उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में, प्रयागराज से सोनभद्र को जोड़ने के लिए प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे योजना के विरोध में किसान संगठन लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को जन संघर्ष समिति मिर्जापुर के तत्वावधान में किसान नेताओं ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस एक्सप्रेस-वे को निरस्त करने की मांग की और इसे एक विनाशकारी कदम बताया। किसान नेताओं ने दावा किया कि प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे से न तो देश, न प्रदेश, न किसान और न ही आम जनता को कोई फायदा होगा, बल्कि यह अंततः किसानों और देश के लिए एक अभिशाप साबित होगा। इस संबंध में प्रधानमंत्री को भेजे गए एक पत्र का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि प्रयागराज से सोनभद्र तक 150 किलोमीटर की दूरी को जोड़ने के लिए पहले से ही पर्याप्त मार्ग मौजूद हैं, जबकि प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे की दूरी 330 किलोमीटर है। साथ ही, मिर्जापुर के चुनार में मात्र 10 किलोमीटर के अंतर पर समानांतर रूप से राज्य राजमार्ग संख्या 5ए और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 35 भी उपलब्ध हैं। जन संघर्ष समिति के संयोजक इंजिनियर राज बहादुर सिंह ने कहा कि गलत नियोजन के कारण यह एक्सप्रेस-वे तमाम लघु एवं सीमांत कृषकों को भूमिहीन और बेरोजगार कर देगा। उन्होंने बताया कि इस योजना से अत्यंत ही उपजाऊ कृषि योग्य भूमि स्थायी रूप से समाप्त हो जाएगी, जिस पर किसान साल में तीन फसलें लेते हैं। यह क्षेत्र गंगा बेसिन में स्थित होने के कारण विंध्य एक्सप्रेस-वे बनने से बुरी तरह प्रभावित होगा। भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के जिलाध्यक्ष धर्मदेव उपाध्याय ने सवाल उठाया कि जो किसान इस योजना से भूमिहीन हो जाएंगे, उनके लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था है, और इसे किसानों को भूमिहीन बनाने का षड्यंत्र बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार राष्ट्रीय स्तर पर किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है और विंध्य एक्सप्रेस-वे छोटे-मझोले किसानों को तबाह कर देगा। उपाध्याय ने यह भी जोड़ा कि इससे पर्यावरण को भारी नुकसान होगा और यह किसी भी तरह जनहित में नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह योजना बिना किसी वजह के किसानों पर थोपी जा रही है और इसका निर्माण अडानी को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है, जिससे किसानों का भला नहीं होगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान किसान नेता प्रहलाद सिंह, बजरंगी कुशवाहा, कंचन सिंह फौजी, राम बुलावन सिंह, सिद्धनाथ सिंह, रमेश सिंह और राम सिंह बागीश सहित अन्य उपस्थित थे। सभी किसान नेताओं ने विंध्य एक्सप्रेस-वे को किसान विरोधी और विनाशकारी कदम करार देते हुए इसे रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस योजना पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो किसान एकजुट होकर सड़कों पर उतरने को विवश होंगे।
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में, प्रयागराज से सोनभद्र को जोड़ने के लिए प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे योजना के विरोध में किसान संगठन लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को जन संघर्ष समिति मिर्जापुर के तत्वावधान में किसान नेताओं ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस एक्सप्रेस-वे को निरस्त करने की मांग की और इसे एक विनाशकारी कदम बताया। किसान नेताओं ने दावा किया कि प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे से न तो देश, न प्रदेश, न किसान और न ही आम जनता को कोई फायदा होगा, बल्कि यह अंततः किसानों और देश के लिए एक अभिशाप साबित होगा। इस संबंध में प्रधानमंत्री को भेजे गए एक पत्र का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि प्रयागराज से सोनभद्र तक 150 किलोमीटर की दूरी को जोड़ने के लिए पहले से ही पर्याप्त मार्ग मौजूद हैं, जबकि प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे की दूरी 330 किलोमीटर है। साथ ही, मिर्जापुर के चुनार
में मात्र 10 किलोमीटर के अंतर पर समानांतर रूप से राज्य राजमार्ग संख्या 5ए और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 35 भी उपलब्ध हैं। जन संघर्ष समिति के संयोजक इंजिनियर राज बहादुर सिंह ने कहा कि गलत नियोजन के कारण यह एक्सप्रेस-वे तमाम लघु एवं सीमांत कृषकों को भूमिहीन और बेरोजगार कर देगा। उन्होंने बताया कि इस योजना से अत्यंत ही उपजाऊ कृषि योग्य भूमि स्थायी रूप से समाप्त हो जाएगी, जिस पर किसान साल में तीन फसलें लेते हैं। यह क्षेत्र गंगा बेसिन में स्थित होने के कारण विंध्य एक्सप्रेस-वे बनने से बुरी तरह प्रभावित होगा। भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के जिलाध्यक्ष धर्मदेव उपाध्याय ने सवाल उठाया कि जो किसान इस योजना से भूमिहीन हो जाएंगे, उनके लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था है, और इसे किसानों को भूमिहीन बनाने का षड्यंत्र बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार राष्ट्रीय स्तर पर किसानों को बर्बाद
करने पर तुली हुई है और विंध्य एक्सप्रेस-वे छोटे-मझोले किसानों को तबाह कर देगा। उपाध्याय ने यह भी जोड़ा कि इससे पर्यावरण को भारी नुकसान होगा और यह किसी भी तरह जनहित में नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह योजना बिना किसी वजह के किसानों पर थोपी जा रही है और इसका निर्माण अडानी को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है, जिससे किसानों का भला नहीं होगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान किसान नेता प्रहलाद सिंह, बजरंगी कुशवाहा, कंचन सिंह फौजी, राम बुलावन सिंह, सिद्धनाथ सिंह, रमेश सिंह और राम सिंह बागीश सहित अन्य उपस्थित थे। सभी किसान नेताओं ने विंध्य एक्सप्रेस-वे को किसान विरोधी और विनाशकारी कदम करार देते हुए इसे रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस योजना पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो किसान एकजुट होकर सड़कों पर उतरने को विवश होंगे।
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- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में, प्रयागराज से सोनभद्र को जोड़ने के लिए प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे योजना के विरोध में किसान संगठन लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को जन संघर्ष समिति मिर्जापुर के तत्वावधान में किसान नेताओं ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस एक्सप्रेस-वे को निरस्त करने की मांग की और इसे एक विनाशकारी कदम बताया। किसान नेताओं ने दावा किया कि प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे से न तो देश, न प्रदेश, न किसान और न ही आम जनता को कोई फायदा होगा, बल्कि यह अंततः किसानों और देश के लिए एक अभिशाप साबित होगा। इस संबंध में प्रधानमंत्री को भेजे गए एक पत्र का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि प्रयागराज से सोनभद्र तक 150 किलोमीटर की दूरी को जोड़ने के लिए पहले से ही पर्याप्त मार्ग मौजूद हैं, जबकि प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे की दूरी 330 किलोमीटर है। साथ ही, मिर्जापुर के चुनार में मात्र 10 किलोमीटर के अंतर पर समानांतर रूप से राज्य राजमार्ग संख्या 5ए और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 35 भी उपलब्ध हैं। जन संघर्ष समिति के संयोजक इंजिनियर राज बहादुर सिंह ने कहा कि गलत नियोजन के कारण यह एक्सप्रेस-वे तमाम लघु एवं सीमांत कृषकों को भूमिहीन और बेरोजगार कर देगा। उन्होंने बताया कि इस योजना से अत्यंत ही उपजाऊ कृषि योग्य भूमि स्थायी रूप से समाप्त हो जाएगी, जिस पर किसान साल में तीन फसलें लेते हैं। यह क्षेत्र गंगा बेसिन में स्थित होने के कारण विंध्य एक्सप्रेस-वे बनने से बुरी तरह प्रभावित होगा। भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के जिलाध्यक्ष धर्मदेव उपाध्याय ने सवाल उठाया कि जो किसान इस योजना से भूमिहीन हो जाएंगे, उनके लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था है, और इसे किसानों को भूमिहीन बनाने का षड्यंत्र बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार राष्ट्रीय स्तर पर किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है और विंध्य एक्सप्रेस-वे छोटे-मझोले किसानों को तबाह कर देगा। उपाध्याय ने यह भी जोड़ा कि इससे पर्यावरण को भारी नुकसान होगा और यह किसी भी तरह जनहित में नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह योजना बिना किसी वजह के किसानों पर थोपी जा रही है और इसका निर्माण अडानी को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है, जिससे किसानों का भला नहीं होगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान किसान नेता प्रहलाद सिंह, बजरंगी कुशवाहा, कंचन सिंह फौजी, राम बुलावन सिंह, सिद्धनाथ सिंह, रमेश सिंह और राम सिंह बागीश सहित अन्य उपस्थित थे। सभी किसान नेताओं ने विंध्य एक्सप्रेस-वे को किसान विरोधी और विनाशकारी कदम करार देते हुए इसे रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस योजना पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो किसान एकजुट होकर सड़कों पर उतरने को विवश होंगे।3
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में, कछवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक तालाब से मछुआरों को 31 पासपोर्ट मिले हैं। इस सूचना पर कछवां थाना के प्रभारी निरीक्षक अपनी पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और सभी पासपोर्ट को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस द्वारा इन पासपोर्ट की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने भी इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मछुआरों द्वारा 31 पासपोर्ट जब्त किए गए हैं और कछवां थाना पुलिस इस पर आवश्यक कार्यवाही कर रही है।1
- मिर्जापुर के कछवा थाना क्षेत्र के तुलापुर गांव स्थित एक तालाब से दो दर्जन से अधिक पासपोर्ट मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह घटना उस वक्त सामने आई जब मछली पकड़ने के दौरान मछुआरों के जाल में एक बोरी फंसी, जिसे निकालने पर उसमें से ये पासपोर्ट बरामद हुए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बरामद हुए ये पासपोर्ट वाराणसी, भदोही, अंबेडकर नगर समेत कई अन्य जिलों के लोगों के बताए जा रहे हैं। इस चौंकाने वाली खोज की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और सभी पासपोर्टों को अपने कब्जे में लेकर मामले की गहनता से जाँच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक नगर नितेश सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मामले की विस्तृत छानबीन की जा रही है और सामने आए तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। तालाब में इतनी बड़ी संख्या में पासपोर्ट कैसे पहुँचे, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है और इसकी जाँच अभी जारी है।1
- जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए।1
- मीरजापुर जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में मिड डे मील बनाने वाली महिला रसोइयों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। दोपहर करीब डेढ़ बजे, जिले के विभिन्न विकास खंडों से आईं सैकड़ों महिला रसोइयों ने सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करने के लिए नारेबाजी की। उनकी मुख्य मांगों में प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय और इसका समय पर भुगतान सुनिश्चित करना शामिल था। प्रदर्शनकारी रसोइयों ने बताया कि उन्हें वर्तमान में मात्र दो हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में परिवार का भरण-पोषण करने के लिए बिल्कुल अपर्याप्त है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें मानदेय का भुगतान समय पर नहीं होता, जिससे कई महीनों तक भुगतान लंबित रहता है और उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। महिला रसोइयों ने अपनी जिम्मेदारी के दायरे से बाहर के कामों का भी जिक्र किया; उनके अनुसार, उनसे भोजन बनाने के बाद बर्तन धुलवाए जाते हैं, विद्यालय परिसर में झाड़ू लगवाई जाती है, और कई स्थानों पर शौचालय की सफाई भी कराई जाती है। इन अतिरिक्त कार्यों से इनकार करने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी भी दी जाती है। महिला रसोइयों ने कहा कि वे प्रतिदिन लगभग आठ घंटे काम करती हैं, लेकिन इसके बदले मिलने वाला दो हजार रुपये का मानदेय उनके श्रम के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सरकार से श्रमिकों के समान सम्मानजनक पारिश्रमिक और बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान, महिलाओं ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा और शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और व्यापक करेंगी।3
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बहुचर्चित जिम-जेहाद धर्मांतरण मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी इमरान खान की करोड़ों रुपये की दो संपत्तियों को कुर्क किया है। यह कार्रवाई मंगलवार को जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा गैंगस्टर अधिनियम के तहत की गई, जिसमें इमरान खान के बरौंधा स्थित दो मकानों को जब्त किया गया। इस दौरान डुगडुगी पिटवाकर कुर्की की नोटिस भी चस्पा की गई। बता दें कि मिर्जापुर नगर में जिम की आड़ में धर्मांतरण, यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के इस मामले में इमरान समेत कुल 10 आरोपी पहले से ही जेल में बंद हैं। इन आरोपियों पर गैंगस्टर सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। भारी पुलिस बल के साथ कुर्की की कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम को देखकर क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। खास बात यह है कि जिले में मुख्यमंत्री के आगमन से ठीक एक दिन पहले की गई इस कार्रवाई को लेकर लोगों के बीच खूब चर्चा भी रही है।3
- मुंबई के वडाला शांति नगर इलाके में एक नाला ओवरफ्लो हो गया है, जिसके कारण लोगों के घरों में गंदा पानी घुस गया है। इस अप्रत्याशित स्थिति से स्थानीय निवासी बेहद परेशान हैं।1