सुपौल जिले के कटैया-निर्मली स्थित पिपरा प्रखंड मुख्यालय के टीसीपी भवन में सोमवार को मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मनाने के उद्देश्य से शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता पिपरा के थानाध्यक्ष किशोर कुमार और अंचल अधिकारी उमा कुमारी ने की, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेन्द्र पंडित भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने मोहर्रम को इस्लामिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए इसे शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित गणमान्य लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे पर्व के दौरान किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि मोहर्रम की अनुमति के लिए अब तक केवल 17 लोगों ने ही आवेदन दिया है। अंचल अधिकारी उमा कुमारी ने प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मोहर्रम बिना किसी विवाद के संपन्न हो, यह सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है और क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखने के लिए सभी समुदायों को मिलकर त्योहार मनाना चाहिए। प्रशासन द्वारा ताजिया जुलूस के लिए निर्धारित मार्ग और समय का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए, साथ ही संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और जुलूस मार्ग पर गश्ती दल से निगरानी रखने की बात कही गई। बैठक में जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के हथियार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित करने का निर्णय भी लिया गया। उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जुलूस मार्ग की साफ-सफाई, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और एंबुलेंस की तैनाती जैसे व्यावहारिक सुझाव भी दिए। बैठक में वली उल्ला, प्रखंड अध्यक्ष उपेन्द्र कामत, सरपंच प्रतिनिधि बबलू यादव, मोहम्मद मेहरुद्दीन, बालेश्वर राम, मुनिन्दर झा, मकसूद आलम, पूर्व मुखिया इमामम आलम, मो इरफान सहित पिपरा के कई पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन के सदस्य, मस्जिद कमेटी के पदाधिकारी और हिन्दू समुदाय के गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी उपस्थित लोगों ने प्रशासन को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया और आपसी सौहार्द के साथ मोहर्रम मनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुपौल जिले के कटैया-निर्मली स्थित पिपरा प्रखंड मुख्यालय के टीसीपी भवन में सोमवार को मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मनाने के उद्देश्य से शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता पिपरा के थानाध्यक्ष किशोर कुमार और अंचल अधिकारी उमा कुमारी ने की, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेन्द्र पंडित भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने मोहर्रम को इस्लामिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए इसे शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित गणमान्य लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे पर्व के दौरान किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि मोहर्रम की अनुमति के लिए अब तक केवल 17 लोगों ने ही आवेदन दिया है। अंचल अधिकारी उमा कुमारी ने प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मोहर्रम बिना किसी विवाद के संपन्न हो, यह सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है और क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखने के लिए सभी समुदायों को मिलकर त्योहार मनाना चाहिए। प्रशासन द्वारा ताजिया जुलूस के लिए निर्धारित मार्ग और समय का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए, साथ ही संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और जुलूस मार्ग पर गश्ती दल से निगरानी रखने की बात कही गई। बैठक में जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के हथियार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित करने का निर्णय भी लिया गया। उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जुलूस मार्ग की साफ-सफाई, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और एंबुलेंस की तैनाती जैसे व्यावहारिक सुझाव भी दिए। बैठक में वली उल्ला, प्रखंड अध्यक्ष उपेन्द्र कामत, सरपंच प्रतिनिधि बबलू यादव, मोहम्मद मेहरुद्दीन, बालेश्वर राम, मुनिन्दर झा, मकसूद आलम, पूर्व मुखिया इमामम आलम, मो इरफान सहित पिपरा के कई पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन के सदस्य, मस्जिद कमेटी के पदाधिकारी और हिन्दू समुदाय के गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी उपस्थित लोगों ने प्रशासन को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया और आपसी सौहार्द के साथ मोहर्रम मनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- सुपौल जिले के कटैया-निर्मली स्थित पिपरा प्रखंड मुख्यालय के टीसीपी भवन में सोमवार को मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मनाने के उद्देश्य से शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता पिपरा के थानाध्यक्ष किशोर कुमार और अंचल अधिकारी उमा कुमारी ने की, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेन्द्र पंडित भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने मोहर्रम को इस्लामिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए इसे शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित गणमान्य लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे पर्व के दौरान किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि मोहर्रम की अनुमति के लिए अब तक केवल 17 लोगों ने ही आवेदन दिया है। अंचल अधिकारी उमा कुमारी ने प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मोहर्रम बिना किसी विवाद के संपन्न हो, यह सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है और क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखने के लिए सभी समुदायों को मिलकर त्योहार मनाना चाहिए। प्रशासन द्वारा ताजिया जुलूस के लिए निर्धारित मार्ग और समय का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए, साथ ही संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और जुलूस मार्ग पर गश्ती दल से निगरानी रखने की बात कही गई। बैठक में जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के हथियार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित करने का निर्णय भी लिया गया। उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जुलूस मार्ग की साफ-सफाई, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और एंबुलेंस की तैनाती जैसे व्यावहारिक सुझाव भी दिए। बैठक में वली उल्ला, प्रखंड अध्यक्ष उपेन्द्र कामत, सरपंच प्रतिनिधि बबलू यादव, मोहम्मद मेहरुद्दीन, बालेश्वर राम, मुनिन्दर झा, मकसूद आलम, पूर्व मुखिया इमामम आलम, मो इरफान सहित पिपरा के कई पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन के सदस्य, मस्जिद कमेटी के पदाधिकारी और हिन्दू समुदाय के गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी उपस्थित लोगों ने प्रशासन को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया और आपसी सौहार्द के साथ मोहर्रम मनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- मधेपुरा जिले के मुरलीगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या-3 स्थित काशीपुर निवासी शिक्षक मोहम्मद चांद अली और आंगनबाड़ी सेविका अकबरी खातून के बड़े पुत्र मोहम्मद आदिल ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) के पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आदिल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुरलीगंज के चंद्रमणि मध्य विद्यालय से प्राप्त की, जिसके बाद बी.एल. हाई स्कूल से माध्यमिक शिक्षा और एल.पी.एम. कॉलेज से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने बी.पी. मंडल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मधेपुरा से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद आदिल बीपीएससी की तैयारी के लिए पटना चले गए। सफलता की राह आसान नहीं थी, पहले और दूसरे प्रयास में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। आखिरकार, अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने 70वीं बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी के पद पर सफलता प्राप्त की। आदिल की सफलता की खबर मिलते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया, जहाँ परिजन, रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दे रहे हैं। अपनी इस उपलब्धि पर आदिल ने कहा कि यदि ईमानदारी, लगन और धैर्य के साथ मेहनत की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि बीपीएससी की तैयारी उन्होंने मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी के माध्यम से की और निरंतर प्रयास के बल पर यह मुकाम हासिल किया। वहीं, आदिल के पिता मोहम्मद चांद अली बेटे की सफलता पर भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं भी 40वीं बीपीएससी परीक्षा में भाग लिया था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी थी। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि आज उनके बेटे ने उनका वह सपना पूरा कर दिखाया है, और सीमित संसाधनों के बावजूद उसने कठिन परिश्रम के दम पर परिवार, गांव और जिले का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने अपने बेटे को भविष्य में यूपीएससी की तैयारी कर और भी बड़ी सफलता हासिल करने की शुभकामनाएं भी दीं।2
- सुपौल जिले के प्रतापगंज प्रखंड अंतर्गत सुरजापूर गाँव में एक नाला निर्माण कार्य ग्रामीणों के लिए अभिशाप बन गया है, जिसके कारण गाँव के चारों ओर बाढ़ जैसे हालात हैं और पानी भरा हुआ है। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के साथ-साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी के प्रयासों से मुखिया महानंद पासवान ने इस नाले का काम शुरू तो करवाया था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी यह नाला पूरा नहीं हो पाया है। बताया गया है कि इस काम को मनमाने तरीके से किया जा रहा है, जिसमें एक दिन काम करने के बाद तीन दिन बंद रहता है, और जब मन होता है तभी काम होता है, अन्यथा उसे छोड़ दिया जाता है। इसी क्रम में, चार दिन पहले नाला निर्माण स्थल से ट्रैक्टर पर सामान वापस ले जाया जा रहा था। सामाजिक कार्यकर्ता ज़फ़रूल हसन को जब इसकी सूचना मिली, तो उन्होंने तत्काल स्थल पर पहुँचकर सामान को वापस ले जाने से रोका। इस अधूरे नाले के कारण बच्चों, बूढ़ों और महिलाओं पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है, जिससे गाँव के लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या आम लोगों को स्वच्छ वातावरण में जीने का अधिकार नहीं है। मो० ज़फ़रूल हसन के अनुसार, यह अधूरा नाला निर्माण ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बना हुआ है, लेकिन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की नींद नहीं खुल रही है। गाँव के लोग सवाल करते हैं कि आखिर जनता अपनी समस्या लेकर जाए तो जाए कहाँ।1
- कुमारखंड प्रखंड में रविवार सुबह विभिन्न पंचायत के स्वास्थ्य उपकेंद्रों सहित कई स्थानों पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर छात्रों, शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने योग शिक्षकों, एएनएम और सीएचओ के मार्गदर्शन में योगाभ्यास किया। योगाभ्यास के दौरान विभिन्न प्रकार के योग प्राणायाम, सूर्य नमस्कार आसन, मयूरासन, भुजंगासन, अनुलोम-विलोम क्रिया, कपालभाति क्रिया, ब्रजासन, शीर्षासन, धनुरासन और पद्मासन का अभ्यास कराया गया। यह कार्यक्रम भतनी, रहटा, रानीपट्टी पश्चिम, बेलारी, श्रीनगर सहित कई हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों (एचडब्ल्यूसी) पर आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक-शिक्षिकाएं और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए। इस मौके पर डॉ. नवीन भारती, डॉ. वकार आलम, एएनएम प्रियंका कुमारी, जूली कुमारी, निर्जला कुमारी, रुबी कुमारी, सीएचओ प्रीति कुमारी, अनिता कुमारी, अनिता टोप्पो, सीएचओ लाखन सिंह जाट, जीएनएम मनीष कुमार मंडोतिया, शोभा कुमारी, गुंजन कुमारी, नंदनी कुमारी, सीएचओ प्रधान चौधरी, रिया कुमारी, खुशबू कुमारी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी, आशा कार्यकर्ता और आम लोग मौजूद रहे। इस दौरान उपस्थित लोगों को शरीर को निरोगी बनाने के लिए आसनों का महत्व समझाया गया। बताया गया कि बीमारियों से बचाव और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योगासन आवश्यक है। नियमित योगाभ्यास से कई बीमारियों से बचा जा सकता है और योग हमारे लिए बहुत लाभदायक है।1
- रविवार को सौर बाजार थाना परिसर के सामने एक बड़ा हादसा होते-होते बचा, जब एक बाइक पर सवार युवक और युवती गुजर रहे एक ट्रक के पिछले पहिए के नीचे आने से बाल-बाल बच गए। इस घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब सोनवर्षा राज की ओर जा रहे बाइक सवार सौर बाजार थाना के समीप मुख्य सड़क मार्ग के किनारे खड़े एक ई-रिक्शा से टक्कर लगने से बचने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान, पीछे से आ रहा एक ट्रक उन्हें अपनी चपेट में लेने वाला था। हालांकि, ट्रक चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत ब्रेक लगाया, जिससे युवक और युवती सुरक्षित बच गए, वरना एक गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। घटना की जानकारी मिलते ही सौर बाजार थाना के पुलिस पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और युवक-युवती को अपनी सुरक्षा में लिया। पुलिस ने उनसे पूछताछ की और उन्हें सीएचसी सौर बाजार जाने की सलाह दी। लेकिन युवक-युवती ने बताया कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं लगी है और वे पूरी तरह सही सलामत हैं, सिर्फ उनकी बाइक की अगली लाइट टूट गई है। बताया जा रहा है कि सौर बाजार थाना परिसर के सामने ई-रिक्शा और ऑटो चालक अक्सर अपने वाहन जहां-तहां खड़े कर देते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।1
- सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पथरा उत्तर पंचायत के वार्ड संख्या-09 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-182 आज भी अपने स्वयं के भवन से वंचित है। भवन न होने के कारण इस केंद्र का संचालन किराए के मकान में हो रहा है, जिससे सेविका और सहायिका को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र की सेविका मीरा देवी ने बताया कि केशव नगर में बिहार सरकार की पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के बावजूद अब तक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भवन का निर्माण नहीं कराया गया है। इस वजह से उन्हें दूसरे के मकान में केंद्र चलाना पड़ता है और हर माह किराया भी देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अपना भवन बनने से बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी तथा केंद्र संचालन में भी कोई कठिनाई नहीं होगी। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी आंगनबाड़ी केंद्र के लिए स्थायी भवन निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन उपलब्ध होने पर भी भवन निर्माण न होना विभागीय उदासीनता को दर्शाता है और उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल्द भवन निर्माण कराने की मांग की है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस दिशा में जल्द पहल कर केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराया जाएगा। मुखिया मरुद्दीन जी से बात करने पर उन्होंने बताया कि भवन निर्माण कार्य के लिए लिखकर दिया जा चुका है। पिपरा की सीडीपीओ ने जानकारी दी कि क्षेत्र के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों का भवन निर्माण पूरा कर संचालन किया जा रहा है और केंद्र संख्या-182 का भवन निर्माण भी जल्द कराया जाएगा।1
- Post by Hira kumar1