेहमान खिलाड़ी अब ताउम्र इस आतिथ्य सत्कार को नहीं भूलेंगे। जब बुनियादी सुविधाओं का ही यह हाल है, तो यह आयोजन खेल का महाकुंभ कम और अव्यवस्थाओं का टूर्नामेंट ज्यादा नजर आ रहा है। अब देखना यह है कि... हमेशा की तरह एसी कमरों में बैठकर 'डाइट चार्ट' बनाने वाले जिम्मेदार अधिकारी और आयोजन समिति इस गंभीर मामले पर अपनी 'कुंभकर्णी नींद' से कब जागते हैं। क्या खिलाड़ियों को उनका हक और सम्मान मिलेगा, या फिर अगली बार से खिलाड़ियों को अपने साथ खेल किट के अलावा 'घर का डिब्बा' भी साथ लाने की हिदायत दी जाएगी?
मेडल की उम्मीद 'फाइव स्टार', भोजन 'थर्ड क्लास'—भितरवार में खिलाड़ियों को परोसा गया 'कुपोषण' का स्पेशल मेन्यू! भितरवार। कहते हैं कि खिलाड़ी देश और प्रदेश का गौरव होते हैं, लेकिन जब ये गौरव भितरवार में कदम रखते हैं, तो आयोजन समिति इन्हें जमीन पर लाने में कोई कसर नहीं छोड़ती। नगर में आयोजित हो रहे प्रदेश स्तरीय टूर्नामेंट में कुछ ऐसा ही 'अद्भुत' नजारा देखने को मिल रहा है, जहाँ खिलाड़ियों के खेल कौशल से ज्यादा उनकी 'पाचन शक्ति' की परीक्षा ली जा रही है। अलग-अलग जिलों से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने
आए छात्र-छात्राओं के सामने जब भोजन की थाली परोसी गई, तो खिलाड़ियों ने उसे खाने के बजाय उससे 'सोशल डिस्टेंसिंग' बनाना ही मुनासिब समझा। भोजन की गुणवत्ता इतनी शानदार (घटिया) है कि नाराज खिलाड़ियों ने खाने से साफ दूरी बना ली है। लापरवाही का ओलंपिक: पेट खाली, फिर भी मैदान पर मारो ताली! आयोजन समिति शायद यह मानकर चल रही है कि खिलाड़ी तो 'ऊर्जा' से भरपूर होते हैं, उन्हें पौष्टिक भोजन की क्या जरूरत? वे तो हवा खाकर भी गोल्ड मेडल जीत सकते हैं! अधिकारियों की इस दूरदर्शी सोच का नतीजा यह
है कि मूलभूत सुविधाओं और स्वच्छ भोजन के नाम पर खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और सम्मान के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। अधिकारियों को शायद लगता है कि 'खराब खाना' खिलाकर खिलाड़ियों को विपरीत परिस्थितियों में जीवित रहने की कोई विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। शहर की छवि का 'फेयरवेल' प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता की मेजबानी मिलना किसी भी शहर के लिए गौरव की बात होती है। भितरवार की छवि पूरे प्रदेश में चमके, इसके लिए आयोजकों ने व्यवस्थाओं का ऐसा 'चमचमाता' रायता फैलाया है कि मेहमान खिलाड़ी अब ताउम्र इस आतिथ्य
सत्कार को नहीं भूलेंगे। जब बुनियादी सुविधाओं का ही यह हाल है, तो यह आयोजन खेल का महाकुंभ कम और अव्यवस्थाओं का टूर्नामेंट ज्यादा नजर आ रहा है। अब देखना यह है कि... हमेशा की तरह एसी कमरों में बैठकर 'डाइट चार्ट' बनाने वाले जिम्मेदार अधिकारी और आयोजन समिति इस गंभीर मामले पर अपनी 'कुंभकर्णी नींद' से कब जागते हैं। क्या खिलाड़ियों को उनका हक और सम्मान मिलेगा, या फिर अगली बार से खिलाड़ियों को अपने साथ खेल किट के अलावा 'घर का डिब्बा' भी साथ लाने की हिदायत दी जाएगी?
- मेडल की उम्मीद 'फाइव स्टार', भोजन 'थर्ड क्लास'—भितरवार में खिलाड़ियों को परोसा गया 'कुपोषण' का स्पेशल मेन्यू! भितरवार। कहते हैं कि खिलाड़ी देश और प्रदेश का गौरव होते हैं, लेकिन जब ये गौरव भितरवार में कदम रखते हैं, तो आयोजन समिति इन्हें जमीन पर लाने में कोई कसर नहीं छोड़ती। नगर में आयोजित हो रहे प्रदेश स्तरीय टूर्नामेंट में कुछ ऐसा ही 'अद्भुत' नजारा देखने को मिल रहा है, जहाँ खिलाड़ियों के खेल कौशल से ज्यादा उनकी 'पाचन शक्ति' की परीक्षा ली जा रही है। अलग-अलग जिलों से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने आए छात्र-छात्राओं के सामने जब भोजन की थाली परोसी गई, तो खिलाड़ियों ने उसे खाने के बजाय उससे 'सोशल डिस्टेंसिंग' बनाना ही मुनासिब समझा। भोजन की गुणवत्ता इतनी शानदार (घटिया) है कि नाराज खिलाड़ियों ने खाने से साफ दूरी बना ली है। लापरवाही का ओलंपिक: पेट खाली, फिर भी मैदान पर मारो ताली! आयोजन समिति शायद यह मानकर चल रही है कि खिलाड़ी तो 'ऊर्जा' से भरपूर होते हैं, उन्हें पौष्टिक भोजन की क्या जरूरत? वे तो हवा खाकर भी गोल्ड मेडल जीत सकते हैं! अधिकारियों की इस दूरदर्शी सोच का नतीजा यह है कि मूलभूत सुविधाओं और स्वच्छ भोजन के नाम पर खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और सम्मान के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। अधिकारियों को शायद लगता है कि 'खराब खाना' खिलाकर खिलाड़ियों को विपरीत परिस्थितियों में जीवित रहने की कोई विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। शहर की छवि का 'फेयरवेल' प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता की मेजबानी मिलना किसी भी शहर के लिए गौरव की बात होती है। भितरवार की छवि पूरे प्रदेश में चमके, इसके लिए आयोजकों ने व्यवस्थाओं का ऐसा 'चमचमाता' रायता फैलाया है कि मेहमान खिलाड़ी अब ताउम्र इस आतिथ्य सत्कार को नहीं भूलेंगे। जब बुनियादी सुविधाओं का ही यह हाल है, तो यह आयोजन खेल का महाकुंभ कम और अव्यवस्थाओं का टूर्नामेंट ज्यादा नजर आ रहा है। अब देखना यह है कि... हमेशा की तरह एसी कमरों में बैठकर 'डाइट चार्ट' बनाने वाले जिम्मेदार अधिकारी और आयोजन समिति इस गंभीर मामले पर अपनी 'कुंभकर्णी नींद' से कब जागते हैं। क्या खिलाड़ियों को उनका हक और सम्मान मिलेगा, या फिर अगली बार से खिलाड़ियों को अपने साथ खेल किट के अलावा 'घर का डिब्बा' भी साथ लाने की हिदायत दी जाएगी?4
- शहर के बड़े बाजार में सोमवार दोपहर बर्तन व्यापारी सुनील अग्रवाल के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो दोपहर करीब 3 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार व्यापारी सुनील अग्रवाल और कुछ लोगों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद कई लोग मौके पर पहुंचे और व्यापारी के साथ मारपीट करने लगे। घटना की सूचना मिलते ही यातायात प्रभारी हिमांशु तिवारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।इस दौरान अन्य व्यापारी भी एकत्रित हो गए, जिससे बाजार में जाम जैसी स्थिति बनने लगी। यातायात प्रभारी ने समझाइश देकर दोनों पक्षों को अलग कराया। फिलहाल विवाद किस कारण हुआ और मारपीट में कौन-कौन शामिल था, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। शहर के बड़े बाजार में सोमवार दोपहर बर्तन व्यापारी सुनील अग्रवाल के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो दोपहर करीब 3 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार व्यापारी सुनील अग्रवाल और कुछ लोगों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद कई लोग मौके पर पहुंचे और व्यापारी के साथ मारपीट करने लगे। घटना की सूचना मिलते ही यातायात प्रभारी हिमांशु तिवारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।इस दौरान अन्य व्यापारी भी एकत्रित हो गए, जिससे बाजार में जाम जैसी स्थिति बनने लगी। यातायात प्रभारी ने समझाइश देकर दोनों पक्षों को अलग कराया। फिलहाल विवाद किस कारण हुआ और मारपीट में कौन-कौन शामिल था, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।1
- मोबाइल बना आग का गोला , ग्वालियर के निजी अस्पताल में मोबाइल में हुआ ब्लास्ट ग्वालियर मध्य प्रदेश ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में एक युवक के मोबाइल में अचानक आग लग गई और ब्लास्ट हो गया, जिसे देख अस्पताल में बैठे सभी लोग डर गए और भगदड़ मच गई , मोबाइल में आग लगने से युवक का हाथ भी झुलस गया, फिलहाल एक बड़ा हादसा होने से टल गया ।1
- विद्या भारती मध्य भारत प्रांत द्वारा संत रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित पखवाड़े के समापन अवसर पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रामगढ़ रोड भाण्डेर में व्याख्यान माला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्य वक्ता गोविंद परिहार ने संत रविदास जी के जीवन, विचारों एवं सामाजिक समरसता के संदेश पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि विद्यालय समिति सदस्य एवं शासकीय चिकित्सक डॉ. माधव कुशवाहा ने संत रविदास जी के उपदेशों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताया। कार्यक्रम की भूमिका वरिष्ठ आचार्य मुकेश दीक्षित ने रखी। संचालन आचार्य नीरज शर्मा ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य परिवार एवं भैया-बहिन उपस्थित रहे।1
- दतिया: कट्टे की नोक पर दंपत्ति से लूट का पुलिस ने किया खुलासा, 21 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार दतिया: कट्टे की नोक पर दंपत्ति से लूट का पुलिस ने किया खुलासा, 21 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार लूटा गया बीजासेन का पेंडल और रियलमी मोबाइल बरामद, दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी दतिया। जिले के थाना दुरसड़ा क्षेत्र में कट्टे की नोक पर दंपत्ति के साथ हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटा गया बीजासेन का पेंडल और रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। वहीं, लूटा गया मंगलसूत्र बरामद होना शेष है और घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 की रात करीब 8 बजे फरियादी अपनी पत्नी के साथ उनाव में खाना खाने के बाद मोटरसाइकिल से अपने घर ग्राम मलियापुरा, थाना भगुवापुरा लौट रहे थे। इसी दौरान बुहारा गांव के पास अज्ञात बदमाशों ने उनकी मोटरसाइकिल रोक ली और कट्टा दिखाकर दंपत्ति को धमकाया। इसके बाद बदमाश बीजासेन का पेंडल, मंगलसूत्र और रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। घटना की रिपोर्ट पर थाना दुरसड़ा में लूट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान के प्रयास शुरू किए। लगातार जांच और पुलिस की कार्रवाई के बाद घटना में शामिल आरोपी राज कमरिया पुत्र सुरेश कमरिया (21 वर्ष), निवासी ग्राम ऊंचिया को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से लूटा गया बीजासेन का पेंडल और रियलमी मोबाइल फोन बरामद किया है। मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दतिया मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला एवं एसडीओपी भाण्डेर पूनमचंद्र यादव के मार्गदर्शन में की गई। इनकी रही सराहनीय भूमिका: उपनिरीक्षक नंदनी शर्मा (थाना प्रभारी दुरसड़ा), प्रधान आरक्षक कालीचरण कुशवाह, राजू गुर्जर, जीतू यादव, आरक्षक सूरज यादव, अनिल कुमार, राजेश बघेल, नरोत्तम गुर्जर, सैनिक रामनिवास तथा थाना इंदरगढ़ के आरक्षक प्रवीण परिहार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- डबरा ब्रेकिंग-: बैंक से पेमेंट निकाल कर ले गए स्टाम्प बेंडर कि डिकी से 2 लाख 50 हजार हुए पार। SBI बैंक से 3 लाख का पेमेंट लेकर गए स्टाम्प बेंडर कि एक्टिवा से 2 लाख 50 हजार हुए पार। सुभाष गंज कि SBI शाखा से निकाले थे स्टाम्प बेंडर ने पैसे। स्टाम्प बेंडर सुशील कुमार शुक्ला कि गाड़ी से हुए रुपय चोरी। डबरा सिटी थाना पुलिस खंगाल रही बैक क़े सीसीटीवी फुटेज।1
- भांडेर अनुभाग के सरसई थाना क्षेत्र के धमना गाँव से संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवती लापता हो गई। जिसको लेकर युवती के परिजनों ने सरसई थाने पहुँचकर गुमशुदगी दर्ज कराई हैं। जानकारी के अनुसार पीड़ित अधेड़ हरिसिंह की 18 वर्ष 09 माह की बेटी जो कि शनिवार-रविवार की रात में अपने ही घर से लापता हो गई। जिसको हर जगह तलाश किया लेकिन उसका कहीं पता न चला। जिसको लेकर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर युवती की तलाश शुरू कर दी हैं। वहीं सोमवार दोपहर 02 बजे तक युवती का कोई सुराग निहि लग सका था।1
- दतिया बड़े बाजार में दोपक्ष में मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल बिहार के टाइम पर दो बच्चों में मार्केट का वीडियो वायरल दतिया बड़ी बाजार का बताया जा रहा है1