लखीमपुर खीरी सहित मैलानी, पीलीभीत और बरेली रूट के रेल यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए, रेल मंत्रालय ने कासगंज से लखनऊ (ऐशबाग) के बीच एक नई एक्सप्रेस ट्रेन के परिचालन को अंतिम स्वीकृति दे दी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री व स्थानीय सांसद श्री जितिन प्रसाद ने क्षेत्र की जनता की मांग को देखते हुए बीते 02 जून 2026 को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर वाया बरेली, पीलीभीत, पूरनपुर, मैलानी, लखीमपुर एवं सीतापुर होते हुए इस नई रेलगाड़ी को चलाए जाने का विशेष अनुरोध किया था, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए रेल मंत्री ने इसके संचालन को हरी झंडी दी है। रेल मंत्री द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह नई रेलगाड़ी संख्या 15312 / 15311 'कासगंज - ऐशबाग (लखनऊ) एक्सप्रेस' के नाम से चलेगी। यह ट्रेन अपनी यात्रा के दौरान कासगंज, बरेली, पीलीभीत, पूरनपुर, मैलानी, गोला गोकर्णनाथ, लखीमपुर, सीतापुर और ऐशबाग (लखनऊ) जैसे प्रमुख शहरों और कस्बों को आपस में जोड़ेगी। इस नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा के शुरू होने से हजारों यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा। इससे न केवल आम यात्रियों और दैनिक नौकरीपेशा लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि लखीमपुर खीरी, गोला गोकर्ण नाथ, मैलानी और पीलीभीत के व्यापारियों के लिए लखनऊ और बरेली आना-जाना भी बेहद सुगम हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के बड़े अस्पतालों जैसे केजीएमयू और संजय गांधी पीजीआई तक पहुँचने के लिए अब एक सीधी और किफायती ट्रेन सुविधा मिल सकेगी। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों और यात्रियों ने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के प्रति आभार व्यक्त किया है। रेलवे प्रशासन द्वारा जल्द ही इस नई एक्सप्रेस ट्रेन की समय सारणी और संचालन की आधिकारिक तिथि की घोषणा की जाएगी।
लखीमपुर खीरी सहित मैलानी, पीलीभीत और बरेली रूट के रेल यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए, रेल मंत्रालय ने कासगंज से लखनऊ (ऐशबाग) के बीच एक नई एक्सप्रेस ट्रेन के परिचालन को अंतिम स्वीकृति दे दी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री व स्थानीय सांसद श्री जितिन प्रसाद ने क्षेत्र की जनता की मांग को देखते हुए बीते 02 जून 2026 को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर वाया बरेली, पीलीभीत, पूरनपुर, मैलानी, लखीमपुर एवं सीतापुर होते हुए इस नई रेलगाड़ी को चलाए जाने का विशेष अनुरोध किया था, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए रेल मंत्री ने इसके संचालन को हरी झंडी दी है। रेल मंत्री द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह नई रेलगाड़ी संख्या 15312 / 15311 'कासगंज - ऐशबाग (लखनऊ) एक्सप्रेस' के नाम से चलेगी। यह ट्रेन अपनी यात्रा के दौरान कासगंज, बरेली,
पीलीभीत, पूरनपुर, मैलानी, गोला गोकर्णनाथ, लखीमपुर, सीतापुर और ऐशबाग (लखनऊ) जैसे प्रमुख शहरों और कस्बों को आपस में जोड़ेगी। इस नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा के शुरू होने से हजारों यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा। इससे न केवल आम यात्रियों और दैनिक नौकरीपेशा लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि लखीमपुर खीरी, गोला गोकर्ण नाथ, मैलानी और पीलीभीत के व्यापारियों के लिए लखनऊ और बरेली आना-जाना भी बेहद सुगम हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के बड़े अस्पतालों जैसे केजीएमयू और संजय गांधी पीजीआई तक पहुँचने के लिए अब एक सीधी और किफायती ट्रेन सुविधा मिल सकेगी। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों और यात्रियों ने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के प्रति आभार व्यक्त किया है। रेलवे प्रशासन द्वारा जल्द ही इस नई एक्सप्रेस ट्रेन की समय सारणी और संचालन की आधिकारिक तिथि की घोषणा की जाएगी।
- दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों में1
- Post by SUBHASH CHAND🙏1
- ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि मुसलमानों का समाजवादी पार्टी (सपा) और अखिलेश यादव के परिवार पर बड़ा एहसान है। उन्होंने सपा को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम समाज का समर्थन हासिल करना है, तो उसे अनिवार्य रूप से किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर घोषित करना होगा। मौलाना रजवी ने सपा पर यह आरोप भी लगाया कि पार्टी मुस्लिम समुदाय के वोट तो लेती है, लेकिन बदले में उन्हें उनकी हिस्सेदारी के अनुरूप नेतृत्व और प्रतिनिधित्व प्रदान नहीं करती है।1
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनियां क्षेत्र में इन दिनों खाद की खुलेआम तस्करी चल रही है, जिसके कारण स्थानीय किसानों को खाद मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर, जिन लोगों को नेपाल खाद ले जानी होती है, उन्हें यह आसानी से उपलब्ध हो जाती है। यह चिंता का विषय है कि अब नेपाली व्यक्ति भी भारत के तिकुनियां से बड़ी आसानी से खाद नेपाल ले जा रहे हैं, और उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। इस स्थिति से प्रशासन के ढीले रवैये का स्पष्ट संकेत मिलता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन तस्करों को खाद मुहैया कौन करा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित तराई क्षेत्र में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी का असर दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचे पारे ने 'जंगल के राजा' बाघों को भी वाटर होल्स में शरण लेने पर मजबूर कर दिया है, जहाँ वे दिनभर गोते लगाते दिख रहे हैं। वनकर्मियों के अनुसार, बाघ अब शिकार छोड़कर वाटर होल्स और तालाबों का रुख कर रहे हैं, घंटों पानी में बैठकर अपने शरीर का तापमान नियंत्रित कर रहे हैं। भीषण गर्मी से बेहाल बाघों का यह अनोखा नज़ारा पर्यटकों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।1
- बेंगलुरु में आयोजित NEET-UG 2026 की री-एग्जाम के दौरान शहर में उत्पन्न हुई भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि कांग्रेस की एक विशाल रैली के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिससे परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्रों और उनके अभिभावकों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ा। इस अव्यवस्था के चलते कुछ अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र तक समय पर न पहुंच पाने के दावे भी सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कई अभिभावकों ने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक आयोजनों की वजह से छात्रों के भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड में कांग्रेस के कार्यक्रम के कारण शहर के कई इलाकों में ट्रैफिक का भारी दबाव बढ़ गया। इस मामले को लेकर भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा है, जबकि कांग्रेस के नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परीक्षा के प्रभावित होने के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षाओं के दौरान प्रशासन और राजनीतिक दलों को बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना चाहिए। जैसा कि कहा गया है, "छात्रों का भविष्य राजनीति से ऊपर है। परीक्षा के दिनों में किसी भी तरह के बड़े आयोजन से बचना सभी दलों और प्रशासन की जिम्मेदारी है।" यह आवश्यक है ताकि छात्रों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।1
- आरोग्य भारती लखीमपुर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लखीमपुर खीरी के पवित्र देवकली तीर्थ स्थित श्रीमती चंद्रकला आश्रम में एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्राकृतिक छटा के बीच संपन्न हुआ। इस आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय चित्रकार व ज्योतिष गुरु अरविंद ओझा, विशिष्ट अतिथि आचार्य प्रमोद दीक्षित, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज पांडे और योग गुरु अकेश जी द्वारा भगवान धन्वंतरि के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि अरविंद ओझा ने इस अवसर पर जीवन में योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। सामूहिक योगाभ्यास सत्र में अंगचालन और प्राणायाम के साथ-साथ विशेष रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया। इस कार्यक्रम में प्रांतीय उपाध्यक्ष आरोग्य भारती डॉ. अश्वनी गुप्ता, विभाग संयोजक डॉ. दिलबाग सिंह रंधावा, डॉ. अमित विश्वकर्मा, सुरेश कुमार, आश्रम परिवार के छात्र, आचार्य और गांव के ग्रामीण सहित लगभग 200 लोग सम्मिलित हुए।2
- छोटी काशी गोला गोकरननाथ में सोमवार के पावन अवसर पर अपने घर में माँ भगवती के स्वरूप कन्याओं का पूजन किया गया। मोहल्ला पश्चिमी दीक्षिताना स्थित एक घर में पूरे विधि-विधान से कन्या पूजन का आयोजन हुआ, जहाँ कन्याओं को घर बुलाकर उनके कोमल चरण धोए गए। परिवार की मुखिया ने सभी कन्याओं के माथे पर रोली-अक्षत का तिलक लगाकर उन्हें प्रेम और श्रद्धा से 'क्वारी' का प्रसाद परोसा। इस पूजन में कन्याओं को साक्षात देवी का रूप माना जाता है, क्योंकि इनमें देवी का वास होता है। ऐसी मान्यता है कि इन कन्याओं के आशीष से घर में सुख-शांति बनी रहती है।1