जालौन के कोंच में भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) इकाई कोंच और कोंच इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के संयुक्त तत्वावधान में एक निःशुल्क बाल एवं युवा रंगकर्मी नाट्य कार्यशाला का आयोजन कमला नेहरू बालिका इंटर कॉलेज में किया जा रहा है। इस कार्यशाला को लेकर बच्चों और युवाओं में लगातार उत्साह बढ़ रहा है, जिसका प्रमाण रविवार को कार्यशाला के दूसरे दिन देखने को मिला, जब करीब दो दर्जन प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण कराया और प्रशिक्षण में गहरी रुचि दिखाई। यह कार्यशाला प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 10 बजे तक संचालित हो रही है। इप्टा अध्यक्ष अनिल कुमार वैद ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की उभरती प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना और उनमें कला एवं संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करना है। इप्टा के प्रांतीय सचिव डॉ. मु. नईम बोबी ने इस बात पर जोर दिया कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास का भी महत्वपूर्ण साधन है। उनके अनुसार, नाट्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों और युवाओं में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सरोकारों की समझ विकसित होती है। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं से इस निःशुल्क कार्यशाला का लाभ उठाने की अपील की है। कार्यशाला संयोजक पारसमणि अग्रवाल ने जानकारी दी कि प्रतिभागियों को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा रंगमंच की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें मंच संचालन, संवाद अदायगी, अभिनय कौशल, शारीरिक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक गतिविधियों की बारीकियों को सिखाया जाएगा। दानिश मंसूरी, कैफ और अन्य कार्यकर्ता कार्यशाला के सफल संचालन और पंजीकरण व्यवस्था में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में और भी अधिक प्रतिभागी इससे जुड़ेंगे, जिससे यह कार्यशाला क्षेत्र के युवा कलाकारों के लिए एक बेहतर मंच साबित होती दिख रही है।
जालौन के कोंच में भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) इकाई कोंच और कोंच इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के संयुक्त तत्वावधान में एक निःशुल्क बाल एवं युवा रंगकर्मी नाट्य कार्यशाला का आयोजन कमला नेहरू बालिका इंटर कॉलेज में किया जा रहा है। इस कार्यशाला को लेकर बच्चों और युवाओं में लगातार उत्साह बढ़ रहा है, जिसका प्रमाण रविवार को कार्यशाला के दूसरे दिन देखने को मिला, जब करीब दो दर्जन प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण कराया और प्रशिक्षण में गहरी रुचि दिखाई। यह कार्यशाला प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 10 बजे तक संचालित हो रही है। इप्टा अध्यक्ष अनिल कुमार वैद ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की उभरती प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना और उनमें कला एवं संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करना है। इप्टा के प्रांतीय सचिव डॉ. मु. नईम बोबी ने इस बात पर जोर दिया कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास का भी महत्वपूर्ण साधन है। उनके अनुसार, नाट्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों और युवाओं में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सरोकारों की समझ विकसित होती है। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं से इस निःशुल्क कार्यशाला का लाभ उठाने की अपील की है। कार्यशाला संयोजक पारसमणि अग्रवाल ने जानकारी दी कि प्रतिभागियों को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा रंगमंच की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें मंच संचालन, संवाद अदायगी, अभिनय कौशल, शारीरिक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक गतिविधियों की बारीकियों को सिखाया जाएगा। दानिश मंसूरी, कैफ और अन्य कार्यकर्ता कार्यशाला के सफल संचालन और पंजीकरण व्यवस्था में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में और भी अधिक प्रतिभागी इससे जुड़ेंगे, जिससे यह कार्यशाला क्षेत्र के युवा कलाकारों के लिए एक बेहतर मंच साबित होती दिख रही है।
- जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के जरा गांव निवासी किसान रामकिशोर पुरोहित ने रविवार सुबह लगभग 10:30 बजे उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) से शिकायत कर अपने बाग और पौधों को छुट्टा मवेशियों से बचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। किसान का कहना है कि गांव के कुछ पशुपालक अपने मवेशियों को खुला छोड़ देते हैं, जिसके कारण उनकी वर्षों की मेहनत से तैयार किया जा रहा बाग लगातार नुकसान झेल रहा है। रामकिशोर पुरोहित ने एसडीएम को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी की प्रेरणा से अपनी लगभग 30 बीघा भूमि पर एक विशाल बाग विकसित किया है। इस बाग में करीब 3500 पौधे लगाए गए हैं, जिनमें 2700 महोगनी, 350 सागौन के साथ-साथ दशहरी, अम्बिका, अनामिका, मियाँजाकी, कस्तूरी आम, अमरूद, ताइवानी पिंक अमरूद, सेव, बादाम, चीकू, अनार, आंवला, नींबू, किन्नू, कटहल और जामुन जैसे कई प्रकार के फलदार पौधे शामिल हैं। किसान के अनुसार, आगामी जून-जुलाई माह में आंवला, नींबू, सीताफल, आलूबुखारा और चंदन के पौधे भी लगाए जाने की योजना है। हालांकि, गांव में छुट्टा घूम रहे पशु उनके खेत और बाग में घुसकर पौधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे कई महोगनी के पौधे पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। इस क्षति से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के उनके प्रयास को भी धक्का लगा है। पुरोहित ने यह भी बताया कि इस समस्या को लेकर वह पहले भी थाना दिवस में तीन बार शिकायत पत्र दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पशुपालकों को अपने पशु बांधकर रखने के निर्देश दिए जाएं तथा छुट्टा मवेशियों पर प्रभावी रोक लगाई जाए, ताकि उनके बाग और पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। किसान ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों पौधों पर संकट गहरा सकता है और उनकी वर्षों की मेहनत बर्बाद हो सकती है। इस मामले को लेकर क्षेत्र के अन्य किसानों में भी चिंता का माहौल है, क्योंकि छुट्टा पशुओं की समस्या ग्रामीण इलाकों में खेती और बागवानी के लिए लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।1
- जालौन जिले के कई गांवों के बच्चों ने खेल के मैदान और पुस्तकालयों (लाइब्रेरी) की मांग की है, ताकि वे खेलकूद के साथ-साथ पढ़ाई भी कर सकें और जीवन में आगे बढ़ सकें। इन गांवों में देवरी, उदोतपुरा, सुढार, सिकरी राजा, तावा, लौना, छानी खास, भिटारा, छौलापुर, सारंगपुर और प्रतापपुरा शामिल हैं। बच्चों की इस मांग के जवाब में, सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने आश्वासन दिया है कि इस संबंध में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि खेल के मैदानों की सफाई कराई जाएगी और लहचूरा के पास एक स्टेडियम का कार्य भी शुरू हो गया है।1
- राजधानी लखनऊ में हीट वेव से नागरिकों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक नया कूलिंग पॉइंट शुरू किया गया है। मेयर सुषमा खर्कवाल ने विधानसभा के पास स्थित जीपीओ परिसर में नगर निगम द्वारा स्थापित इस कूलिंग पॉइंट का उद्घाटन किया। यहाँ शीतल पेयजल, पंखे, कूलर और विश्राम की विशेष व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। यह कूलिंग पॉइंट मिट्टी और जूट से निर्मित है, जो प्राकृतिक रूप से ठंडा वातावरण प्रदान कर रहा है, और नगर निगम का ध्यान भीषण गर्मी से नागरिकों को राहत पहुँचाने तथा हीट वेव से बचाव पर केंद्रित है।1
- जालौन जिले के कुठोंद थाना क्षेत्र में कुठोंद पुलिस ने एक वारंटी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न्यायालय झांसी द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद की गई, जिसके तहत वारंटी को नियमानुसार उसके घर से पकड़ा गया।1
- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में अवैध खनन परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ एक संयुक्त अभियान चलाया गया है। यह कार्रवाई ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, वाणिज्य कर विभाग और माइनिंग विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में की गई। इस चैकिंग अभियान के दौरान चार ओवरलोड ट्रकों को पकड़ा गया। कार्रवाई के डर से कुछ वाहन चालकों ने हाइवे पर बालू गिरा दी। इसके अलावा, अधिकारियों की लोकेशन देने वाले 'लोकेशन माफिया' को भी दबोचा गया है। इस मामले में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जुर्माने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।4
- जालौन के मोहल्ला हरिपुरा स्थित कालिंदी टॉकीज परिसर में रविवार को सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की कृपा से एक निरंकारी सत्संग का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि निरंकारी मिशन विश्वभर में मानवता, प्रेम और एकता का संदेश प्रसारित कर रहा है, और अब इसी स्थान पर प्रत्येक रविवार को नियमित रूप से सत्संग आयोजित किया जाएगा। सत्संग के दौरान कालिंदी टॉकीज परिसर में संचालित वृद्धाश्रम का वातावरण उस समय और अधिक आध्यात्मिक हो उठा, जब आश्रम के सभी बुजुर्ग महात्मा भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। आश्रम संचालक आनंद जी हारमोनियम की मधुर धुन के साथ भक्ति और सत्संग में लीन दिखाई दिए। उपस्थित लोगों ने इस आयोजन को आध्यात्मिकता और सेवा भाव का एक अद्भुत संगम बताया, जहां एक ओर बुजुर्गों को आश्रय एवं सम्मानजनक जीवन का सहारा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर उन्हें आध्यात्मिक वातावरण से जुड़ने का अवसर भी प्राप्त हो रहा है। संत महात्माओं ने सत्संग के दौरान भजन, गीत और विचारों के माध्यम से मानव जीवन में सद्भाव, प्रेम और सेवा के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंतिम चरण में, निरंकारी मिशन की प्रमुख प्रेरणास्रोत माता सुदीक्षा जी महाराज एवं राजपिता रमित जी के संदेशों का डिजिटल प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया गया। इस आयोजन में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्याऊ, जूता स्टैंड, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की गईं। सत्संग के समापन के बाद प्रसाद वितरण किया गया, जिसे सभी श्रद्धालुओं और वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्ग महात्माओं को वितरित किया गया। जालौन संगत मुखी कृष्ण गोपाल चौरसिया (दादाजी) ने इस कार्यक्रम का संचालन और अध्यक्षता की। इस अवसर पर आश्रम संचालक आनंद जी, मिश्रा जी, सेवादल कार्यकर्ता महेश जी, अरुण जी, रामगोपाल जी, रामू जी, किशन सोनी जी, हरिओम, विकास, सीता सोनी जी, गुड़िया जी, गीता जी, रेखा जी सहित अनेक श्रद्धालु और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- एडीजी कानपुर ने औरैया जनपद का दौरा किया, जहाँ उन्होंने जिले के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया गया।1
- जालौन के कोंच में भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) इकाई कोंच और कोंच इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के संयुक्त तत्वावधान में एक निःशुल्क बाल एवं युवा रंगकर्मी नाट्य कार्यशाला का आयोजन कमला नेहरू बालिका इंटर कॉलेज में किया जा रहा है। इस कार्यशाला को लेकर बच्चों और युवाओं में लगातार उत्साह बढ़ रहा है, जिसका प्रमाण रविवार को कार्यशाला के दूसरे दिन देखने को मिला, जब करीब दो दर्जन प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण कराया और प्रशिक्षण में गहरी रुचि दिखाई। यह कार्यशाला प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 10 बजे तक संचालित हो रही है। इप्टा अध्यक्ष अनिल कुमार वैद ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की उभरती प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना और उनमें कला एवं संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करना है। इप्टा के प्रांतीय सचिव डॉ. मु. नईम बोबी ने इस बात पर जोर दिया कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास का भी महत्वपूर्ण साधन है। उनके अनुसार, नाट्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों और युवाओं में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सरोकारों की समझ विकसित होती है। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं से इस निःशुल्क कार्यशाला का लाभ उठाने की अपील की है। कार्यशाला संयोजक पारसमणि अग्रवाल ने जानकारी दी कि प्रतिभागियों को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा रंगमंच की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें मंच संचालन, संवाद अदायगी, अभिनय कौशल, शारीरिक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक गतिविधियों की बारीकियों को सिखाया जाएगा। दानिश मंसूरी, कैफ और अन्य कार्यकर्ता कार्यशाला के सफल संचालन और पंजीकरण व्यवस्था में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में और भी अधिक प्रतिभागी इससे जुड़ेंगे, जिससे यह कार्यशाला क्षेत्र के युवा कलाकारों के लिए एक बेहतर मंच साबित होती दिख रही है।1