उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपने बयानों के लिए चर्चित ओमप्रकाश राजभर ने अंबेडकरनगर पहुंचकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखे प्रहार किए हैं। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अब लोगों से मिलने और हाथ मिलाने के लिए भी पैसे लेते हैं और उनकी कार्यशैली बसपा जैसी हो गई है। इसके अलावा, उन्होंने अखिलेश यादव की बढ़ती संपत्ति पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि राजनीति में जहां खर्च होता है, वहां उनकी संपत्ति का ग्राफ इतनी तेजी से कैसे बढ़ रहा है। राजभर ने अखिलेश यादव के 'सनातन' प्रेम पर कटाक्ष करते हुए उन्हें 'नकली समाजवादी' करार दिया और कहा कि राजनीतिक जमीन खिसकती देख वे गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं। उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया का उदाहरण देते हुए कहा कि असली समाजवाद जाति हटाने में था, जबकि अखिलेश यादव ने अपने नाम से 'यादव' नहीं हटाया। साथ ही, उन्होंने सपा के पुराने शासनकाल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान यूपी में केवल दंगे, गुंडागर्दी और हत्याएं ही देखी गई हैं। सपा के 'PDA' नारे पर तंज कसते हुए उन्होंने इसे 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' बताया और कहा कि सपा का ध्यान केवल अपने परिवार के विकास पर केंद्रित है, जनता पर नहीं। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों में हो रही देरी को लेकर राजभर ने कहा कि सरकार पूरी तरह तैयार है और केवल हाईकोर्ट के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। अंबेडकरनगर से दिए गए इन बयानों से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में सपा और भाजपा गठबंधन के बीच जुबानी जंग और तेज होने वाली है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपने बयानों के लिए चर्चित ओमप्रकाश राजभर ने अंबेडकरनगर पहुंचकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखे प्रहार किए हैं। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अब लोगों से मिलने और हाथ मिलाने के लिए भी पैसे लेते हैं और उनकी कार्यशैली बसपा जैसी हो गई है। इसके अलावा, उन्होंने अखिलेश यादव की बढ़ती संपत्ति पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि राजनीति में जहां खर्च होता है, वहां उनकी संपत्ति का ग्राफ इतनी तेजी से कैसे बढ़ रहा है। राजभर ने अखिलेश यादव के 'सनातन' प्रेम पर कटाक्ष करते हुए उन्हें 'नकली समाजवादी' करार दिया और कहा कि राजनीतिक जमीन खिसकती देख वे गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं। उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया का उदाहरण देते हुए कहा कि असली समाजवाद जाति हटाने में था, जबकि अखिलेश यादव ने अपने नाम से 'यादव' नहीं हटाया। साथ ही, उन्होंने सपा के पुराने शासनकाल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान यूपी में केवल दंगे, गुंडागर्दी और हत्याएं ही देखी गई हैं। सपा के 'PDA' नारे पर तंज कसते हुए उन्होंने इसे 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' बताया और कहा कि सपा का ध्यान केवल अपने परिवार के विकास पर केंद्रित है, जनता पर नहीं। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों में हो रही देरी को लेकर राजभर ने कहा कि सरकार पूरी तरह तैयार है और केवल हाईकोर्ट के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। अंबेडकरनगर से दिए गए इन बयानों से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में सपा और भाजपा गठबंधन के बीच जुबानी जंग और तेज होने वाली है।
- अम्बेडकरनगर में अधिकारियों और कर्मचारियों का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित कर उनका अभिनंदन किया गया।1
- सुलतानपुर के कादीपुर थाना क्षेत्र स्थित बुढ़ाना ग्राम सभा के प्राइमरी स्कूल में अव्यवस्थाओं के चलते बच्चों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। विद्यालय परिसर में नलकूप के बगल में ही प्रधान द्वारा गड्ढा कराया गया है, जिसके कारण पानी पीने के लिए आने-जाने वाले बच्चों के उसमें गिरकर चोटिल होने की पूरी आशंका बनी हुई है। इतना ही नहीं, विद्यालय में साफ-सफाई को लेकर भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नियुक्त सफाई कर्मी द्वारा परिसर की स्वच्छता पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे स्कूल का वातावरण बदहाल होता जा रहा है।1
- सुल्तानपुर जिले के कादीपुर तहसील अंतर्गत त्रिलोकपुर मेवाड़ा गांव के निवासी बदहाल सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सड़क लंबे समय से खराब पड़ी हुई है और अब तक कोई भी इसकी सुध लेने या इसे बनवाने के लिए आगे नहीं आया है।1
- सुल्तानपुर के थाना गोसाईगंज क्षेत्र में हुई एक घटना के अनावरण के संबंध में सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। अपर पुलिस अधीक्षक श्री वृजनारायन सिंह ने स्पष्ट किया है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सुलझाई गई इस घटना को लेकर कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर मिथ्या तथ्य प्रकाशित कर रहे हैं और भड़काऊ बयान दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति जातिगत वैमनस्य फैलाने या सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करेगा, जिससे सामाजिक शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ता हो, तो उसके खिलाफ कठोरतम विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1
- अंबेडकरनगर के सम्मनपुर थाना क्षेत्र के निवासी संजय गुप्ता ने वहां तैनात इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पेशे से अधिवक्ता संजय गुप्ता का कहना है कि सपा शासनकाल के दौरान कुछ दबंगों ने उनके घर को बुलडोजर से ढहाकर उस पर कब्जा करने की कोशिश की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बावजूद उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। संजय गुप्ता के अनुसार, थानाध्यक्ष दीपक रघुवंशी ने उन पर एक मुकदमा दर्ज कर एनकाउंटर करने का प्रयास किया था। जब इसमें सफलता नहीं मिली, तो उन पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई कर जेल भेजने की कोशिश की गई, जिसे बाद में एडीएम न्यायालय ने खारिज कर दिया। अब यह सवाल उठ रहा है कि ऐसे पुलिस अधिकारियों के कहर से क्षेत्र के गरीब और लाचार लोगों को राहत कैसे मिलेगी।1
- अंबेडकरनगर में एक पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई, लेकिन वहां तैनात पीआरओ जितेंद्र रघुवंशी ने उसे मदद देने के बजाय टांडा कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दे दी। इसके बाद टांडा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और बिना किसी एफआईआर के पीड़ित को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। इस दौरान पीड़ित सड़क पर लेट गया और आसपास मौजूद लोगों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद ही उसे वहां से किसी तरह बचाया जा सका। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीओ सिटी अकबरपुर का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने पीड़ित का आपराधिक इतिहास होने का दावा किया है। वहीं, पीड़ित ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए चुनौती दी है कि उस पर केवल एक ही मुकदमा दर्ज है, जिसे इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने ही दर्ज कराया था। पीड़ित का कहना है कि उसका एकमात्र अपराध यह है कि वह एक व्यक्ति से अपने बकाया 3 लाख रुपये बार-बार वापस मांग रहा था, जिसके बाद से पुलिस ने कथित तौर पर उस व्यक्ति का पक्ष लेते हुए मोर्चा संभाल लिया है।1