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Odisha से एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक जिंदा व्यक्ति को बाइक से कुचलते हुए देखा जा रहा है। इस घटना ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
Sukriti pal
Odisha से एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक जिंदा व्यक्ति को बाइक से कुचलते हुए देखा जा रहा है। इस घटना ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
- Pandit Repotarगनोड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान😥😥😥5 hrs ago
- User5642Gaighat, Muzaffarpur😤39 min ago
- User1505Meerut, Uttar Pradesh😤3 hrs ago
- User1505Meerut, Uttar Pradesh😤3 hrs ago
- Chamaklal sharma banBanka, Bihar😡4 hrs ago
- User4388Banda, Uttar Pradesh🙏5 hrs ago
- User5906Sagri, Azamgarh😍5 hrs ago
More news from दिल्ली and nearby areas
- दिल्ली में एक बार फिर दर्दनाक अग्निकांड ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। राजधानी के एक घर में एसी में हुए धमाके के बाद भीषण आग लग गई, जिसमें 9 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और प्रशासन से इस घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। फिलहाल, पुलिस और फायर विभाग आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हैं। शुरुआती जांच में एसी ब्लास्ट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। इस हादसे ने एक बार फिर घरों में सुरक्षा व्यवस्था और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जरूरत को उजागर कर दिया है।1
- Post by Bharat1
- रामायण और महाभारत, भारतीय संस्कृति के दो सबसे महान महाकाव्य हैं, जो समाज को धर्म, कर्तव्य, मर्यादा और कर्म के सिद्धांतों के माध्यम से जीवन जीने की कला सिखाते हैं। रामायण जहाँ त्याग, भक्ति और आदर्श रिश्तों (जैसे राम-सीता) के माध्यम से 'क्या करना चाहिए' का मार्ग दिखाती है, वहीं महाभारत लालच और अनैतिकता के दुष्परिणामों को उजागर कर 'क्या नहीं करना चाहिए' की सीख देती है।1
- पटना(बिहार): JDU नेता निशांत कुमार ने अपनी सद्भावना यात्रा पर कहा, "हमने इसका नाम सद्भाव यात्रा दिया है। इसका यही मतलब है कि सबको साथ लेकर चलना है। गांधी जी ने भी चंपारण की धरती से अपना पहला सत्याग्रह किया था। पिताजी ने भी यहीं से अपनी सारी यात्राएं शुरू की। मैं भी वहीं से अपनी यात्रा की शुरुआत कर रहा हूं।"1
- Post by সেন্টু সরকার1
- सबसे पहले तो मैं आप लोगों का धन्यवाद दूंगी कि आप लोग समय-समय पर मेरा साथ देते हैं। मामला कोई ऐसा नहीं था कि मुझे इतना सब कुछ बोलना पड़े, लेकिन अभी दो-तीन दिन पहले लगातार आप देख रहे हैं कि मैं फेसबुक पर आकर बहुत सारी बातें बताना चाह रही थी, कहना चाह रही थी। परंतु सच्चाई मैं बता नहीं पा रही थी, हिम्मत नहीं कर पा रही थी क्योंकि समाज का भी मुझे डर था और घर का भी डर था कि उत्तेजना में कहीं मेरे पति कोई गलत काम या कदम ना उठा लें। परंतु दो-तीन दिन पहले इन्होंने हमारे जिलाध्यक्ष मोहनलाल ने धमकी भरे लोगों द्वारा मुझे धमकी दिलवाई और कहा कि तुम चुप हो जाओ नहीं तो तुम्हारे पति के ऊपर 76 लगाकर जेल में डाल दिया जाएगा। इस बात को सुनकर मैं चुप नहीं रह सकी। मैंने घर आकर अपने पति को सारी बात बताई कि मोहनलाल जी मुझे धमकी दे रहे हैं। तो मेरे पति ने कहा कि क्यों ऐसा कर रहे हैं? तो मैंने फिर मजबूर होकर उन्हें वो सारी बातें बताई जो मुझे नहीं बतानी थीं। मैंने इनसे बताया कि ये मुझसे हमबिस्तर होने की डिमांड कर रहे थे। जब मैं नहीं हुई तो इन्होंने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया और अब तुम पर 76 का केस लगाने के लिए कह रहे हैं। तो मेरे पति ने कहा कि तुम लाइव आओ और अपनी बातें रखो। आप लोगों ने फेसबुक के माध्यम से सब कुछ देखा है और सुना है कि मैंने कैसे क्या इनकी सच्चाई को बयान किया। इन्होंने अपने जिला उपाध्यक्ष पंकज द्वारा भी मेरे ऊपर अभी कुछ दिन पहले चरित्रहीनता लगाने का प्रयास किया। उसमें भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इनके प्रिय महामंत्री जयपाल जी, वो भी अक्सर मुझे फोन करके इनके द्वारा कही गई बातों को मनवाने का प्रयास करते थे, इनडायरेक्टली। परंतु मैं सब समझती रही, बात करती रही क्योंकि मुझे संगठन में काम करने का लगन था। मैं अपने 10 साल की मेहनत बर्बाद नहीं करना चाहती थी, इसलिए मैं शांत रही। समाज का मुझे डर था कि समाज अक्सर महिला को ही गलत ठहराता है। इन कारणों से मैं चुप रही और बराबर इन लोगों की सारी बातों को अवॉयड करती रही। आज जब मेरे परिवार और घर पर बात आई, तो मैं फिर चुप नहीं रह सकी और फेसबुक पर लाइव आकर सारी अपनी व्यथा को मैंने लोगों तक रखी। अब मैं यह चाहती हूँ कि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा इन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। ऐसे लोगों को संगठन चलाना नहीं चाहिए, इनको बाहर निकाल के फेंक दें, तभी इनके होश ठिकाने आएंगे। बस, मैं इतना ही कहना चाहूँगी।1
- रिपोर्टर अधिकारियों से पूछता है कि दिल्ली में बिना बीमा (Insurance) के वाहन चलाने पर कितना चालान है। एक अधिकारी बताते हैं कि इसका चालान लगभग 2000 रुपये है। जिस सरकारी गाड़ी (DL1CAA0024) का उपयोग अधिकारी कर रहे हैं, उसका स्वयं का बीमा समाप्त हो चुका है। जब रिपोर्टर गाड़ी के दस्तावेज़ दिखाने की मांग करता है, तो अधिकारियों और रिपोर्टर के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की होती है। अधिकारी रिपोर्टर के साथ बदतमीजी करते हुए कैमरा हटाने को कहते हैं। कैमरे पर गाड़ी का नंबर दिखाते हुए जनता को बताता है कि जो विभाग दूसरों का चालान काट रहा है, उनके अपने वाहन के कागजात ही पूरे नहीं हैं।1
- Post by Bharat1
- शासन के मंशानुरूप जनपद के सभी तहसीलों में आयोजित हुआ सम्पूर्ण समाधान दिवस संपूर्ण समाधान दिवस तहसील भदोही में जिलाधिकारी ने कुल 36 मामलों में तत्काल टीमों को स्थलीय मुआयना करा 07 का कराया त्वरित निस्तारण भदोही 02 मई, 2026:–-जन शिकायतो के त्वरित निस्तारण एवं कार्यवाही के दृष्टिगत जिलाधिकारी शैलेष कुमार के कुशल मार्गदर्शन में ‘‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’’ जनपद के सभी तहसीलों में आयोजित किया गया। तहसील भदोही में जिलाधिकारी शैलेष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल, उप जिलाधिकारी अरुण गिरि, पुलिस क्षेत्राधिकारी, तहसील औराई में अपर जिलाधिकारी वि0 रा0 कुंवर वीरेन्द्र मौर्य, उप जिलाधिकारी श्याममणि त्रिपाठी, तहसील ज्ञानपुर में उप जिलाधिकारी भानसिंह, तहसीलदार एवं अन्य अधिकारियो द्वारा सम्पूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित होकर फ़रियादियों की समस्याओ को गंभीरता से सुनकर निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने अंतरविभागीय समन्वय स्थापित करते हुए प्रत्येक राजस्व व पुलिस टीम के लीडर के रूप में एक-एक जनपदीय अधिकारी को नामित करते हुए निर्देशन किया कि टीम लीडर तत्काल उसी दिन प्रकरण का स्थलीय मुआयना करते हुए निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों का निस्तारण करने हेतु शिकायतकर्ता से बात करें, मौके पर जाये, स्पष्ट रूप से आख्या लिखे, कागजी खानापूर्ति न करें। शिकायतों को पारदर्शी ढंग से गुणवत्तानुरूण निस्तारण कराये,अन्यथा सख्त कार्यवाही की जायेगी। तहसील भदोही सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी शैलेष कुमार द्वारा सुनवाई के दौरान दूर-दराज से आये फरियादियों के कुल 36 प्रार्थना पत्रों में से 07 मामलों में त्वरित संयुक्त टीम भेज कर निस्तारण किये गये, शेष प्रकरण में राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम बनाते हुए समय-सीमा में समाधान करने का निर्देश दिया। सभी तहसीलों में जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम मेें सुशासन आधारित लगायें गये विभिन्न कैम्पो-बाल विकास पुष्टाहार विभाग, आयुष्मान गोल्डेन कार्ड, परिवार नियोजन, समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धावस्था पेंशन, महिला कल्याण विभाग द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के उन्नयन हेतु विविध योजना मिशन शक्ति, राजस्व विभाग हेल्प डेस्क, जागरूकता हेतु लगाये गये। जिलाधिकारी ने तहसील भदोही के संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनकर त्वरित निस्तारण करते हुए सुशासन को स्थापित किया, साथ ही आईजीआरएस में प्राप्त लोक शिकायतों का निस्तारण, ऑनलाईन ‘‘सर्विस डिलीवरी’’ की सेवाओं में वृद्धि किया गया। जिलाधिकारी ने फरियादियों की शिकायतों को गम्भीरता से सुनते हुए गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध समाधान करने का निर्देश दिया। कानूनगो व लेखपाल को निर्देशित किया कि जमीन सम्बन्धी मामले में पुलिस टीम के साथ समन्वय व सहयोग बनाते हुए निस्तारण सुनिश्चित कराये। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कुछ ऐसे मामले होते है जो दो या तीन विभागों के मध्य संयुक्त रहता है। सम्पूर्ण समाधान दिवस एक ऐसा सुअवसर होता है जहा पर एक ही दिन, एक ही निश्चित समय पर सभी जनपदीय अधिकारी उपस्थित होते है। अर्न्तविभागीय समन्वय स्थापित करते हुयें ऐसे सभी मामलों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाय। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि प्रदेश सरकार की मंशानुरूप जनता जनार्दन को अपने तहसील स्तर पर ही उनकी शिकायतों का निस्तारण करना सुनिश्चित किया जाएं। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस द्वारा शासन त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है। तहसील दिवस में आए जनता की समस्याओं का पुलिस व राजस्व अधिकारी संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण करते हुए न्यायोचित निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यालयाध्यक्ष अपने विभाग स्तर पर ही शिकायतकर्ताओं को संतुष्टि के साथ शिकायत निस्तारण सुनिश्चित करें। यदि प्राथमिक स्तर पर ही विकास खण्ड कार्यालय, उप जिलाधिकारी कार्यालय व विभागाध्यक्ष द्वारा गुणवत्ता व संतुष्टिपरक समय-सीमा में शिकायतों का निस्तारण कर लिया जाय तो फरियादियों को जिलाधिकारी, मण्डलायुक्त व सीएम पोर्टल पर शिकायत करने की स्थिति ही नही आयेगी। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने फार्मर रजिस्ट्री में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लेखपाल श्रीमती निधि शुक्ला, शकील अहमद, किशन गुप्ता, व कृषि विभाग के कर्मचारी सुरेश यादव को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी लगन के साथ और भी कर्मचारी कार्य करें। तहसील औराई में उप जिलाधिकारी श्याममणि त्रिपाठी के समक्ष फरियादियों में कुल 32 में 05 का निस्तारण किया तथा तहसील ज्ञानपुर उप जिलाधिकारी भानसिंह के समक्ष कुल 24 में से 04 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया और शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर निस्तारण करने का निर्देश दिया गया।1