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कहुआरा में 12 दिन बाद बहाल हुई नल-जल सेवा, सोशल मीडिया पर शिकायत करने वाले राकेश कुमार ने उठाई थी ग्रामीणों की आवाज

19 hrs ago
user_S BIHAR NEWS 12
S BIHAR NEWS 12
Chef Nardiganj, Nawada•
19 hrs ago

कहुआरा में 12 दिन बाद बहाल हुई नल-जल सेवा, सोशल मीडिया पर शिकायत करने वाले राकेश कुमार ने उठाई थी ग्रामीणों की आवाज

More news from Nawada and nearby areas
  • कहुआरा में 12 दिन बाद बहाल हुई नल-जल सेवा, सोशल मीडिया पर शिकायत करने वाले राकेश कुमार ने उठाई थी ग्रामीणों की आवाज
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    कहुआरा में 12 दिन बाद बहाल हुई नल-जल सेवा, सोशल मीडिया पर शिकायत करने वाले राकेश कुमार ने उठाई थी ग्रामीणों की आवाज
    user_S BIHAR NEWS 12
    S BIHAR NEWS 12
    Chef Nardiganj, Nawada•
    19 hrs ago
  • फरक्का जल संधि पर जदयू का जनजागरूकता अभियान, 12 जिलों में चलेगा ‘नीतीश संवाद’ नवादा ! फरक्का (गंगा) जल संधि के मुद्दे को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) ने बिहार के हितों और जल अधिकारों को लेकर जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। पार्टी की ओर से शुक्रवार को जिला मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ कार्यक्रम की जानकारी दी गई। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा एवं प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों—बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार—में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पार्टी के अनुसार, अभियान की शुरुआत 5 सितंबर को बक्सर से हुई और इसका समापन कटिहार में होगा। प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष ने कहा कि जदयू का स्पष्ट स्टैंड है कि 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल में संसद के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने राज्यसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और संधि के नवीनीकरण पर सवाल खड़े किए। पार्टी का कहना है कि फरक्का जल संधि के कारण शुष्क मौसम में बिहार के हिस्से का पानी बांग्लादेश को देना पड़ता है, जबकि राज्य में सिंचाई, पेयजल और उद्योगों के लिए पानी की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। जदयू नेताओं ने दावा किया कि इससे बिहार के कई इलाकों में जल संकट और सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। जदयू की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में फरक्का के पास गंगा में जल प्रवाह और बांग्लादेश को छोड़े जाने वाले पानी के आंकड़ों का भी उल्लेख किया गया। पार्टी ने कहा कि यह केवल गंगा के पानी का मामला नहीं है, बल्कि बिहार की आंतरिक नदियों से निकलने वाले पानी के बांग्लादेश तक पहुंचने से जुड़ा विषय भी है। प्रेसवार्ता के दौरान नेताओं ने कहा कि फरक्का बराज के कारण गाद जमा होने से नदी का तल ऊंचा होने और उत्तर बिहार में बाढ़ की समस्या बढ़ने का भी आरोप लगाया। वहीं, शुष्क मौसम में जल संधि के कारण बिहार के हिस्से का पानी बांग्लादेश को दिए जाने की बात कही गई। जदयू ने कहा कि फरक्का जल संधि का मुद्दा अब केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय विमर्श का विषय बन चुका है। पार्टी का उद्देश्य जनजागरूकता अभियान के माध्यम से बिहार के जल अधिकारों से जुड़े सवालों को केंद्र सरकार और देश के सामने मजबूती से रखना है। इस अवसर पर नेताओं ने कहा कि ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए फरक्का जल संधि पर पुनर्विचार करने की मांग की।
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    फरक्का जल संधि पर जदयू का जनजागरूकता अभियान, 12 जिलों में चलेगा ‘नीतीश संवाद’
नवादा ! फरक्का (गंगा) जल संधि के मुद्दे को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) ने बिहार के हितों और जल अधिकारों को लेकर जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। पार्टी की ओर से शुक्रवार को जिला मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ कार्यक्रम की जानकारी दी गई।
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा एवं प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों—बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार—में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पार्टी के अनुसार, अभियान की शुरुआत 5 सितंबर को बक्सर से हुई और इसका समापन कटिहार में होगा।
प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष ने कहा कि जदयू का स्पष्ट स्टैंड है कि 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल में संसद के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने राज्यसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और संधि के नवीनीकरण पर सवाल खड़े किए।
पार्टी का कहना है कि फरक्का जल संधि के कारण शुष्क मौसम में बिहार के हिस्से का पानी बांग्लादेश को देना पड़ता है, जबकि राज्य में सिंचाई, पेयजल और उद्योगों के लिए पानी की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। जदयू नेताओं ने दावा किया कि इससे बिहार के कई इलाकों में जल संकट और सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न होती है।
जदयू की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में फरक्का के पास गंगा में जल प्रवाह और बांग्लादेश को छोड़े जाने वाले पानी के आंकड़ों का भी उल्लेख किया गया। पार्टी ने कहा कि यह केवल गंगा के पानी का मामला नहीं है, बल्कि बिहार की आंतरिक नदियों से निकलने वाले पानी के बांग्लादेश तक पहुंचने से जुड़ा विषय भी है।
प्रेसवार्ता के दौरान नेताओं ने कहा कि फरक्का बराज के कारण गाद जमा होने से नदी का तल ऊंचा होने और उत्तर बिहार में बाढ़ की समस्या बढ़ने का भी आरोप लगाया। वहीं, शुष्क मौसम में जल संधि के कारण बिहार के हिस्से का पानी बांग्लादेश को दिए जाने की बात कही गई।
जदयू ने कहा कि फरक्का जल संधि का मुद्दा अब केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय विमर्श का विषय बन चुका है। पार्टी का उद्देश्य जनजागरूकता अभियान के माध्यम से बिहार के जल अधिकारों से जुड़े सवालों को केंद्र सरकार और देश के सामने मजबूती से रखना है।
इस अवसर पर नेताओं ने कहा कि ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए फरक्का जल संधि पर पुनर्विचार करने की मांग की।
    user_Dharmajeet Kumar sinha
    Dharmajeet Kumar sinha
    Court reporter नवादा, नवादा, बिहार•
    1 hr ago
  • फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के विरोध में जदयू ने उठाई बिहार के हक की आवाज संजय वर्मा नवादा। फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के विरोध में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार के जल अधिकार को लेकर आवाज बुलंद की है। नवादा स्थित जदयू जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने कहा कि भारत-बांग्लादेश के बीच 12 दिसंबर 1996 को हुई 30 वर्षीय फरक्का जल संधि की अवधि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त होने जा रही है। जदयू ने स्पष्ट किया कि बिहार के हितों की अनदेखी कर इस संधि का मौजूदा स्वरूप में नवीनीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने राज्यसभा में विशेष उल्लेख के माध्यम से केंद्र सरकार से संधि का मौजूदा स्वरूप में नवीनीकरण नहीं करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बिहार के जल अधिकार से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए। जदयू नेताओं ने कहा कि 1996 में संधि के समय बिहार को निर्णय प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला। फरक्का बैराज का उद्देश्य हुगली नदी में पानी बनाए रखना था, लेकिन गाद जमाव के कारण बिहार के कई जिलों को बाढ़ और जल संकट की दोहरी समस्या झेलनी पड़ती है। पार्टी के अनुसार बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार समेत कई जिले प्रभावित होते हैं। जदयू ने कहा कि 2050 तक बिहार की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किसी भी नई व्यवस्था में कृषि, पेयजल, उद्योग और भू-जल सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पार्टी का दावा है कि राज्य को भविष्य में अतिरिक्त जल की आवश्यकता होगी, इसलिए व्यवस्था दीर्घकालिक सोच के साथ बनाई जानी चाहिए। नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार के जल अधिकार और फरक्का बैराज के मुद्दे को उठाते रहे हैं। इसी क्रम में जदयू ने 5 सितंबर से ‘नीतीश संवाद’ यात्रा शुरू की है, जो बक्सर से कटिहार तक गंगा किनारे बसे 12 जिलों से होकर गुजरेगी। इस अवसर पर जदयू नवादा के मीडिया प्रभारी तन्ने पठान समेत पार्टी के अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रेस वार्ता में नेताओं ने कहा कि यह मुद्दा किसी धर्म या समुदाय का नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के जल अधिकार से जुड़ा विषय है। फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के विरोध में जदयू ने उठाई बिहार के हक की आवाज संजय वर्मा नवादा। फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के विरोध में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार के जल अधिकार को लेकर आवाज बुलंद की है। नवादा स्थित जदयू जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने कहा कि भारत-बांग्लादेश के बीच 12 दिसंबर 1996 को हुई 30 वर्षीय फरक्का जल संधि की अवधि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त होने जा रही है। जदयू ने स्पष्ट किया कि बिहार के हितों की अनदेखी कर इस संधि का मौजूदा स्वरूप में नवीनीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने राज्यसभा में विशेष उल्लेख के माध्यम से केंद्र सरकार से संधि का मौजूदा स्वरूप में नवीनीकरण नहीं करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बिहार के जल अधिकार से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए। जदयू नेताओं ने कहा कि 1996 में संधि के समय बिहार को निर्णय प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला। फरक्का बैराज का उद्देश्य हुगली नदी में पानी बनाए रखना था, लेकिन गाद जमाव के कारण बिहार के कई जिलों को बाढ़ और जल संकट की दोहरी समस्या झेलनी पड़ती है। पार्टी के अनुसार बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार समेत कई जिले प्रभावित होते हैं। जदयू ने कहा कि 2050 तक बिहार की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किसी भी नई व्यवस्था में कृषि, पेयजल, उद्योग और भू-जल सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पार्टी का दावा है कि राज्य को भविष्य में अतिरिक्त जल की आवश्यकता होगी, इसलिए व्यवस्था दीर्घकालिक सोच के साथ बनाई जानी चाहिए। नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार के जल अधिकार और फरक्का बैराज के मुद्दे को उठाते रहे हैं। इसी क्रम में जदयू ने 5 सितंबर से ‘नीतीश संवाद’ यात्रा शुरू की है, जो बक्सर से कटिहार तक गंगा किनारे बसे 12 जिलों से होकर गुजरेगी। इस अवसर पर जदयू नवादा के मीडिया प्रभारी तन्ने पठान समेत पार्टी के अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रेस वार्ता में नेताओं ने कहा कि यह मुद्दा किसी धर्म या समुदाय का नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के जल अधिकार से जुड़ा विषय है।
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    फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के विरोध में जदयू ने उठाई बिहार के हक की आवाज

संजय वर्मा 
नवादा। फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के विरोध में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार के जल अधिकार को लेकर आवाज बुलंद की है। नवादा स्थित जदयू जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने कहा कि भारत-बांग्लादेश के बीच 12 दिसंबर 1996 को हुई 30 वर्षीय फरक्का जल संधि की अवधि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त होने जा रही है। जदयू ने स्पष्ट किया कि बिहार के हितों की अनदेखी कर इस संधि का मौजूदा स्वरूप में नवीनीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने राज्यसभा में विशेष उल्लेख के माध्यम से केंद्र सरकार से संधि का मौजूदा स्वरूप में नवीनीकरण नहीं करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बिहार के जल अधिकार से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए।
जदयू नेताओं ने कहा कि 1996 में संधि के समय बिहार को निर्णय प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला। फरक्का बैराज का उद्देश्य हुगली नदी में पानी बनाए रखना था, लेकिन गाद जमाव के कारण बिहार के कई जिलों को बाढ़ और जल संकट की दोहरी समस्या झेलनी पड़ती है। पार्टी के अनुसार बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार समेत कई जिले प्रभावित होते हैं।
जदयू ने कहा कि 2050 तक बिहार की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किसी भी नई व्यवस्था में कृषि, पेयजल, उद्योग और भू-जल सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पार्टी का दावा है कि राज्य को भविष्य में अतिरिक्त जल की आवश्यकता होगी, इसलिए व्यवस्था दीर्घकालिक सोच के साथ बनाई जानी चाहिए।
नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार के जल अधिकार और फरक्का बैराज के मुद्दे को उठाते रहे हैं। इसी क्रम में जदयू ने 5 सितंबर से ‘नीतीश संवाद’ यात्रा शुरू की है, जो बक्सर से कटिहार तक गंगा किनारे बसे 12 जिलों से होकर गुजरेगी।
इस अवसर पर जदयू नवादा के मीडिया प्रभारी तन्ने पठान समेत पार्टी के अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रेस वार्ता में नेताओं ने कहा कि यह मुद्दा किसी धर्म या समुदाय का नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के जल अधिकार से जुड़ा विषय है।
फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के विरोध में जदयू ने उठाई बिहार के हक की आवाज
संजय वर्मा 
नवादा। फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के विरोध में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार के जल अधिकार को लेकर आवाज बुलंद की है। नवादा स्थित जदयू जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने कहा कि भारत-बांग्लादेश के बीच 12 दिसंबर 1996 को हुई 30 वर्षीय फरक्का जल संधि की अवधि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त होने जा रही है। जदयू ने स्पष्ट किया कि बिहार के हितों की अनदेखी कर इस संधि का मौजूदा स्वरूप में नवीनीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने राज्यसभा में विशेष उल्लेख के माध्यम से केंद्र सरकार से संधि का मौजूदा स्वरूप में नवीनीकरण नहीं करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बिहार के जल अधिकार से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए।
जदयू नेताओं ने कहा कि 1996 में संधि के समय बिहार को निर्णय प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला। फरक्का बैराज का उद्देश्य हुगली नदी में पानी बनाए रखना था, लेकिन गाद जमाव के कारण बिहार के कई जिलों को बाढ़ और जल संकट की दोहरी समस्या झेलनी पड़ती है। पार्टी के अनुसार बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार समेत कई जिले प्रभावित होते हैं।
जदयू ने कहा कि 2050 तक बिहार की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किसी भी नई व्यवस्था में कृषि, पेयजल, उद्योग और भू-जल सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पार्टी का दावा है कि राज्य को भविष्य में अतिरिक्त जल की आवश्यकता होगी, इसलिए व्यवस्था दीर्घकालिक सोच के साथ बनाई जानी चाहिए।
नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार के जल अधिकार और फरक्का बैराज के मुद्दे को उठाते रहे हैं। इसी क्रम में जदयू ने 5 सितंबर से ‘नीतीश संवाद’ यात्रा शुरू की है, जो बक्सर से कटिहार तक गंगा किनारे बसे 12 जिलों से होकर गुजरेगी।
इस अवसर पर जदयू नवादा के मीडिया प्रभारी तन्ने पठान समेत पार्टी के अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रेस वार्ता में नेताओं ने कहा कि यह मुद्दा किसी धर्म या समुदाय का नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के जल अधिकार से जुड़ा विषय है।
    user_Sanjay Verma
    Sanjay Verma
    बिजनेस के साथ साथ पत्रकारिता नवादा, नवादा, बिहार•
    2 hrs ago
  • BIHAR k Jila Nawada Parkhand Sirdalla SE khabar Nikal Kar Aa Raha hai Sarkari School me chatre chatrao KO Khana Nahi mil Raha hai please video KO share Kare taki Nawada District Administration tk pahuche sake bachcho KO time pr Khana mile please 🙏 बिहार के CM से बच्चों ने गुहार लगाई स्कूल के प्रभारी को चेंज किया जाए स्कूल में एक महीने से भोजन नहीं बन रहा है! #Bihar #Nawada
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    BIHAR k Jila Nawada Parkhand Sirdalla SE khabar Nikal Kar Aa Raha hai Sarkari School me chatre chatrao KO Khana Nahi mil Raha hai please video KO share Kare taki Nawada District Administration tk pahuche sake bachcho KO time pr Khana mile please 🙏
बिहार के CM से बच्चों ने  गुहार लगाई  स्कूल के प्रभारी को चेंज किया जाए स्कूल में एक महीने से भोजन नहीं बन रहा है! #Bihar #Nawada
    user_Mohammad Sohrab Ansari
    Mohammad Sohrab Ansari
    Electrical engineer नवादा, नवादा, बिहार•
    4 hrs ago
  • इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने महिला पत्रकारों की निर्मम मारपीट के विरोध में उप जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और अधिकारों के लिए संघर्षशील - सेराज अहमद कुरैशी महिला पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और प्रेस की स्वतंत्रता के लिए देशव्यापी संघर्ष का ऐलान गोरखपुर, उत्तर प्रदेश। रिपोर्टर : इम्तियाज फोनवेल की रिपोर्ट दिल्ली में पत्रकार शाहीन खान (4 पीएम न्यूज नेटवर्क) एवं नफीसा खान (स्वतंत्र पत्रकार) के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित रूप से की गई मारपीट की घटना के विरोध में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने जिलाधिकारी गोरखपुर के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति महोदया के नाम सात सूत्रीय मांग-पत्र उप जिलाधिकारी गोरखपुर श्री हिमांशु वर्मा जी को सौंपकर घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई तथा पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाने की मांग की। इस अवसर पर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी ने कहा कि पत्रकार पर हमला सिर्फ एक पत्रकार पर हमला नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की आवाज, जनता के अधिकार और संविधान में निहित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ निर्मम मारपीट की घटना बेहद गंभीर है। पत्रकार अपना काम किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि समाज और देश के सामने सच लाने के लिए करता है। पत्रकारों को डराकर, धमकाकर या उनके साथ मारपीट कर कलम और कैमरे की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि “कलम झुकेगी नहीं, कैमरा रुकेगा नहीं और पत्रकारों की आवाज दबेगी नहीं।” इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष करता रहेगा। केंद्र सरकार को पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की दिशा में गंभीर पहल करनी चाहिए। राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद इरफ़ानुल्लाह ने कहा कि पत्रकारों को समाचार संकलन के दौरान सुरक्षित वातावरण मिलना उनका अधिकार है। यदि किसी पत्रकार को उसके कार्य के दौरान धमकाया या रोका जाता है तो यह प्रेस की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो जिससे भविष्य में कोई पत्रकारों के सम्मान से खिलवाड़ करने का साहस न करे। राष्ट्रीय संगठन सचिव अखिलेश्वर धर द्विवेदी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल ज्ञापन देना नहीं, बल्कि पत्रकारों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करना है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमला करने वालों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी और समयबद्ध जांच की व्यवस्था होनी चाहिए। पत्रकारों को कवरेज के दौरान सुरक्षा उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। ज्ञापन में संगठन ने सात प्रमुख मांगें रखीं। इनमें शाहीन खान एवं नफीसा खान के साथ हुई कथित मारपीट की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई, महिला पत्रकारों की सुरक्षा एवं गरिमा की रक्षा, समाचार कवरेज के दौरान पत्रकारों के लिए स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल, पत्रकारों पर हमला अथवा कवरेज में बाधा डालने की स्थिति में तत्काल प्राथमिकी एवं समयबद्ध जांच, पत्रकारों के विरुद्ध कथित दुर्भावनापूर्ण मुकदमों की उच्चस्तरीय समीक्षा तथा केंद्र सरकार द्वारा प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए जाने की मांग प्रमुख रही। संगठन ने कहा कि यदि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन देशभर के पत्रकारों को लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से एकजुट कर आंदोलनात्मक कार्यक्रम चलाने के लिए बाध्य होगा। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने दोहराया कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान, अधिकार और स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी, राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद इरफ़ानुल्लाह खान, राष्ट्रीय संगठन सचिव अखिलेश्वर धर द्विवेदी, मंडल अध्यक्ष गोरखपुर रफी अहमद, मंडल सचिव सतीश चंद्र व सतीश मणि त्रिपाठी, जिला प्रवक्ता मोहम्मद आजम, अरूण कुमार, राममिलन, पप्पू कुमार, मनीष कुमार, आशुतोष कुमार, अवधेश कुमार श्रीवास्तव, शादाब अहमद, ललित कुमार सिंह, श्रवण कुमार गुप्ता, मेराज अहमद, रमाशंकर गुप्ता, अंशुल वर्मा, अजमेर खान, जुबेर आलम सहित संगठन के पदाधिकारी एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।
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    इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने महिला पत्रकारों की निर्मम मारपीट के विरोध में उप जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन। 
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और अधिकारों के लिए संघर्षशील - सेराज अहमद कुरैशी 
महिला पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और प्रेस की स्वतंत्रता के लिए देशव्यापी संघर्ष का ऐलान
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
रिपोर्टर : इम्तियाज फोनवेल की रिपोर्ट
दिल्ली में पत्रकार शाहीन खान (4 पीएम न्यूज नेटवर्क) एवं नफीसा खान (स्वतंत्र पत्रकार) के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित रूप से की गई मारपीट की घटना के विरोध में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने जिलाधिकारी गोरखपुर के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति महोदया के नाम सात सूत्रीय मांग-पत्र उप जिलाधिकारी गोरखपुर श्री हिमांशु वर्मा जी को सौंपकर घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई तथा पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाने की मांग की।
इस अवसर पर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी ने कहा कि पत्रकार पर हमला सिर्फ एक पत्रकार पर हमला नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की आवाज, जनता के अधिकार और संविधान में निहित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ निर्मम मारपीट की घटना बेहद गंभीर है। पत्रकार अपना काम किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि समाज और देश के सामने सच लाने के लिए करता है। पत्रकारों को डराकर, धमकाकर या उनके साथ मारपीट कर कलम और कैमरे की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि “कलम झुकेगी नहीं, कैमरा रुकेगा नहीं और पत्रकारों की आवाज दबेगी नहीं।” इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष करता रहेगा। केंद्र सरकार को पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की दिशा में गंभीर पहल करनी चाहिए।
राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद इरफ़ानुल्लाह ने कहा कि पत्रकारों को समाचार संकलन के दौरान सुरक्षित वातावरण मिलना उनका अधिकार है। यदि किसी पत्रकार को उसके कार्य के दौरान धमकाया या रोका जाता है तो यह प्रेस की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो जिससे भविष्य में कोई पत्रकारों के सम्मान से खिलवाड़ करने का साहस न करे।
राष्ट्रीय संगठन सचिव अखिलेश्वर धर द्विवेदी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल ज्ञापन देना नहीं, बल्कि पत्रकारों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करना है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमला करने वालों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी और समयबद्ध जांच की व्यवस्था होनी चाहिए। पत्रकारों को कवरेज के दौरान सुरक्षा उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है।
ज्ञापन में संगठन ने सात प्रमुख मांगें रखीं। इनमें शाहीन खान एवं नफीसा खान के साथ हुई कथित मारपीट की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई, महिला पत्रकारों की सुरक्षा एवं गरिमा की रक्षा, समाचार कवरेज के दौरान पत्रकारों के लिए स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल, पत्रकारों पर हमला अथवा कवरेज में बाधा डालने की स्थिति में तत्काल प्राथमिकी एवं समयबद्ध जांच, पत्रकारों के विरुद्ध कथित दुर्भावनापूर्ण मुकदमों की उच्चस्तरीय समीक्षा तथा केंद्र सरकार द्वारा प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए जाने की मांग प्रमुख रही।
संगठन ने कहा कि यदि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन देशभर के पत्रकारों को लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से एकजुट कर आंदोलनात्मक कार्यक्रम चलाने के लिए बाध्य होगा। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने दोहराया कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान, अधिकार और स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी, राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद इरफ़ानुल्लाह खान, राष्ट्रीय संगठन सचिव अखिलेश्वर धर द्विवेदी, मंडल अध्यक्ष गोरखपुर रफी अहमद, मंडल सचिव सतीश चंद्र व सतीश मणि त्रिपाठी, जिला प्रवक्ता मोहम्मद आजम, अरूण कुमार, राममिलन, पप्पू कुमार, मनीष कुमार, आशुतोष कुमार, अवधेश कुमार श्रीवास्तव, शादाब अहमद, ललित कुमार सिंह, श्रवण कुमार गुप्ता, मेराज अहमद, रमाशंकर गुप्ता, अंशुल वर्मा, अजमेर खान, जुबेर आलम सहित संगठन के पदाधिकारी एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।
    user_Imtiyaj A Fonwel
    Imtiyaj A Fonwel
    हिसुआ, नवादा, बिहार•
    20 hrs ago
  • मेसकौर पावर हाउस में ब्रेकर ब्लास्ट, 33 केवी लाइन ब्रेकडाउन से ग्रामीण परेशान बुधवार से बिजली आपूर्ति बाधित, गर्मी में लोगों की बढ़ी परेशानी; MRT टीम पहुंची, मरम्मत कार्य जारी विवेक कुमार मेसकौर (नवादा)। मेसकौर पावर हाउस में 33 केवी लाइन से जुड़े ब्रेकर में तकनीकी खराबी के बाद ब्लास्ट होने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बुधवार से गुरुवार तक बिजली की सप्लाई फॉल्ट रहने के कारण प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उमस और गर्मी के बीच बिजली नहीं रहने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बताया गया कि मेसकौर पावर हाउस में ब्रेकर ब्लास्ट होने के बाद 33 केवी लाइन ब्रेकडाउन हो गई। इसकी जानकारी मिलने के बाद बिजली विभाग की लाइनमैन टीम ने मौके पर पहुंचकर खराबी को दूर करने का काम शुरू किया। बाद में MRT (मीटर रिले टेस्टिंग) टीम भी मेसकौर पावर हाउस पहुंच गई, जिसके द्वारा ब्रेकर की तकनीकी जांच और मरम्मत का प्रयास किया जा रहा है। बिजली विभाग के कर्मियों द्वारा पावर हाउस में खराब पड़े ब्रेकर को ठीक करने का कार्य किया जा रहा है। विभागीय कर्मियों के अनुसार खराबी दूर होने के बाद ही बिजली आपूर्ति सामान्य रूप से शुरू की जा सकेगी। मरम्मत कार्य में कुछ समय लगने की संभावना है। ग्रामीणों से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है। लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने से घरेलू कामकाज के साथ-साथ दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों का कारोबार भी प्रभावित हुआ है। बिजली पर निर्भर साइबर कैफे, आटा चक्की, वेल्डिंग, मोबाइल रिपेयरिंग समेत कई दुकानों का काम ठप पड़ गया है। वहीं, घरों में पंखे-कूलर नहीं चलने से लोग गर्मी और उमस से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कनीय अभियंता से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं होने से उन्हें बिजली आपूर्ति बहाल होने की स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी। बिजली विभाग की टीम लगातार खराबी दूर करने में जुटी है। ब्रेकर ठीक होने के बाद 33 केवी लाइन को चालू कर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
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    मेसकौर पावर हाउस में ब्रेकर ब्लास्ट, 33 केवी लाइन ब्रेकडाउन से ग्रामीण परेशान

बुधवार से बिजली आपूर्ति बाधित, गर्मी में लोगों की बढ़ी परेशानी; MRT टीम पहुंची, मरम्मत कार्य जारी
विवेक कुमार 
मेसकौर (नवादा)। मेसकौर पावर हाउस में 33 केवी लाइन से जुड़े ब्रेकर में तकनीकी खराबी के बाद ब्लास्ट होने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बुधवार से गुरुवार तक बिजली की सप्लाई फॉल्ट रहने के कारण प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उमस और गर्मी के बीच बिजली नहीं रहने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बताया गया कि मेसकौर पावर हाउस में ब्रेकर ब्लास्ट होने के बाद 33 केवी लाइन ब्रेकडाउन हो गई। इसकी जानकारी मिलने के बाद बिजली विभाग की लाइनमैन टीम ने मौके पर पहुंचकर खराबी को दूर करने का काम शुरू किया। बाद में MRT (मीटर रिले टेस्टिंग) टीम भी मेसकौर पावर हाउस पहुंच गई, जिसके द्वारा ब्रेकर की तकनीकी जांच और मरम्मत का प्रयास किया जा रहा है।
बिजली विभाग के कर्मियों द्वारा पावर हाउस में खराब पड़े ब्रेकर को ठीक करने का कार्य किया जा रहा है। विभागीय कर्मियों के अनुसार खराबी दूर होने के बाद ही बिजली आपूर्ति सामान्य रूप से शुरू की जा सकेगी। मरम्मत कार्य में कुछ समय लगने की संभावना है। ग्रामीणों से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है।
लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने से घरेलू कामकाज के साथ-साथ दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों का कारोबार भी प्रभावित हुआ है। बिजली पर निर्भर साइबर कैफे, आटा चक्की, वेल्डिंग, मोबाइल रिपेयरिंग समेत कई दुकानों का काम ठप पड़ गया है। वहीं, घरों में पंखे-कूलर नहीं चलने से लोग गर्मी और उमस से परेशान हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कनीय अभियंता से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं होने से उन्हें बिजली आपूर्ति बहाल होने की स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी।
बिजली विभाग की टीम लगातार खराबी दूर करने में जुटी है। ब्रेकर ठीक होने के बाद 33 केवी लाइन को चालू कर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
    user_Dr Vivek kumar पत्रकार
    Dr Vivek kumar पत्रकार
    नरहट, नवादा, बिहार•
    23 hrs ago
  • बिहार के बख्तियारपुर जंक्शन का नाम नीतिशपुर रखा जाए.. नीतीश कुमार बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे है और इन्होंने बिहार के विकास के लिए काफी काम किया है... इसी वजह से कुछ राजनीतिक गलियारों से ऐसी आवाज उठी कि इसका नाम नीतीशपुर हो जाना चाहिए... वही यहां के स्थानीय लोगों का कहना है की यह स्थान का नाम मगध द्वारा होना चाहिए... क्योंकि यहां से ही मगध जाने का रास्ता है यानी मगध की राजधानी राजगीर....देखिये ग्राउंड रिपोर्ट.. वीडियो जर्नलिस्ट प्रशांत कुमार के साथ शिव कुमार.... बिहार के बख्तियारपुर जंक्शन का नाम नीतिशपुर रखा जाए.. नीतीश कुमार बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे है और इन्होंने बिहार के विकास के लिए काफी काम किया है... इसी वजह से कुछ राजनीतिक गलियारों से ऐसी आवाज उठी कि इसका नाम नीतीशपुर हो जाना चाहिए... वही यहां के स्थानीय लोगों का कहना है की यह स्थान का नाम मगध द्वारा होना चाहिए... क्योंकि यहां से ही मगध जाने का रास्ता है यानी मगध की राजधानी राजगीर....देखिये ग्राउंड रिपोर्ट.. वीडियो जर्नलिस्ट प्रशांत कुमार के साथ शिव कुमार....
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    बिहार के बख्तियारपुर जंक्शन का नाम नीतिशपुर रखा जाए.. नीतीश कुमार बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे है और इन्होंने बिहार के विकास के लिए काफी काम किया है... इसी वजह से कुछ राजनीतिक गलियारों से ऐसी आवाज उठी कि इसका नाम नीतीशपुर हो जाना चाहिए... वही यहां के स्थानीय लोगों का कहना है की यह स्थान का नाम मगध द्वारा होना चाहिए... क्योंकि यहां से ही मगध जाने का रास्ता है यानी मगध की राजधानी राजगीर....देखिये ग्राउंड रिपोर्ट.. वीडियो जर्नलिस्ट प्रशांत कुमार के साथ शिव कुमार....
बिहार के बख्तियारपुर जंक्शन का नाम नीतिशपुर रखा जाए.. नीतीश कुमार बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे है और इन्होंने बिहार के विकास के लिए काफी काम किया है... इसी वजह से कुछ राजनीतिक गलियारों से ऐसी आवाज उठी कि इसका नाम नीतीशपुर हो जाना चाहिए... वही यहां के स्थानीय लोगों का कहना है की यह स्थान का नाम मगध द्वारा होना चाहिए... क्योंकि यहां से ही मगध जाने का रास्ता है यानी मगध की राजधानी राजगीर....देखिये ग्राउंड रिपोर्ट.. वीडियो जर्नलिस्ट प्रशांत कुमार के साथ शिव कुमार....
    user_ख़बरें टी वी
    ख़बरें टी वी
    Journalist Nalanda, Bihar•
    49 min ago
  • हिसुआ बस स्टैंड के यात्री शेड में 44 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद संजय वर्मा हिसुआ। हिसुआ नगर परिषद क्षेत्र स्थित कोलकाता बस स्टैंड के यात्री शेड के अंदर शुक्रवार को 44 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव पर नजर पड़ते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही 112 की टीम, हिसुआ थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार, एसआई संजीव राय एवं पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान नारदीगंज थाना क्षेत्र के बीकू गांव निवासी 44 वर्षीय छोटू मांझी, पिता जागेश्वर मांझी के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से आधार कार्ड भी मिला, जिसके आधार पर उसकी पहचान की गई। घटना की सूचना नारदीगंज थाना पुलिस को भी दे दी गई है। वहीं, मृतक के परिजनों की तलाश कर उन्हें घटना की जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हिसुआ बस स्टैंड के यात्री शेड में 44 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद संजय वर्मा हिसुआ। हिसुआ नगर परिषद क्षेत्र स्थित कोलकाता बस स्टैंड के यात्री शेड के अंदर शुक्रवार को 44 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव पर नजर पड़ते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही 112 की टीम, हिसुआ थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार, एसआई संजीव राय एवं पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान नारदीगंज थाना क्षेत्र के बीकू गांव निवासी 44 वर्षीय छोटू मांझी, पिता जागेश्वर मांझी के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से आधार कार्ड भी मिला, जिसके आधार पर उसकी पहचान की गई। घटना की सूचना नारदीगंज थाना पुलिस को भी दे दी गई है। वहीं, मृतक के परिजनों की तलाश कर उन्हें घटना की जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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    हिसुआ बस स्टैंड के यात्री शेड में 44 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद

संजय वर्मा

हिसुआ। हिसुआ नगर परिषद क्षेत्र स्थित कोलकाता बस स्टैंड के यात्री शेड के अंदर शुक्रवार को 44 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव पर नजर पड़ते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही 112 की टीम, हिसुआ थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार, एसआई संजीव राय एवं पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान नारदीगंज थाना क्षेत्र के बीकू गांव निवासी 44 वर्षीय छोटू मांझी, पिता जागेश्वर मांझी के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से आधार कार्ड भी मिला, जिसके आधार पर उसकी पहचान की गई। घटना की सूचना नारदीगंज थाना पुलिस को भी दे दी गई है। वहीं, मृतक के परिजनों की तलाश कर उन्हें घटना की जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हिसुआ बस स्टैंड के यात्री शेड में 44 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद
संजय वर्मा
हिसुआ। हिसुआ नगर परिषद क्षेत्र स्थित कोलकाता बस स्टैंड के यात्री शेड के अंदर शुक्रवार को 44 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव पर नजर पड़ते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही 112 की टीम, हिसुआ थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार, एसआई संजीव राय एवं पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान नारदीगंज थाना क्षेत्र के बीकू गांव निवासी 44 वर्षीय छोटू मांझी, पिता जागेश्वर मांझी के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से आधार कार्ड भी मिला, जिसके आधार पर उसकी पहचान की गई। घटना की सूचना नारदीगंज थाना पुलिस को भी दे दी गई है। वहीं, मृतक के परिजनों की तलाश कर उन्हें घटना की जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
    user_Sanjay Verma
    Sanjay Verma
    बिजनेस के साथ साथ पत्रकारिता नवादा, नवादा, बिहार•
    3 hrs ago
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