बंशी पहाड़पुर में गूंजी राजपूत समाज की हुंकार: वीर शिरोमणि विक्रमादित्य जयंती पर उमड़ा जनसैलाब बंशी पहाड़पुर में गूंजी राजपूत समाज की हुंकार: वीर शिरोमणि विक्रमादित्य जयंती पर उमड़ा जनसैलाब रुदावल (भरतपुर)। भरतपुर के रुदावल क्षेत्र स्थित बंशी पहाड़पुर में वीर शिरोमणि विक्रमादित्य की जयंती के अवसर पर क्षत्रिय राजपूत समाज ने अपनी एकता और शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। इस भव्य समारोह में हजारों की संख्या में समाज के लोगों ने शिरकत की, जहाँ राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और आपसी सहयोग का संकल्प लेकर समाज के बदलते स्वरूप की नई इबारत लिखी गई। एक जाजम पर सब समान: दी बराबरी की सीख इस कार्यक्रम की सबसे खास और चर्चा का विषय रही यहाँ की 'बैठक व्यवस्था'। समाज में ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने के लिए आयोजकों ने एक नई परिपाटी की शुरुआत की। मंच से लेकर पांडाल तक, तमाम अतिथियों और आम जन को एक ही जाजम (दरी) पर बिठाया गया। इस पहल के जरिए 'सब समान' का संदेश देते हुए समाज की एकजुटता पर बल दिया गया। दिग्गज हस्तियों ने भरी हुंकार समारोह में समाज की कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे: मेघराज सिंह रॉयल: प्रसिद्ध उद्योगपति हम्मीर सिंह भायल: विधायक, सिवाना गिर्राज सिंह मलिंगा: पूर्व मंत्री शक्ति सिंह: समाजसेवी वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में समाज को संगठित होने की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब वह समय आ गया है जब राजपूत समाज को न केवल एक-दूसरे की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाना होगा, बल्कि राजनीति के पटल पर भी अपनी मजबूत हिस्सेदारी सुनिश्चित करनी होगी। राजनीतिक चेतना और सहयोग का संकल्प सभा में मौजूद वक्ताओं ने समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़ें और समाज के उत्थान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि राजपूत समाज अब अपनी राजनीतिक उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगा और संगठित होकर अपनी ताकत का परिचय देगा। मुख्य बिंदु: हजारों की भीड़ ने बंशी पहाड़पुर में दिखाया शक्ति प्रदर्शन। राजनीतिक हिस्सेदारी और सामाजिक एकजुटता पर रहा मुख्य फोकस। अतिथियों और आमजन के एक साथ बैठने की 'जाजम परंपरा' की हुई सराहना
बंशी पहाड़पुर में गूंजी राजपूत समाज की हुंकार: वीर शिरोमणि विक्रमादित्य जयंती पर उमड़ा जनसैलाब बंशी पहाड़पुर में गूंजी राजपूत समाज की हुंकार: वीर शिरोमणि विक्रमादित्य जयंती पर उमड़ा जनसैलाब रुदावल (भरतपुर)। भरतपुर के रुदावल क्षेत्र स्थित बंशी पहाड़पुर में वीर शिरोमणि विक्रमादित्य की जयंती के अवसर पर क्षत्रिय राजपूत समाज ने अपनी एकता और शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। इस भव्य समारोह में हजारों की संख्या में समाज के लोगों ने शिरकत की, जहाँ राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और आपसी सहयोग का संकल्प लेकर समाज के बदलते स्वरूप की नई इबारत लिखी गई। एक जाजम पर सब समान: दी बराबरी की सीख इस कार्यक्रम की सबसे खास और चर्चा का विषय रही यहाँ की 'बैठक व्यवस्था'। समाज में ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने के लिए आयोजकों ने एक नई परिपाटी की शुरुआत की। मंच से लेकर पांडाल तक, तमाम अतिथियों और आम जन को एक ही जाजम (दरी) पर बिठाया गया। इस पहल के जरिए 'सब समान' का संदेश देते हुए समाज की एकजुटता पर बल दिया गया। दिग्गज हस्तियों ने भरी हुंकार समारोह में
समाज की कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे: मेघराज सिंह रॉयल: प्रसिद्ध उद्योगपति हम्मीर सिंह भायल: विधायक, सिवाना गिर्राज सिंह मलिंगा: पूर्व मंत्री शक्ति सिंह: समाजसेवी वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में समाज को संगठित होने की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब वह समय आ गया है जब राजपूत समाज को न केवल एक-दूसरे की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाना होगा, बल्कि राजनीति के पटल पर भी अपनी मजबूत हिस्सेदारी सुनिश्चित करनी होगी। राजनीतिक चेतना और सहयोग का संकल्प सभा में मौजूद वक्ताओं ने समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़ें और समाज के उत्थान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि राजपूत समाज अब अपनी राजनीतिक उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगा और संगठित होकर अपनी ताकत का परिचय देगा। मुख्य बिंदु: हजारों की भीड़ ने बंशी पहाड़पुर में दिखाया शक्ति प्रदर्शन। राजनीतिक हिस्सेदारी और सामाजिक एकजुटता पर रहा मुख्य फोकस। अतिथियों और आमजन के एक साथ बैठने की 'जाजम परंपरा' की हुई सराहना
- Post by संवाददाता देवेन्द्र कुमार सत्य2
- धौलपुर कुदरत का कहर: बसेड़ी में झमाझम बारिश और तेज हवाओं ने बढ़ाई किसानों की चिंता, फसलें बर्बाद धौलपुर जिले के बसेड़ी क्षेत्र में आज अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। दोपहर बाद आसमान में छाए काले बादलों के साथ तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र को अपनी आगोश में ले लिया। बेमौसम हुई इस बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, जिससे क्षेत्र के अन्नदाता गहरे संकट में नजर आ रहे हैं। कटी फसलों और आलू की खेती को भारी चपतबारिश और तेज हवाओं के कारण सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को हुआ है आलू की बर्बादी: बसेड़ी क्षेत्र में इन दिनों आलू की खुदाई का काम जोरों पर था। खेतों में खुदाई के बाद बाहर पड़े आलू बारिश के पानी में भीग गए हैं। किसानों का कहना है कि पानी लगने से आलू के सड़ने और खराब होने का डर पैदा हो गया है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान तय है। गेहूं-सरसों पर मार: खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं और सरसों की फसलें तेज हवाओं के कारण बिछ गई हैं। जो फसल कटकर खलिहानों में पड़ी थी, वह भी भीगने से बर्बाद होने की कगार पर है।चिंता में डूबा अन्नदाता अचानक हुई इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। साल भर की मेहनत के बाद जब फसल घर आने का समय आया, तो मौसम ने दगा दे दिया। किसानों का कहना है कि अगर बारिश का दौर जारी रहा, तो लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा।5
- Post by Sonu Faujdar1
- यदि आप किसी बीमारी से ग्रस्त है तो रुक जाइए अब आगरा ऐसा मेडिकल कॉलेज में बिना आधार कार्ड और वह बिना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर कि आपका दिखाने हेतु पर्चा नहीं बनाया जाएगा बताया गया है कि ऑफलाइन सुविधा बंद कर दी गई है ऑनलाइन पंजीकरण कराना आवश्यक है यह जानकारी डॉक्टर द्वारा दी गई है एवं आपरेटर द्वारा बताया गया1
- *भरतपुर।रूपबास (लेखेन्द्र सिंह बंशीवाल):* उपखंड के गांव तेजनगर का एक परिवार सुबह 7 बजे अपने खेत में गेहूं काटने पहुंचा, गेहूं काट रही महिला पर पीछे लेपर्ड( देंदुए )ने हमला कर दिया। लेपर्ड ने महिला के गले,चेहरा, हाथ को गंभीर रूप से घायल कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने लेपर्ड को हमला करते देखा और महिला को बड़ी मुश्किल से बचाया। लेपर्ड ( तेंदुए) के हमले की सूचना मिलने पर हल्का पटवारी और वन विभाग की टीम पहुंचकर लेपर्ड की तलाश कर रही है।वही ग्रामीणों में तेंदुए का भय बना हुआ है ।1
- भरतपुर जिले के रूपबास उपखंड के गांव तेजनगर का एक परिवार सुबह 7 बजे अपने खेत में गेहूं काटने पहुंचा, गेहूं काट रही महिला पर पीछे लेपर्ड ( देंदुए )ने हमला कर दिया, लेपर्ड ने महिला के गले,चेहरा, हाथ को गंभीर रूप से घायल कर दिया वही मौके पर मौजूद लोगों ने लेपर्ड को हमला करते देखा और महिला को बड़ी मुश्किल से बचाया। लेपर्ड ( तेंदुए) के हमले की सूचना मिलने पर हल्का पटवारी और वन विभाग की टीम पहुंचकर लेपर्ड की तलाश कर रही है।वही ग्रामीणों में तेंदुए का भय बना हुआ है ।1
- आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र स्थित कमला गैस एजेंसी पर उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब सिलेंडर लेने आए कुछ युवकों की कर्मचारियों से कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि युवकों ने एजेंसी कार्यालय में घुसकर मारपीट शुरू कर दी और जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान ऑफिस के शीशे भी तोड़ दिए गए। घटना में गैस एजेंसी के दो कर्मचारी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि एजेंसी भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष से जुड़ी है। मारपीट और तोड़फोड़ के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।4
- बंशी पहाड़पुर में गूंजी राजपूत समाज की हुंकार: वीर शिरोमणि विक्रमादित्य जयंती पर उमड़ा जनसैलाब रुदावल (भरतपुर)। भरतपुर के रुदावल क्षेत्र स्थित बंशी पहाड़पुर में वीर शिरोमणि विक्रमादित्य की जयंती के अवसर पर क्षत्रिय राजपूत समाज ने अपनी एकता और शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। इस भव्य समारोह में हजारों की संख्या में समाज के लोगों ने शिरकत की, जहाँ राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और आपसी सहयोग का संकल्प लेकर समाज के बदलते स्वरूप की नई इबारत लिखी गई। एक जाजम पर सब समान: दी बराबरी की सीख इस कार्यक्रम की सबसे खास और चर्चा का विषय रही यहाँ की 'बैठक व्यवस्था'। समाज में ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने के लिए आयोजकों ने एक नई परिपाटी की शुरुआत की। मंच से लेकर पांडाल तक, तमाम अतिथियों और आम जन को एक ही जाजम (दरी) पर बिठाया गया। इस पहल के जरिए 'सब समान' का संदेश देते हुए समाज की एकजुटता पर बल दिया गया। दिग्गज हस्तियों ने भरी हुंकार समारोह में समाज की कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे: मेघराज सिंह रॉयल: प्रसिद्ध उद्योगपति हम्मीर सिंह भायल: विधायक, सिवाना गिर्राज सिंह मलिंगा: पूर्व मंत्री शक्ति सिंह: समाजसेवी वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में समाज को संगठित होने की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब वह समय आ गया है जब राजपूत समाज को न केवल एक-दूसरे की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाना होगा, बल्कि राजनीति के पटल पर भी अपनी मजबूत हिस्सेदारी सुनिश्चित करनी होगी। राजनीतिक चेतना और सहयोग का संकल्प सभा में मौजूद वक्ताओं ने समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़ें और समाज के उत्थान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि राजपूत समाज अब अपनी राजनीतिक उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगा और संगठित होकर अपनी ताकत का परिचय देगा। मुख्य बिंदु: हजारों की भीड़ ने बंशी पहाड़पुर में दिखाया शक्ति प्रदर्शन। राजनीतिक हिस्सेदारी और सामाजिक एकजुटता पर रहा मुख्य फोकस। अतिथियों और आमजन के एक साथ बैठने की 'जाजम परंपरा' की हुई सराहना2