बदहाली पर आंसू बहा रहा 300 साल पुराना प्राचीन मंदिर जालौन नगर में आस्था की एक प्राचीन धरोहर आज उपेक्षा और बदहाली का दंश झेल रही है। जालौन कोतवाली क्षेत्र स्थित करीब 300 वर्ष पुराने प्राचीन मंदिर की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहां दर्शन से पहले भक्तों को मोटर चलाकर गंदगी और बदबूदार पानी निकालना पड़ता है, तब कहीं जाकर पूजा-अर्चना संभव हो पाती है। इस दुर्भाग्यपूर्ण मंदिर की खासियत यह है कि यहां हनुमान जी, भोले बाबा और आदि शक्ति का एक साथ दिव्य दर्शन होता है। कभी श्रद्धालुओं से गुलजार रहने वाला यह मंदिर आज प्रशासनिक अनदेखी और व्यवस्थागत लापरवाही का शिकार बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में मंदिर परिसर पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। नालियों की समुचित व्यवस्था न होने से गंदा पानी मंदिर में भर जाता है, जिससे तेज दुर्गंध फैलती है और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद मजबूरन श्रद्धालु पहले गंदा और बदबूदार पानी निकलवाते हैं और फिर भगवान के दर्शन करते हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका और संबंधित विभागों को कई बार अवगत कराने के बावजूद आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। आस्था के इस केंद्र की ऐसी दुर्दशा से लोगों में रोष है और वे प्रशासन से तत्काल सफाई व्यवस्था, जल निकासी और मंदिर सौंदर्यीकरण की मांग कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस प्राचीन मंदिर की सुध लेगा या फिर यह ऐतिहासिक धरोहर यूं ही बदहाली में आंसू बहाती रहेगी
बदहाली पर आंसू बहा रहा 300 साल पुराना प्राचीन मंदिर जालौन नगर में आस्था की एक प्राचीन धरोहर आज उपेक्षा और बदहाली का दंश झेल रही है। जालौन कोतवाली क्षेत्र स्थित करीब 300 वर्ष पुराने प्राचीन मंदिर की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहां दर्शन से पहले भक्तों को मोटर चलाकर गंदगी और बदबूदार पानी निकालना पड़ता है, तब कहीं जाकर पूजा-अर्चना संभव हो पाती है। इस दुर्भाग्यपूर्ण मंदिर की खासियत यह है कि यहां हनुमान जी, भोले बाबा और आदि शक्ति का एक
साथ दिव्य दर्शन होता है। कभी श्रद्धालुओं से गुलजार रहने वाला यह मंदिर आज प्रशासनिक अनदेखी और व्यवस्थागत लापरवाही का शिकार बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में मंदिर परिसर पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। नालियों की समुचित व्यवस्था न होने से गंदा पानी मंदिर में भर जाता है, जिससे तेज दुर्गंध फैलती है और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद मजबूरन श्रद्धालु पहले गंदा और बदबूदार पानी निकलवाते हैं और फिर भगवान
के दर्शन करते हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका और संबंधित विभागों को कई बार अवगत कराने के बावजूद आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। आस्था के इस केंद्र की ऐसी दुर्दशा से लोगों में रोष है और वे प्रशासन से तत्काल सफाई व्यवस्था, जल निकासी और मंदिर सौंदर्यीकरण की मांग कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस प्राचीन मंदिर की सुध लेगा या फिर यह ऐतिहासिक धरोहर यूं ही बदहाली में आंसू बहाती रहेगी
- जालौन में फर्नीचर के गोदाम में लगी भीषण आग, देखते ही देखते धू-धू कर जल उठा गोदाम, फर्नीचर गोदाम में आग की लपटें देख इलाके में मचा हड़कंप, आग बुझाने में जुटे इलाकाई लोग, दमकलकर्मियों को गयी सूचना, जालौन के एट कोतवाली क्षेत्र के पुरानी कोतवाली के पास का मामला।1
- प्रयागराज माघ मेला : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज कथित रूप से लापता, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल प्रयागराज। माघ मेला क्षेत्र में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। उनके राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने दावा किया है कि शंकराचार्य महाराज पिछले तीन घंटे से लापता हैं और पुलिस उन्हें किस स्थान पर लेकर गई है, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। शैलेन्द्र योगिराज के अनुसार, पुलिस शंकराचार्य को यह कहकर साथ ले गई थी कि उन्हें उनके शिविर में पहुंचाया जा रहा है, लेकिन तीन घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो वे शिविर पहुंचे हैं और न ही उनके ठिकाने की कोई आधिकारिक सूचना उपलब्ध कराई गई है। इससे पहले माघ मेला क्षेत्र में शंकराचार्य के शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस द्वारा कई शिष्यों को दौड़ाकर हिरासत में लिया गया। आरोप है कि एक साधु के साथ पुलिस चौकी में मारपीट भी की गई। घटना के बाद शंकराचार्य महाराज अपने शिष्यों की रिहाई की मांग पर अड़ गए। अधिकारियों द्वारा समझाने के प्रयास किए गए, लेकिन लगभग दो घंटे तक गहमा-गहमी का माहौल बना रहा। इसके पश्चात पुलिस ने शंकराचार्य समर्थकों को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने शंकराचार्य की पालकी को संगम क्षेत्र से लगभग एक किलोमीटर दूर खींचते हुए ले जाया, जिससे पालकी का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटनाक्रम के चलते शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद संगम स्नान नहीं कर सके। विवाद की शुरुआत तब हुई जब पुलिस ने भीड़ अधिक होने का हवाला देते हुए शंकराचार्य से रथ से उतरकर पैदल जाने का अनुरोध किया। शिष्यों द्वारा आपत्ति जताने पर बहस शुरू हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई। इस पूरे घटनाक्रम पर शंकराचार्य महाराज ने आरोप लगाया कि संतों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और यह सब सरकार के इशारे पर हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ पर सरकार की आलोचना करने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। फिलहाल, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज की स्थिति और लोकेशन को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे समर्थकों और संत समाज में भारी चिंता और आक्रोश व्याप्त है।1
- Post by Sugirv Kushwha1
- ait me faneechar godam me lgee bheesad aag2
- जालौन में सोमवार को झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। रोडवेज बस को ओवरटेक करने के प्रयास में एक डंपर उससे रगड़ता हुआ निकल गया। इस घटना में बस में सवार यात्री बाल-बाल बच गए, लेकिन आक्रोशित यात्रियों ने डंपर चालक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। मारपीट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना आटा थाना क्षेत्र से गुजर रही एक रोडवेज बस के साथ हुई। पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने बस को ओवरटेक करने का प्रयास किया। डंपर चालक की लापरवाही के कारण डंपर बस के बेहद करीब आ गया, जिससे संतुलन बिगड़ गया और वह बस से टकराकर रगड़ता हुआ आगे निकल गया। बस में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, हालांकि बस चालक की सूझबूझ से बस अनियंत्रित होने से बच गई1
- लापरवाही के गड्ढे' ने ली 27 साल के इंजीनियर की जान1
- जालौन..... जालौन में फ्रेंड से विवाद के बाद युवती ने पुल से लगाई छलांग, पुल से नीचे गिरने के बाद युवती का टूटा पैर, इलाके में मचा हड़कंप, स्थानीय लोग पहुंचे मौके पर, युवती को तत्काल अस्पताल में कराया भर्ती फोन पर बात करते करते लगाई छलांग, उरई कोतवाली के मंशापूर्ण मंदिर के पास बने पुल की घटना।1
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