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अयोध्या जिले के बीकापुर तहसील परिसर में बनकटवा निवासी अवधेश वर्मा अपनी 'गलत मांग' तहसील प्रशासन से मनवाने के लिए एक बरगद के पेड़ पर चढ़ गया। उसने 'फांसी लगा लूंगा' कहते हुए नायब तहसीलदार पर गलत नाप-जोख करने का आरोप लगाया। इस 'नौटंकीबाज' हरकत के बाद अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अयोध्या ने आज शाम दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की सच्चाई जानी। एडीएम ने उन्हें पुनः सही नाप का आश्वासन दिया, जिसके बाद दोनों पक्ष उनकी बात से सहमत दिखे।
हलचल अयोध्या समाचार
अयोध्या जिले के बीकापुर तहसील परिसर में बनकटवा निवासी अवधेश वर्मा अपनी 'गलत मांग' तहसील प्रशासन से मनवाने के लिए एक बरगद के पेड़ पर चढ़ गया। उसने 'फांसी लगा लूंगा' कहते हुए नायब तहसीलदार पर गलत नाप-जोख करने का आरोप लगाया। इस 'नौटंकीबाज' हरकत के बाद अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अयोध्या ने आज शाम दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की सच्चाई जानी। एडीएम ने उन्हें पुनः सही नाप का आश्वासन दिया, जिसके बाद दोनों पक्ष उनकी बात से सहमत दिखे।
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- अयोध्या शहर के नाका स्थित नीलकंठ लान में लगी प्रदर्शनी स्थानीय लोगों के बीच काफी पसंद की जा रही है। इस प्रदर्शनी में जलपरी नाव झूला मुख्य आकर्षण का केंद्र बन रहा है, जो दर्शकों को विशेष रूप से भा रहा है। इसके अतिरिक्त, बाहर से आए सौंदर्य प्रसाधनों के स्टॉल और 'हर माल एक दम' व कपड़ों की दुकानें भी लोगों की पसंद बन रही हैं। प्रदर्शनी देखने आए लोगों ने बताया है कि यहाँ लगे विभिन्न स्टालों पर सामान सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं, जिससे यह प्रदर्शनी और भी लोकप्रिय हो रही है।1
- अयोध्या जिले के बीकापुर तहसील परिसर में बनकटवा निवासी अवधेश वर्मा अपनी 'गलत मांग' तहसील प्रशासन से मनवाने के लिए एक बरगद के पेड़ पर चढ़ गया। उसने 'फांसी लगा लूंगा' कहते हुए नायब तहसीलदार पर गलत नाप-जोख करने का आरोप लगाया। इस 'नौटंकीबाज' हरकत के बाद अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अयोध्या ने आज शाम दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की सच्चाई जानी। एडीएम ने उन्हें पुनः सही नाप का आश्वासन दिया, जिसके बाद दोनों पक्ष उनकी बात से सहमत दिखे।1
- तेज गर्मी और धूप के मौजूदा हालात को देखते हुए नागरिकों को केवल बहुत ज़रूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। इस संदेश में यह भी कहा गया है कि हम सभी को मिलकर अपने देश को स्वच्छ और सुंदर बनाना चाहिए तथा पर्यावरण का संरक्षण करना चाहिए। जीवन को अनमोल मानते हुए सभी का ख्याल रखने और शुद्ध हवाओं के साथ योग कर पर्यावरण को स्वच्छ सुंदर बनाने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही, भारत सरकार और राज्यों की सरकारों से कंधे से कंधा मिलाकर पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण को बचाने के लिए आगे आने का आग्रह किया गया है। यह रिपोर्ट 'आज सुबह टाइम्स' के लिए लाल चंद सोनी द्वारा तैयार की गई है।1
- बृहस्पतिवार दोपहर अयोध्या के बीकापुर तहसील परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भूमि विवाद से परेशान एक युवक अपनी मांगों को लेकर पेड़ पर चढ़ गया और आत्महत्या करने की चेतावनी देने लगा। इस घटना से तहसील परिसर में हलचल बढ़ गई और लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। तहसील अंतर्गत तारुन थाना क्षेत्र के बनकटवा (इछौली) निवासी अवधेश वर्मा ने आरोप लगाया कि उन्होंने वर्ष 1978 में भूमि का बैनामा कराया था, लेकिन बार-बार अधिकारियों से शिकायत और अनुरोध के बावजूद भूमि की पैमाइश नहीं कराई गई। पीड़ित का कहना है कि विपक्षी मंसाराम वर्मा उक्त भूमि पर बार-बार निर्माण कराने का प्रयास कर रहे हैं, जिसका वह विरोध कर रहा है। समस्या का समाधान न होने से क्षुब्ध अवधेश वर्मा ने बृहस्पतिवार को यह कदम उठाया और पेड़ पर चढ़कर फांसी लगाने की धमकी दी। युवक के पेड़ पर चढ़ने की सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। जानकारी मिलते ही तहसील प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए थे। एसडीएम न्यायिक राम प्रसाद तिवारी एवं नायब तहसीलदार रामखेलावन सहित तहसील के अधिकारियों और पुलिस कर्मियों ने काफी देर तक युवक को समझाया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद युवक सुरक्षित नीचे उतर आया। प्रशासन ने तब राहत की सांस ली, क्योंकि यह हाई वोल्टेज ड्रामा करीब आधा घंटा तक चला। तहसील प्रशासन द्वारा मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया गया है। गुरुवार देर शाम एसडीएम न्यायिक और नायब तहसीलदार रामखेलावन की उपस्थिति में दोनों पक्षों को बैठाकर मामले को सुलझाने का प्रयास करने का आश्वासन भी दिया गया। यह भी पता चला है कि उक्त गाटा संख्या 130 में, जिसमें अवधेश वर्मा का भूमि विवाद है, जिन लोगों का कोई अंश नहीं है, उन्होंने भी काफी जमीन पर अवैध कब्जा करके मकान आदि बनाए हुए हैं। पेड़ से उतरने के बाद, न्यायिक एसडीएम द्वारा भावनात्मक रूप से समझाने पर अवधेश वर्मा ने अपनी गलती मानते हुए दोबारा ऐसी गलती न करने का वचन दिया।1
- Post by Sandeep Srivastava Press4
- अयोध्या के रुदौली स्थित सराय अहमद गांव में सऊदी अरब से एक व्यक्ति का पार्थिव शरीर लगभग एक महीने बाद ताबूत में घर पहुंचने पर माहौल गमगीन हो गया। परिवार और बच्चे रोज उसके लौटने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन उनका इंतजार एक दर्दनाक खबर के साथ समाप्त हुआ। गैसराम रावत, जो सऊदी के अरार शहर में बकरी चराने का काम करते थे, बीमारी के कारण कोमा में चले गए थे और 26 मई को उनका निधन हो गया था। पूर्व विधायक रुश्दी मियां के प्रयासों से लंबी प्रक्रिया के बाद उनके शव को भारत लाया जा सका। जैसे ही ताबूत गांव पहुंचा और अंतिम दर्शन के लिए खोला गया, बच्चों और परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव शोक में डूब गया। पूरे गांव ने नम आंखों से गैसराम को अंतिम विदाई दी।1
- अयोध्या जिले के रुदौली तहसील अंतर्गत सराय अहमद गांव में सऊदी अरब से एक महीने बाद गैस राम रावत का शव पहुंचने पर जमकर राजनीतिक विवाद और खींचतान देखने को मिली। शव के गांव पहुंचते ही इसे मंगाने का श्रेय लेने को लेकर नेताओं के बीच तीखी बहस और तकरार शुरू हो गई, जिससे सड़कों पर भीड़ के बीच यह पूरा वाकया एक तमाशा बन गया। इस घमासान में रुदौली के विधायक राम चंदर यादव के पुत्र आलोक चंद्र यादव और समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक रहे रुश्दी मियां आमने-सामने आ गए। आलोक चंद्र यादव ने रुश्दी मियां को 'मुस्लिम' कहकर एक 'हिंदू' के मृत शरीर को हाथ लगाने पर आपत्ति जताई, जिससे विवाद और गरमा गया। उल्लेखनीय है कि गैस राम रावत की मौत एक महीने पहले सऊदी अरब में बीमारी के कारण हुई थी और उनका शव एक महीने के इंतजार के बाद गांव पहुंचा था। मृतक का शव सऊदी से मंगाने को लेकर सपा और भाजपा के बीच भी राजनीतिक सियासत साफ तौर पर दिखाई दी।1
- अयोध्या के बीकापुर तहसील क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक किसान बरगद के पेड़ पर चढ़ गया और फांसी लगाकर आत्महत्या करने की चेतावनी देने लगा। यह घटना तहसील प्रांगण में एक हाईवोल्टेज ड्रामा का रूप ले चुकी है। किसान का आरोप है कि उसकी भूमि की गलत नाप-जोख की गई है, जिससे वह काफी परेशान है। उसने इस मामले में संबंधित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही, किसान ने नायब तहसीलदार पर भी लापरवाही और गलत कार्रवाई करने का आरोप मढ़ा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। फिलहाल, प्रशासन किसान को समझाने-बुझाने के प्रयास में जुटा हुआ है। भूमि माप विवाद को लेकर यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1