लातेहार के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत पोखरीकला एवं खुरा पंचायत के दर्जनों बिजली उपभोक्ता इन दिनों स्मार्ट मीटर के कारण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के महज 5 से 6 महीने के भीतर ही उन्हें हजारों से लेकर लाखों रुपये तक के बिजली बिल भेज दिए गए हैं। उपभोक्ताओं ने पूर्व में इस संबंध में बिजली विभाग को आवेदन देकर बिलों में सुधार करने की गुहार भी लगाई थी, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया और बिल की राशि लगातार बढ़ती ही चली गई। विभाग की इस ढुलमुल कार्यशैली के बीच, बिना किसी पूर्व सूचना के पोखरीकला पंचायत के 50 से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। भीषण गर्मी के इस मौसम में अचानक बिजली गुल होने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस एकतरफा कार्रवाई से नाराज और आक्रोशित उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराने प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और विभाग के रवैये के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी मौके पर पहुंचीं और पीड़ित ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता से इस पूरे मामले की अविलंब जांच करने तथा गलत बिलों में तुरंत सुधार करने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने काटे गए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से बहाल करने की कड़ी मांग की है।
लातेहार के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत पोखरीकला एवं खुरा पंचायत के दर्जनों बिजली उपभोक्ता इन दिनों स्मार्ट मीटर के कारण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के महज 5 से 6 महीने के भीतर ही उन्हें हजारों से लेकर लाखों रुपये तक के बिजली बिल भेज दिए गए हैं। उपभोक्ताओं ने पूर्व में इस संबंध में बिजली विभाग को आवेदन देकर बिलों में सुधार करने की गुहार भी लगाई थी, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया और बिल की राशि लगातार बढ़ती ही चली गई। विभाग की इस ढुलमुल कार्यशैली के बीच, बिना किसी पूर्व सूचना के पोखरीकला पंचायत के 50 से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। भीषण गर्मी के इस मौसम में अचानक बिजली गुल होने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस एकतरफा कार्रवाई से नाराज और आक्रोशित उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराने प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और विभाग के रवैये के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी मौके पर पहुंचीं और पीड़ित ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता से इस पूरे मामले की अविलंब जांच करने तथा गलत बिलों में तुरंत सुधार करने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने काटे गए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से बहाल करने की कड़ी मांग की है।
- लातेहार के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत पोखरीकला एवं खुरा पंचायत के दर्जनों बिजली उपभोक्ता इन दिनों स्मार्ट मीटर के कारण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के महज 5 से 6 महीने के भीतर ही उन्हें हजारों से लेकर लाखों रुपये तक के बिजली बिल भेज दिए गए हैं। उपभोक्ताओं ने पूर्व में इस संबंध में बिजली विभाग को आवेदन देकर बिलों में सुधार करने की गुहार भी लगाई थी, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया और बिल की राशि लगातार बढ़ती ही चली गई। विभाग की इस ढुलमुल कार्यशैली के बीच, बिना किसी पूर्व सूचना के पोखरीकला पंचायत के 50 से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। भीषण गर्मी के इस मौसम में अचानक बिजली गुल होने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस एकतरफा कार्रवाई से नाराज और आक्रोशित उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराने प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और विभाग के रवैये के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी मौके पर पहुंचीं और पीड़ित ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता से इस पूरे मामले की अविलंब जांच करने तथा गलत बिलों में तुरंत सुधार करने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने काटे गए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से बहाल करने की कड़ी मांग की है।1
- गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के ग्राम पाल्हे स्थित पत्थरपनिया जंगल में पेड़ से लटका मिला व्यक्ति का शव हत्या का मामला निकला है। रंका के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) रोहित रंजन सिंह ने सोमवार को दोपहर दो बजे अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित कर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस जांच में चौंकाने वाला सच सामने आने के बाद मृतक की पत्नी और उसके सगे भाई को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्होंने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। मामले के अनुसार, 11 जुलाई 2026 को पाल्हे निवासी करीब 50 वर्षीय गोला कोरवा (पिता स्वर्गीय रामवृक्ष कोरवा) का शव पत्थरपनिया जंगल में पेड़ से लटका मिला था, जिसके गले में गमछा बंधा हुआ था। संदिग्ध हालत में शव मिलने पर मृतक के परिजनों ने हत्या कर शव को लटकाने की आशंका जताई थी। इसके बाद मृतक के पुत्र अजय कोरवा के लिखित आवेदन पर चिनिया थाना कांड संख्या 26/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने मृतक के भाई नारायण कोरवा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसमें उसने कबूल किया कि उसका अपने भाई की पत्नी सकलपतिया देवी के साथ अवैध संबंध था। घटना के दिन गोला कोरवा ने दोनों को जंगल में आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद भेद खुलने के डर से दोनों ने मिलकर गोला की हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने व पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को गमछे के सहारे पेड़ से लटका कर आत्महत्या का रूप दे दिया। पुलिस ने आरोपी पत्नी सकलपतिया देवी को भी गिरफ्तार कर लिया है और दोनों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरे मामले का खुलासा करने वाले छापामारी दल का नेतृत्व SDPO रोहित रंजन सिंह ने किया। इस टीम में रंका अंचल निरीक्षक, चिनिया थाना प्रभारी सह अनुसंधानकर्ता बिकू कुमार रजक, एएसआई सुखराम उरांव, एएसआई ओमप्रकाश और थाना के सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य पहलुओं की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।1
- लातेहार जिले के महुआडार वन क्षेत्र अंतर्गत पाठ क्षेत्र में जंगली भालुओं के बढ़ते हमलों और उनके आतंक को देखते हुए वन विभाग ने सोमवार शाम 5:00 बजे सावधान रहने का आदेश जारी किया है। वनपाल गुरदयाल सिंह ने सोमवार शाम 5:00 बजे जानकारी देते हुए पाठ क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों से अपील की है कि वे पूरी तरह सतर्क और सावधान रहें। वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष आग्रह किया है कि वे कभी भी इस क्षेत्र में अकेले न निकलें और जब भी बाहर जाएं, तो किसी न किसी के साथ ही जाएं ताकि अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।1
- लातेहार के बायपास रोड पर सोमवार को नए इलेक्ट्रिक शोरूम 'एस एस ट्रेडर्स' का विधिवत उद्घाटन किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह, नगर उपाध्यक्ष राजीव रंजन तथा जेएमएम के जिला उपाध्यक्ष शमसुल होदा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इस प्रतिष्ठान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने दुकान संचालक इस्माइल अंसारी को नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इसके खुलने से स्थानीय लोगों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण इलेक्ट्रिक सामान आसानी से मिल सकेगा। प्रतिष्ठान के संचालक इस्माइल अंसारी ने बताया कि एस एस ट्रेडर्स में ग्राहकों के लिए एक ही छत के नीचे सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक उपकरण उपलब्ध रहेंगे। इनमें कूलर, पंखा, एसी, हीटर और आयरन सहित घरेलू एवं व्यावसायिक उपयोग के अन्य सामान शामिल हैं। उन्होंने ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता, उचित कीमत और भरोसेमंद सेवा प्रदान करने का पूरा भरोसा दिया। इस अवसर पर वार्ड पार्षद बुखारी मियां, अयूब अंसारी, शमीम अंसारी, वसीम अकरम, पिंटू मिस्त्री, इस्तियाक अंसारी, हसनैन मियां, अजीत कुमार, महताब इसरार, मोजमिल अंसारी, आलम साहब, मुस्तफा अंसारी, सलीम खलीफा, अब्दुल रसीद, अब्बास अली, निजाम अंसारी, अलीमुद्दीन अंसारी, नित्यानंद कुमार और गया प्रसाद सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक मौजूद रहे और उन्होंने संचालक को सफल व्यवसाय के लिए बधाई दी।4
- गढ़वा में ठिका के नाम पर जमीन की जोत-कोड़ कर रहे आदिवासियों ने उस पर अपना कब्जा जमा लिया है। आदिवासियों द्वारा ठिका के नाम पर भूमि को जोतने और कोड़ने का काम किया जा रहा था, जिसके बाद उन्होंने इस जमीन पर कब्जा कर लिया।1
- बिहार में गंगा नदी पर औंटा (मोकामा) और सिमरिया (बेगूसराय) के बीच ₹1870 करोड़ की लागत से सबसे बड़ा पुल बनाया गया है। इस 8.15 किलोमीटर लंबे हाईवे प्रोजेक्ट को तैयार करने में लगभग 3 साल का समय लगा है, जिसमें 1.86 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल भी शामिल है। इस पुल के समानांतर ही राजेंद्र सेतु (हाथीदह) नाम का पुराना पुल मौजूद है, जिसे देश का पहला 'डबल-डेकर' पुल कहा जाता है, जिसके निचले हिस्से में रेलगाड़ी और ऊपरी हिस्से पर सड़क मार्ग है। इस पुराने राजेंद्र सेतु का उद्घाटन साल 1959 में हुआ था और इसकी निर्माण लागत लगभग ₹18 करोड़ थी। इस नए पुल के उद्घाटन के कुछ ही समय बाद इसके कुछ हिस्सों में दरारें आने और धंसने जैसी गंभीर तकनीकी समस्याएं देखी गई हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों ने निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। राज्य में बुनियादी ढांचे के ढहने की घटनाओं के कारण ठेकेदारों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर काफी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, इसे बिहार में बना 18070 करोड़ रुपये का एशिया का सबसे बड़ा डबल डेकर ब्रिज भी बताया जा रहा है।1
- बिहार के समस्तीपुर में शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पर अपनी जान की परवाह न करते हुए बच्चों और महिलाओं ने मौत के मुंह से निकलकर जिंदगी की जंग जीत ली है। 15 मई 2026 को हुई इस चमत्कारिक घटना में, एक तेज रफ्तार मालगाड़ी को अचानक सामने आता देख महिलाओं ने सूझबूझ दिखाई और बच्चों को प्लेटफॉर्म के नीचे बने खाली हिस्से में सुरक्षित लिटाकर अपनी और बच्चों की जान बचाई। यह परिवार रोसड़ा लौट रहा था। स्टेशन के दूसरी तरफ ऑटो से उतरने के बाद, वे पटरी पार करके प्लेटफॉर्म पर चढ़ रहे थे कि तभी अचानक तेज रफ्तार मालगाड़ी आ गई। ट्रैक से हटने का कोई रास्ता न पाकर, महिलाओं ने घबराने के बजाय बच्चों को अपने सीने से चिपका लिया और प्लेटफॉर्म व पटरियों के बीच की संकरी जगह (गैप) में लेट गईं। इस खतरनाक स्थिति में मालगाड़ी के 10 से अधिक डिब्बे उनके ऊपर से गुजर गए। ट्रेन जाने के बाद वहां मौजूद लोगों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इस जांबाज प्रयास में बच्चों को बचाने वाली मां सविता देवी सहित दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।1