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देवरिया । 14 बाइक को मेडिकल चौकी पर ला कर जाँ ज के बाद गाड़ियों के कागजात को देख कर परिवार के लोगों को सौंप दिया ।
Jyoti pathak
देवरिया । 14 बाइक को मेडिकल चौकी पर ला कर जाँ ज के बाद गाड़ियों के कागजात को देख कर परिवार के लोगों को सौंप दिया ।
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- देवरिया । 14 बाइक को मेडिकल चौकी पर ला कर जाँ ज के बाद गाड़ियों के कागजात को देख कर परिवार के लोगों को सौंप दिया ।1
- देवरिया में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का धरना-प्रदर्शन देखने को मिला। उनकी प्रमुख मांग है कि उन्हें सरकारी राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित की जाए। इन्हीं मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है।1
- #कुशीनगर कैबिनेट मंत्री डॉ संजय निषाद के स्वागत के लिए खड़े बुलडोजर से हुआ हादसा स्वागत में खड़े बुलडोजर को ट्रक से ठोकर लगने से मौके पर खड़े कार्यकर्ताओं पर पलटा बुलडोजर तमकुहीराज थाना क्षेत्र के लबनिया चौराहे के पास की घटना। #Kushinagar @kushinagarpol1
- कुशीनगर जिले के मोतीचक विकासखंड स्थित एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां मिड-डे मील योजना के तहत भोजन करने के बाद छोटे-छोटे बच्चों से ठंड के मौसम में बर्तन धुलवाए जाने का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। यह मामला न केवल सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत उजागर करता है, बल्कि बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है। विद्यालय परिसर में सरकारी नल के पास कतार में खड़े बच्चे कभी नल चलाकर, तो कभी अपने नन्हे हाथों में थाली लेकर कांपते हुए बर्तन धोते नजर आए। ठंड लगातार बढ़ रही है, इसके बावजूद बच्चों को ठंडे पानी से बर्तन साफ करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई थी, लेकिन अब इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सार्वजनिक हो गया। प्रधानाध्यापक ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि बच्चों से हल्की-फुल्की थाली धुलवाना ‘स्वच्छता अभियान’ का हिस्सा है। हालांकि सवाल यह उठता है कि क्या कड़ाके की ठंड में बच्चों से इस तरह का कार्य करवाना उचित है। वहीं ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि जिन हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, उन्हीं हाथों से बर्तन धुलवाना सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। मामले की जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान ने भी नाराजगी जताई और स्पष्ट कहा कि उन्हें इस तरह की व्यवस्था की जानकारी नहीं थी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मिड-डे मील योजना के तहत बर्तन धोने की जिम्मेदारी रसोइयों की होती है, न कि बच्चों की। ग्राम प्रधान ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कुशीनगर राम जियावन ने कहा कि यदि बच्चों से जूठे बर्तन धुलवाने की पुष्टि होती है तो यह गंभीर लापरवाही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिड-डे मील योजना में बर्तन धोने की जिम्मेदारी पूरी तरह से नियुक्त रसोइयों की होती है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सरकार द्वारा मिड-डे मील योजना चलाई जाती है, जिसमें भोजन पकाने, परोसने और साफ-सफाई के लिए रसोइयों की नियुक्ति की जाती है। इसके बावजूद बच्चों से यह कार्य करवाया जाना शिक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करता है। यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सरकारी योजनाएं कागजों में भले ही मजबूत दिखें, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ सकती है। अब देखना यह है कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है1
- इसकी जाँच होनी चाहिए1
- Post by Public news1
- UGC काला कानून पर भड़का क्षत्रिय समाज | गोरखपुर के ककरा खोर गांव का बड़ा ऐलान1
- भटनी के प्रधानाध्यापक का रेलवे ट्रैक पर मिला शव, क्षेत्र में शोक की लहर देवरिया। भटनी क्षेत्र के घाटी डेमूसा गांव में तैनात प्रधानाध्यापक जय श्याम प्रसाद (45) पुत्र विश्वनाथ प्रसाद का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक मूल रूप से बास घाटी, भटनी के निवासी थे और वर्तमान में टीचर कॉलोनी नाथ नगर, तिल इबेलवा, में परिवार के साथ रहते थे। शव सकरा पार ढाला के पास गेट संख्या 128A–127 के बीच रेलवे ट्रैक पर मिला, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जय श्याम प्रसाद बीएड प्रशिक्षित थे और वर्ष 2006 में 204 ट्रेनिंग बीटीसी के तहत शिक्षक के रूप में नियुक्त हुए थे। करीब 15 वर्षों से वह शिक्षा विभाग में सेवा दे रहे थे और वर्तमान में घाटी डेमूसा विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे। परिजनों के अनुसार वह बीते दिन खंड शिक्षा अधिकारी (बीओ) भटनी कार्यालय किसी कार्य से गए थे। नाम कटने से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर वह मानसिक तनाव में थे और उसी सिलसिले में उन्होंने आवेदन भी दिया था। मामा के लड़के राजेश कुमार ने भी उनसे फोन पर बात की थी। बताया जा रहा है कि 29 जनवरी की शाम से वह लापता थे, जिनकी खोजबीन परिजन और परिचित कर रहे थे। अगले दिन उनका शव रेलवे ट्रैक पर मिलने की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी आशा देवी और दो बच्चे—कनक (14) और सिद्धार्थ (11)—का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या या दुर्घटना का माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों ने गहरा शोक व्यक्त किया । जांच के बाद ही पता चलेगा सच्चाई क्या है ।1