रिपोर्टर देवेंद्र कुमार सिंघल सत्यार्थ न्यूज रुदावल, भरतपुर रुदावल सीएचसी खुद बीमार, मरीजों का इलाज कैसे होगा? रुदावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पिछले करीब एक महीने से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। करीब 45 गांवों से जुड़े इस अस्पताल में डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से मरीजों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सकों की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। उनका कहना है कि कभी डॉक्टर उपलब्ध होते हैं तो कभी लंबे समय तक मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में गंभीर मरीजों सहित अन्य लोगों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों या दूर-दराज के चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। रुदावल सीएचसी पर आसपास के करीब 45 गांवों की बड़ी आबादी उपचार के लिए निर्भर है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी गरीब और ग्रामीण परिवारों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार गांव-गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन रुदावल सीएचसी में चिकित्सकों की कमी इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। उनका कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त और नियमित चिकित्सकों की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। रुदावल भरतपुर जिले में आता है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह जिला होने के बावजूद यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी दूर नहीं होना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन और चिकित्सा विभाग से मांग की है कि रुदावल सीएचसी में पर्याप्त चिकित्सकों की स्थायी नियुक्ति की जाए, ताकि 45 गांवों से आने वाले मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके। अब देखना होगा कि चिकित्सा विभाग और प्रशासन इस समस्या को लेकर कब तक ठोस कदम उठाते हैं। बड़ा सवाल: जब रुदावल सीएचसी खुद डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है, तो यहां आने वाले मरीजों का इलाज कैसे होगा?
रिपोर्टर देवेंद्र कुमार सिंघल सत्यार्थ न्यूज रुदावल, भरतपुर रुदावल सीएचसी खुद बीमार, मरीजों का इलाज कैसे होगा? रुदावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पिछले करीब एक महीने से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। करीब 45 गांवों से जुड़े इस अस्पताल में डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से मरीजों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सकों की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। उनका कहना है कि कभी डॉक्टर उपलब्ध
होते हैं तो कभी लंबे समय तक मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में गंभीर मरीजों सहित अन्य लोगों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों या दूर-दराज के चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। रुदावल सीएचसी पर आसपास के करीब 45 गांवों की बड़ी आबादी उपचार के लिए निर्भर है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी गरीब और ग्रामीण परिवारों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने
कहा कि सरकार गांव-गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन रुदावल सीएचसी में चिकित्सकों की कमी इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। उनका कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त और नियमित चिकित्सकों की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। रुदावल भरतपुर जिले में आता है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह जिला होने के बावजूद यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी दूर नहीं होना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय
बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन और चिकित्सा विभाग से मांग की है कि रुदावल सीएचसी में पर्याप्त चिकित्सकों की स्थायी नियुक्ति की जाए, ताकि 45 गांवों से आने वाले मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके। अब देखना होगा कि चिकित्सा विभाग और प्रशासन इस समस्या को लेकर कब तक ठोस कदम उठाते हैं। बड़ा सवाल: जब रुदावल सीएचसी खुद डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है, तो यहां आने वाले मरीजों का इलाज कैसे होगा?
- रिपोर्टर देवेंद्र कुमार सिंघल सत्यार्थ न्यूज रुदावल, भरतपुर रुदावल सीएचसी खुद बीमार, मरीजों का इलाज कैसे होगा? रुदावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पिछले करीब एक महीने से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। करीब 45 गांवों से जुड़े इस अस्पताल में डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से मरीजों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सकों की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। उनका कहना है कि कभी डॉक्टर उपलब्ध होते हैं तो कभी लंबे समय तक मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में गंभीर मरीजों सहित अन्य लोगों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों या दूर-दराज के चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। रुदावल सीएचसी पर आसपास के करीब 45 गांवों की बड़ी आबादी उपचार के लिए निर्भर है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी गरीब और ग्रामीण परिवारों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार गांव-गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन रुदावल सीएचसी में चिकित्सकों की कमी इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। उनका कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त और नियमित चिकित्सकों की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। रुदावल भरतपुर जिले में आता है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह जिला होने के बावजूद यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी दूर नहीं होना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन और चिकित्सा विभाग से मांग की है कि रुदावल सीएचसी में पर्याप्त चिकित्सकों की स्थायी नियुक्ति की जाए, ताकि 45 गांवों से आने वाले मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके। अब देखना होगा कि चिकित्सा विभाग और प्रशासन इस समस्या को लेकर कब तक ठोस कदम उठाते हैं। बड़ा सवाल: जब रुदावल सीएचसी खुद डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है, तो यहां आने वाले मरीजों का इलाज कैसे होगा?4
- रुपबास: भिडयानी गांव में अवैध शराब बिक्री बंद कराने को लेकर ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्टर से करेंगे शिकायत,,, रूपवास क्षेत्र के गांव भिडयानी में अवैध शराब की बिक्री बंद करवाने की मांग को लेकर करीब दो दर्जन महिला-पुरुष ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी के नाम ज्ञापन तहसीलदार जीतेन्द्र सिंह को सौंपा। इससे पहले ग्रामीण रूपवास थाना अधिकारी को भी गांव से अवैध शराब बंद कराने के लिए ज्ञापन दे चुके हैं। ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि गांव में दो स्थानों पर अवैध शराब के ठेके संचालित हो रहे हैं। इन ठेकों से शराब खरीदकर लोग गांव में बनी सार्वजनिक धर्मशाला में बैठकर शराब का सेवन करते हैं। शराबी शराब के नशे में आए दिन गाली-गलौज और विवाद करते हैं जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं युवाओं में शराब की लत लगती जा रही है,जिससे परिवरीजन बेहद परेशान है । ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में संचालित अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द गांव से शराबबंदी नहीं की गई तो शराब माफियाओं सहित स्थानीय प्रशासन की शिकायत जिला कलेक्टर भरतपुर से की जाएगी। और अगर फिर भी शराब का बिकना बंद नहीं हुआ तो सीएम कार्यालय जाकर देंगे शिकायत ।3
- गाँव patsal की सूचना 1995 का ये रास्ता है किसी भी प्रधान ने इस रास्ते पर एक्शन नहीं लिया है अभी तक ये रास्ता ऐसा ही है ये गाँव patsal का मेन रास्ता हैइस रास्ते कोई सुनवाई नहीं हो रही है 1995 का ये रास्ता है इस रास्ते पर कोई प्रधान एक्शन नहीं लेता है ये मेन रास्ता है इस रास्ते की कोई सुनवाई नहीं कर रहा है4
- गांव पंचायत घर के पास गांव का पानी नहीं निकला जा रहा है खेतो .में जा रहा है पानी गांव पंचायत घर के पास गांव का पानी नहीं निकला जा रहा है खेतो .में जा रहा है पानी का निकास जिस जगह है वहां से नहीं निकला जा रहा है गांव के प्रधान से बोले तो वो कोई अक्सन नहीं लेता है1
- बाड़ी बाइक चोरी और फिर फिरौती का मामला, पुलिस ने आरोपी चोर को किया गिरफ्तार, बाड़ी बाइक चोरी और फिर फिरौती का मामला, पुलिस ने आरोपी चोर को किया गिरफ्तार, 11 जुलाई को अलीगढ़ रोड से चोरी हुई थी बाइक, चोर ने फोन कर पीड़ित से ऐंठे बाइक के बदले में 13 हजार, बाद में ना बाइक दी न रुपए लौटाए, आरोपी चोर आकाश कुशवाह से पुलिस कर रही है पूछताछ, अवैध शराब के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, 40 देसी शराब के पव्वे बरामद, जुआ,सट्टे में फरार चल रहे दो आरोपी भी दबोचे, कोतवाली थाना अधिकारी महेंद्र शर्मा और टीम की कार्रवाई।1
- कोलुआ गांव में पानी से सड़क पर भरा हुआ क्या हालत है सड़क की कोलुआ गांव में पानी से सड़क पर भरा हुआ पानी से Aaj Tak नियम पालिका में नेपाली गाने वक्त में bacchon को बच्चों को परेशान होती है और स्कूल में जाने वाले सड़क पर भरा हुआ पानी1
- बनारस के ऐतिहासिक पानदरीबा के प्रांगण में अखिल भारतीय चौरसिया महासभा,श्री बरई सभा काशी एवं चौरसिया समाज बनारस के संयुक्त तत्वावधान में भव्य रूद्राभिषेक का आयोजन सम्पन्न हुआ। उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय चौरसिया महासभा मा. डा. अजय चौरसिया जी ने कहा कि नागपंचमी का यह पर्व चौरसिया समाज पूरे देश में चौरसिया दिवस/चौरसिया पर्व के रूप में मना रहा है यह त्यौहार चौरसिया समाज के लिए बड़े गर्व का पर्व है इस त्यौहार पर चौरसिया समाज अपने कुल के जनक चौऋषि महाराज के जयंती के रूप में मनाते है पूरे देश में लगभग सभी जिलों में अखिल भारतीय चौरसिया महासभा के पदाधिकारीयों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया इसी कड़ी में बनारस में विगत कई वर्षों की भांति इस वर्ष भी भव्य रूद्राभिषेक का आयोजन किया गया इस शुभ अवसर पर हजारों की संख्या में चौरसिया भाई बहन अपने परिवार के संग उपस्थित होकर हर्षोल्हास के साथ इस कार्यक्रम को भव्यता प्रदान किये ।1
- 11 हजार पार्थिव शिवलिंगों के महाभिषेक के साथ शिव महापुराण कथा का विश्राम | गूंजा हर-हर महादेव 11 हजार पार्थिव शिवलिंगों के महाभिषेक के साथ श्री शिव महापुराण कथा का हुआ विश्राम रुद्रों और द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, कथा व्यास पं. विकासानंद जी महाराज ने सुनाया भगवान पशुपतिनाथ का दिव्य चरित्र आगरा। शमसाबाद रोड स्थित गाय वाले मंदिर, महादेव नगर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा का विधि-विधान और भक्ति भाव के साथ विश्राम हुआ। कथा के अंतिम दिवस वृंदावन धाम से पधारे कथा व्यास पं. श्री विकासानंद जी महाराज ने भगवान शिव की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को शिव भक्ति, आराधना और सद्मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा के दौरान तारकासुर वध, भगवान शंकर द्वारा शंखचूड़ का उद्धार तथा भगवान शिव के विभिन्न अवतारों की कथाओं का श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से श्रवण किया। कथा व्यास ने रुद्रों और द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए भगवान पशुपतिनाथ के दिव्य चरित्र पर भी प्रकाश डाला। कथा के विश्राम दिवस का मुख्य आकर्षण 11 हजार पार्थिव शिवलिंगों का महाभिषेक यज्ञ रहा। मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ संपन्न हुए महाभिषेक के दौरान पूरा कथा पंडाल भक्ति के वातावरण से सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया और पंडाल में गूंजते ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण शिवमय हो उठा। इस अवसर पर समाजसेवी श्याम भोजवानी ने कहा कि श्री शिव महापुराण कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मनुष्य को श्रद्धा, संस्कार, सेवा और सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला आध्यात्मिक माध्यम है। उन्होंने कहा कि कथा के दौरान श्रद्धालुओं को भगवान शिव के चरित्र और उनकी भक्ति से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को सुनने का अवसर मिला। कथा के विश्राम अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति भाव देखने को मिला। महाभिषेक यज्ञ के साथ कथा का समापन हुआ और श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आराधना करते हुए सुख-शांति एवं मंगल की कामना की। कार्यक्रम में चांदनी भोजवानी, शिवानी रघुवंशी, गुंजन झा, प्रिया कुशवाह, क्षमा, खुशबू, सौम्या शर्मा, ममता, प्रिया भदौरिया, सुनीता देवी, राजो देवी, पूनम देवी, रवीना, नीतू चौहान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आयोजन से जुड़े लोग उपस्थित रहे।1