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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित तराई क्षेत्र में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी का असर दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचे पारे ने 'जंगल के राजा' बाघों को भी वाटर होल्स में शरण लेने पर मजबूर कर दिया है, जहाँ वे दिनभर गोते लगाते दिख रहे हैं। वनकर्मियों के अनुसार, बाघ अब शिकार छोड़कर वाटर होल्स और तालाबों का रुख कर रहे हैं, घंटों पानी में बैठकर अपने शरीर का तापमान नियंत्रित कर रहे हैं। भीषण गर्मी से बेहाल बाघों का यह अनोखा नज़ारा पर्यटकों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।
Prem chand
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित तराई क्षेत्र में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी का असर दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचे पारे ने 'जंगल के राजा' बाघों को भी वाटर होल्स में शरण लेने पर मजबूर कर दिया है, जहाँ वे दिनभर गोते लगाते दिख रहे हैं। वनकर्मियों के अनुसार, बाघ अब शिकार छोड़कर वाटर होल्स और तालाबों का रुख कर रहे हैं, घंटों पानी में बैठकर अपने शरीर का तापमान नियंत्रित कर रहे हैं। भीषण गर्मी से बेहाल बाघों का यह अनोखा नज़ारा पर्यटकों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।
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- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित तराई क्षेत्र में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी का असर दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचे पारे ने 'जंगल के राजा' बाघों को भी वाटर होल्स में शरण लेने पर मजबूर कर दिया है, जहाँ वे दिनभर गोते लगाते दिख रहे हैं। वनकर्मियों के अनुसार, बाघ अब शिकार छोड़कर वाटर होल्स और तालाबों का रुख कर रहे हैं, घंटों पानी में बैठकर अपने शरीर का तापमान नियंत्रित कर रहे हैं। भीषण गर्मी से बेहाल बाघों का यह अनोखा नज़ारा पर्यटकों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।1
- बेंगलुरु में आयोजित NEET-UG 2026 की री-एग्जाम के दौरान शहर में उत्पन्न हुई भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि कांग्रेस की एक विशाल रैली के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिससे परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्रों और उनके अभिभावकों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ा। इस अव्यवस्था के चलते कुछ अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र तक समय पर न पहुंच पाने के दावे भी सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कई अभिभावकों ने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक आयोजनों की वजह से छात्रों के भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड में कांग्रेस के कार्यक्रम के कारण शहर के कई इलाकों में ट्रैफिक का भारी दबाव बढ़ गया। इस मामले को लेकर भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा है, जबकि कांग्रेस के नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परीक्षा के प्रभावित होने के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षाओं के दौरान प्रशासन और राजनीतिक दलों को बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना चाहिए। जैसा कि कहा गया है, "छात्रों का भविष्य राजनीति से ऊपर है। परीक्षा के दिनों में किसी भी तरह के बड़े आयोजन से बचना सभी दलों और प्रशासन की जिम्मेदारी है।" यह आवश्यक है ताकि छात्रों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।1
- आरोग्य भारती लखीमपुर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लखीमपुर खीरी के पवित्र देवकली तीर्थ स्थित श्रीमती चंद्रकला आश्रम में एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्राकृतिक छटा के बीच संपन्न हुआ। इस आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय चित्रकार व ज्योतिष गुरु अरविंद ओझा, विशिष्ट अतिथि आचार्य प्रमोद दीक्षित, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज पांडे और योग गुरु अकेश जी द्वारा भगवान धन्वंतरि के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि अरविंद ओझा ने इस अवसर पर जीवन में योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। सामूहिक योगाभ्यास सत्र में अंगचालन और प्राणायाम के साथ-साथ विशेष रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया। इस कार्यक्रम में प्रांतीय उपाध्यक्ष आरोग्य भारती डॉ. अश्वनी गुप्ता, विभाग संयोजक डॉ. दिलबाग सिंह रंधावा, डॉ. अमित विश्वकर्मा, सुरेश कुमार, आश्रम परिवार के छात्र, आचार्य और गांव के ग्रामीण सहित लगभग 200 लोग सम्मिलित हुए।2
- मोहम्मदी खीरी के मोहल्ला सरैया से बड़े ही हकीदत और सम्मान के साथ एक आलम और ताजिया जुलूस निकाला गया।1
- लखीमपुर खीरी के जंग बहादुर गंज स्थित रेलवे लाइन पार के मोहल्ले में विकास कार्यों की घोर उपेक्षा का आरोप लगाया गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, उनके मोहल्ले की गलियों में पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था न होने के कारण खड़ज़े पर पानी भरा रहता है। शिकायत है कि नालियों का निर्माण भी सही ढंग से नहीं किया गया है, जिससे क्षेत्र में जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई है।2
- औरंगाबाद ग्राम पंचायत में मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जहाँ गलियों में पानी बह रहा है और चारों ओर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायती दावे सिर्फ वादों तक ही सीमित हैं। ग्राउंड पर न तो कोई सफाई होती है और न ही लोगों की शिकायतों की कोई सुनवाई की जाती है। इस प्रकार की स्थिति से औरंगाबाद ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली और उसकी कमाई पर सवाल खड़े होते हैं।1
- इस्कॉन लखीमपुर द्वारा 17 जुलाई 2026 को एक भव्य रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह रथयात्रा सायं 4 बजे भुइफोरवानाथ मंदिर, मेला मैदान से शुरू होगी और विलोबी हॉल तक जाएगी। इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की आकर्षक झांकी के साथ-साथ भजन-कीर्तन एवं हरिनाम संकीर्तन भी होगा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से अपने परिवार सहित इस रथयात्रा में शामिल होकर सेवा और पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भक्ति, प्रेम और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।1
- छोटी काशी गोला गोकरननाथ में सोमवार के पावन अवसर पर अपने घर में माँ भगवती के स्वरूप कन्याओं का पूजन किया गया। मोहल्ला पश्चिमी दीक्षिताना स्थित एक घर में पूरे विधि-विधान से कन्या पूजन का आयोजन हुआ, जहाँ कन्याओं को घर बुलाकर उनके कोमल चरण धोए गए। परिवार की मुखिया ने सभी कन्याओं के माथे पर रोली-अक्षत का तिलक लगाकर उन्हें प्रेम और श्रद्धा से 'क्वारी' का प्रसाद परोसा। इस पूजन में कन्याओं को साक्षात देवी का रूप माना जाता है, क्योंकि इनमें देवी का वास होता है। ऐसी मान्यता है कि इन कन्याओं के आशीष से घर में सुख-शांति बनी रहती है।1