डूंगरपुर मॉडल’ से बदलेगी जोधपुर की तस्वीर के.के. गुप्ता के मार्गदर्शन में स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा सुधार जोधपुर | जस्थान का ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर जोधपुर लंबे समय से बदहाल सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को लेकर चर्चा में रहा है। बढ़ती आबादी, पर्यटकों की भारी आवाजाही और शहरी विस्तार के चलते नगर निगम की व्यवस्थाएं अक्सर दबाव में नजर आती रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में अब जोधपुर की स्वच्छता व्यवस्था को सुधारने के लिए ‘डूंगरपुर मॉडल’ के सूत्रधार और स्वच्छता विशेषज्ञ के.के. गुप्ता के मार्गदर्शन में ठोस पहल की जा रही है। राज्य सरकार और जोधपुर नगर निगम द्वारा तैयार की गई प्रगति रिपोर्ट हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट में पेश की गई, जिस पर न्यायालय ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए सुधारात्मक कदमों की सराहना की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता से जुड़े प्रयास केवल कागजी न होकर जमीनी स्तर पर दिखने चाहिए। हाईकोर्ट की निगरानी में सुधार अभियान जोधपुर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर और न्यायमूर्ति चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार और नगर निगम से विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए डूंगरपुर नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष के.के. गुप्ता को विशेष रूप से जोधपुर बुलाया गया और उनके सुझावों के आधार पर एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है। अदालत ने सरकार के आग्रह पर अगली सुनवाई 3 फरवरी तय करते हुए अद्यतन प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। के.के. गुप्ता की विशेषज्ञ भूमिका स्वच्छता प्रबंधन और शहरी कचरा निस्तारण के क्षेत्र में के.के. गुप्ता का अनुभव प्रदेश स्तर पर जाना-पहचाना है। ‘डूंगरपुर मॉडल’ को राज्य में एक सफल स्वच्छता प्रयोग के रूप में देखा जाता है। जोधपुर नगर निगम अब उसी मॉडल को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने की दिशा में कार्य कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, गुप्ता की सलाह पर स्वच्छता को केवल अभियान नहीं, बल्कि एक सतत और वैज्ञानिक प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है। कचरा प्रबंधन पर विशेष फोकस जोधपुर में सुधार की धुरी कचरा प्रबंधन को बनाया गया है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को प्रभावी बनाया जा रहा है ताकि खुले में कचरा फेंकने की प्रवृत्ति पर रोक लग सके। साथ ही, गीले और सूखे कचरे को स्रोत पर ही अलग करने की व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे न केवल कचरे के निस्तारण में आसानी होगी, बल्कि रीसाइक्लिंग और कम्पोस्टिंग को भी बढ़ावा मिलेगा। आधुनिक तकनीक से वैज्ञानिक निस्तारण लैंडफिल साइट्स के बेहतर प्रबंधन, जैविक कचरे से खाद निर्माण और प्लास्टिक कचरे के पुनः उपयोग के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शहर की स्वच्छ छवि भी मजबूत होगी। पर्यटन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान मेहरानगढ़ किला, उम्मेद भवन, जसवंत थड़ा सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों, बाजार क्षेत्रों और चौराहों पर विशेष सफाई व्यवस्था लागू की गई है। नियमित सफाई, पर्याप्त कचरा पात्र और सौंदर्यीकरण के जरिए शहर को स्वच्छ और आकर्षक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जनभागीदारी से स्थायी समाधान नगर निगम द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक संस्थाओं को जोड़कर व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक आम नागरिक स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक स्थायी सुधार संभव नहीं है। सफाईकर्मियों का प्रशिक्षण सफाईकर्मियों को आधुनिक उपकरणों, सुरक्षा उपायों और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनके लिए स्वास्थ्य सुरक्षा किट और आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। निगरानी और शिकायत निवारण शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया गया है। नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए निगरानी प्रणाली विकसित की गई है। भविष्य की राह प्रशासन का मानना है कि के.के. गुप्ता की विशेषज्ञ सलाह और हाईकोर्ट की सख्त निगरानी से जोधपुर की स्वच्छता व्यवस्था में सकारात्मक और स्थायी बदलाव आएंगे। यदि योजनाएं ईमानदारी से लागू हुईं, तो जोधपुर जल्द ही स्वच्छता के क्षेत्र में उदाहरण बन सकता है।
डूंगरपुर मॉडल’ से बदलेगी जोधपुर की तस्वीर के.के. गुप्ता के मार्गदर्शन में स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा सुधार जोधपुर | जस्थान का ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर जोधपुर लंबे समय से बदहाल सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को लेकर चर्चा में रहा है। बढ़ती आबादी, पर्यटकों की भारी आवाजाही और शहरी विस्तार के चलते नगर निगम की व्यवस्थाएं अक्सर दबाव में नजर आती रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में अब जोधपुर की स्वच्छता व्यवस्था को सुधारने के लिए ‘डूंगरपुर मॉडल’ के सूत्रधार और स्वच्छता विशेषज्ञ के.के. गुप्ता के मार्गदर्शन में ठोस पहल की जा रही है। राज्य सरकार और जोधपुर नगर निगम द्वारा तैयार की गई प्रगति रिपोर्ट हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट में पेश की गई, जिस पर न्यायालय ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए सुधारात्मक कदमों की सराहना की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता से जुड़े प्रयास केवल कागजी न होकर जमीनी स्तर पर दिखने चाहिए। हाईकोर्ट की निगरानी में सुधार अभियान जोधपुर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर और न्यायमूर्ति चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार और नगर निगम से विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए डूंगरपुर नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष के.के. गुप्ता को विशेष रूप से जोधपुर बुलाया गया और उनके सुझावों के आधार पर एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है। अदालत ने सरकार के आग्रह पर अगली सुनवाई 3 फरवरी तय करते हुए अद्यतन प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। के.के. गुप्ता की विशेषज्ञ भूमिका स्वच्छता प्रबंधन और शहरी कचरा निस्तारण के क्षेत्र में के.के. गुप्ता का अनुभव प्रदेश स्तर पर जाना-पहचाना है। ‘डूंगरपुर मॉडल’ को राज्य में एक सफल स्वच्छता प्रयोग के रूप में देखा जाता है। जोधपुर नगर निगम अब उसी मॉडल को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने की दिशा में कार्य कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, गुप्ता की सलाह पर स्वच्छता को केवल अभियान नहीं, बल्कि एक सतत और वैज्ञानिक प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है। कचरा प्रबंधन पर विशेष फोकस जोधपुर में सुधार की धुरी कचरा प्रबंधन को बनाया गया है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को प्रभावी बनाया जा रहा है ताकि खुले में कचरा फेंकने की प्रवृत्ति पर रोक लग सके। साथ ही, गीले और सूखे कचरे को स्रोत पर ही अलग करने की व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे न केवल कचरे के निस्तारण में आसानी होगी, बल्कि रीसाइक्लिंग और कम्पोस्टिंग को भी बढ़ावा मिलेगा। आधुनिक तकनीक से वैज्ञानिक निस्तारण लैंडफिल साइट्स के बेहतर प्रबंधन, जैविक कचरे से खाद निर्माण और प्लास्टिक कचरे के पुनः उपयोग के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शहर की स्वच्छ छवि भी मजबूत होगी। पर्यटन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान मेहरानगढ़ किला, उम्मेद भवन, जसवंत थड़ा सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों, बाजार क्षेत्रों और चौराहों पर विशेष सफाई व्यवस्था लागू की गई है। नियमित सफाई, पर्याप्त कचरा पात्र और सौंदर्यीकरण के जरिए शहर को स्वच्छ और आकर्षक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जनभागीदारी से स्थायी समाधान नगर निगम द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक संस्थाओं को जोड़कर व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक आम नागरिक स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक स्थायी सुधार संभव नहीं है। सफाईकर्मियों का प्रशिक्षण सफाईकर्मियों को आधुनिक उपकरणों, सुरक्षा उपायों और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनके लिए स्वास्थ्य सुरक्षा किट और आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। निगरानी और शिकायत निवारण शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया गया है। नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए निगरानी प्रणाली विकसित की गई है। भविष्य की राह प्रशासन का मानना है कि के.के. गुप्ता की विशेषज्ञ सलाह और हाईकोर्ट की सख्त निगरानी से जोधपुर की स्वच्छता व्यवस्था में सकारात्मक और स्थायी बदलाव आएंगे। यदि योजनाएं ईमानदारी से लागू हुईं, तो जोधपुर जल्द ही स्वच्छता के क्षेत्र में उदाहरण बन सकता है।
- भिवानी में विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों ने अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 12 फरवरी को बड़ा आंदोलन किया जाएगा। #नमस्तेभिवानीन्यूज़1
- SIR को लेकर शाहपुरा उपखंड कार्यालय पर धरना प्रदर्शन, विधायक मनीष यादव और सैकड़ो कार्यकर्ता पहुंचे1
- SIR को लेकर शाहपुरा एसडीएम कार्यालय पर आयोजित धरने में मेरा संबोधन।1
- आमेर विधानसभा क्षेत्र के पुनाना पंचायत के बल्लुपुरा गांव कि सड़क है ये पुरी तरह से जर्ज जर्ज है सरकार का ओर पीडब्ल्यूडी विभाग का कोई ध्यान नहीं है पुनाना पंचायत में सभी सड़कों की हालत खस्ता है सरकार से निवेदन है जल्द से जल्द कार्यवाही करे4
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- भिवाड़ी पुलिस ने 2 घंटे में चोर को पकड़ा गोदाम में घुसकर वारदात को दिया अंजाम पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार1
- फूल सिंह इंदौर, मजदूर यूनियन के प्रधान, ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। #नमस्तेभिवानीन्यूज़1
- जयपुर-दिल्ली हाइवे पर खौफनाक हादसा: केमिकल टैंकर और ट्रेलर बने आग का गोला, 1 किमी तक दिखा तबाही का मंजर,जयपुर/पावटा: जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-48 पर पावटा कस्बे के समीप रविवार रात करीब 8.30 बजे एक बड़ा हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। केमिकल से भरा एक टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर अपनी लेन छोड़ दूसरी ओर चला गया और सामने से आ रहे ट्रेलर से उसकी भीषण भिड़ंत हो गई।1
- भिवाड़ी में दो युवकों को बंधक बनाकर लूटा मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार पुलिस कर रही है एक और अन्य आरोपी की तलाश1