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आर पियफ विद्यालय तमकुही राज मैं कल प्रतियोगिता के दौरान बच्चों द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन
सत्य प्रकाश मिश्र
आर पियफ विद्यालय तमकुही राज मैं कल प्रतियोगिता के दौरान बच्चों द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन
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- श्वेता ने अपनी मेहनत और लगन से साबित कर दिया कि सपने वही सच होते हैं, जिनके लिए दिल से मेहनत की जाए। उसकी सफलता पूरे क्षेत्र और परिवार के लिए गर्व की बात है। ✨1
- श्री दुर्गा मंदिर प्रागण मे शाहब गंज उत्तरी में दिनांक 25. 03.2026 को नवरात्रि के शुभ अवसर पर विशाल जागरण का कार्यक्रम किया जा रहा है वही 27 मार्च को विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया है समिति के द्वारा भक्तजनों से आग्रह किया गया है कि जागरण वह विशाल भंडारे में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करे व पुण्य के भागी बने इसी कर्म मे समिति द्वारा सभी भक्त जनो को विशेष रूप से आज के दिन जो विशाल जागरण मे समय से उपस्थित होने की अपील की गई आयोजक समिति निवेदक मनोज मद्धेशिया4
- नगर पंचायत छितौनी के बुलहवापुरी वार्ड और पनियहवा नगर में चैत्र छठ पर्व श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ धूमधाम से मनाया गया। सैकड़ों व्रतधारियों ने घाटों पर पहुंचकर अस्ताचलगामी और उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। छठी मैया के गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। व्रतधारियों ने पारंपरिक तरीके से सूप में ठेकुआ, फल, गन्ना और नारियल सजाकर पूजा-अर्चना की। घाटों पर दीपों की सुंदर सजावट और श्रद्धालुओं की भीड़ ने इस पर्व को और खास बना दिया। इस अवसर पर चेयरमैन अशोक निषाद, सभासद विजय कुमार मुन्ना, अर्जुन साहनी तथा समाजसेवी शंकर जायसवाल ने क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं3
- 🌅 चैती छठ पर उमड़ा आस्था का सैलाब, सिधुआँ-हिरनहा घाट पर दिखी भक्ति की छटा कुशीनगर | पड़रौना चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मनाए जा रहे चैती छठ पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था देखने को मिल रही है। पड़रौना विकास खंड के सिधुआँ-हिरनहा छठ घाट पर व्रती महिलाओं का आस्था का कारवां लगातार बढ़ता नजर आया। सिधुआँ, सुखपुरा मोहन पट्टी, मुसहरी पट्टी, सिधुआँ स्थान, सिधुआँ-मिश्रौली और हिरनहा गांव से बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं छठ घाट पर पहुंचीं। मंगलवार शाम को व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर परंपरा का निर्वहन किया। इस दौरान सूप में जल, दूध, ठेकुआ और फल अर्पित कर सूर्य देव की पूजा की गई, जो आभार, तपस्या और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। 👉 पूजा विधि: व्रती महिलाएं नदी या तालाब में खड़े होकर सूप में ठेकुआ, फल व अन्य प्रसाद लेकर सूर्य देव को जल और दूध का अर्घ्य देती हैं। यह अनुष्ठान परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। बुधवार को चैत्र नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर व्रतियों ने उगते हुए सूर्य (उदीयमान भगवान भास्कर) को अर्घ्य देकर चैती छठ पर्व का समापन किया। अर्घ्य के बाद विधिवत पारण कर व्रत खोला गया। छठ घाट पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, साउंड सिस्टम और चाय-पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। तैयारियों में शोभिलाल, दीनानाथ यादव, आशुतोष उर्फ सन्नी यादव, अमित यादव, राजकुमार यादव, मुकेश यादव, सचिन यादव, अशोक यादव, लक्ष्मण यादव, मनोज, रामप्रसाद यादव और शिवकुमार समेत गांव के दर्जनों युवाओं ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया। ➡️ कुल मिलाकर, सिधुआँ-हिरनहा छठ घाट पर चैती छठ पर्व श्रद्धा, अनुशासन और सामूहिक सहयोग का शानदार उदाहरण बनकर उभरा।6
- Post by Raju Kumar gavatam1
- sabji katate samay Chaku Gand mein ghusa bhai ko bhai abhi Hyderabad mein sabhi katate samay dekh sakte hain Manu Patel padrauna ke Rahane wala hai2
- आज 24 मार्च मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे बेतिया में विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु एक रैली निकाली गई, जो गर्वनमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थित जिला यक्ष्मा केंद्र से शुरू होकर अस्पताल परिसर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः केंद्र पर संपन्न हुई। रैली में स्वास्थ्य कर्मियों और अधिकारियों ने “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” जैसे नारों के साथ लोगों को जागरूक किया और खांसी की पहचान कर समय पर जांच कराने की अपील की। एसीएमओ डॉ. रमेश चंद्रा ने कहा कि टीबी पूरी तरह इलाज योग्य है, बशर्ते मरीज नियमित दवा लें और इलाज बीच में न छोड़ें। वहीं डॉ. चेतन जायसवाल ने बताया कि जांच और उपचार नि:शुल्क है तथा मरीजों को पोषण के लिए प्रति माह 1000 रुपये की सहायता भी दी जाती है।1
- रिपोर्टर. अजीत कुमार लोकेशन. कुशीनगर Mo. 8115031333 एंकर...आज पडरौना नगर के राम धाम पोखरा पर धूम धाम से मनाया गया चैती छठ पूजा ब्रती मिहिलाओ ने उगते हुवे सूर्य को अर्घ दिया सलग्न.....दिनांक 25.03.2026. को चैती छठ व्रत रख कर आज सूर्य देव को अर्घ देकर अपने व्रत का समापन किया वही व्रती महिलो ने बताया की यह छठ पूजा नीरजल रह कर किया जाता है हर साल की तरह इस साल भी खूब धूम धाम से मनाया गया वही व्रती महिलाओ ने बताया की चैती छठ पूजा का महत्व क्या है इसके बारे मे विस्तार से बताया की यह मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित एक हिंदू त्योहार है। यह व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। सकट चौथ मनाने के मुख्य कारण और महत्व इस प्रकार हैं: की यह छठ पूजा संतान की लंबी आयु और स्वास्थ्य: माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं यह चेत छठ पूजा विशेषकर माघ महीने में आता है और कहा जाता है, भगवान गणेश को 'विघ्नहर्ता' माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से संतान के जीवन में आने वाली सभी बाधाएं और मुसीबतें दूर हो जाती हैं।रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति: इस व्रत के प्रभाव से संतान को रिद्धि-सिद्धि (बुद्धि और सफलता) की प्राप्ति होती है। पौराणिक महत्व: कथा के अनुसार, भगवान शिव ने गणेश जी को यह वरदान दिया था कि जो भी चतुर्थी के दिन उनकी पूजा करेगा, उसके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। इस दिन तिल और गुड़ का विशेष महत्व होता है, इसलिए इसे 'तिलकुट चौथ' भी कहते हैं। इस दिन भगवान गणेश को तिल और गुड़ का भोग लगाया जाता है।3