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अम्बिकापुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 13, शिवशंकर वार्ड में गंदगी का आलम है, जहाँ सड़कों पर जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, नगर निगम के सफाई कर्मचारी रोज़ सुबह 6 बजे से पूरे वार्ड में सफाई करते हैं। इसके बावजूद, कुछ रहवासियों की लापरवाही के कारण लोग कचरा सड़कों पर इधर-उधर फेंक देते हैं, जिससे सफाई के बाद भी वार्ड में गंदगी बनी रहती है। नागरिकों ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक लोग स्वयं जिम्मेदारी नहीं लेंगे, तब तक वार्ड साफ नहीं हो सकता। वार्ड 13 के पार्षद ने इस समस्या पर अपनी बात रखते हुए बताया कि सफाई के लिए प्रतिदिन टीम भेजी जा रही है और सफाई कर्मचारी रोज़ सुबह 6 बजे से शिवशंकर वार्ड में लगातार सफाई कर रहे हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से निवेदन किया है कि वे कचरा केवल डस्टबिन में ही डालें और स्वच्छता अभियान में अपना सहयोग दें। इसके अतिरिक्त, वार्ड में पोल और नाली की समस्या भी मौजूद है, जिसके बारे में पार्षद ने जानकारी दी कि इसका प्रस्ताव नगर निगम में प्रक्रियाधीन है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही यह प्रस्ताव पारित होगा, संबंधित काम तुरंत शुरू करवा दिए जाएंगे। प्रशासन ने अम्बिकापुर को स्वच्छ बनाने के लिए लोगों से अपील की है कि वे सफाई कर्मियों का सहयोग करें और गंदगी न फैलाएं।

4 hrs ago
user_Himanshu raj
Himanshu raj
Real Estate Agent अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
4 hrs ago

अम्बिकापुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 13, शिवशंकर वार्ड में गंदगी का आलम है, जहाँ सड़कों पर जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, नगर निगम के सफाई कर्मचारी रोज़ सुबह 6 बजे से पूरे वार्ड में सफाई करते हैं। इसके बावजूद, कुछ रहवासियों की लापरवाही के कारण लोग कचरा सड़कों पर इधर-उधर फेंक देते हैं, जिससे सफाई के बाद भी वार्ड में गंदगी बनी रहती है। नागरिकों ने साफ

तौर पर कहा है कि जब तक लोग स्वयं जिम्मेदारी नहीं लेंगे, तब तक वार्ड साफ नहीं हो सकता। वार्ड 13 के पार्षद ने इस समस्या पर अपनी बात रखते हुए बताया कि सफाई के लिए प्रतिदिन टीम भेजी जा रही है और सफाई कर्मचारी रोज़ सुबह 6 बजे से शिवशंकर वार्ड में लगातार सफाई कर रहे हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से निवेदन किया है कि वे कचरा केवल डस्टबिन में ही डालें और स्वच्छता

अभियान में अपना सहयोग दें। इसके अतिरिक्त, वार्ड में पोल और नाली की समस्या भी मौजूद है, जिसके बारे में पार्षद ने जानकारी दी कि इसका प्रस्ताव नगर निगम में प्रक्रियाधीन है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही यह प्रस्ताव पारित होगा, संबंधित काम तुरंत शुरू करवा दिए जाएंगे। प्रशासन ने अम्बिकापुर को स्वच्छ बनाने के लिए लोगों से अपील की है कि वे सफाई कर्मियों का सहयोग करें और गंदगी न फैलाएं।

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  • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में रायगढ़ जिले में अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत छाल पुलिस ने ग्राम खेदापाली में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने यहां सविता सतनामी, पति झंगलूराम सतनामी (उम्र 27 वर्ष) को अवैध रूप से महुआ शराब बेचते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मौके से 15-15 लीटर क्षमता के दो प्लास्टिक जरीकेन में भरी कुल 30 लीटर महुआ शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹6,000 बताई गई है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान को मिली मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि सविता सतनामी अपने घर के समीप इमली के पेड़ के नीचे अवैध रूप से महुआ शराब बेच रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के निर्देशानुसार सहायक उप निरीक्षक शिव खरे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी और महिला को ग्राहकों को शराब बेचते हुए पकड़ा। आरोपिया सविता सतनामी के विरुद्ध धारा 34(2) और 59(क) छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। इस सफल कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक शिव खरे, प्रधान आरक्षक अशोक देवांगन, शंकर सिंह क्षत्री, शंभू पाण्डेय और महिला आरक्षक रंजिता चौहान की सराहनीय भूमिका रही।
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    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में रायगढ़ जिले में अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत छाल पुलिस ने ग्राम खेदापाली में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने यहां सविता सतनामी, पति झंगलूराम सतनामी (उम्र 27 वर्ष) को अवैध रूप से महुआ शराब बेचते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मौके से 15-15 लीटर क्षमता के दो प्लास्टिक जरीकेन में भरी कुल 30 लीटर महुआ शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹6,000 बताई गई है।

यह कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान को मिली मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि सविता सतनामी अपने घर के समीप इमली के पेड़ के नीचे अवैध रूप से महुआ शराब बेच रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के निर्देशानुसार सहायक उप निरीक्षक शिव खरे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी और महिला को ग्राहकों को शराब बेचते हुए पकड़ा। आरोपिया सविता सतनामी के विरुद्ध धारा 34(2) और 59(क) छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

इस सफल कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक शिव खरे, प्रधान आरक्षक अशोक देवांगन, शंकर सिंह क्षत्री, शंभू पाण्डेय और महिला आरक्षक रंजिता चौहान की सराहनीय भूमिका रही।
    user_Ajit gupta
    Ajit gupta
    Local News Reporter पत्थलगाँव, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • बिलासपुर जिले में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत तोरवा पुलिस ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत सट्टा नेटवर्क से जुड़े चार आदतन सटोरियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई संपन्न हुई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान दीपक रामनानी (53), अजहर जुननानी (50), सुधीर बोले (56) और शुभम पांडे (30) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी पूर्व से जुआ-सट्टा के मामलों में शामिल रहे हैं और लंबे समय से अवैध सट्टेबाजी के कारोबार से जुड़े हुए थे। हाल ही में सट्टा सरगना किशन चंद समेत चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विवेचना में मिले सुरागों के आधार पर इन चार सटोरियों को पकड़ा गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 एवं 7 के साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में संगठित रूप से सट्टा संचालन के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के कारण उनके विरुद्ध संगठित अपराध के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की गई। इन सभी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध जुआ-सट्टा के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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    बिलासपुर जिले में अवैध जुआ-सट्टा और संगठित सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत तोरवा पुलिस ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत सट्टा नेटवर्क से जुड़े चार आदतन सटोरियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई संपन्न हुई।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान दीपक रामनानी (53), अजहर जुननानी (50), सुधीर बोले (56) और शुभम पांडे (30) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी पूर्व से जुआ-सट्टा के मामलों में शामिल रहे हैं और लंबे समय से अवैध सट्टेबाजी के कारोबार से जुड़े हुए थे। हाल ही में सट्टा सरगना किशन चंद समेत चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विवेचना में मिले सुरागों के आधार पर इन चार सटोरियों को पकड़ा गया है।

सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 एवं 7 के साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में संगठित रूप से सट्टा संचालन के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के कारण उनके विरुद्ध संगठित अपराध के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की गई। इन सभी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध जुआ-सट्टा के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    Korba, Chhattisgarh•
    14 hrs ago
  • एक क्लोनी में रहने वाले लोग पानी, आवास सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
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    एक क्लोनी में रहने वाले लोग पानी, आवास सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    1 hr ago
  • गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत बिंदोरा पंचायत की बिंदोरा हरिजन टोली, जिसे हरिजन कॉलोनी भी कहा जाता है, आज भी विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह कटी हुई है। करीब 24 से 25 परिवारों की यह बस्ती सड़क, शुद्ध पेयजल, आवास, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, और कई सरकारी योजनाओं का लाभ आज तक इन ग्रामीणों तक नहीं पहुँच पाया है, जिससे वे बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बस्ती में बने अधिकांश सरकारी आवास जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। घरों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और छतों पर लगी टीन की चादरें टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे बरसात में पानी टपकता है और तेज आंधी में छत उड़ जाने का खतरा बना रहता है। ऐसे में परिवार हर मौसम में जान जोखिम में डालकर रहने को विवश हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद किसी अधिकारी ने उनकी स्थिति का जायजा नहीं लिया है। आवास की कमी के चलते कई परिवारों को एक ही छोटे से मकान में संयुक्त रूप से रहना पड़ता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए कई बार आवेदन देने के बाद भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है। शुद्ध पेयजल की भी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों को पीने और घरेलू कार्यों के लिए प्रतिदिन लगभग 1 किलोमीटर दूर स्थित डोढ़ा (एक छोटा नाला) से पानी लाना पड़ता है, जहाँ से पशु भी पानी पीते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। गर्मी और बरसात दोनों मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। वर्षों पहले पेयजल संकट दूर करने के लिए बनी जलमीनार लंबे समय से खराब पड़ी है, जिसकी मरम्मत के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को कई बार सूचित किया गया, पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है, क्योंकि हरिजन टोली के आसपास न कोई आंगनबाड़ी केंद्र है और न प्राथमिक विद्यालय। बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है, जिससे कई बच्चे नियमित स्कूल नहीं पहुँच पाते और उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। बस्ती के अधिकांश परिवार दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह गुजारा करते हैं। नियमित रोजगार न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर बनी हुई है, जिससे वे अपने जर्जर मकानों की मरम्मत भी नहीं करा पाते। कई परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी एक बड़ी चुनौती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जर्जर मकानों की मरम्मत या नए आवास उपलब्ध कराने, बंद पड़ी जलमीनार को शीघ्र चालू कराने, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने, बस्ती में आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय खोलने तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीण अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर विकास कार्यों की उम्मीद कर रहे हैं।
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    गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत बिंदोरा पंचायत की बिंदोरा हरिजन टोली, जिसे हरिजन कॉलोनी भी कहा जाता है, आज भी विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह कटी हुई है। करीब 24 से 25 परिवारों की यह बस्ती सड़क, शुद्ध पेयजल, आवास, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, और कई सरकारी योजनाओं का लाभ आज तक इन ग्रामीणों तक नहीं पहुँच पाया है, जिससे वे बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि बस्ती में बने अधिकांश सरकारी आवास जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। घरों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और छतों पर लगी टीन की चादरें टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे बरसात में पानी टपकता है और तेज आंधी में छत उड़ जाने का खतरा बना रहता है। ऐसे में परिवार हर मौसम में जान जोखिम में डालकर रहने को विवश हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद किसी अधिकारी ने उनकी स्थिति का जायजा नहीं लिया है। आवास की कमी के चलते कई परिवारों को एक ही छोटे से मकान में संयुक्त रूप से रहना पड़ता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए कई बार आवेदन देने के बाद भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है।

शुद्ध पेयजल की भी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों को पीने और घरेलू कार्यों के लिए प्रतिदिन लगभग 1 किलोमीटर दूर स्थित डोढ़ा (एक छोटा नाला) से पानी लाना पड़ता है, जहाँ से पशु भी पानी पीते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। गर्मी और बरसात दोनों मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। वर्षों पहले पेयजल संकट दूर करने के लिए बनी जलमीनार लंबे समय से खराब पड़ी है, जिसकी मरम्मत के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को कई बार सूचित किया गया, पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है, क्योंकि हरिजन टोली के आसपास न कोई आंगनबाड़ी केंद्र है और न प्राथमिक विद्यालय। बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है, जिससे कई बच्चे नियमित स्कूल नहीं पहुँच पाते और उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है।

बस्ती के अधिकांश परिवार दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह गुजारा करते हैं। नियमित रोजगार न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर बनी हुई है, जिससे वे अपने जर्जर मकानों की मरम्मत भी नहीं करा पाते। कई परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी एक बड़ी चुनौती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जर्जर मकानों की मरम्मत या नए आवास उपलब्ध कराने, बंद पड़ी जलमीनार को शीघ्र चालू कराने, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने, बस्ती में आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय खोलने तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीण अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर विकास कार्यों की उम्मीद कर रहे हैं।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    21 hrs ago
  • प्रशासन ने जेल में बंद राजकली पर सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई की है। यह कार्रवाई सीतामढ़ी स्थित उनके मकान में की गई।
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    प्रशासन ने जेल में बंद राजकली पर सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई की है। यह कार्रवाई सीतामढ़ी स्थित उनके मकान में की गई।
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • रंका प्रखंड में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 65वीं सुब्रतो मुखर्जी प्रखंड स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ रंका प्लस टू हाई स्कूल के खेल मैदान में उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। इस प्रतियोगिता में रंका प्रखंड के सभी मिडिल एवं प्लस टू सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इसका उद्घाटन अनुमंडल पुलिस निरीक्षक अभिजीत गौतम मिश्रा, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी रवि कुमार सिंह, रंका थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी, बुनियादी संकुल साधनसेवी देवेंद्र नाथ उपाध्याय, दौनादाग संकुल साधनसेवी संजय प्रसाद गुप्ता तथा रंका युवराज गुलाब प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। उद्घाटन समारोह में उपस्थित अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और आत्मविश्वास का भी विकास करते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रखंड स्तर पर विजयी टीम जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेगी, जिसके बाद जिला स्तर पर सफलता प्राप्त करने वाली टीमें राज्य स्तर पर और अंततः राज्य विजेता टीम राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी।
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    रंका प्रखंड में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 65वीं सुब्रतो मुखर्जी प्रखंड स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ रंका प्लस टू हाई स्कूल के खेल मैदान में उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। इस प्रतियोगिता में रंका प्रखंड के सभी मिडिल एवं प्लस टू सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इसका उद्घाटन अनुमंडल पुलिस निरीक्षक अभिजीत गौतम मिश्रा, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी रवि कुमार सिंह, रंका थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी, बुनियादी संकुल साधनसेवी देवेंद्र नाथ उपाध्याय, दौनादाग संकुल साधनसेवी संजय प्रसाद गुप्ता तथा रंका युवराज गुलाब प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया।

उद्घाटन समारोह में उपस्थित अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और आत्मविश्वास का भी विकास करते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रखंड स्तर पर विजयी टीम जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेगी, जिसके बाद जिला स्तर पर सफलता प्राप्त करने वाली टीमें राज्य स्तर पर और अंततः राज्य विजेता टीम राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    3 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन की धरती से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का मुख्य लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। इसी संकल्प के साथ, सरकार देश में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि ये पहलें क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। उन्होंने ज़ोर दिया कि विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की भूमिका महत्वपूर्ण है और केंद्र सरकार उनके विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, और डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को एक नई पहचान दी है। इन प्रयासों के तहत करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ज़ोर दिया, यह कहते हुए कि नारी शक्ति देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाया जा रहा है, और आज वे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति ने उनके लिए नए अवसर पैदा किए हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढाँचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस आयोजन ने क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प को भी मज़बूती प्रदान की।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन की धरती से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का मुख्य लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। इसी संकल्प के साथ, सरकार देश में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है।

दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि ये पहलें क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। उन्होंने ज़ोर दिया कि विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की भूमिका महत्वपूर्ण है और केंद्र सरकार उनके विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, और डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को एक नई पहचान दी है। इन प्रयासों के तहत करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।

अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ज़ोर दिया, यह कहते हुए कि नारी शक्ति देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाया जा रहा है, और आज वे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति ने उनके लिए नए अवसर पैदा किए हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढाँचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा।

दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस आयोजन ने क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प को भी मज़बूती प्रदान की।
    user_Pradesh Khabar News Network
    Pradesh Khabar News Network
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • बिलासपुर जिले में अपराध, गुंडागर्दी और चाकूबाजी पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने एक विशेष सघन अभियान चलाया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सीधे निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत, आदतन गुंडा-बदमाशों, चाकूबाजों और आपराधिक प्रवृत्ति के संदिग्धों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। इस व्यापक कार्रवाई के दौरान कुल 90 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनका सत्यापन और पूछताछ की गई। जांच पूरी होने के बाद, 76 आदतन गुंडा-बदमाशों और चाकूबाजों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त, 12 व्यक्तियों को धारा 170 BNSS के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। अभियान के दौरान, पुलिस ने दो आरोपियों के कब्जे से अवैध धारदार हथियार भी बरामद किए, जिनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग मामले दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। पुलिस अधिकारियों ने जिले के सभी चिन्हित असामाजिक तत्वों, निगरानी बदमाशों और चाकूबाजों को सख्त चेतावनी जारी की है। उन्हें साफ तौर पर कहा गया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि, मारपीट, अवैध हथियार रखने या कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर जिला बदर और अन्य निरोधात्मक प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई शामिल होगी। बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध, गुंडागर्दी और असामाजिक गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, आम नागरिकों से अपील की गई है कि ऐसे तत्वों के बारे में तत्काल पुलिस को सूचना दें, और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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    बिलासपुर जिले में अपराध, गुंडागर्दी और चाकूबाजी पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने एक विशेष सघन अभियान चलाया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सीधे निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत, आदतन गुंडा-बदमाशों, चाकूबाजों और आपराधिक प्रवृत्ति के संदिग्धों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। इस व्यापक कार्रवाई के दौरान कुल 90 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनका सत्यापन और पूछताछ की गई।

जांच पूरी होने के बाद, 76 आदतन गुंडा-बदमाशों और चाकूबाजों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त, 12 व्यक्तियों को धारा 170 BNSS के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। अभियान के दौरान, पुलिस ने दो आरोपियों के कब्जे से अवैध धारदार हथियार भी बरामद किए, जिनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग मामले दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई।

पुलिस अधिकारियों ने जिले के सभी चिन्हित असामाजिक तत्वों, निगरानी बदमाशों और चाकूबाजों को सख्त चेतावनी जारी की है। उन्हें साफ तौर पर कहा गया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि, मारपीट, अवैध हथियार रखने या कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर जिला बदर और अन्य निरोधात्मक प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई शामिल होगी। बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध, गुंडागर्दी और असामाजिक गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, आम नागरिकों से अपील की गई है कि ऐसे तत्वों के बारे में तत्काल पुलिस को सूचना दें, और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    Korba, Chhattisgarh•
    14 hrs ago
  • कोरबा जिले के सारा गांव में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मवेशी तस्करी के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एक पिकअप वाहन का उपयोग कर मवेशियों की तस्करी कर रहे थे, जिस पर सारा गांव पुलिस ने यह कार्यवाही की।
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    कोरबा जिले के सारा गांव में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मवेशी तस्करी के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एक पिकअप वाहन का उपयोग कर मवेशियों की तस्करी कर रहे थे, जिस पर सारा गांव पुलिस ने यह कार्यवाही की।
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
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