logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील का विरोध करते हुए भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन प्रेषित किया है। यह ज्ञापन सदर तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय को भेजा गया है।

11 hrs ago
user_भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील का विरोध करते हुए भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन प्रेषित किया है। यह ज्ञापन सदर तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय को भेजा गया है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीला पानी पीने के कारण आधा सैकड़ा से अधिक लोग बीमार पड़ गए हैं। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके पानी में सल्फास मिला दिया था, जिसके बाद यह घटना हुई।
    1
    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीला पानी पीने के कारण आधा सैकड़ा से अधिक लोग बीमार पड़ गए हैं। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके पानी में सल्फास मिला दिया था, जिसके बाद यह घटना हुई।
    user_Aakash Mandrah
    Aakash Mandrah
    Local News Reporter तामिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • एक विधायक ने एक स्कूल का दौरा किया, जहाँ उन्होंने बच्चों को साइकिलें और किताबें वितरित कीं। इस दौरान, उन्होंने छात्रों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।
    1
    एक विधायक ने एक स्कूल का दौरा किया, जहाँ उन्होंने बच्चों को साइकिलें और किताबें वितरित कीं। इस दौरान, उन्होंने छात्रों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पांढुर्णा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही उमस भरी गर्मी के बाद, आखिरकार मानसून ने दमदार दस्तक दे दी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बीते दिन हुई मात्र दो घंटे की मूसलाधार बारिश के कारण पांढुर्णा की जीवनदायिनी जाम नदी पूरी तरह उफान पर आ गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया और पुल-पुलियों पर पानी की चादर चलने लगी। इस बारिश से स्थानीय किसानों में सर्वाधिक खुशी देखी जा रही है, क्योंकि सूखे की आशंका से जूझ रहे खरीफ सीजन की फसलों के लिए यह वर्षा वरदान बनकर आई है। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है, और उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में बुआई का काम जोर-शोर से शुरू हो जाएगा। हालांकि, एक तरफ जहां बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है, वहीं दूसरी तरफ बुआई के लिए मजदूरों के गंभीर संकट ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। कपास और तुवर की बोवनी के लिए क्षेत्र में मजदूरों का भारी टोटा बना हुआ है। वर्तमान में लेबर की मांग बहुत अधिक है, लेकिन उसकी आपूर्ति न के बराबर है, जिससे किसान परेशान हैं। मजदूरों की कमी के कारण किसानों को समय पर बुआई का काम पिछड़ने का डर सता रहा है, जिससे कृषि कार्य महंगे और चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं।
    1
    पांढुर्णा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही उमस भरी गर्मी के बाद, आखिरकार मानसून ने दमदार दस्तक दे दी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बीते दिन हुई मात्र दो घंटे की मूसलाधार बारिश के कारण पांढुर्णा की जीवनदायिनी जाम नदी पूरी तरह उफान पर आ गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया और पुल-पुलियों पर पानी की चादर चलने लगी।

इस बारिश से स्थानीय किसानों में सर्वाधिक खुशी देखी जा रही है, क्योंकि सूखे की आशंका से जूझ रहे खरीफ सीजन की फसलों के लिए यह वर्षा वरदान बनकर आई है। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है, और उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में बुआई का काम जोर-शोर से शुरू हो जाएगा।

हालांकि, एक तरफ जहां बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है, वहीं दूसरी तरफ बुआई के लिए मजदूरों के गंभीर संकट ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। कपास और तुवर की बोवनी के लिए क्षेत्र में मजदूरों का भारी टोटा बना हुआ है। वर्तमान में लेबर की मांग बहुत अधिक है, लेकिन उसकी आपूर्ति न के बराबर है, जिससे किसान परेशान हैं। मजदूरों की कमी के कारण किसानों को समय पर बुआई का काम पिछड़ने का डर सता रहा है, जिससे कृषि कार्य महंगे और चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं।
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    8 hrs ago
  • Post by Zxcykuov1828
    1
    Post by Zxcykuov1828
    user_Zxcykuov1828
    Zxcykuov1828
    Seoni, Madhya Pradesh•
    9 hrs ago
  • सिवनी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि जिले के सुप्रसिद्ध सिवनी जम्बो सीताफल को प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त हो गया है। यह उपलब्धि जिले की अनूठी कृषि पहचान और किसानों के अथक परिश्रम को राष्ट्रीय स्तर पर मिली एक महत्वपूर्ण मान्यता है। जीआई टैग मिलने से सिवनी जम्बो सीताफल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। सिवनी जम्बो सीताफल अपने बड़े आकार, उत्कृष्ट गुणवत्ता और स्वाभाविक रूप से विकसित होने वाले विशिष्ट मीठे स्वाद के लिए देशभर में अपनी पहचान रखता है। इस सीताफल का औसत वजन 200 से 650 ग्राम प्रति फल होता है, वहीं भूतबंधानी क्षेत्र में उत्पादित कई फल 800 ग्राम से लेकर एक किलोग्राम तक वजनी पाए जाते हैं। जीआई टैग मिलने से इस उत्पाद की विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहेगी और इसके नाम के किसी भी दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी। सहायक संचालक उद्यानिकी सिवनी, डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार ने जानकारी दी कि उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने कलेक्टर सिवनी और आयुक्त उद्यानिकी के मार्गदर्शन में वर्ष 2023 में भूतबंधानी सीताफल क्रॉप प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से जीआई टैग के लिए आवेदन किया था, जिसके परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण मान्यता मिली है। इस जीआई टैग से जिले के हजारों सीताफल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। अब सिवनी में उत्पादित सीताफल को उसकी विशिष्ट पहचान के साथ बाजार में प्रस्तुत किया जा सकेगा, और अन्य क्षेत्रों के उत्पादक इसके नाम का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इससे उत्पाद की मांग और मूल्य दोनों में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है, साथ ही सीताफल उत्पादन, क्षेत्र विस्तार और प्रसंस्करण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह किसानों की आय में वृद्धि करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगा। वर्तमान में, सिवनी जिले में लगभग 695 हेक्टेयर क्षेत्र में सीताफल की खेती की जा रही है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 6090 मीट्रिक टन का उत्पादन होता है। जिले का सीताफल दिल्ली, मुंबई, नागपुर, रायपुर, वाराणसी जैसे देश के प्रमुख शहरों में विशेष मांग रखता है। सीताफल का उपयोग प्रसंस्करण कर पल्प बनाने में भी होता है, जिससे आइसक्रीम, रबड़ी, बासुंदी, लस्सी, शेक और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, सीताफल के पत्तों और छिलकों का उपयोग जैविक खाद और औषधीय उत्पादों के निर्माण में भी होता है। जिले में सीताफल उत्पादकों को संगठित कर दो एफपीओ का गठन किया गया है और तीन सीताफल पल्प प्रसंस्करण इकाइयाँ भी स्थापित की गई हैं। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, जिला उद्यानिकी अधिकारी डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार, तथा जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर जिले के किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों और सभी संबंधित हितधारकों को हार्दिक बधाई दी है। कलेक्टर ने विश्वास व्यक्त किया कि जीआई टैग के माध्यम से सिवनी जम्बो सीताफल को देश और विदेश के बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी तथा इससे जिले के किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। यह उपलब्धि सिवनी की कृषि विरासत को सशक्त बनाने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिवनी के इस विश्वप्रसिद्ध जम्बो सीताफल को जीआई टैग मिलना आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' के संकल्प का प्रत्यक्ष परिणाम है। शीतकाल सत्र 2025 में संसद में सिवनी के जम्बो सीताफल को जीआई टैग प्रदान करने की महत्वपूर्ण मांग उठाई गई थी। इस दिशा में हुई प्रगति से सिवनी के किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति मिलेगी तथा स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी। इस जनहितकारी पहल के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल जी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश के पारंपरिक एवं विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति मिल रही है।
    1
    सिवनी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि जिले के सुप्रसिद्ध सिवनी जम्बो सीताफल को प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त हो गया है। यह उपलब्धि जिले की अनूठी कृषि पहचान और किसानों के अथक परिश्रम को राष्ट्रीय स्तर पर मिली एक महत्वपूर्ण मान्यता है। जीआई टैग मिलने से सिवनी जम्बो सीताफल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा।

सिवनी जम्बो सीताफल अपने बड़े आकार, उत्कृष्ट गुणवत्ता और स्वाभाविक रूप से विकसित होने वाले विशिष्ट मीठे स्वाद के लिए देशभर में अपनी पहचान रखता है। इस सीताफल का औसत वजन 200 से 650 ग्राम प्रति फल होता है, वहीं भूतबंधानी क्षेत्र में उत्पादित कई फल 800 ग्राम से लेकर एक किलोग्राम तक वजनी पाए जाते हैं। जीआई टैग मिलने से इस उत्पाद की विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहेगी और इसके नाम के किसी भी दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी। सहायक संचालक उद्यानिकी सिवनी, डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार ने जानकारी दी कि उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने कलेक्टर सिवनी और आयुक्त उद्यानिकी के मार्गदर्शन में वर्ष 2023 में भूतबंधानी सीताफल क्रॉप प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से जीआई टैग के लिए आवेदन किया था, जिसके परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण मान्यता मिली है।

इस जीआई टैग से जिले के हजारों सीताफल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। अब सिवनी में उत्पादित सीताफल को उसकी विशिष्ट पहचान के साथ बाजार में प्रस्तुत किया जा सकेगा, और अन्य क्षेत्रों के उत्पादक इसके नाम का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इससे उत्पाद की मांग और मूल्य दोनों में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है, साथ ही सीताफल उत्पादन, क्षेत्र विस्तार और प्रसंस्करण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह किसानों की आय में वृद्धि करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगा। वर्तमान में, सिवनी जिले में लगभग 695 हेक्टेयर क्षेत्र में सीताफल की खेती की जा रही है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 6090 मीट्रिक टन का उत्पादन होता है। जिले का सीताफल दिल्ली, मुंबई, नागपुर, रायपुर, वाराणसी जैसे देश के प्रमुख शहरों में विशेष मांग रखता है। सीताफल का उपयोग प्रसंस्करण कर पल्प बनाने में भी होता है, जिससे आइसक्रीम, रबड़ी, बासुंदी, लस्सी, शेक और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, सीताफल के पत्तों और छिलकों का उपयोग जैविक खाद और औषधीय उत्पादों के निर्माण में भी होता है। जिले में सीताफल उत्पादकों को संगठित कर दो एफपीओ का गठन किया गया है और तीन सीताफल पल्प प्रसंस्करण इकाइयाँ भी स्थापित की गई हैं।

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, जिला उद्यानिकी अधिकारी डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार, तथा जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर जिले के किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों और सभी संबंधित हितधारकों को हार्दिक बधाई दी है। कलेक्टर ने विश्वास व्यक्त किया कि जीआई टैग के माध्यम से सिवनी जम्बो सीताफल को देश और विदेश के बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी तथा इससे जिले के किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। यह उपलब्धि सिवनी की कृषि विरासत को सशक्त बनाने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिवनी के इस विश्वप्रसिद्ध जम्बो सीताफल को जीआई टैग मिलना आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' के संकल्प का प्रत्यक्ष परिणाम है। शीतकाल सत्र 2025 में संसद में सिवनी के जम्बो सीताफल को जीआई टैग प्रदान करने की महत्वपूर्ण मांग उठाई गई थी। इस दिशा में हुई प्रगति से सिवनी के किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति मिलेगी तथा स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी। इस जनहितकारी पहल के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल जी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश के पारंपरिक एवं विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति मिल रही है।
    user_सरवन वर्मा पत्रकार
    सरवन वर्मा पत्रकार
    Journalist कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सीधी जिले के कड़वी गांव में पहली ही बारिश ने कथित भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है, जहाँ अधूरी और केवल कागजों में बनी नालियों के कारण पूरा गांव जलमग्न हो गया। घरों में पानी घुसने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है, और उन्होंने सरपंच-सचिव की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस 'नाली कांड' से पंचायत के विकास के दावे पूरी तरह से बह गए हैं, और ग्रामीणों को भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है, जिसमें उनका अनाज और अन्य सामान भी बर्बाद हो गया है। जलभराव से त्रस्त ग्रामीणों का कहना है कि यह नाली निर्माण में लापरवाही या किसी खेल का परिणाम है, जिसके लिए जिम्मेदार लोग जवाबदेही से बच रहे हैं। कड़वी पंचायत अब कटघरे में है, और ग्रामीण सीधे तौर पर विकास के दावों को खारिज करते हुए मांग कर रहे हैं कि पहले उन्हें हुए नुकसान और भ्रष्टाचार का हिसाब दिया जाए, फिर विकास की बातें की जाएं। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जल्द ही आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
    1
    सीधी जिले के कड़वी गांव में पहली ही बारिश ने कथित भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है, जहाँ अधूरी और केवल कागजों में बनी नालियों के कारण पूरा गांव जलमग्न हो गया। घरों में पानी घुसने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है, और उन्होंने सरपंच-सचिव की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस 'नाली कांड' से पंचायत के विकास के दावे पूरी तरह से बह गए हैं, और ग्रामीणों को भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है, जिसमें उनका अनाज और अन्य सामान भी बर्बाद हो गया है।

जलभराव से त्रस्त ग्रामीणों का कहना है कि यह नाली निर्माण में लापरवाही या किसी खेल का परिणाम है, जिसके लिए जिम्मेदार लोग जवाबदेही से बच रहे हैं। कड़वी पंचायत अब कटघरे में है, और ग्रामीण सीधे तौर पर विकास के दावों को खारिज करते हुए मांग कर रहे हैं कि पहले उन्हें हुए नुकसान और भ्रष्टाचार का हिसाब दिया जाए, फिर विकास की बातें की जाएं।

ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जल्द ही आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
    user_News Nation 81
    News Nation 81
    Dist.News रिपोर्टर 9584667143 सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • तामिया जनपद पंचायत के अंतर्गत सभी पंचायतों के सचिवों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है। इस गंभीर समस्या को लेकर सचिव संगठन ने चेतावनी जारी की है, जिसके बाद सभी पंचायत सचिव 24 जून से हड़ताल पर जाने वाले हैं।
    1
    तामिया जनपद पंचायत के अंतर्गत सभी पंचायतों के सचिवों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है। इस गंभीर समस्या को लेकर सचिव संगठन ने चेतावनी जारी की है, जिसके बाद सभी पंचायत सचिव 24 जून से हड़ताल पर जाने वाले हैं।
    user_Aakash Mandrah
    Aakash Mandrah
    Local News Reporter तामिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सरकारी भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जे का गंभीर आरोप सामने आया है, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने एक मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों द्वारा अब शासकीय भूमि का सीमांकन कराने और उस पर हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाने की मांग उठाई जा रही है।
    1
    सरकारी भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जे का गंभीर आरोप सामने आया है, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने एक मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों द्वारा अब शासकीय भूमि का सीमांकन कराने और उस पर हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाने की मांग उठाई जा रही है।
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिलेभर में कुल 177 जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही, प्रशासन ने असुरक्षित भवनों में कक्षाएं संचालित करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे छात्रों को किसी भी प्रकार के खतरे से बचाया जा सके।
    1
    मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिलेभर में कुल 177 जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही, प्रशासन ने असुरक्षित भवनों में कक्षाएं संचालित करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे छात्रों को किसी भी प्रकार के खतरे से बचाया जा सके।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.