झंझारपुर अनुमंडल के लखनौर थाना क्षेत्र अंतर्गत तमुरिया पंचायत के बौदराही गांव में रविवार रात एक शादी समारोह की खुशियां अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गईं। कुछ असामाजिक तत्वों ने पंडाल में घुसकर जमकर मारपीट और तोड़फोड़ की, जिसके बाद बारात में भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत खाना खाने के दौरान हुई बहस से हुई थी। इसी बीच, मुहर्रम खेल कर लौट रहे कुछ उपद्रवी तत्व शादी समारोह में घुस आए और बारातियों पर हमला कर दिया। उपद्रवियों ने न सिर्फ लोगों को पीटा, बल्कि बारातियों को लेकर आईं कई गाड़ियों के शीशे भी रोड़ेबाजी कर तोड़ डाले। इस हमले में आधा दर्जन से अधिक लोग जख्मी हुए हैं, जो स्थानीय स्तर पर अपना इलाज करवा रहे हैं। कुछ बारातियों के मोबाइल फोन भी छीन लिए जाने की बात सामने आई है। रुद्रपुर थाना क्षेत्र के महरैल गांव निवासी मो० सलामत मंसूरी के पुत्र की बारात बौदराही गांव आई थी, जिसके बाराती हमले के बाद जान बचाने के लिए विवाह स्थल से भागकर कई किलोमीटर पैदल चलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। मामले को लेकर लखनौर के थानाध्यक्ष बेमिसाल कुमार ने बताया कि घटना के संबंध में पुलिस को अब तक कोई लिखित शिकायत या आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम बौदराही गांव पहुंचकर जांच में जुट गई है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
झंझारपुर अनुमंडल के लखनौर थाना क्षेत्र अंतर्गत तमुरिया पंचायत के बौदराही गांव में रविवार रात एक शादी समारोह की खुशियां अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गईं। कुछ असामाजिक तत्वों ने पंडाल में घुसकर जमकर मारपीट और तोड़फोड़ की, जिसके बाद बारात में भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत खाना खाने के दौरान हुई बहस से हुई थी। इसी बीच, मुहर्रम खेल कर लौट रहे कुछ उपद्रवी तत्व शादी समारोह में घुस आए और बारातियों पर हमला कर दिया। उपद्रवियों ने न सिर्फ लोगों को पीटा, बल्कि बारातियों को लेकर आईं कई गाड़ियों के शीशे भी रोड़ेबाजी कर तोड़ डाले। इस हमले में आधा दर्जन से अधिक लोग जख्मी हुए हैं, जो स्थानीय स्तर पर अपना इलाज करवा रहे हैं। कुछ बारातियों के मोबाइल फोन भी छीन लिए जाने की बात सामने आई है। रुद्रपुर थाना क्षेत्र के महरैल गांव निवासी मो० सलामत मंसूरी के पुत्र की बारात बौदराही गांव आई थी, जिसके बाराती हमले के बाद जान बचाने के लिए विवाह स्थल से भागकर कई किलोमीटर पैदल चलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। मामले को लेकर लखनौर के थानाध्यक्ष बेमिसाल कुमार ने बताया कि घटना के संबंध में पुलिस को अब तक कोई लिखित शिकायत या आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम बौदराही गांव पहुंचकर जांच में जुट गई है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
- विश्व संगीत दिवस की पूर्व संध्या पर मधुबनी में मैथिल परशुराम सेना के तत्वावधान में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर, कला और संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले मिथिला के कई प्रतिष्ठित कलाकारों को सम्मानित किया गया। समारोह में कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को संगीत, संस्कृति और लोक परंपरा के रंगों से भर दिया, जिससे मिथिला की गौरवशाली परंपरा का उत्सव मना। कार्यक्रम में बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के पदाधिकारी नीतीश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने मैथिल परशुराम सेना की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मिथिला का पहला ऐसा संगठन है जिसने मैथिली भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से कलाकारों को सम्मानित कर एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। नीतीश कुमार ने आगे कहा कि ऐसे आयोजन मैथिली भाषा, लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे और उन्हें एक विशिष्ट पहचान दिलाएंगे।1
- पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष और अब तक की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी साझा की है। एडीजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस के लिए एनकाउंटर कभी भी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं होती, लेकिन जब पुलिसकर्मियों की जान पर खतरा मंडरा रहा हो, तो आत्मरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस में कानून के तहत गोली चलाने का अधिकार पुलिस के पास सुरक्षित है। इस पूरे मामले में पुलिस की शुरुआती लापरवाही को लेकर भी बड़ा एक्शन लिया गया है। एडीजी ने बताया कि 16 तारीख को जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, तब अभियुक्त को ठीक से नियंत्रित नहीं किया जा सका, जो एक गंभीर लापरवाही थी। इस आरोप में एक एसएचओ (थाना प्रभारी), दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और एक कॉन्स्टेबल को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें दो एफआईआर (नंबर 169/26 और 170/26) दर्ज की गई हैं। पुलिस मुख्यालय के स्तर से डीआईजी शाहाबाद को इस पूरे मामले के पर्यवेक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अधिकृत किया गया है, जो एफएसएल और आधुनिक तकनीकों की मदद से जांच को आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ ही, मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग का भी गठन किया गया है। चूंकि यह मामला अब पूरी तरह सब-जुडिस है और न्यायिक जांच के दायरे में है, इसलिए पुलिस ने आगे किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है और कहा है कि उन्हें जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।1
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड में जीविका दीदियों के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जीविका दीदियों को लखपति योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था, जिसके साथ ही योजना का लाभ लेने के इच्छुक आवेदकों से आवेदन भी प्राप्त किए गए।1
- सहरसा जिले के महिषी निवासी शिवम मिश्रा ने 70वीं BPSC परीक्षा में सफलता हासिल की है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) का पद मिला है। उनकी इस उपलब्धि के पीछे उनकी माँ का अथक परिश्रम रहा, जिन्होंने नर्स की नौकरी कर उन्हें पढ़ाया और इस मुकाम तक पहुँचने में मदद की। खास बात यह रही कि शिवम मिश्रा की बहन की शादी के ठीक अगले दिन ही इस परीक्षा का परिणाम आया, जिससे परिवार में खुशी का माहौल और भी बढ़ गया।1
- बिजली के एक अधिक प्रवाहित तार के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। वार्ड पार्षद निरंजन सिंह ने इस घटना के संबंध में बताया कि मृतक के परिजनों को सरकारी अनुदान प्रदान किया जाएगा, और परिवार के एक सदस्य को रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा।1
- Post by PTB gramin1
- बिहार सरकार के विरोध में एक अर्थी जुलूस निकालकर भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर का तीव्र विरोध किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए भरत भूषण तिवारी को एक देशभक्त बताया।1
- इंसाफ मंच ने फैज अहमद की नृशंस हत्या और क्षेत्र में अपराधियों के बढ़ते मनोबल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन वरीय पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के समक्ष आयोजित किया गया, जहाँ मंच ने फैज अहमद को न्याय दिलाने की मांग उठाई और बढ़ते अपराध पर आक्रोश व्यक्त किया।1
- सुपौल जिले के कटैया-निर्मली स्थित पिपरा प्रखंड मुख्यालय के टीसीपी भवन में सोमवार को मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मनाने के उद्देश्य से शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता पिपरा के थानाध्यक्ष किशोर कुमार और अंचल अधिकारी उमा कुमारी ने की, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेन्द्र पंडित भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने मोहर्रम को इस्लामिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए इसे शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित गणमान्य लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे पर्व के दौरान किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि मोहर्रम की अनुमति के लिए अब तक केवल 17 लोगों ने ही आवेदन दिया है। अंचल अधिकारी उमा कुमारी ने प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मोहर्रम बिना किसी विवाद के संपन्न हो, यह सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है और क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखने के लिए सभी समुदायों को मिलकर त्योहार मनाना चाहिए। प्रशासन द्वारा ताजिया जुलूस के लिए निर्धारित मार्ग और समय का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए, साथ ही संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और जुलूस मार्ग पर गश्ती दल से निगरानी रखने की बात कही गई। बैठक में जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के हथियार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित करने का निर्णय भी लिया गया। उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जुलूस मार्ग की साफ-सफाई, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और एंबुलेंस की तैनाती जैसे व्यावहारिक सुझाव भी दिए। बैठक में वली उल्ला, प्रखंड अध्यक्ष उपेन्द्र कामत, सरपंच प्रतिनिधि बबलू यादव, मोहम्मद मेहरुद्दीन, बालेश्वर राम, मुनिन्दर झा, मकसूद आलम, पूर्व मुखिया इमामम आलम, मो इरफान सहित पिपरा के कई पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन के सदस्य, मस्जिद कमेटी के पदाधिकारी और हिन्दू समुदाय के गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी उपस्थित लोगों ने प्रशासन को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया और आपसी सौहार्द के साथ मोहर्रम मनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1