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जालौन जिले के कुठोंद थाना क्षेत्र में कुठोंद पुलिस ने एक वारंटी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न्यायालय झांसी द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद की गई, जिसके तहत वारंटी को नियमानुसार उसके घर से पकड़ा गया।
Deves Swarnkar द न्यूज जालौन
जालौन जिले के कुठोंद थाना क्षेत्र में कुठोंद पुलिस ने एक वारंटी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न्यायालय झांसी द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद की गई, जिसके तहत वारंटी को नियमानुसार उसके घर से पकड़ा गया।
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- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जालौन, एआरटीओ और वाणिज्य कर विभाग द्वारा की गई एक संयुक्त कार्यवाही में चार वाहनों को पकड़ा गया है। इस कार्रवाई के दौरान एक लोकेशन माफिया को भी पकड़ा गया है।1
- जालौन नगर के मोहल्ला कटरा निवासी एक महिला ने संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम जालौन को शिकायती पत्र सौंपकर कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसके मानसिक रूप से कमजोर पति की कृषि भूमि को फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़प लिया गया है। पीड़िता के अनुसार, उसके पति के नाम मौजा जालौन बाहर में कृषि भूमि दर्ज है। आरोप है कि पति की मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर वर्ष 2025 में कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर इस भूमि का पंजीकरण करा लिया गया। महिला ने यह भी बताया कि भूमि के बदले कोई धनराशि नहीं दी गई और यह पूरी प्रक्रिया उसकी जानकारी के बिना ही पूरी कर ली गई। शिकायत में बैंक खाते और चेकबुक के दुरुपयोग के जरिए भी धनराशि निकालने का आरोप लगाया गया है, साथ ही कुछ लोगों पर मिलीभगत कर जमीन हड़पने की साजिश रचने का भी आरोप है। महिला का कहना है कि जब उसने इस मामले की जानकारी जुटाई और शिकायत करने का प्रयास किया, तो उसे व उसके परिवार को धमकियां दी गईं तथा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। इस घटना से परिवार में भय का माहौल बना हुआ है। पीड़िता ने यह भी बताया कि पूर्व में कोतवाली जालौन में भी इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इस पृष्ठभूमि में, महिला ने एसडीएम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। प्रशासन ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।1
- जालौन में बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रदुम्न इटहिया के नेतृत्व में शनिवार को उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के माध्यम से गल्ला मंडी की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई, जिसमें किसानों और पल्लेदारों से जुड़े पांच प्रमुख मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में विशेष रूप से बताया गया कि मूंग की फसल के वर्तमान सीजन में व्यापारी मनमाने ढंग से खरीदारी कर रहे हैं, जबकि सरकार ने मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) ₹8778 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। किसानों को उनका उचित मूल्य दिलाने के लिए तत्काल सरकारी क्रय केंद्र खोलने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, मंडी परिसर में बने सुलभ शौचालयों पर हुए अवैध कब्जों को हटाने, दूर-दराज से आने वाले किसानों के लिए विश्राम गृह की व्यवस्था करने, और किसानों के बैठने तथा अनाज तौलने के लिए निर्धारित टीन शेडों पर व्यापारियों द्वारा किए गए स्थायी कब्जों को समाप्त करने की भी मांग शामिल है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि मंडी परिसर में अवैध रूप से छनाई मशीनों का संचालन हो रहा है, जिससे पल्लेदारों को न तो पर्याप्त काम मिल पा रहा है और न ही उन्हें उचित मजदूरी दी जा रही है। बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा ने जनहित और किसान हित को ध्यान में रखते हुए इन सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।1
- जालौन के तहसील सभागार में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही की अध्यक्षता और सीओ शैलेंद्र बाजपेई की उपस्थिति में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस बार रिकॉर्ड 168 फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें से राजस्व विभाग की आठ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। दर्ज की गई शिकायतें राजस्व विभाग, विकास विभाग, जल संस्थान, नगर पालिका, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, ब्लॉक और डूडा जैसे विभिन्न विभागों से संबंधित थीं, जबकि पूर्ति विभाग से संबंधित कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने 24 अन्य शिकायतों के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों की टीम गठित कर उन्हें तीन दिन के भीतर मौके पर जाकर निस्तारण करने के निर्देश दिए। यह भी सामने आया कि कई फरियादी ऐसे थे जिनकी शिकायतें पहले भी दर्ज की गई थीं लेकिन उनका समाधान नहीं हुआ था, या वे निस्तारण से संतुष्ट नहीं थे। इस पर एसडीएम ने अधीनस्थों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की हीला हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि शिकायत के निस्तारण में यह उल्लेख किया जाए कि शिकायतकर्ता संतुष्ट है या नहीं। इस अवसर पर एसडीएम न्यायिक विश्वेश्वर सिंह, तहसीलदार तारा शुक्ला, ईओ सुशील कुमार, बीडीओ प्रशांत कुमार और जेई जल संस्थान आलोक श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।2
- जालौन के मोहल्ला कटरा निवासी एक महिला ने संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम जालौन को शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उसके मानसिक रूप से कमजोर पति की कृषि भूमि फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़प ली है। पीड़िता के अनुसार, उसके पति के नाम मौजा जालौन बाहर में कृषि भूमि दर्ज है। महिला का आरोप है कि पति की मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर कथित तौर पर वर्ष 2025 में फर्जी दस्तावेज तैयार करके भूमि का पंजीकरण करा लिया गया। उसका कहना है कि इस जमीन के बदले कोई धनराशि नहीं दी गई और पूरी प्रक्रिया उनकी जानकारी के बिना पूरी कर ली गई। शिकायत में बैंक खाते और चेकबुक का दुरुपयोग कर धनराशि निकालने तथा मिलीभगत कर जमीन हड़पने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता का यह भी कहना है कि जब उसने मामले की जानकारी जुटाई और शिकायत की तो उसे व उसके परिवार को धमकियां दी गईं तथा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया, जिससे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है। महिला ने बताया कि उसने पहले भी कोतवाली जालौन में शिकायत की थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई थी। अब उसने एसडीएम से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।1
- जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के जरा गांव निवासी किसान रामकिशोर पुरोहित ने रविवार सुबह लगभग 10:30 बजे उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) से शिकायत कर अपने बाग और पौधों को छुट्टा मवेशियों से बचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। किसान का कहना है कि गांव के कुछ पशुपालक अपने मवेशियों को खुला छोड़ देते हैं, जिसके कारण उनकी वर्षों की मेहनत से तैयार किया जा रहा बाग लगातार नुकसान झेल रहा है। रामकिशोर पुरोहित ने एसडीएम को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी की प्रेरणा से अपनी लगभग 30 बीघा भूमि पर एक विशाल बाग विकसित किया है। इस बाग में करीब 3500 पौधे लगाए गए हैं, जिनमें 2700 महोगनी, 350 सागौन के साथ-साथ दशहरी, अम्बिका, अनामिका, मियाँजाकी, कस्तूरी आम, अमरूद, ताइवानी पिंक अमरूद, सेव, बादाम, चीकू, अनार, आंवला, नींबू, किन्नू, कटहल और जामुन जैसे कई प्रकार के फलदार पौधे शामिल हैं। किसान के अनुसार, आगामी जून-जुलाई माह में आंवला, नींबू, सीताफल, आलूबुखारा और चंदन के पौधे भी लगाए जाने की योजना है। हालांकि, गांव में छुट्टा घूम रहे पशु उनके खेत और बाग में घुसकर पौधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे कई महोगनी के पौधे पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। इस क्षति से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के उनके प्रयास को भी धक्का लगा है। पुरोहित ने यह भी बताया कि इस समस्या को लेकर वह पहले भी थाना दिवस में तीन बार शिकायत पत्र दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पशुपालकों को अपने पशु बांधकर रखने के निर्देश दिए जाएं तथा छुट्टा मवेशियों पर प्रभावी रोक लगाई जाए, ताकि उनके बाग और पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। किसान ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों पौधों पर संकट गहरा सकता है और उनकी वर्षों की मेहनत बर्बाद हो सकती है। इस मामले को लेकर क्षेत्र के अन्य किसानों में भी चिंता का माहौल है, क्योंकि छुट्टा पशुओं की समस्या ग्रामीण इलाकों में खेती और बागवानी के लिए लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।1
- शिवपुरी जिले के नरवर थाना क्षेत्र के मोहानी ख्यावदा गांव में शुक्रवार देर रात चर्चित यूट्यूबर रचना गुर्जर के घर लाखों रुपए की नगदी और जेवरात की चोरी हो गई। चोरों ने घर की बाउंड्री पर लगी तार फेंसिंग काटकर परिसर में प्रवेश किया और रचना तथा उनके पति ऊदल सिंह गुर्जर के कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी। अपनी हरकतों को कैमरे में कैद होने से रोकने के लिए चोरों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का रुख भी ऊपर की ओर मोड़ दिया था। चोरों ने घर में रखी अलमारियों और तालों को तोड़कर 1 लाख 91 हजार रुपए नकद, एक सोने का मंगलसूत्र, चार सोने की अंगूठियां और चांदी की करधौनी चुरा ली। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- जालौन के विकासखंड क्षेत्र के ग्राम वीरपुरा में प्रस्तावित नाली निर्माण कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के खिलाफ शिकायत की है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों को एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव में सैयद बाबा के चबूतरे से खचोरे पासवान के मकान तक नाली निर्माण के लिए गुम्मा, गिट्टी, बालू और सीमेंट सहित आवश्यक निर्माण सामग्री मंगाई गई थी और नाली की खुदाई भी कराई गई थी। हालांकि, कई माह बीत जाने के बाद भी नाली का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया है, और निर्माण सामग्री को भी मौके से हटा लिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उनके मकानों के सामने गहरी नाली खोद दिए जाने के कारण उसमें पानी भरा रहता है, जिससे मकानों में सीलन आने और भवनों को नुकसान पहुँचने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों और छोटे बच्चों को आवागमन में भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एक ग्रामीण भूप सिंह ने बताया कि उनके मकान के बाहर गहरी नाली खुदवाई गई है, लेकिन उसे अभी तक बनवाया नहीं गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और अधूरी नाली का निर्माण शीघ्र पूरा कराने की मांग की है, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। इस संबंध में आज तहसील संपूर्ण दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिया गया है, जिस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सिंह राही ने आश्वासन दिया है कि नाली निर्माण कार्य जल्दी ही करवा दिया जाएगा।1
- जालौन के कोंच में भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) इकाई कोंच और कोंच इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के संयुक्त तत्वावधान में एक निःशुल्क बाल एवं युवा रंगकर्मी नाट्य कार्यशाला का आयोजन कमला नेहरू बालिका इंटर कॉलेज में किया जा रहा है। इस कार्यशाला को लेकर बच्चों और युवाओं में लगातार उत्साह बढ़ रहा है, जिसका प्रमाण रविवार को कार्यशाला के दूसरे दिन देखने को मिला, जब करीब दो दर्जन प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण कराया और प्रशिक्षण में गहरी रुचि दिखाई। यह कार्यशाला प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 10 बजे तक संचालित हो रही है। इप्टा अध्यक्ष अनिल कुमार वैद ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की उभरती प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना और उनमें कला एवं संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करना है। इप्टा के प्रांतीय सचिव डॉ. मु. नईम बोबी ने इस बात पर जोर दिया कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास का भी महत्वपूर्ण साधन है। उनके अनुसार, नाट्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों और युवाओं में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सरोकारों की समझ विकसित होती है। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं से इस निःशुल्क कार्यशाला का लाभ उठाने की अपील की है। कार्यशाला संयोजक पारसमणि अग्रवाल ने जानकारी दी कि प्रतिभागियों को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा रंगमंच की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें मंच संचालन, संवाद अदायगी, अभिनय कौशल, शारीरिक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक गतिविधियों की बारीकियों को सिखाया जाएगा। दानिश मंसूरी, कैफ और अन्य कार्यकर्ता कार्यशाला के सफल संचालन और पंजीकरण व्यवस्था में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में और भी अधिक प्रतिभागी इससे जुड़ेंगे, जिससे यह कार्यशाला क्षेत्र के युवा कलाकारों के लिए एक बेहतर मंच साबित होती दिख रही है।1